पुलिस थानों में CCTV नहीं लगने पर हाईकोर्ट नाराज, DGP को अवमानना नोटिस रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने के अपने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य के डीजीपी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूछा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद झारखंड के पुलिस थानों में CCTV कैमरे क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस थानों में चार सप्ताह के भीतर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को CCTV लगाने की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट 30 सितंबर तक पेश करने को कहा है। वहीं मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी। यह मामला JLKM के पूर्व इचागढ़ प्रत्याशी तरुण महतो की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से जुड़ा है। 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई थी, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगा था। उनकी पत्नी की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरायकेला एसपी से पुलिस थानों में CCTV लगाने को लेकर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। साथ ही उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा था, जिसने तरुण महतो को कोर्ट में पेश किए जाने के समय फिट फॉर कस्टडी का प्रमाणपत्र दिया था। पुलिस थानों में CCTV नहीं लगने पर हाईकोर्ट नाराज, DGP को अवमानना नोटिस रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने के अपने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य के डीजीपी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूछा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद झारखंड के पुलिस थानों में CCTV कैमरे क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस थानों में चार सप्ताह के भीतर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को CCTV लगाने की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट 30 सितंबर तक पेश करने को कहा है। वहीं मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी। यह मामला JLKM के पूर्व इचागढ़ प्रत्याशी तरुण महतो की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से जुड़ा है। 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई थी, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगा था। उनकी पत्नी की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरायकेला एसपी से पुलिस थानों में CCTV लगाने को लेकर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। साथ ही उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा था, जिसने तरुण महतो को कोर्ट में पेश किए जाने के समय फिट फॉर कस्टडी का प्रमाणपत्र दिया था।
पुलिस थानों में CCTV नहीं लगने पर हाईकोर्ट नाराज, DGP को अवमानना नोटिस रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने के अपने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य के डीजीपी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूछा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद झारखंड के पुलिस थानों में CCTV कैमरे क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस थानों में चार सप्ताह के भीतर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को CCTV लगाने की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट 30 सितंबर तक पेश करने को कहा है। वहीं मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी। यह मामला JLKM के पूर्व इचागढ़ प्रत्याशी तरुण महतो की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से जुड़ा है। 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई थी, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगा था। उनकी पत्नी की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरायकेला एसपी से पुलिस थानों में CCTV लगाने को लेकर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। साथ ही उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा था, जिसने तरुण महतो को कोर्ट में पेश किए जाने के समय फिट फॉर कस्टडी का प्रमाणपत्र दिया था। पुलिस थानों में CCTV नहीं लगने पर हाईकोर्ट नाराज, DGP को अवमानना नोटिस रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने के अपने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य के डीजीपी को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूछा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद झारखंड के पुलिस थानों में CCTV कैमरे क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस थानों में चार सप्ताह के भीतर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को CCTV लगाने की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट 30 सितंबर तक पेश करने को कहा है। वहीं मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी। यह मामला JLKM के पूर्व इचागढ़ प्रत्याशी तरुण महतो की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से जुड़ा है। 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई थी, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगा था। उनकी पत्नी की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरायकेला एसपी से पुलिस थानों में CCTV लगाने को लेकर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। साथ ही उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा था, जिसने तरुण महतो को कोर्ट में पेश किए जाने के समय फिट फॉर कस्टडी का प्रमाणपत्र दिया था।
- ये बच्चा तो बारूद निकला... ये बच्चा तो बारूद निकला... ये बच्चा तो बारूद निकला...1
- Z अल्फ़ा बच्चे को पुलिस ने 7 घंटे थाने में रखा, मामला गरमाया 6 साल के बच्चे को थाने में रखने पर बवाल, पुलिस कार्रवाई पर सवाल प्रदर्शन के दौरान 6 साल के एक बच्चे को उसके मां-बाप के साथ करीब 7 घंटे थाने में रखे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई और मासूम बच्चे को थाने में रखने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। आखिर 6 साल के बच्चे को 7 घंटे थाने में क्यों रखा गया? पूरी घटना और बच्चे के परिवार का पक्ष जानने के लिए वीडियो देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।1
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- ऑक्सब्रिज के छात्रों ने पुलिस के साथ मनाया रक्षाबंधन | तेलैया थाना में असली हीरो को राखी बांधी | झुमरी तेलैया A bond beyond blood, a promise of protection ❤️🪢 This Raksha Bandhan, our students of Oxbridge English Classes went to Telaiya Thana to celebrate Rakhi with our real heroes who protect us 24x7. From aarti to tying rakhi and sharing sweets, it was an emotional moment of love, respect and gratitude towards our police brothers. Thank you Jharkhand Police for being our protectors always. Happy Raksha Bandhan from Oxbridge Family 📍 Telaiya Thana, Jhumri Telaiya Oxbridge English Classes, Jhanda Chowk 📞 8235170577, 7654464977 #RakshaBandhan #OxbridgeEnglishClasses #JhumriTelaiya #TelaiyaThana #Koderma #JharkhandPolice #RakhiWithHeroes #RealHeroes #Rakhi2026 #Jharkhand #RespectForPolice4
- हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश के आलोक मे दारू थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ के रोकथाम को लेकर इरगा में अवैध महुआ शराब को बनाने वाले को चिन्हित करतें हुए करीब 50 kg जावा महुआ को विनीष्ट किया गया, जिसके साथ ही साथ आसपास में रह रहे लोगों को नशा के विरुद्ध जागरूक होने के लिए जागरूकता अभियान के तहत जागरूक भी किया गया।1
- दारू के इरगा में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई, 50 किलो जावा महुआ किया नष्ट दारू के इरगा में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई, 50 किलो जावा महुआ किया नष्ट फ्रीडम फाइटर संवाददाता दारू (हजारीबाग)। दारू थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण एवं सेवन पर रोक लगाने को लेकर पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इरगा क्षेत्र में अवैध महुआ शराब बनाने वालों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान करीब 50 किलोग्राम जावा महुआ बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट किया गया। कार्रवाई के साथ पुलिस द्वारा आसपास के ग्रामीणों के बीच नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान भी चलाया गया। लोगों को अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने की अपील की गई। पुलिस ने आमजनों से कहा कि अपने आसपास यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब या अन्य नशीले पदार्थों का निर्माण अथवा बिक्री करता है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के साथ युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।1
- खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की। खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा स्मार-पत्र, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग सतगावां/कोडरमा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कथित जनविरोधी प्रावधानों के विरोध में कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त, कोडरमा के माध्यम से स्मार-पत्र सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा तथा राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित जनसंवाद, जनजागरूकता एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के क्रम में कांग्रेस की ओर से यह स्मार-पत्र प्रस्तुत किया गया। स्मार-पत्र में कहा गया कि झारखंड की पहचान केवल इसकी धरती और जंगलों से नहीं, बल्कि यहां मौजूद अपार जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से भी है। इन प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता, आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए खनिज संसाधनों के दोहन, आवंटन, परिवहन, रॉयल्टी एवं राजस्व से जुड़े निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक है। नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी, जिससे झारखंड के आर्थिक अथवा संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों। कांग्रेस की प्रमुख मांगें स्मार-पत्र में झारखंड की खनिज संपदा से संबंधित सभी निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व में झारखंड के न्यायसंगत आर्थिक हितों की रक्षा करने तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के झारखंड एवं अन्य खनिज संपन्न राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक अध्ययन एवं सार्वजनिक विमर्श कराने की मांग की गई। इसके अलावा जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी, मूलवासी एवं स्थानीय समुदायों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा, खनिज आवंटन एवं उत्खनन से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तथा खनिज संपदा से होने वाली आय का पर्याप्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास में खर्च करने की मांग उठाई गई। कांग्रेस ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की भी मांग की। साथ ही राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले राज्य सरकार एवं संबंधित हितधारकों से सार्थक परामर्श करने की बात कही। ये रहे मौजूद मौके पर मनोज सहाय पिंकू, प्रदेश सचिव, झारखंड कांग्रेस; भागीरथ पासवान, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस; विजय प्रसाद सिंह, प्रखंड अध्यक्ष, सतगावां; लालदेव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष, सतगावां; सलाउद्दीन, कांग्रेस महासचिव, सतगावां तथा सुनील राम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, सतगावां सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के जीवन, संस्कृति और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित नीतियों में पारदर्शिता, जनहित, सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा राज्य के संवैधानिक अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रशासन से स्मार-पत्र को गंभीरता से लेते हुए इसे महामहिम राष्ट्रपति एवं संबंधित सक्षम प्राधिकार तक पहुंचाने तथा झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की अपील की।1
- अगर लाठी चलेगा तो पहला लाठी हम खायेंगे, गोली भी खाएंगे जेल भी जाएंगे अगर लाठी चलेगा तो पहला लाठी हम खायेंगे, गोली भी खाएंगे जेल भी जाएंगे1