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ऊना में एकल नारियों की समस्याओं पर हुआ मंथन, आत्मनिर्भरता और सुविधाओं की मांग उठी ऊना। एकल नारी कृषि सहकारी सभा घालुवाल की ओर से मंगलवार को एमसी पार्क ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन की प्रधान कांता शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं एकल नारियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान एकल नारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर संस्था की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रधान कांता शर्मा ने कहा कि एकल नारियां समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही इन समस्याओं से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है। जीवन के लंबे अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं स्वावलंबी बनें तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है। संस्था की पदाधिकारियों ने एकमत होकर मांग उठाई कि एकल नारियों के डीसी कार्ड बनाए जाएं, ताकि जिन महिलाओं की दो बेटियां हैं उन्हें सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिन पात्र महिलाओं के पास बीपीएल कार्ड नहीं हैं, लेकिन उन्हें सिलाई कढ़ाई कार्य के लिए मशीनों की आवश्यकता है, उनके लिए आय प्रमाण पत्र के आधार पर सुविधाएं प्रदान की जाएं।

2 hrs ago
user_ऊना की खबर
ऊना की खबर
Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

ऊना में एकल नारियों की समस्याओं पर हुआ मंथन, आत्मनिर्भरता और सुविधाओं की मांग उठी ऊना। एकल नारी कृषि सहकारी सभा घालुवाल की ओर से मंगलवार को एमसी पार्क ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन की प्रधान कांता शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं एकल नारियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान एकल नारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर संस्था की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रधान कांता शर्मा ने कहा कि एकल नारियां समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही इन समस्याओं से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है। जीवन के लंबे अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं स्वावलंबी बनें तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है। संस्था की पदाधिकारियों ने एकमत होकर मांग उठाई कि एकल नारियों के डीसी कार्ड बनाए जाएं, ताकि जिन महिलाओं की दो बेटियां हैं उन्हें सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिन पात्र महिलाओं के पास बीपीएल कार्ड नहीं हैं, लेकिन उन्हें सिलाई कढ़ाई कार्य के लिए मशीनों की आवश्यकता है, उनके लिए आय प्रमाण पत्र के आधार पर सुविधाएं प्रदान की जाएं।

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  • ऊना। एकल नारी कृषि सहकारी सभा घालुवाल की ओर से मंगलवार को एमसी पार्क ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन की प्रधान कांता शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं एकल नारियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान एकल नारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर संस्था की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रधान कांता शर्मा ने कहा कि एकल नारियां समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही इन समस्याओं से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है। जीवन के लंबे अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं स्वावलंबी बनें तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है। संस्था की पदाधिकारियों ने एकमत होकर मांग उठाई कि एकल नारियों के डीसी कार्ड बनाए जाएं, ताकि जिन महिलाओं की दो बेटियां हैं उन्हें सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिन पात्र महिलाओं के पास बीपीएल कार्ड नहीं हैं, लेकिन उन्हें सिलाई कढ़ाई कार्य के लिए मशीनों की आवश्यकता है, उनके लिए आय प्रमाण पत्र के आधार पर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
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    ऊना। एकल नारी कृषि सहकारी सभा घालुवाल की ओर से मंगलवार को एमसी पार्क ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन की प्रधान कांता शर्मा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं एकल नारियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक समस्याओं को लेकर खुलकर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान एकल नारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर संस्था की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया।
प्रधान कांता शर्मा ने कहा कि एकल नारियां समाज में अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही इन समस्याओं से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है। जीवन के लंबे अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं स्वावलंबी बनें तो कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है। संस्था की पदाधिकारियों ने एकमत होकर मांग उठाई कि एकल नारियों के डीसी कार्ड बनाए जाएं, ताकि जिन महिलाओं की दो बेटियां हैं उन्हें सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। इसके साथ ही जिन पात्र महिलाओं के पास बीपीएल कार्ड नहीं हैं, लेकिन उन्हें सिलाई कढ़ाई कार्य के लिए मशीनों की आवश्यकता है, उनके लिए आय प्रमाण पत्र के आधार पर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में ट्विनिंग स्कूल कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बंगाणा के लगभग 120 विद्यार्थियों तथा चार अतिथि शिक्षकों ने भाग लिया । सप्ताह पर्यंत चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के साथ हुआ। पड़ोसी स्कूल के विद्यार्थी केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा मे प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों से लाभान्वित हुए । प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में प्रतिदिन समाचारों के साथ-साथ नया शब्द, सुविचार एवं विशेष कार्यक्रम भी नित्य प्रस्तुत किए जाते हैं जो बहुत रोचक तथा ज्ञानवर्धक होते हैं। प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के उपरांत विद्यालय के प्राचार्य श्रीमान गिरीश चंद शर्मा ने आगंतुक विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए परस्पर संवाद द्वारा सीखने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि ट्विनिंग कार्यक्रम से दोनों विद्यालयों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे तथा परस्पर सहयोग द्वारा ज्ञानार्जन करेंगे । अगले सत्र में विद्यालय के संगणक शिक्षक किरपाल सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया । इसके पश्चात विद्यार्थियों का एक मित्रवत वॉलीबॉल मैच हुआ । अतिथि विद्यार्थियों ने विद्यालय में लगे हुए इंटरएक्टिव पैनल द्वारा इफेक्टिव लर्निंग की तथा विभिन्न रोचक प्रसंगों को आत्मसात किया । 3 फरवरी से 7 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम के अंतर्गत अतिथि विद्यार्थी प्रयोगशाला का निरीक्षण ,आर्ट वर्कशॉप, पी.ए. सिस्टम का अनुप्रयोग, पुस्तकालय का भ्रमण, एनसीसी कैडेट्स ट्रेनिंग तथा नाटक जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा । कार्यक्रम का समापन 7 फरवरी 2026 को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण के साथ होगा ।
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    केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में ट्विनिंग स्कूल कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बंगाणा के लगभग 120 विद्यार्थियों तथा चार अतिथि शिक्षकों ने भाग लिया । सप्ताह पर्यंत चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के साथ हुआ। पड़ोसी स्कूल के विद्यार्थी केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा मे प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों से लाभान्वित हुए । प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में प्रतिदिन समाचारों के साथ-साथ नया शब्द, सुविचार एवं विशेष कार्यक्रम भी नित्य प्रस्तुत किए जाते हैं जो बहुत रोचक तथा ज्ञानवर्धक होते हैं। प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के उपरांत विद्यालय के प्राचार्य श्रीमान गिरीश चंद शर्मा ने आगंतुक विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए परस्पर संवाद द्वारा सीखने पर बल दिया । उन्होंने कहा कि ट्विनिंग कार्यक्रम से दोनों विद्यालयों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे तथा परस्पर सहयोग द्वारा ज्ञानार्जन करेंगे । अगले सत्र में विद्यालय के संगणक शिक्षक किरपाल सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर व्याख्यान दिया । इसके पश्चात विद्यार्थियों का एक मित्रवत  वॉलीबॉल मैच हुआ । अतिथि विद्यार्थियों ने विद्यालय में लगे हुए इंटरएक्टिव पैनल द्वारा इफेक्टिव लर्निंग की तथा विभिन्न रोचक प्रसंगों को आत्मसात किया । 3 फरवरी से 7 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम के अंतर्गत अतिथि विद्यार्थी प्रयोगशाला का निरीक्षण ,आर्ट वर्कशॉप, पी.ए. सिस्टम का अनुप्रयोग, पुस्तकालय का भ्रमण, एनसीसी कैडेट्स ट्रेनिंग तथा नाटक जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा । कार्यक्रम का समापन 7 फरवरी 2026 को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण के साथ होगा ।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    पत्रकार बंगना•
    3 hrs ago
  • हमीरपुर भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री उषा बिरला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि इन दिनों आरडीजी (Revenue Deficit Grant – राजस्व घाटा अनुदान) को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। आरडीजी वह राशि होती है, जो केंद्र सरकार राज्यों की आय और खर्चों के बीच अंतर की भरपाई के लिए जारी करती है। उन्होंने कहा कि जब देश में नए राज्यों का गठन हुआ था, तब उनके पास आय के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने वित्त आयोग के माध्यम से इन राज्यों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आरडीजी की व्यवस्था की। यह एक अल्पकालिक व्यवस्था थी, जिसे लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता। उषा बिरला ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश सहित देश के 15 राज्यों की आरडीजी समाप्त कर दी है। इनमें से अधिकांश राज्य भाजपा शासित हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा राष्ट्रहित में निर्णय लेते हैं, न कि किसी विशेष पार्टी के पक्ष या विपक्ष में। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को छोड़कर इन सभी 15 राज्यों ने अपने-अपने प्रदेशों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज भी केवल रोना रोने और कानूनी पहलुओं पर विचार करने तक सीमित है। उषा बिरला ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक ओर यह दावा कर रही है कि उसने अपनी 10 गारंटियां पूरी कर दी हैं— हर महिला को ₹1500 प्रतिमाह, ₹2 किलो गोबर की खरीद, ₹100 लीटर दूध की खरीद, और हर वर्ष युवाओं को एक लाख रोजगार। अगर ये सभी दावे सही हैं, तो इससे यही सिद्ध होता है कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही आत्मनिर्भर बन चुका है। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार अपनी तथाकथित गारंटियों को केंद्र सरकार के खर्च पर पूरा करना चाहती है। आज हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से बेहद परेशान है। उषा बिरला ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सलाह दी कि वह अपने फालतू खर्चों में कटौती करे और प्रदेश को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करे। अंत में उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करती हूं, जो सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं।”
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    हमीरपुर 
भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री उषा बिरला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि इन दिनों आरडीजी (Revenue Deficit Grant – राजस्व घाटा अनुदान) को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। आरडीजी वह राशि होती है, जो केंद्र सरकार राज्यों की आय और खर्चों के बीच अंतर की भरपाई के लिए जारी करती है।
उन्होंने कहा कि जब देश में नए राज्यों का गठन हुआ था, तब उनके पास आय के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने वित्त आयोग के माध्यम से इन राज्यों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आरडीजी की व्यवस्था की। यह एक अल्पकालिक व्यवस्था थी, जिसे लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता।
उषा बिरला ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश सहित देश के 15 राज्यों की आरडीजी समाप्त कर दी है। इनमें से अधिकांश राज्य भाजपा शासित हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा राष्ट्रहित में निर्णय लेते हैं, न कि किसी विशेष पार्टी के पक्ष या विपक्ष में।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को छोड़कर इन सभी 15 राज्यों ने अपने-अपने प्रदेशों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज भी केवल रोना रोने और कानूनी पहलुओं पर विचार करने तक सीमित है।
उषा बिरला ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक ओर यह दावा कर रही है कि उसने अपनी 10 गारंटियां पूरी कर दी हैं—
हर महिला को ₹1500 प्रतिमाह,
₹2 किलो गोबर की खरीद,
₹100 लीटर दूध की खरीद,
और हर वर्ष युवाओं को एक लाख रोजगार।
अगर ये सभी दावे सही हैं, तो इससे यही सिद्ध होता है कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही आत्मनिर्भर बन चुका है। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार अपनी तथाकथित गारंटियों को केंद्र सरकार के खर्च पर पूरा करना चाहती है। आज हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से बेहद परेशान है।
उषा बिरला ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सलाह दी कि वह अपने फालतू खर्चों में कटौती करे और प्रदेश को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करे।
अंत में उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करती हूं, जो सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं।”
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रदेश सरकार द्वारा उद्यान विभाग के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से जिला हमीरपुर में बागवानी क्षेत्र बढ़कर लगभग 8100 हैक्टेयर और फल उत्पादन करीब 2200 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। फल उत्पादन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए जिला में कोल्ड स्टोरों की आवश्यकता भी महसूस होगी। इसके मद्देनजर बागवानों को अभी से ही कोल्ड स्टोरों के निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। ज़िला हमीरपुर में दो कोल्ड स्टोरों को स्थापित किया गया है । प्रदेश का पहला ज़िला बना है जहाँ बागवानों को ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है । यह दोनों इकाइयां सौर ऊर्जा से संचालित की जा रही हैं। साथ ही इन कोल्ड स्टोर में जेनरेटर भी लगाए गए हैं ताकि बिजली न होने पर कोल्ड स्टोर सुचारू रूप से काम करता रहे । उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एचपीशिवा परियोजना और बागवानी तकनीकी मिशन के तहत जिला में मौसम्बी, संतरा, अमरूद, आम, लीची और अनार आदि फलों के पौधारोपण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने वर्ष 2030 तक जिला में फलों के अंतर्गत क्षेत्रफल को लगभग 9000 हैक्टेयर और उत्पादन लगभग 5000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उपनिदेशक ने बताया कि आने वाले समय में फल उत्पादन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए जिला में कोल्ड स्टोरों की आवश्यकता भी महसूस होगी। इसके मद्देनजर बागवानों को अभी से ही कोल्ड स्टोरों के निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके निर्माण पर उद्यान विभाग 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रहा है।
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    प्रदेश सरकार द्वारा उद्यान विभाग के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से जिला हमीरपुर में बागवानी क्षेत्र बढ़कर लगभग 8100 हैक्टेयर और फल उत्पादन करीब 2200 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। फल उत्पादन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए जिला में कोल्ड स्टोरों की आवश्यकता भी महसूस होगी। इसके मद्देनजर बागवानों को अभी से ही कोल्ड स्टोरों के निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। ज़िला हमीरपुर में दो कोल्ड स्टोरों को स्थापित किया गया है । प्रदेश का पहला ज़िला बना है जहाँ बागवानों को ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है । यह दोनों इकाइयां सौर ऊर्जा से संचालित की जा रही हैं। साथ ही इन कोल्ड स्टोर में जेनरेटर भी लगाए गए हैं ताकि बिजली न होने पर कोल्ड स्टोर सुचारू रूप से काम करता रहे ।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एचपीशिवा परियोजना और बागवानी तकनीकी मिशन के तहत जिला में मौसम्बी, संतरा, अमरूद, आम, लीची और अनार आदि फलों के पौधारोपण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने वर्ष 2030 तक जिला में फलों के अंतर्गत क्षेत्रफल को लगभग 9000 हैक्टेयर और उत्पादन लगभग 5000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उपनिदेशक ने बताया कि आने वाले समय में फल उत्पादन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए जिला में कोल्ड स्टोरों की आवश्यकता भी महसूस होगी। इसके मद्देनजर बागवानों को अभी से ही कोल्ड स्टोरों के निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके निर्माण पर उद्यान विभाग 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रहा है।
    user_हमीरपुरी पत्रकार
    हमीरपुरी पत्रकार
    लम्बलू, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
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    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer Bhota, Hamirpur•
    13 hrs ago
  • सुजानपुर चौकी जमवाला में निर्माणाधीन वर्षाशालिका के कार्य में सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने सरकारी तंत्र और ठेकेदारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। माननीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया, जहां गुणवत्ता में भारी कमी पाए जाने पर उनका आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में पुरानी और पहले से इस्तेमाल की जा चुकी टीन का प्रयोग किया जा रहा था, जो न केवल निर्माण मानकों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी धन के खुलेआम दुरुपयोग का भी प्रमाण है। विधायक ने मौके पर ही अधिकारीयों से बात कर ऐसे घटिया निर्माण को तुरंत उखाड़ने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी को उनके कार्यकाल में बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। विधायक का कहना था कि वर्षाशालिका जैसी बुनियादी सुविधा ग्रामीण जनता की आवश्यकता है और इसमें गुणवत्ता से समझौता करना सीधे-सीधे जनता के अधिकारों पर हमला है। निरीक्षण के दौरान विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि सरकारी पैसा किसी ठेकेदार की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह जनता की अमानत है। उन्होंने दो टूक कहा, “सरकारी धन की एक-एक पाई का सही उपयोग होना चाहिए। जो भी व्यक्ति या ठेकेदार इस धन का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।” विधायक के इस बयान से यह साफ हो गया कि अब ठेकेदारी व्यवस्था में मनमानी और मिलीभगत को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विधायक ने यह भी कहा कि पूर्व में सत्ता के संरक्षण में कई ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन की लूट करते रहे हैं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। जनता ने उन्हें सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के लिए सौंपी है, न कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई ठेकेदार पुराने ढर्रे पर काम करने की कोशिश करेगा तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। इस दौरान विधायक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। विधायक ने कहा कि केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय जनता ने विधायक के इस सख्त और आक्रामक रुख का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने मौके पर आकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखी और घटिया काम के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। लोगों में इस बात को लेकर संतोष है कि अब विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी सख्त नजर रखी जाएगी। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने अंत में दोहराया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। चाहे सड़क हो, पुल हो, वर्षाशालिका हो या कोई अन्य विकास कार्य—हर परियोजना में तय मानकों का पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और जनता को मजबूत, टिकाऊ व गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
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    सुजानपुर
चौकी जमवाला में निर्माणाधीन वर्षाशालिका के कार्य में सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने सरकारी तंत्र और ठेकेदारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। माननीय विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया, जहां गुणवत्ता में भारी कमी पाए जाने पर उनका आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में पुरानी और पहले से इस्तेमाल की जा चुकी टीन का प्रयोग किया जा रहा था, जो न केवल निर्माण मानकों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी धन के खुलेआम दुरुपयोग का भी प्रमाण है।
विधायक ने मौके पर ही अधिकारीयों से बात कर ऐसे घटिया निर्माण को तुरंत उखाड़ने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी को उनके कार्यकाल में बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। विधायक का कहना था कि वर्षाशालिका जैसी बुनियादी सुविधा ग्रामीण जनता की आवश्यकता है और इसमें गुणवत्ता से समझौता करना सीधे-सीधे जनता के अधिकारों पर हमला है।
निरीक्षण के दौरान विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि सरकारी पैसा किसी ठेकेदार की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह जनता की अमानत है। उन्होंने दो टूक कहा, “सरकारी धन की एक-एक पाई का सही उपयोग होना चाहिए। जो भी व्यक्ति या ठेकेदार इस धन का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।” विधायक के इस बयान से यह साफ हो गया कि अब ठेकेदारी व्यवस्था में मनमानी और मिलीभगत को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक ने यह भी कहा कि पूर्व में सत्ता के संरक्षण में कई ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन की लूट करते रहे हैं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। जनता ने उन्हें सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के लिए सौंपी है, न कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई ठेकेदार पुराने ढर्रे पर काम करने की कोशिश करेगा तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
इस दौरान विधायक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। विधायक ने कहा कि केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय जनता ने विधायक के इस सख्त और आक्रामक रुख का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने मौके पर आकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखी और घटिया काम के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। लोगों में इस बात को लेकर संतोष है कि अब विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी सख्त नजर रखी जाएगी।
विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने अंत में दोहराया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। चाहे सड़क हो, पुल हो, वर्षाशालिका हो या कोई अन्य विकास कार्य—हर परियोजना में तय मानकों का पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और जनता को मजबूत, टिकाऊ व गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • किसी ने पूछा, “किस्मत क्या होती है?” और अगले ही पल जो कैमरे में कैद हुआ, उसने सबको चौंका दिया। रेलवे प्लेटफॉर्म पर शूट कर रहे व्यक्ति के सामने ऐसा दृश्य बना, जिसे लोग संयोग नहीं बल्कि किस्मत का इशारा मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग कह रहे हैं,कभी-कभी जवाब शब्दों में नहीं, पलों में मिलते हैं। #Luck #GodMoment #ViralVideo #Unbelievable #CaughtOnCamera #LifeMoments #MindBlowing #Trending #Reels
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    किसी ने पूछा, “किस्मत क्या होती है?” और अगले ही पल जो कैमरे में कैद हुआ, उसने सबको चौंका दिया। रेलवे प्लेटफॉर्म पर शूट कर रहे व्यक्ति के सामने ऐसा दृश्य बना, जिसे लोग संयोग नहीं बल्कि किस्मत का इशारा मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग कह रहे हैं,कभी-कभी जवाब शब्दों में नहीं, पलों में मिलते हैं।
#Luck #GodMoment #ViralVideo #Unbelievable #CaughtOnCamera #LifeMoments #MindBlowing #Trending #Reels
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company Baroh, Kangra•
    22 hrs ago
  • ऊना। जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर और स्थायी दिव्यांगता के मामलों को कम करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रोड सेफ्टी एवं ट्रॉमा केयर विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 50 मेडिकल ऑफिसर्स, स्टाफ नर्सों तथा पैरामेडिकल कर्मियों ने भाग लेकर आपातकालीन उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के त्वरित उपचार, गोल्डन आवर मैनेजमेंट और ट्रॉमा केयर के मानक उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल को सही प्राथमिक उपचार और शीघ्र अस्पताल सुविधा मिल जाए तो मृत्यु की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। प्रशिक्षण सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉक्टर नितिन वर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत बंसल, डॉ. राहुल टंडन और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने हेड इंजरी, चेस्ट इंजरी, फ्रैक्चर, एब्डोमिनल और लंग्स इंजरी के त्वरित प्रबंधन के साथ-साथ सीपीआर और हेड इंजरी मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जनरल सर्जरी और ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके बताए। कार्यशाला के दूसरे सत्र में आरटीओ ऊना अशोक कलसी ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, दुर्घटना रोकथाम उपायों तथा आपातकालीन सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी। आयोजकों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे ताकि ट्रॉमा केयर सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतें समय पर उपचार से रोकी जा सकती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
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    ऊना।  जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर और स्थायी दिव्यांगता के मामलों को कम करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रोड सेफ्टी एवं ट्रॉमा केयर विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 50 मेडिकल ऑफिसर्स, स्टाफ नर्सों तथा पैरामेडिकल कर्मियों ने भाग लेकर आपातकालीन उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के त्वरित उपचार, गोल्डन आवर मैनेजमेंट और ट्रॉमा केयर के मानक उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल को सही प्राथमिक उपचार और शीघ्र अस्पताल सुविधा मिल जाए तो मृत्यु की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। प्रशिक्षण सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉक्टर नितिन वर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत बंसल, डॉ. राहुल टंडन और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह सिद्धू ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने हेड इंजरी, चेस्ट इंजरी, फ्रैक्चर, एब्डोमिनल और लंग्स इंजरी के त्वरित प्रबंधन के साथ-साथ सीपीआर और हेड इंजरी मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जनरल सर्जरी और ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके बताए। कार्यशाला के दूसरे सत्र में आरटीओ ऊना अशोक कलसी ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, दुर्घटना रोकथाम उपायों तथा आपातकालीन सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी। आयोजकों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे ताकि ट्रॉमा केयर सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतें समय पर उपचार से रोकी जा सकती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
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    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
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