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मरवाही के परासी गाँव में गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने का डर है। स्थानीय निवासियों ने सरपंच से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और ठोस समाधान निकालने की मांग की है।
Om Dixit
मरवाही के परासी गाँव में गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने का डर है। स्थानीय निवासियों ने सरपंच से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और ठोस समाधान निकालने की मांग की है।
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- मरवाही के परासी गाँव में गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने का डर है। स्थानीय निवासियों ने सरपंच से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और ठोस समाधान निकालने की मांग की है।4
- Post by Shakchhi🎁 Singh1
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- मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़ में दूषित पेयजल आपूर्ति से पीलिया तेजी से फैल रहा है, जिससे स्वास्थ्य को खतरा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका पर शहरवासियों को 'ज़हर' परोसने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस ने तत्काल स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने और दोषियों पर कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।4
- बिलासपुर के बिटकुली में समाधान शिविर के दौरान नेता प्रबल प्रताप जूदेव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बीएमओ निखलेश गुप्ता को लापरवाही पर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों और अनुपस्थित कर्मचारियों को सीधे मुख्यमंत्री विष्णु देव साई से शिकायत कर निलंबित करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने भी बीएमओ पर फोन न उठाने की शिकायत की, जिससे उन पर दबाव बढ़ गया।1
- छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की। उनके संवेदनशील और अपनत्व भरे व्यवहार को देख वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। यह पल सरकार की जनहितकारी सोच और मानवीय संवेदना को साफ तौर पर दर्शाता है।1
- सिंहपुर में कानून का 'चीरहरण': महिला जन-प्रतिनिधि को अधमरा कर क्या साबित करना चाहते हैं दबंग? जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लालपुर गाँव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक पूर्व जनपद सदस्य और पूर्व जिला मंत्री, मीना कुशवाहा पर जानलेवा हमला कर उनकी कमर की पसली तोड़ दी गई। अस्पताल के बिस्तर पर लाचार पड़ी मीना कुशवाहा की हालत दबंगों के बेखौफ हौसलों की गवाही दे रही है। विवाद की असली जड़: आम का पेड़ या करोड़ों की जमीन? दिखने में यह विवाद खेत में लगे एक आम के पेड़ से फल तोड़ने जैसा मामूली नजर आ रहा है, लेकिन गहराई में जाने पर कहानी कुछ और ही बयां करती है। पुरानी रंजिश: सूत्रों की मानें तो जिस जमीन को मीना कुशवाहा ने खरीदा है, उस पर भू-माफियाओं की गिद्ध दृष्टि काफी समय से है। अवैध उत्खनन का साया: क्या यह हमला मीना जी की जमीन से लगी नदी में चल रहे अवैध रेत उत्खनन के विरोध की सजा है? क्या दबंगों को डर था कि एक सक्रिय महिला जन प्रतिनिधि उनके काले कारोबार में बाधा बन सकती है? बेखौफ आरोपी: कानून का भय या सत्ता का संरक्षण? घटना के वक्त जब मीना कुशवाहा ने आम तोड़ने का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में उनकी कमर की हड्डी (पसली) टूट गई है। पुलिस ने आरोपी कुलदीप पाण्डेय , धर्मेन्द्र पाण्डेय , पुष्पेन्द्र पाण्डेय और मंदीप पाण्डेय के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं (296, 115(2), 351(3), 3(5)) के तहत मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार हैं। "सिंहपुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? क्या प्रशासन का इकबाल खत्म हो चुका है, या फिर इन गुंडों को किसी सफेदपोश का वरदहस्त प्राप्त है?" प्रशासनिक बयान शिवाली चतुर्वेदी (DSP): "पीड़िता की शिकायत पर 4 व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर जांच की जा रही है।" आशीष झारिया (थाना प्रभारी): "आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है, जल्द ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।" खंपरिया का चश्मा 👓 (नजरिया) महज आम तोड़ने के लिए किसी की पसली तोड़ देना गले नहीं उतरता। यह सीधा-सीधा जमीन कब्जाने और अवैध उत्खनन के रास्ते से 'कांटा' हटाने की साजिश प्रतीत होती है। अगर एक पूर्व जनपद सदस्य सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? सिंहपुर पुलिस को अब 'कागजी कार्रवाई' से आगे बढ़कर 'कड़ी कार्रवाई' करनी होगी, ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ दोबारा पैदा हो सके। - शिवनारायण द्विवेदी शहडोल | खमपरिया का चश्मा 👓 रिपोर्ट: शिवनारायण द्विवेदी शहडोल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि समाज की उस लाचारी को भी उजागर किया है जहाँ एक महिला जन-प्रतिनिधि सुरक्षित नहीं है। क्रूरता की सारी हदें पार: लात-घूंसे और पत्थरों से हमला पूर्व जनपद सदस्य और पूर्व जिला मंत्री मीना कुशवाहा को जिस बेरहमी से पीटा गया, वह रूह कंपा देने वाला है। आरोपियों ने महिला को केवल मारा ही नहीं, बल्कि उनके निजी अंगों पर वार किए, जिससे उनकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, मारपीट इतनी भीषण थी कि महिला को खून की उल्टियां होने लगीं और उनकी कमर की पसलियां तक टूट गई हैं। एक महिला को इस तरह लहूलुहान कर देना यह दर्शाता है कि हमलावरों के मन में कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं है। आम तोड़ने का बहाना या जमीन हड़पने की गहरी साजिश? दिखने में यह विवाद केवल 'आम तोड़ने' जैसी छोटी बात से शुरू हुआ लगता है, लेकिन इसकी जड़ें कहीं गहरी हैं। चर्चा है कि यह हमला मीना जी द्वारा खरीदी गई कीमती जमीन पर नजर गड़ाए बैठे दबंगों की एक सोची-समझी साजिश है। क्या यह हमला उस जमीन को हड़पने के लिए डराने का एक तरीका है? या फिर मामला नदी में चल रहे अवैध उत्खनन से जुड़ा है, जिसका विरोध करना भारी पड़ा? पुराना इतिहास: पहले भी घर में घुसकर कर चुके हैं मारपीट ये आरोपी कोई नए नहीं हैं। बताया जा रहा है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी पुष्पेंद्र, धर्मेंद्र और यादवेन्द्र पांडेय ने अशोक तिवारी के घर में घुसकर इसी तरह तांडव मचाया था। जब अपराधी बार-बार अपराध करके भी खुलेआम घूमते हैं, तो उनके हौसले बुलंद होना लाजिमी है। सिंहपुर पुलिस द्वारा कुलदीप, धर्मेंद्र, पुष्पेंद्र और मंदीप पांडेय के विरुद्ध धाराएं तो दर्ज कर ली गई हैं, लेकिन क्या ये धाराएं उस लाचार महिला के साथ हुए अन्याय का हिसाब कर पाएंगी? सवाल गहरा है: आखिर सिंहपुर क्षेत्र में इन दबंगों को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्या एक महिला को अधमरा कर देना ही 'शक्ति प्रदर्शन' है? पुलिस प्रशासन की ढिलाई ही है जो आज एक जन-प्रतिनिधि अस्पताल के बिस्तर पर अपनी जिंदगी की जंग लड़ रही है। अब समय है कि प्रशासन केवल FIR दर्ज न करे, बल्कि ऐसी कठोर कार्रवाई करे कि भविष्य में किसी भी महिला की तरफ हाथ उठाने से पहले अपराधियों की रूह कांप जाए। #JusticeForMeenaKushwaha #ShahdolNews #CrimeAgainstWomen #PoliceAction #MPNews1
- उमरिया के पाली स्थित बिरासनी माता मंदिर में मां काली की मूर्ति साक्षात प्रकट हुई है। भक्तों का मानना है कि यहां आने वाला कभी खाली हाथ नहीं लौटता।1