संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने लमरो में जनजातीय महिलाओं की प्राकृतिक खेती का किया अवलोकन === महिलाओं से संवाद कर जैविक खाद, बीज संरक्षण एवं उपज की मार्केटिंग की ली जानकारी ==== शहडोल 20 अगस्त 2026- प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत जिले में संचालित कृषि गतिविधियों की समीक्षा एवं किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रति बढ़ रहे रुझान की जानकारी लेने के लिए भारत सरकार की संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने सोहागपुर जनपद पंचायत के ग्राम लमरो स्थित बीआरसी पहुंचकर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने खेतों में पहुंचकर प्राकृतिक खेती एवं विभिन्न फसलों का स्थल निरीक्षण भी किया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, उप संचालक कृषि श्री केएस यादव, प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ. मृगेन्द्र सिंह, डॉ. बीके प्रजापति, सहायक संचालक कृषि श्री अनुराग पटेल सहित उद्यानिकी एवं कृषि विभाग का अमला उपस्थित रहा। संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने बीआरसी लमरो में तैयार की जा रही सुपर कम्पोस्ट, बीजामृत, अग्नेयास्त्र, हरी खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं बायोडायजेस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई धान, कोदो, कुटकी एवं हल्दी की फसलों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिला किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। महिला किसानों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये की सहायता राशि अंतरित की गई है। बीआरसी को प्रथम चरण में संयंत्र खरीदने के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था, जिससे बायोडायजेस्टर यूनिट स्थापित की गई है। बीआरसी सखी श्रीमती पुष्पलता सिंह ने बताया कि बीआरसी से 125 किसान जुड़े हुए हैं। किसानों की सुविधा के लिए कोदो संयंत्र, हल्दी संयंत्र एवं गेहूं पीसने का संयंत्र भी स्थापित किया गया है। संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने प्राकृतिक खेती में उपयोग किए जाने वाले बीजों के संरक्षण के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। महिलाओं ने बताया कि प्रत्येक वर्ष खेती के बाद अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का चयन कर उनका उपचार किया जाता है तथा आगामी फसल के लिए संरक्षित किया जाता है। ग्राम की किसान श्रीमती बिरमतिया बाई द्वारा श्रीअन्न कोदो, कुटकी, उड़द, अरहर, धान सहित अन्य फसलों के पारंपरिक बीजों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संरक्षित बीजों की जानकारी संकलित कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन के साथ पात्र उत्पादों को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने उपज का अधिक मूल्य दिलाने के लिए ब्रांडिंग एवं बेहतर मार्केट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। ग्राम के किसान श्री भोल्ली सिंह ने बताया कि वे वर्ष 2003 से जैविक खेती कर रहे हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर उसकी बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित की और इसी आय से ट्रैक्टर भी खरीदा है। वे गांव के अन्य किसानों को भी जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव में नशा मुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है। बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजकर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में मुनगा एवं सीताफल का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। ग्राम लमरो में जनजातीय महिलाओं एवं किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण और पारंपरिक बीजों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयास ग्रामीण क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।
संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने लमरो में जनजातीय महिलाओं की प्राकृतिक खेती का किया अवलोकन === महिलाओं से संवाद कर जैविक खाद, बीज संरक्षण एवं उपज की मार्केटिंग की ली जानकारी ==== शहडोल 20 अगस्त 2026- प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत जिले में संचालित कृषि गतिविधियों की समीक्षा एवं किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रति बढ़ रहे रुझान की जानकारी लेने के लिए भारत सरकार की संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने सोहागपुर जनपद पंचायत के ग्राम लमरो स्थित बीआरसी पहुंचकर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने खेतों में पहुंचकर प्राकृतिक खेती एवं विभिन्न फसलों का स्थल निरीक्षण भी किया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, उप संचालक कृषि श्री केएस यादव, प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ. मृगेन्द्र सिंह, डॉ. बीके प्रजापति, सहायक संचालक कृषि श्री अनुराग पटेल सहित उद्यानिकी एवं कृषि विभाग का अमला उपस्थित रहा। संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने बीआरसी लमरो में तैयार की जा रही सुपर कम्पोस्ट, बीजामृत, अग्नेयास्त्र, हरी खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं बायोडायजेस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई धान, कोदो, कुटकी एवं हल्दी की फसलों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिला किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। महिला किसानों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये की सहायता राशि अंतरित की गई है। बीआरसी को प्रथम चरण में संयंत्र खरीदने के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था, जिससे बायोडायजेस्टर यूनिट स्थापित की गई है। बीआरसी सखी श्रीमती पुष्पलता सिंह ने बताया कि बीआरसी से 125 किसान जुड़े हुए हैं। किसानों की सुविधा के लिए कोदो संयंत्र, हल्दी संयंत्र एवं गेहूं पीसने का संयंत्र भी स्थापित किया गया है। संयुक्त सचिव प्रियंका दास ने प्राकृतिक खेती में उपयोग किए जाने वाले बीजों के संरक्षण के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। महिलाओं ने बताया कि प्रत्येक वर्ष खेती के बाद अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का चयन कर उनका उपचार किया जाता है तथा आगामी फसल के लिए संरक्षित किया जाता है। ग्राम की किसान श्रीमती बिरमतिया बाई द्वारा श्रीअन्न कोदो, कुटकी, उड़द, अरहर, धान सहित अन्य फसलों के पारंपरिक बीजों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संरक्षित बीजों की जानकारी संकलित कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन के साथ पात्र उत्पादों को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने उपज का अधिक मूल्य दिलाने के लिए ब्रांडिंग एवं बेहतर मार्केट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। ग्राम के किसान श्री भोल्ली सिंह ने बताया कि वे वर्ष 2003 से जैविक खेती कर रहे हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर उसकी बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित की और इसी आय से ट्रैक्टर भी खरीदा है। वे गांव के अन्य किसानों को भी जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव में नशा मुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है। बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजकर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में मुनगा एवं सीताफल का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। ग्राम लमरो में जनजातीय महिलाओं एवं किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण और पारंपरिक बीजों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयास ग्रामीण क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।
- कलेक्टर ने ग्राम सोन टोला में ड्रेगन फूड खेती का किया निरीक्षण, हितग्राही से की चर्चा ... शहडोल 21 अगस्त 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम सोन टोला पहुंचकर "एक बगिया मां के नाम" अंतर्गत रोपित किए गए आम,पपीता नींबू ड्रेगन फूड खेती का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने हितग्राही लल्लू सिंह से ड्रैगन फूड की खेती के बारे में चर्चा की, जिस पर बताया 40 ड्रैगन फूड, 30 आम ,15 नीबू,4 थाई अमरूद लगाया गया है। कलेक्टर ने कहा कि रोपित पौधों के आसपास के खरपतवार को निकलवाए एवं आवश्यकता अनुसार दवाइयां का छिड़काव करें जिससे पौधों को जीवित रखा जा सके। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री काजोल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित है।1
- application Hai Jaise aap Facebook WhatsApp status banate hain vaise hi aap shuru app per bhi Apne Shahar Se Judi suchnaon ke post upload kar sakte hain hamare Beohari shehdol jila mein road nahin banvaya Ja Raha b😭🥹1
- बैंड बाजे के साथ धूमधाम से निकाली गई कलश वंदन यात्रा .... समानता, समरसता और सामाजिक एकता की प्रेरणा देता है संत रविदास जी का जीवन… विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने शहडोल के जय स्तम्भ चौक स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ किया एवं ‘कलश यात्रा’ बैंड बाजे के साथ निकाली गई। #शहडोल #shahdol बैंड बाजे के साथ धूमधाम से निकाली गई कलश वंदन यात्रा .... समानता, समरसता और सामाजिक एकता की प्रेरणा देता है संत रविदास जी का जीवन… विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने शहडोल के जय स्तम्भ चौक स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ किया एवं ‘कलश यात्रा’ बैंड बाजे के साथ निकाली गई। #शहडोल #shahdol1
- शहडोल में 110 गौवंशों को ले जाने का प्रयास विफल, गौसेवकों ने बचाया शहडोल। शहडोल में करीब 110 गौवंशों को पैदल ले जाने की सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं नंदी गौ सेवा धाम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया गया कि गौवंशों को एक शोरूम के सामने से पैदल ले जाया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया, इसी दौरान तीन लोग मौके से भाग गए, जबकि दो संदिग्ध व्यक्तियों को गौसेवकों ने पकड़ लिया और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद सभी गौवंशों को सुरक्षित किया गया। मामले की सूचना सोहागपुर थाने में दी गई, जहां दोनों पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस के सुपुर्द किया गया। फिलहाल सभी 110 गौवंश सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उन्हें सुमिडाय भवन में रखा गया है। इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय लोगों की सजगता, पुलिस की तत्परता और नंदी गौ सेवा धाम की टीम के सदस्य सिल्लू रजक अविनाश मिश्रा धीरू मिश्रा विकास जोतवानी अमन यादव कमलेश जी प्रयास महत्वपूर्ण रहा 🙏 गौवंश की रक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, हमारी आस्था और सेवा का संकल्प है।4
- प्रसूता की मौत के बाद गांव में बवाल, महिला के दावे से बढ़ा रहस्य उमरिया। प्रसूता की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच गांव में अचानक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया। शव के पास पहुंची एक महिला ने कथित तौर पर प्रसूता की मौत और बच्चे को लेकर गंभीर दावे कर दिए। महिला की बात सामने आते ही ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मामला पुलिस तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि प्रसूता की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए उमरिया जिला अस्पताल लाया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे। इसी दौरान एक महिला अचानक शव के पास पहुंची। महिला ने कथित रूप से दावा किया कि प्रसूता की मौत के पीछे उसकी भूमिका है। उसने बच्चे की हत्या किए जाने जैसी बात भी कही और बदला लेने का दावा किया। महिला के इस कथित बयान से वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और मामला तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने महिला को पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए महिला और उसके पति को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया और दोनों को पूछताछ के लिए उमरिया कोतवाली ले जाया गया। घटना के बाद गांव में जादू-टोने से लेकर प्रसूता की मौत तक को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, महिला द्वारा किए गए दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच रही है। पुलिस प्रसूता के उपचार से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल की रिपोर्ट और रेफर किए जाने की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही महिला के बयान और बच्चे से संबंधित उसके दावे की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के दावे का कोई तथ्यात्मक आधार है या नहीं। फिलहाल पति-पत्नी पुलिस की निगरानी में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद गांव में तनाव के साथ-साथ पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।3
- शहडोल में खाकी पर सवाल अमलाई के बटुरा में सरेआम चल रहा जुआ फड़, वीडियो वायरल अमलाई थाना अंतर्गत ग्राम बटुरा में सरेआम चल रहे जुआ फड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो सामने आने के बाद अमलाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो में शायद तक बटुरा ग्राम जनप्रतिनिधि का नाम का व्यक्ति जुआ फड़ का संचालन करते दिखाई दे रहे हैं पुलिस अधीक्षक Shahdol Police डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के अवैध गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यह खेल धड़ल्ले से जारी है वीडियो वायरल होने के बाद भी स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की भूमिका और मूक सहमति पर प्रश्नचिह्न लगाता है।1
- मुस्कान की भाषा, सादगी, संस्कृति का दृश्य .... भारत सरकार की संयुक्त सचिव प्रिंयका दास ने ग्राम लमरो पहुंचकर जनजातीय समुदाय की महिलाओं से खेती किसानी के बारे में चर्चा कर जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। #शहडोल #shahdol1
- आबादी के बीच घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू। आबादी के बीच घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू मानपुर। नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक-1 स्थित ग्राम सेमरा में गुरुवार रात करीब 10:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मगरमच्छ आबादी के बीच पहुंच गया। मगरमच्छ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग को इसकी जानकारी मिली, जिस पर विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना किया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी सावधानी और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने फेंसिंग जाली की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से कवर किया और नियंत्रित करने के बाद सावधानीपूर्वक वाहन में लोड किया। इसके बाद मगरमच्छ को बल्हौड़ स्थित सोन नदी में ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी मानपुर अंकित सोनी, सुनील ठाकुर, विक्रम सिकरवार, राजीव रंजन वर्मा, प्रदीप सिंह, अरुण प्रजापति, पप्पू वर्मा, ओम प्रकाश सिंह, नागेश्वर सिंह सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल रहे। सुरक्षा उपकरणों की कमी बनी चिंता मगरमच्छ जैसे खतरनाक वन्यजीव का रेस्क्यू बेहद जोखिमपूर्ण कार्य माना जाता है। अभियान के दौरान वनकर्मियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों की कमी चिंता का विषय बनी रही। रेस्क्यू टीम के सदस्यों को ऐसे अभियानों के दौरान विशेष सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता होती है। ऐसे में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा है कि भविष्य में वन्यजीव रेस्क्यू अभियानों के लिए कर्मचारियों को पर्याप्त एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वन्यजीवों को सुरक्षित बचाने के साथ-साथ रेस्क्यू टीम की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। वनकर्मियों की तत्परता से एक संभावित हादसा टल गया और मगरमच्छ को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंचा दिया गया।2