बिहार के पीरो अनुमंडल स्थित सिकरहटा थाना क्षेत्र के बघड़ा टोला गांव में गुरुवार सुबह एक चौंकाने वाली और खूनी घटना सामने आई, जहाँ चोरी के मामूली शक ने हिंसक रूप ले लिया और गोलियों की गूंज से पूरा गांव दहल उठा। इस गोलीबारी की चपेट में एक निर्दोष मूक-बधिर युवक आ गया, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान वार्ड सदस्य के भाई उमेश पासवान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उमेश सुबह शौच के लिए घर से निकले थे, तभी अचानक चली एक गोली उनके दाहिने जांघ में जा लगी। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और आनन-फानन में उन्हें पहले पीरो अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत में आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। उमेश का इलाज अभी भी वहीं जारी है। उनके परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उमेश का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह बोल व सुन भी नहीं सकता, फिर भी वह इस हिंसा का शिकार बन गया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गांव में आए एक रिश्तेदार ने रास्ता भटककर दूसरे घर का रुख कर लिया था, जिसे ग्रामीणों ने चोर समझ लिया। इसी मामूली शक ने विवाद को जन्म दिया, जो देखते ही देखते गोलीबारी में बदल गया। इस घटना के बाद पूरे बघड़ा टोला गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और मामले की हर पहलू से गहन जांच जारी है। फिलहाल, उमेश पासवान जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, जबकि पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और दहशत का माहौल है।
बिहार के पीरो अनुमंडल स्थित सिकरहटा थाना क्षेत्र के बघड़ा टोला गांव में गुरुवार सुबह एक चौंकाने वाली और खूनी घटना सामने आई, जहाँ चोरी के मामूली शक ने हिंसक रूप ले लिया और गोलियों की गूंज से पूरा गांव दहल उठा। इस गोलीबारी की चपेट में एक निर्दोष मूक-बधिर युवक आ गया, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान वार्ड सदस्य के भाई उमेश पासवान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उमेश सुबह शौच के लिए घर से निकले थे, तभी अचानक चली एक गोली उनके दाहिने जांघ में जा लगी। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और आनन-फानन में उन्हें पहले पीरो अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत में आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। उमेश का इलाज अभी भी वहीं जारी है। उनके परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उमेश का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह बोल व सुन भी नहीं सकता, फिर भी वह इस हिंसा का शिकार बन गया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गांव में आए एक रिश्तेदार ने रास्ता भटककर दूसरे घर का रुख कर लिया था, जिसे ग्रामीणों ने चोर समझ लिया। इसी मामूली शक ने विवाद को जन्म दिया, जो देखते ही देखते गोलीबारी में बदल गया। इस घटना के बाद पूरे बघड़ा टोला गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और मामले की हर पहलू से गहन जांच जारी है। फिलहाल, उमेश पासवान जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, जबकि पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और दहशत का माहौल है।
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- भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह अपने पैतृक गांव जोकहरी (भोजपुर) में एक फिल्म की शूटिंग के चलते इन दिनों जबरदस्त सुर्खियों में हैं। उनके गांव पहुँचते ही हजारों की संख्या में प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने जोकहरी की धरती पर पावर स्टार का जलवा फिर से दिखा दिया। शूटिंग देखने उमड़ी इस भारी भीड़ के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में एक 'बवाल' मच गया है। इसी बीच, अभिनेत्री अक्षरा सिंह से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने प्रशंसकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है, जिससे यह पूरा मामला अब चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। पवन सिंह की शूटिंग के साथ-साथ अक्षरा सिंह का यह वीडियो भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है और ट्रेंडिंग न्यूज़ का हिस्सा बना हुआ है।1
- बक्सर जिले के मुकुंदरा गांव में आज नोखपुर और मुकुंदरा के बीच एक मैच खेला गया, जिसमें नोखपुर ने बाजी मारकर जीत हासिल की। नोखपुर टीम की कप्तानी धनजी ठाकुर उर्फ जंगली ठाकुर ने की। टीम के खिलाड़ियों में गणेश, दीपक, रवि, प्रवीण, नीरज, अभिराज, विशाल, श्यामसुंदर और सोनू पाण्डेय शामिल थे।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, पटना जिले के बिहटा प्रखंड अंतर्गत डिहरी गांव निवासी सुमित कुमार और अमित कुमार के नेतृत्व में बिहार के गया जिले में स्थित नैली गांव के पोखरा पर लगभग 200 पौधे लगाए गए। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुमित कुमार ने इस दौरान बताया कि वह हर साल अपनी कमाई का 2-3 प्रतिशत हिस्सा पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने में लगातार खर्च कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक उन्होंने एक लाख संतावन हजार पौधे वितरित किए हैं और लगाए हैं। इसी के साथ, सुमित कुमार ने सभी से पेड़ लगाने और उन्हें बचाने में सहयोग करने की अपील की। उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर गांव हरा-भरा हो और सभी लोग शुद्ध हवा, शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त कर स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकें, इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने 'ग्रीन विलेज बनाना लक्ष्य' नामक एक मुहिम छेड़ी है। सुमित कुमार ने सभी को मुफ्त पौधे उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है। इस आयोजन में कौशल कुमार, जय प्रकाश, रणजीत कुमार, नीरज शुक्ला, नीरज कुमार, वशिष्ठ कुमार, रूपेश कुमार और सुजीत कुमार सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।1
- एक वायरल वीडियो में कुछ बदमाशों द्वारा कार में यात्रा कर रहे लोगों को घेरने का मामला सामने आया है, जिनका इरादा उन्हें मारने-पीटने का था। इस घटना को लेकर अभिषेक कुमार ने सवाल उठाया है कि ऐसी परिस्थिति में क्या करना चाहिए।1
- जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना क्षेत्र के खैरा टोला चालिसा गांव में सर्पदंश की एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 50 वर्षीय किसान अरुण कुमार की मौत हो गई। गुरुवार की शाम अरुण कुमार अपने घर के पास किसी काम में लगे हुए थे, तभी एक विषैले सांप ने उन्हें डस लिया। सर्पदंश के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल जहानाबाद सदर अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया था। हालांकि, परिजनों ने उन्हें पीएमसीएच ले जाने के बजाय पटना के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया था। शुक्रवार को उपचार के दौरान तमाम प्रयासों के बावजूद अरुण कुमार का निधन हो गया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जिनमें जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे, राजद नेता परमहंस राय और साधु यादव सहित कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी, हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और मृतक के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, उनका कहना है कि अरुण कुमार एक मेहनती किसान थे और उनकी असामयिक मृत्यु से गांव को अपूरणीय क्षति हुई है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों जिले में उमस भरी गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण सांप तथा अन्य विषैले जीव-जंतु अधिक सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने खेतों, बगीचों और घरों के आसपास काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- बिहार के पीरो अनुमंडल स्थित सिकरहटा थाना क्षेत्र के बघड़ा टोला गांव में गुरुवार सुबह एक चौंकाने वाली और खूनी घटना सामने आई, जहाँ चोरी के मामूली शक ने हिंसक रूप ले लिया और गोलियों की गूंज से पूरा गांव दहल उठा। इस गोलीबारी की चपेट में एक निर्दोष मूक-बधिर युवक आ गया, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान वार्ड सदस्य के भाई उमेश पासवान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उमेश सुबह शौच के लिए घर से निकले थे, तभी अचानक चली एक गोली उनके दाहिने जांघ में जा लगी। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और आनन-फानन में उन्हें पहले पीरो अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत में आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। उमेश का इलाज अभी भी वहीं जारी है। उनके परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उमेश का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह बोल व सुन भी नहीं सकता, फिर भी वह इस हिंसा का शिकार बन गया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गांव में आए एक रिश्तेदार ने रास्ता भटककर दूसरे घर का रुख कर लिया था, जिसे ग्रामीणों ने चोर समझ लिया। इसी मामूली शक ने विवाद को जन्म दिया, जो देखते ही देखते गोलीबारी में बदल गया। इस घटना के बाद पूरे बघड़ा टोला गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और मामले की हर पहलू से गहन जांच जारी है। फिलहाल, उमेश पासवान जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, जबकि पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और दहशत का माहौल है।1
- ई-मीडिया बिहार (eMediaBihar) की ओर से अभिषेक कुमार ने बिहार में पलायन और रोजगार के अवसरों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि राज्य से लोगों का पलायन आखिर कब रुकेगा और बिहार के युवाओं को उनके अपने प्रदेश में रोजगार के अवसर कब उपलब्ध होंगे।1
- पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र के हुलासचक गांव में बिजली के झुके हुए तार के संपर्क में आने से 65 वर्षीय सुनीता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। इस बड़े हादसे के बाद ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें धनरूआ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया। इस घटना के बाद से गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई जगहों पर बिजली के तार जर्जर हालत में हैं, जिसकी शिकायतें विभाग को बार-बार की गई थीं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और गांव के खराब बिजली तारों की तत्काल मरम्मत की मांग की है। दूसरी ओर, बिजली विभाग ने इस पूरे मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। यह हादसा बिजली विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम बताया जा रहा है, जिसके कारण महिला बुरी तरह जख्मी हुई हैं।1