लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी में मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान की दयनीय स्थिति। ज़िम्मेदार खामोश। लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है… जहां इंसानों के आखिरी ठिकाने—कब्रिस्तान—की भी हिफाजत नहीं हो पा रही है। वीडियो में जो तस्वीरें आप देख रहे हैं… ये किसी वीरान खंडहर की नहीं… बल्कि मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान की हैं। टूटी हुई बाउंड्री वॉल… बिखरी हुई कब्रें… और अंदर खुलेआम घूमते आवारा पशु… कभी समाजवादी सरकार के दौरान इन कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई थी… ताकि कब्रें सुरक्षित रहें… लेकिन आज वही दीवारें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। सबसे बड़ा सवाल: क्या मृतकों की इज्जत की भी अब कोई कीमत नहीं बची? बाउंड्री टूटने के बाद कब्रिस्तान पूरी तरह खुला पड़ा है… जिससे ना सिर्फ कब्रों को नुकसान पहुंच रहा है… बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी खामोश हैं… न कोई मरम्मत… न कोई सुरक्षा… बस इंतजार है किसी बड़े विवाद या हादसे का? अब देखना ये है कि प्रशासन कब जागेगा… या फिर कब्रिस्तान यूं ही बर्बादी की कहानी बयां करता रहेगा…
लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी में मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान की दयनीय स्थिति। ज़िम्मेदार खामोश। लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है… जहां इंसानों के आखिरी ठिकाने—कब्रिस्तान—की भी हिफाजत नहीं हो पा रही है। वीडियो में जो तस्वीरें आप देख रहे हैं… ये किसी वीरान खंडहर की नहीं… बल्कि मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान की हैं। टूटी हुई बाउंड्री वॉल… बिखरी हुई कब्रें… और अंदर खुलेआम घूमते आवारा पशु… कभी समाजवादी सरकार के दौरान इन कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई थी… ताकि कब्रें सुरक्षित रहें… लेकिन आज वही दीवारें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। सबसे बड़ा सवाल: क्या मृतकों की इज्जत की भी अब कोई कीमत नहीं बची? बाउंड्री टूटने के बाद कब्रिस्तान पूरी तरह खुला पड़ा है… जिससे ना सिर्फ कब्रों को नुकसान पहुंच रहा है… बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी खामोश हैं… न कोई मरम्मत… न कोई सुरक्षा… बस इंतजार है किसी बड़े विवाद या हादसे का? अब देखना ये है कि प्रशासन कब जागेगा… या फिर कब्रिस्तान यूं ही बर्बादी की कहानी बयां करता रहेगा…
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- UP: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन 6.3 तक गिर गया है और किडनी फेलियर के संकेत दिख रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के SGPGI रेफर करने का फैसला लिया है। डोनर आयुष और रिसीवर पारुल तोमर दोनों को अब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज ने साफ कहा है कि उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट की न सुविधा है और न ही अनुमति।1
- प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी से बवाल, ईसानगर में वायरल वीडियो ने बिगाड़ा माहौल ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। ईसानगर कोतवाली क्षेत्र उस समय उबाल पर आ गया, जब सोशल मीडिया पर एक युवक का आपत्तिजनक वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में नौशाद नामक युवक देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ अभद्र, अश्लील और भ्रामक टिप्पणी करता साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आते ही इलाके में आक्रोश फैल गया और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ, जिसमें युवक संवैधानिक पद की गरिमा को तार-तार करते हुए मर्यादा की सारी सीमाएं लांघता नजर आया। वीडियो में की गई टिप्पणी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और इसे समाज में तनाव फैलाने की साजिश बताया जा रहा है। घटना के बाद कस्बे में तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने इसे देश की अस्मिता पर हमला बताते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इस तरह की बयानबाज़ी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और शांति व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईसानगर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी युवक की तलाश के लिए पुलिस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी कीमत पर शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही विधिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।1
- लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है… जहां इंसानों के आखिरी ठिकाने—कब्रिस्तान—की भी हिफाजत नहीं हो पा रही है। वीडियो में जो तस्वीरें आप देख रहे हैं… ये किसी वीरान खंडहर की नहीं… बल्कि मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान की हैं। टूटी हुई बाउंड्री वॉल… बिखरी हुई कब्रें… और अंदर खुलेआम घूमते आवारा पशु… कभी समाजवादी सरकार के दौरान इन कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई थी… ताकि कब्रें सुरक्षित रहें… लेकिन आज वही दीवारें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। सबसे बड़ा सवाल: क्या मृतकों की इज्जत की भी अब कोई कीमत नहीं बची? बाउंड्री टूटने के बाद कब्रिस्तान पूरी तरह खुला पड़ा है… जिससे ना सिर्फ कब्रों को नुकसान पहुंच रहा है… बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी खामोश हैं… न कोई मरम्मत… न कोई सुरक्षा… बस इंतजार है किसी बड़े विवाद या हादसे का? अब देखना ये है कि प्रशासन कब जागेगा… या फिर कब्रिस्तान यूं ही बर्बादी की कहानी बयां करता रहेगा…1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- महा-खुलासा नगर मोहम्मदी तहसील क्षेत्र अंतर्गत: 'सफ़ेदपोश' यमराजों का नंगा नाच, गोमती की कोख और शारदा की पटरियों पर 'पीले पंजे' का खूनी प्रहार! नेशनल न्यूज़ ब्यूरो: संजय कुमार राठौर लोकेशन: मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) लखीमपुर खीरी/मोहम्मदी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील इस वक्त भ्रष्टाचार के उस 'ज्वालामुखी' पर बैठी है, जो किसी भी दिन पूरे सिस्टम को स्वाहा कर सकता है। यहाँ 'सत्ता की हनक' और 'नोटों की चमक' ने कानून के इकबाल को बंधक बना लिया है। योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का जनाजा निकालते हुए खनन माफियाओं ने आदि गंगा गोमती और शारदा नहर को अपनी जागीर समझ लिया है। यह केवल अवैध खनन नहीं है, बल्कि यह सट्टे की धमक और प्रशासनिक सरपरस्ती में चल रहा वो 'खूनी खेल' है, जिसमें आम आदमी की जान की कीमत कौड़ियों के भाव आंकी जा रही है। 1. नोटों की चमक ने किया 'खाकी' को अंधा! मोहम्मदी में बालू और मिट्टी का अवैध कारोबार किसी लुका-छिपी का खेल नहीं, बल्कि डंके की चोट पर होने वाली डकैती है। सूत्रों की मानें तो खनन माफियाओं ने स्थानीय प्रशासन की रग-रग में 'नोटों की चमक' भर दी है। * वसूली का 'कोड वर्ड': हर ट्रैक्टर-ट्राली और डंपर का एक 'कोड' तय है। जिसकी जेब में माफिया का सिक्का है, उसके लिए लाल बत्ती भी हरी हो जाती है। * राजस्व की सरेआम लूट: सरकारी खजाने में जाने वाली रॉयल्टी अब माफियाओं के आलीशान बंगलों और ऐशो-आराम पर खर्च हो रही है। 2. सत्ता की हनक: जब 'झंडा' बनता है गुंडागर्दी का लाइसेंस मोहम्मदी-गोला मार्ग और शाहजहांपुर रोड पर दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों पर लगे 'विशेष दलों' के झंडे और रसूखदारों के नाम यह बताने के लिए काफी हैं कि माफियाओं को 'सत्ता की हनक' का पूरा कवच प्राप्त है। * पुलिस की मजबूरी या मिलीभगत?: मोहम्मदी कोतवाली पुलिस ने कुछ ट्रालियां पकड़कर हेडलाइन बटोरने की कोशिश तो की, लेकिन उन 'बड़े मगरमच्छों' पर हाथ डालने की हिम्मत आज तक नहीं जुटा पाई जो इस पूरे सिंडिकेट के आका हैं। 3. 'यमराज' बनकर दौड़ रहे ओवरहाइट डंपर: राहगीरों की आंखों में 'मौत का गुबार' सबसे खौफनाक मंजर मोहम्मदी की सड़कों पर देखने को मिलता है। माफियाओं की भूख का आलम यह है कि ट्रालियों को आवर हाइट (Over-height) यानी क्षमता से तीन गुना ऊपर तक भर दिया जाता है। * अंधा कर रही धूल: बिना तिरपाल के दौड़ रहे इन वाहनों से उड़ने वाली बालू और मिट्टी राहगीरों के लिए 'मौत का जाल' बन चुकी है। * पलक झपकते ही हादसा: तेज हवाओं के चलते मोटरसाइकिल सवारों की आंखों में जैसे ही यह मिट्टी गिरती है, वे अपना संतुलन खो देते हैं। मोहम्मदी की सड़कें अब सुरक्षित सफर के लिए नहीं, बल्कि माफियाओं की तिजोरियां भरने के लिए 'लाशों की मंडी' बनने की कगार पर हैं। 4. सट्टे की धमक: अपराध का नया पावर हाउस खबर के पीछे की कड़वी सच्चाई यह भी है कि खनन की काली कमाई का बड़ा हिस्सा मोहम्मदी के सट्टा बाजार में खपाया जा रहा है। * काले धन का चक्रव्यूह: अवैध खनन से मिलने वाले नोटों की गड्डियां रात के अंधेरे में सट्टे और जुए के अड्डों पर दांव पर लगाई जाती हैं। इसी 'सट्टे की धमक' ने क्षेत्र के युवाओं को अपराध की अंधी खाई में ढकेल दिया है। माफिया अब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि समाज की नींव भी खोद रहे हैं। 5. विनाश के मुहाने पर कुदरत: गोमती और शारदा की चीख माफियाओं ने अपनी हवस में आदि गंगा गोमती नदी का सीना छलनी कर दिया है। जेसीबी मशीनों से नदी की गहराई तक की जा रही खुदाई ने जलस्तर को पाताल में भेज दिया है। वहीं, शारदा नहर की पटरियों को इस कदर खोखला कर दिया गया है कि मानसून की एक बारिश पूरे मोहम्मदी को जलमग्न कर सकती है। निष्कर्ष: क्या 'महाराज' का बुलडोजर अब भी खामोश रहेगा? लखीमपुर खीरी का यह 'खनन कांड' अब राष्ट्रीय सुर्खी बन चुका है। संजय कुमार राठौर की यह रिपोर्ट सीधे तौर पर शासन और प्रशासन को खुली चुनौती है। * क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'हंटर' इन रसूखदार माफियाओं पर चलेगा? * क्या 'सत्ता की हनक' दिखाने वाले सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतरेगा? * क्या मोहम्मदी की जनता को धूल और मौत से आजादी मिलेगी? प्रशासन को चेतावनी: अगर इन 'सफेदपोश यमराजों' पर तत्काल गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं हुई, तो मोहम्मदी की जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। अब फैसला 'लखनऊ' को करना है— न्याय होगा या माफिया का राज रहेगा?1
- पलिया। नगर में श्री हनुमान जन्मोत्सव इस वर्ष बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पूरे पलिया नगर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। जगह-जगह रंग-बिरंगी लाइटों की झालरों से सड़कों और प्रमुख चौराहों को जगमगाया गया है, जिससे पूरा नगर उत्सवमय नजर आ रहा है। खासकर स्टेशन चौराहा भव्य सजावट के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह भव्य आयोजन श्री बालाजी मित्र मंडल मठिया सेवा समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन से जुड़े मनीष गुप्ता एवं मानू बाजपेयी ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ आज गुरुवार से हो रहा है। आज प्रथम दिन विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, जिसमें करनाल हरियाणा के गौरव महादेवा शोभायात्रा कलाकार रहेंगे। 3 अप्रैल (शुक्रवार) को बालाजी की चौकी के साथ सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद आयोजित भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बनेगा। 4 अप्रैल को श्रीरामलीला मैदान में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। इसके अलावा 5 अप्रैल को श्रीरामलीला मैदान में विशाल जागरण होगा। महोत्सव का समापन 6 अप्रैल को विशाल भंडारा व प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। नगर में चल रहे इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। श्रीबालाजी मित्र मण्डल मठिया सेवा समिति ने नगर व क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्यलाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1