UP: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन 6.3 तक गिर गया है और किडनी फेलियर के संकेत दिख रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के SGPGI रेफर करने का फैसला लिया है। डोनर आयुष और रिसीवर पारुल तोमर दोनों को अब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज ने साफ कहा है कि उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट की न सुविधा है और न ही अनुमति। UP: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन 6.3 तक गिर गया है और किडनी फेलियर के संकेत दिख रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के SGPGI रेफर करने का फैसला लिया है। डोनर आयुष और रिसीवर पारुल तोमर दोनों को अब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज ने साफ कहा है कि उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट की न सुविधा है और न ही अनुमति।
UP: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन 6.3 तक गिर गया है और किडनी फेलियर के संकेत दिख रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के SGPGI रेफर करने का फैसला लिया है। डोनर आयुष और रिसीवर पारुल तोमर दोनों को अब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज ने साफ कहा है कि उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट की न सुविधा है और न ही अनुमति। UP: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन 6.3 तक गिर गया है और किडनी फेलियर के संकेत दिख रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के SGPGI रेफर करने का फैसला लिया है। डोनर आयुष और रिसीवर पारुल तोमर दोनों को अब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज ने साफ कहा है कि उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट की न सुविधा है और न ही अनुमति।
- ASTv24 digital शाहिद लखाही लुधौरी पंचायत में उस समय हड़कंप मच गया जब शौचालय दिलाने के नाम पर ठगी करने पहुंचे तीन लोगों को ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ लिया। इस दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पूरी घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों आरोपी गांव में सरकारी योजना के तहत शौचालय बनवाने का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूल रहे थे। संदेह होने पर ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और लोगों से लिया गया पैसा वापस कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस गिरोह में एक महिला भी शामिल थी, जो लोगों का विश्वास जीतने में अहम भूमिका निभा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में एक महिला और एक पुरुष बौधिया गांव के बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरे व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। मौका पाकर तीनों आरोपी वहां से फरार होने में सफल हो गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी जारी रहेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- पलिया। पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स गुड़िया के व्यवहार को लेकर मरीजों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों का आरोप है कि स्टाफ नर्स उनसे बदतमीजी से बात करती हैं और किसी भी प्रकार की आवश्यक जानकारी देने में भी आनाकानी करती हैं। इससे मरीजों को इलाज के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. भारत सिंह से बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि स्टाफ नर्स गुड़िया के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने बताया कि नर्स का व्यवहार न केवल मरीजों के प्रति बल्कि मेरे साथ भी ठीक नहीं है, वो मुझसे भी ठीक से बात नहीं करती है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है। सीएमओ स्तर पर कार्रवाई करते हुए स्टाफ नर्स की क्लास ली गई और उसकी सैलरी व एरियर भी रोक दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उसके व्यवहार में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पहले ही सुविधाओं की कमी रहती है, ऊपर से इस तरह का व्यवहार उनके लिए और भी परेशानी खड़ी कर देता है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें बेहतर इलाज और सम्मानजनक व्यवहार मिल सके।1
- लखीमपुर खीरी ईसानगर क्षेत्र में लगीं भयंकर आग में एक मवेशी जिंदा जला, आग की लपटों के बीच मवेशी को बचाने गया गृहस्वामी झुलसा। करीब आधा दर्जन घर व दुकानें जली। कटौली के पास की बताई जा रही घटना। सूत्र1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- UP: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रिसीवर पारुल तोमर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। उनका हीमोग्लोबिन 6.3 तक गिर गया है और किडनी फेलियर के संकेत दिख रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के SGPGI रेफर करने का फैसला लिया है। डोनर आयुष और रिसीवर पारुल तोमर दोनों को अब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। GSVM मेडिकल कॉलेज ने साफ कहा है कि उनके पास किडनी ट्रांसप्लांट की न सुविधा है और न ही अनुमति।1
- प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी से बवाल, ईसानगर में वायरल वीडियो ने बिगाड़ा माहौल ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। ईसानगर कोतवाली क्षेत्र उस समय उबाल पर आ गया, जब सोशल मीडिया पर एक युवक का आपत्तिजनक वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में नौशाद नामक युवक देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ अभद्र, अश्लील और भ्रामक टिप्पणी करता साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आते ही इलाके में आक्रोश फैल गया और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ, जिसमें युवक संवैधानिक पद की गरिमा को तार-तार करते हुए मर्यादा की सारी सीमाएं लांघता नजर आया। वीडियो में की गई टिप्पणी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और इसे समाज में तनाव फैलाने की साजिश बताया जा रहा है। घटना के बाद कस्बे में तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने इसे देश की अस्मिता पर हमला बताते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इस तरह की बयानबाज़ी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और शांति व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईसानगर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी युवक की तलाश के लिए पुलिस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी कीमत पर शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही विधिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।1
- लखीमपुर खीरी के कस्बा खीरी से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है… जहां इंसानों के आखिरी ठिकाने—कब्रिस्तान—की भी हिफाजत नहीं हो पा रही है। वीडियो में जो तस्वीरें आप देख रहे हैं… ये किसी वीरान खंडहर की नहीं… बल्कि मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान की हैं। टूटी हुई बाउंड्री वॉल… बिखरी हुई कब्रें… और अंदर खुलेआम घूमते आवारा पशु… कभी समाजवादी सरकार के दौरान इन कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई थी… ताकि कब्रें सुरक्षित रहें… लेकिन आज वही दीवारें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। सबसे बड़ा सवाल: क्या मृतकों की इज्जत की भी अब कोई कीमत नहीं बची? बाउंड्री टूटने के बाद कब्रिस्तान पूरी तरह खुला पड़ा है… जिससे ना सिर्फ कब्रों को नुकसान पहुंच रहा है… बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी खामोश हैं… न कोई मरम्मत… न कोई सुरक्षा… बस इंतजार है किसी बड़े विवाद या हादसे का? अब देखना ये है कि प्रशासन कब जागेगा… या फिर कब्रिस्तान यूं ही बर्बादी की कहानी बयां करता रहेगा…1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1