"गया को मिले विकास के पंख" "सीएम की 13 घोषणाओं पर प्रशासन का एक्शन मोड" "डीएम शंशाक शुभंकर की सख्त निगरानी, भूमि अर्जन और अतिक्रमण हटाने के आदेश" गया | विशेष रिपोर्ट | विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 13 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए गया जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने समाहरणालय में समीक्षा बैठक कर साफ कहा कि योजनाओं में देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए। प्रमुख योजनाओं की स्थिति मोरहर नदी (कोठी वीयर) जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना का लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जारी है। बारा बांध (लब्जी नदी) लघु जल संसाधन विभाग की यह योजना अगस्त 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। घुघरीटांड़–मुफस्सिल फ्लाईओवर परियोजना पर निविदा और भूमि अर्जन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गया–परैया–गुरारू सड़क परियोजना पथ निर्माण विभाग द्वारा 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और अप्रैल 2027 तक पूरी परियोजना पूरी करने का लक्ष्य है। इमामगंज डिग्री कॉलेज भवन निर्माण विभाग द्वारा फरवरी 2027 तक कॉलेज भवन तैयार करने की समयसीमा तय की गई है। 14 नए प्रखंड भवन भवन निर्माण विभाग के तहत 10 प्रखंड भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। डीएम के सख्त निर्देश अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: बसतपुर वीयर से लोदीपुर पईन तक अतिक्रमण हटाने के लिए सदर एसडीएम को तत्काल साइट विजिट का निर्देश। बिजली पोल हटाने का आदेश: पईन जीर्णोद्धार कार्य में बाधक बिजली पोलों को हटाने के लिए बिजली विभाग को निर्देश। भूमि अर्जन पर रोजाना निगरानी: अपर समाहर्ता (राजस्व) को प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने का निर्देश। निष्कर्ष यदि योजनाएं तय समय सीमा में पूरी होती हैं, तो गया जिले में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रशासन की सक्रियता से लोगों को अब इन घोषणाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है।
"गया को मिले विकास के पंख" "सीएम की 13 घोषणाओं पर प्रशासन का एक्शन मोड" "डीएम शंशाक शुभंकर की सख्त निगरानी, भूमि अर्जन और अतिक्रमण हटाने के आदेश" गया | विशेष रिपोर्ट | विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 13 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए गया जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने समाहरणालय में समीक्षा बैठक कर साफ कहा कि योजनाओं में देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए। प्रमुख योजनाओं की स्थिति मोरहर नदी (कोठी वीयर) जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना का लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जारी है। बारा बांध (लब्जी नदी) लघु जल संसाधन विभाग की यह योजना अगस्त 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। घुघरीटांड़–मुफस्सिल फ्लाईओवर परियोजना पर निविदा और भूमि अर्जन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गया–परैया–गुरारू सड़क परियोजना पथ निर्माण विभाग द्वारा 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और अप्रैल 2027 तक पूरी परियोजना पूरी करने का लक्ष्य है। इमामगंज डिग्री कॉलेज भवन निर्माण विभाग द्वारा फरवरी 2027 तक कॉलेज भवन तैयार करने की समयसीमा तय की गई है। 14 नए प्रखंड भवन भवन निर्माण विभाग के तहत 10 प्रखंड भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। डीएम के सख्त निर्देश अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: बसतपुर वीयर से लोदीपुर पईन तक अतिक्रमण हटाने के लिए सदर एसडीएम को तत्काल साइट विजिट का निर्देश। बिजली पोल हटाने का आदेश: पईन जीर्णोद्धार कार्य में बाधक बिजली पोलों को हटाने के लिए बिजली विभाग को निर्देश। भूमि अर्जन पर रोजाना निगरानी: अपर समाहर्ता (राजस्व) को प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने का निर्देश। निष्कर्ष यदि योजनाएं तय समय सीमा में पूरी होती हैं, तो गया जिले में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रशासन की सक्रियता से लोगों को अब इन घोषणाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है।
- आमस:- मगध विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग से श्रीमति शैलजा शालिनी को 25 फरवरी को Ph.D की उपाधि से सम्मानित किया गया । उनका शोध "कोडरमा जिला के सामाजिक - आर्थिक विकास में आधुनिक कृषि की भूमिका: भौगोलिक दृष्टि से एक अध्ययन" पर केंद्रित था, जिसमें उन्होंने कोडरमा जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास में आधुनिक कृषि की भूमिका का विस्तृत विश्लेषण किया। प्रोफ़ेसर बासुदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में उन्होंने यह शोध पूरा किया, जो उनकी मेहनत और समर्पण का फल है। यह उपलब्धि न केवल श्रीमति शैलजा शालिनी के लिए बल्कि उनके परिवार और सहयोगियों के लिए भी एक बड़ा सम्मान है। उनके पति नीरज कुमार राय आमस प्रखण्ड में बीडीओ के पद पर कार्यरत हैं,उन्होंने भी उनकी इस सफलता पर बधाई दी है। आमस बीडीओ एवं बुद्धजीवियों ने भी श्रीमति शैलजा शालिनी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उनकी इस सफलता से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे।1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- प्रेस विज्ञप्ति गया। माहुरी वैश्य मंडल, गया के तत्वावधान में आयोजित 42वाँ माँ मथुरासनी महोत्सव के अंतर्गत दिनांक 11 मार्च 2026, दिन बुधवार को प्रातः 09:00 बजे गुरुद्वारा रोड से निकाली गई भव्य शोभायात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। शोभायात्रा गुरुद्वारा रोड से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए जनकपुर, मानपुर स्थित माँ मथुरासिनी मंदिर महोत्सव स्थल पहुँची। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिला-पुरुष एवं युवाओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस आयोजन में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी शिरकत की और माँ मथुरासिनी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मथुरासानी महोत्सव में आरा से आई झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आरा से आए सांस्कृतिक झांकी रथ पर कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम एवं झांकी की प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं और दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं मानपुर उप-मंडल में माता की चौकी का भी आयोजन किया गया। महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों के अंतर्गत 13 मार्च 2026, दिन शुक्रवार को संध्या 6:00 बजे से माहुरी वैश्य मंडल भवन, गोसाई बाग गुरुद्वारा, गया में माँ का भव्य जागरण आयोजित किया जाएगा, जिसमें भजन-कीर्तन एवं जागरण का कार्यक्रम होगा। इसके पश्चात 15 मार्च 2026, दिन रविवार को दोपहर 2:00 बजे से माहुरी वैश्य मंडल भवन, गोसाई बाग गुरुद्वारा, गया में माँ का भव्य भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। माहुरी वैश्य मंडल के सचिव अमित कुमार ‘पिंटू’ ने समाज के सभी लोगों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन महोत्सव को सफल बनाएं तथा माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें। इस आयोजन में माहुरी वैश्य मंडल नवयुवक समिति, माहुरी वैश्य मंडल महिला समिति एवं उप-मंडल माहुरी वैश्य मंडल मानपुर का भी सराहनीय सहयोग रहा।1
- प्रतापपुर प्रखंड के हुमाजांग पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं की जांच के लिए बुधवार को लगभाग 2 बजे जिला स्तरीय टीम पहुंची। टीम ने पंचायत के भौराज, विलासपुर, नवरत्नपुर तथा हुमाजांग गांव में बने डोभा और तालाब योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। जांच टीम का नेतृत्व जिला उपविकास आयुक्त अमरेंद्र सिन्हा कर रहे थे। जांच के दौरान टीम ने डोभा व तालाब की लंबाई, चौड़ाई और गहराई का मापन किया तथा वहां कार्यरत मजदूरों से भी कार्य से संबंधित जानकारी ली। हालांकि कई स्थानों पर मजदूर और मेठ मौके पर मौजूद नहीं मिले, जिससे टीम ने मामले को गंभीरता से लिया। इस संबंध में जिला उपविकास आयुक्त अमरेंद्र सिन्हा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर हुमाजांग पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित डोभा व तालाब योजनाओं की जांच की गई है। प्रारंभिक जांच में कई योजनाओं में अनियमितता के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश योजनाओं में जेसीबी मशीन से कार्य कराए जाने की बात सामने आई है, जबकि मनरेगा में मशीनों के उपयोग की अनुमति नहीं है। साथ ही मजदूरों की पहचान और उनकी उपस्थिति को लेकर भी संदेह की स्थिति पाई गई। उन्होंने कहा कि जांच से संबंधित पूरी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस नेता द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पर पैसे लेने के लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक जांच में पैसे के लेन-देन का कोई प्रमाण नहीं मिला है। बिना साक्ष्य के कोई भी आरोप लगा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य पंचायतों में भी मनरेगा योजनाओं की जांच की जाएगी। जांच टीम में अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम और कार्यपालक अभियंता यूएन मेहता सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। मौके पर बीडीओ, पंचायत सेवक, जेई और रोजगार सेवक भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस युवा नेता मोतीलाल पासवान ने मनरेगा योजनाओं और पेंशन में कथित घूसखोरी का आरोप लगाते हुए प्रतापपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी का पुतला दहन किया था। इसी मामले को लेकर हुमाजांग पंचायत की योजनाओं की जांच कराई जा रही है।1
- मारपीट की घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित शशिकांत कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि 24 फरवरी 2026 को वह अपने घर पर था। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान उसे लात-घूंसों और डंडे से पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। पीड़ित ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद परिजनों की मदद से उसका इलाज कराया गया। पीड़ित ने रफीगंज थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- gao telyadhi complete 5yaars kar rahe hai koi bhi service mil raha hai1
- औरंगाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्रीमती तान्या पटेल के द्वारा 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर यातायात एवं परिवहन पदाधिकारी विभाग के साथ अपने प्रकोष्ठ में एक बैठक किया गया। सचिव श्रीमती तान्या पटेल द्वारा परिवहन विभाग से बैठक करने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभा सदन में जिला के सभी संवाददाताओं के साथ प्रेस वार्ता की गयी। प्रेस वार्ता में सचिव द्वारा संवाददाताओं को जानकारी उपलब्ध कराया गया कि चालान से सम्बन्धित लम्बित वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण हेतु अलग से बेंच बनेगा और जो सुलहनीय यातायात से सम्बन्धित मामलें का आफ लाईन या आॅन लाईन चालान जमा करना चाहतें हैं उन्हें इसके लिए परिवहन व्हिकिल से सम्बन्धित निबन्धित मोबाईल नम्बर लाना होगा। सचिव द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में चालान माफी का कोई प्रावधान नहीं है। जिला परिवहन द्वारा लगाये गये जुर्माना में अगर कोई त्रुटियाॅं हो या गलत तरीके से चालान काटा गया हो तो उसे ठीक कराने का एक अच्छा प्लेटफार्म मिलेगा और त्रुटियों से सम्बन्धित आवेदन लिखने में पारा विधिक स्वयं सेवक द्वारा सहयोग किया जायेगा जिसमें परिवहन विभाग से सम्बन्धित पदाधिकारी को अधिकृत एवं प्रतिनियुक्त करते हुए मामलें से सम्बन्धित बेंच पर उपस्थित रहकर राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन उक्त से सम्बन्धित मामलें के निस्तारण त्रुटि सुधार, आॅफ लाईन, आॅन लाई जुर्माना जमा करने हेतु आये वादकारियों को अपेक्षित सहयोग एवं उनके दावों पर औचित्यपूर्ण दावों पर विचार किया जायेगा। बाईट सचिव श्रीमती तान्या पटेल1