बारिश ने खोली शिवालिक की कमजोर परतों की पोल, पहाड़ से टूटकर गिर रही चट्टानें और जमीन में समाती जा रही सड़क—विशेषज्ञ पहले ही बता चुके हैं ‘वृहद ट्रीटमेंट’ की जरूरत, फिर अनुमति के इंतजार में क्यों अटका उपचार? हरिद्वार में फिर कांपी मनसा देवी की पहाड़ी! सड़क में गहरी दरारें, 300 मीटर मार्ग ध्वस्त—कहीं बड़ा खतरा तो नहीं? बारिश ने खोली शिवालिक की कमजोर परतों की पोल, पहाड़ से टूटकर गिर रही चट्टानें और जमीन में समाती जा रही सड़क—विशेषज्ञ पहले ही बता चुके हैं ‘वृहद ट्रीटमेंट’ की जरूरत, फिर अनुमति के इंतजार में क्यों अटका उपचार? — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार। धर्म की राजधानी तीर्थ नगरी हरिद्वार में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मनसा देवी की पहाड़ी और हिल बाईपास क्षेत्र में भूधंसाव एवं भूस्खलन की गंभीर स्थिति को सामने ला दिया है। पहाड़ से जगह-जगह चट्टानें और मिट्टी टूटकर नीचे आ रही हैं, सड़क के हिस्सों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं और जमीन के खिसकने का दायरा भी बढ़ता बताया जा रहा है। हालात देखकर सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है—क्या पहाड़ सिर्फ बारिश के कारण खिसक रहा है या इसके पीछे कोई अन्य भूगर्भीय कारण भी सक्रिय है? इसका वैज्ञानिक उत्तर विशेषज्ञ ही दे सकते हैं, लेकिन जिस तेजी से भूधंसाव दोबारा सक्रिय हुआ है, उसे नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर साबित हो सकता है। 2025 में भी हुआ था भारी भूस्खलन, अब फिर सक्रिय हुआ भूधंसाव मनसा देवी की पहाड़ी पर वर्ष 2025 में भी भारी भूस्खलन हुआ था। उस समय भी पहाड़ी क्षेत्र में भूधंसाव की समस्या सामने आई थी। अब लगातार बारिश के बाद पिछले वर्ष प्रभावित क्षेत्र में फिर से हलचल बढ़ गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस बार भूधंसाव का दायरा भी बढ़ा है। हिल बाईपास पर करीब 300 मीटर सड़क और पुलिया का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है, जिसके कारण मार्ग भी प्रभावित हुआ है। सड़क पर दिखाई दे रही गहरी और लंबी दरारें यह संकेत दे रही हैं कि मामला केवल सड़क की ऊपरी सतह के टूटने तक सीमित नहीं हो सकता। क्या पहाड़ नीचे धंस रहा है? स्थल की तस्वीरें और वर्तमान स्थिति कई सवाल खड़े करती है। क्या लगातार पानी के रिसाव से पहाड़ की अंदरूनी मिट्टी कमजोर हो रही है? क्या पहाड़ की भूगर्भीय संरचना ही ऐसी है कि अत्यधिक बारिश के बाद जमीन खिसकने लगती है? क्या कहीं पानी के बहाव ने पहाड़ के भीतर खाली जगह अथवा दलदली स्थिति पैदा कर दी है? या फिर इसके पीछे कोई अन्य भूगर्भीय कारण है? इन सवालों का जवाब अनुमान से नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच और लगातार मॉनिटरिंग से ही मिल सकता है। भूविज्ञानी पहले ही बता चुके हैं—पहाड़ कमजोर है बीते वर्ष जिलाधिकारी के निर्देश पर उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के भूविज्ञानियों ने मनसा देवी पहाड़ी और भीमगोड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद वरिष्ठ भूविज्ञानी डा. रुचिका टंडन ने बताया था कि यह क्षेत्र विशेष भूगर्भीय समस्या से प्रभावित है और यहां की पहाड़ी सैंडस्टोन और मडस्टोन से बनी है, जो अपेक्षाकृत कमजोर चट्टानें मानी जाती हैं। विशेषज्ञों ने क्षेत्र के लिए वृहद ट्रीटमेंट प्लान तैयार करने का सुझाव दिया था। यानी खतरे के संकेत आज सामने नहीं आए हैं। पहले ही विशेषज्ञ इस क्षेत्र के लिए बड़े स्तर पर उपचार की आवश्यकता बता चुके थे। ट्रीटमेंट प्लान तैयार, बजट स्वीकृत—फिर काम क्यों नहीं शुरू हुआ? जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार, भूविज्ञानियों की सलाह पर ट्रीटमेंट का कार्य स्वीकृत है और बजट की स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व में आने के कारण संबंधित अनुमति अभी शेष है। यही वह बिंदु है जहां प्रशासनिक व्यवस्था के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है— जब विशेषज्ञों ने खतरा बताया, ट्रीटमेंट प्लान तैयार हुआ और बजट भी स्वीकृत हो गया, तो उपचार कार्य जमीन पर कब उतरेगा? क्योंकि पहाड़ अनुमति की फाइल का इंतजार नहीं करता। बारिश अपने समय पर होती है और कमजोर पहाड़ी पर पानी का असर लगातार बढ़ता रहता है। 300 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त, आसपास की बस्तियां भी चिंता के घेरे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूधंसाव का असर केवल हिल बाईपास तक सीमित नहीं है। तलहटी में बसी दो बस्तियों के सैकड़ों परिवारों, हरिद्वार-देहरादून-ऋषिकेश रेलवे लाइन और भीमगोड़ा क्षेत्र को लेकर भी चिंता जताई गई है। अधिक वर्षा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र को लेकर प्रशासन और राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से अलर्ट किए जाने की बात भी सामने आई है। प्राकृतिक रूप से तलहटी की ओर मौजूद बांस का जंगल फिलहाल भूस्खलन और पत्थरों को कुछ हद तक रोकने में मददगार बताया गया है। लेकिन केवल प्राकृतिक अवरोधों के भरोसे लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। कुंभ-2027 से पहले सबसे बड़ी चुनौती हरिद्वार में कुंभ-2027 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ऐसे में मनसा देवी की पहाड़ी और हिल बाईपास का यह क्षेत्र केवल स्थानीय यातायात का मुद्दा नहीं है। कुंभ के दौरान धर्मनगरी में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। यदि उससे पहले इस क्षेत्र का स्थायी वैज्ञानिक उपचार, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो आने वाले समय में प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। करोड़ों के विकास कार्यों के बीच क्या पहाड़ को बचाने का यह काम प्राथमिकता नहीं होना चाहिए? अब फाइल नहीं, जमीन पर समाधान चाहिए मनसा देवी की पहाड़ी पर दोबारा सक्रिय हुआ भूधंसाव प्रशासन के लिए स्पष्ट चेतावनी की तरह देखा जा सकता है। विशेषज्ञों ने निरीक्षण कर दिया। समस्या की पहचान हो चुकी है। वृहद ट्रीटमेंट का सुझाव दिया जा चुका है। ट्रीटमेंट प्लान तैयार होने की बात सामने आ चुकी है। बजट स्वीकृति की जानकारी भी दी गई है। अब जरूरत है तो केवल अनुमति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने और वैज्ञानिक सुझावों के अनुरूप धरातल पर काम शुरू करने की। क्योंकि सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं है। सवाल है मनसा देवी की पहाड़ी, तलहटी में बसे परिवारों, रेलवे लाइन, भीमगोड़ा क्षेत्र और भविष्य में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा का। बारिश अभी भी जारी है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, खतरे वाले स्थानों पर चेतावनी, यातायात सुरक्षा और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार तत्काल अस्थायी तथा दीर्घकालिक उपायों पर गंभीरता से काम करना होगा। पहाड़ को बचाने का समय अभी है—कहीं ऐसा न हो कि अगली तेज बारिश के बाद बचाने के लिए सड़क ही न बचे। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
बारिश ने खोली शिवालिक की कमजोर परतों की पोल, पहाड़ से टूटकर गिर रही चट्टानें और जमीन में समाती जा रही सड़क—विशेषज्ञ पहले ही बता चुके हैं ‘वृहद ट्रीटमेंट’ की जरूरत, फिर अनुमति के इंतजार में क्यों अटका उपचार? हरिद्वार में फिर कांपी मनसा देवी की पहाड़ी! सड़क में गहरी दरारें, 300 मीटर मार्ग ध्वस्त—कहीं बड़ा खतरा तो नहीं? बारिश ने खोली शिवालिक की कमजोर परतों की पोल, पहाड़ से टूटकर गिर रही चट्टानें और जमीन में समाती जा रही सड़क—विशेषज्ञ पहले ही बता चुके हैं ‘वृहद ट्रीटमेंट’ की जरूरत, फिर अनुमति के इंतजार में क्यों अटका उपचार? — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार। धर्म की राजधानी तीर्थ नगरी हरिद्वार में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मनसा देवी की पहाड़ी और हिल बाईपास क्षेत्र में भूधंसाव एवं भूस्खलन की गंभीर स्थिति को सामने ला दिया है। पहाड़ से जगह-जगह चट्टानें और मिट्टी टूटकर नीचे आ रही हैं, सड़क के हिस्सों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं और जमीन के खिसकने का दायरा भी बढ़ता बताया जा रहा है। हालात देखकर सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है—क्या पहाड़ सिर्फ बारिश के कारण खिसक रहा है या इसके पीछे कोई अन्य भूगर्भीय कारण भी सक्रिय है? इसका वैज्ञानिक उत्तर विशेषज्ञ ही दे सकते हैं, लेकिन जिस तेजी से भूधंसाव दोबारा सक्रिय हुआ है, उसे नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर साबित हो सकता है। 2025 में भी हुआ था भारी भूस्खलन, अब फिर सक्रिय हुआ भूधंसाव मनसा देवी की पहाड़ी पर वर्ष 2025 में भी भारी भूस्खलन हुआ था। उस समय भी पहाड़ी क्षेत्र
में भूधंसाव की समस्या सामने आई थी। अब लगातार बारिश के बाद पिछले वर्ष प्रभावित क्षेत्र में फिर से हलचल बढ़ गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस बार भूधंसाव का दायरा भी बढ़ा है। हिल बाईपास पर करीब 300 मीटर सड़क और पुलिया का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है, जिसके कारण मार्ग भी प्रभावित हुआ है। सड़क पर दिखाई दे रही गहरी और लंबी दरारें यह संकेत दे रही हैं कि मामला केवल सड़क की ऊपरी सतह के टूटने तक सीमित नहीं हो सकता। क्या पहाड़ नीचे धंस रहा है? स्थल की तस्वीरें और वर्तमान स्थिति कई सवाल खड़े करती है। क्या लगातार पानी के रिसाव से पहाड़ की अंदरूनी मिट्टी कमजोर हो रही है? क्या पहाड़ की भूगर्भीय संरचना ही ऐसी है कि अत्यधिक बारिश के बाद जमीन खिसकने लगती है? क्या कहीं पानी के बहाव ने पहाड़ के भीतर खाली जगह अथवा दलदली स्थिति पैदा कर दी है? या फिर इसके पीछे कोई अन्य भूगर्भीय कारण है? इन सवालों का जवाब अनुमान से नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच और लगातार मॉनिटरिंग से ही मिल सकता है। भूविज्ञानी पहले ही बता चुके हैं—पहाड़ कमजोर है बीते वर्ष जिलाधिकारी के निर्देश पर उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के भूविज्ञानियों ने मनसा देवी पहाड़ी और भीमगोड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद वरिष्ठ भूविज्ञानी डा. रुचिका टंडन ने बताया था कि यह क्षेत्र विशेष भूगर्भीय समस्या से प्रभावित है और यहां की पहाड़ी सैंडस्टोन और मडस्टोन से बनी है, जो अपेक्षाकृत कमजोर चट्टानें मानी जाती हैं। विशेषज्ञों ने क्षेत्र के लिए वृहद ट्रीटमेंट प्लान तैयार करने का सुझाव दिया था। यानी खतरे के
संकेत आज सामने नहीं आए हैं। पहले ही विशेषज्ञ इस क्षेत्र के लिए बड़े स्तर पर उपचार की आवश्यकता बता चुके थे। ट्रीटमेंट प्लान तैयार, बजट स्वीकृत—फिर काम क्यों नहीं शुरू हुआ? जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार, भूविज्ञानियों की सलाह पर ट्रीटमेंट का कार्य स्वीकृत है और बजट की स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व में आने के कारण संबंधित अनुमति अभी शेष है। यही वह बिंदु है जहां प्रशासनिक व्यवस्था के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है— जब विशेषज्ञों ने खतरा बताया, ट्रीटमेंट प्लान तैयार हुआ और बजट भी स्वीकृत हो गया, तो उपचार कार्य जमीन पर कब उतरेगा? क्योंकि पहाड़ अनुमति की फाइल का इंतजार नहीं करता। बारिश अपने समय पर होती है और कमजोर पहाड़ी पर पानी का असर लगातार बढ़ता रहता है। 300 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त, आसपास की बस्तियां भी चिंता के घेरे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूधंसाव का असर केवल हिल बाईपास तक सीमित नहीं है। तलहटी में बसी दो बस्तियों के सैकड़ों परिवारों, हरिद्वार-देहरादून-ऋषिकेश रेलवे लाइन और भीमगोड़ा क्षेत्र को लेकर भी चिंता जताई गई है। अधिक वर्षा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र को लेकर प्रशासन और राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से अलर्ट किए जाने की बात भी सामने आई है। प्राकृतिक रूप से तलहटी की ओर मौजूद बांस का जंगल फिलहाल भूस्खलन और पत्थरों को कुछ हद तक रोकने में मददगार बताया गया है। लेकिन केवल प्राकृतिक अवरोधों के भरोसे लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। कुंभ-2027 से पहले सबसे बड़ी चुनौती हरिद्वार में कुंभ-2027 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ऐसे में मनसा देवी की
पहाड़ी और हिल बाईपास का यह क्षेत्र केवल स्थानीय यातायात का मुद्दा नहीं है। कुंभ के दौरान धर्मनगरी में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। यदि उससे पहले इस क्षेत्र का स्थायी वैज्ञानिक उपचार, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो आने वाले समय में प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। करोड़ों के विकास कार्यों के बीच क्या पहाड़ को बचाने का यह काम प्राथमिकता नहीं होना चाहिए? अब फाइल नहीं, जमीन पर समाधान चाहिए मनसा देवी की पहाड़ी पर दोबारा सक्रिय हुआ भूधंसाव प्रशासन के लिए स्पष्ट चेतावनी की तरह देखा जा सकता है। विशेषज्ञों ने निरीक्षण कर दिया। समस्या की पहचान हो चुकी है। वृहद ट्रीटमेंट का सुझाव दिया जा चुका है। ट्रीटमेंट प्लान तैयार होने की बात सामने आ चुकी है। बजट स्वीकृति की जानकारी भी दी गई है। अब जरूरत है तो केवल अनुमति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने और वैज्ञानिक सुझावों के अनुरूप धरातल पर काम शुरू करने की। क्योंकि सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं है। सवाल है मनसा देवी की पहाड़ी, तलहटी में बसे परिवारों, रेलवे लाइन, भीमगोड़ा क्षेत्र और भविष्य में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा का। बारिश अभी भी जारी है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, खतरे वाले स्थानों पर चेतावनी, यातायात सुरक्षा और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार तत्काल अस्थायी तथा दीर्घकालिक उपायों पर गंभीरता से काम करना होगा। पहाड़ को बचाने का समय अभी है—कहीं ऐसा न हो कि अगली तेज बारिश के बाद बचाने के लिए सड़क ही न बचे। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
- गौमाता के साथ दुष्कर्म जैसी हैवानियत करने वाला अत्मलपुर बौगला बहादराबाद निवासी आरोपी को रानीपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार दिनांक 14.09.2026 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्रान्तर्गत सलेमपुर महदूद में एक व्यक्ति को गौमाता के साथ दुष्कर्म करने की सूचना पर गाय के स्वामी नवीन पुत्र विक्रम सिंह निवासी अशोक वाटिका सलेमपुर महदूद, थाना रानीपुर, जनपद हरिद्वार की तहरीर पर तत्काल रानीपुर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध तत्काल मु0अ0सं0 320/2026 धारा 11(1)(a) पशु क्रूरता निवारण अधि0 पंजीकृत किया गया । एस एस0एस0पी0हरिद्वार के निर्देशन पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीपुर के नेतृत्व में तत्काल पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुये उक्त अज्ञात व्यक्ति की तलाश की गयी, एवं दौराने तलाश पुलिस टीम द्वारा दिनांक 14.09.2026 को ही घटना में शामिल आरोपी निवासी अत्मलपुर बौगला थाना बाहदराबाद जनपद हरिद्वार को जमालपुर नहर पटरी से हिरासत में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। *पुलिस टीम-* 1- प्रभारी निरीक्षक मनोहर भण्डारी 2- अ0उ0नि0 सुबोध घिल्डियाल 3- कानि0 गम्भीर तोमर, 4- कानि0 करम सिंह1
- शांतरशाह में युवक को गोली मारकर फरार हुए दो बदमाश, पुलिस जांच में जुटी हरिद्वार। बहादराबाद थाना क्षेत्र के शांतरशाह गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो अज्ञात युवकों ने एक युवक पर कथित तौर पर गोली चला दी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, शांतरशाह निवासी हैप्पी पुत्र राजकुमार किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान दो अज्ञात बदमाशों ने उस पर गोली चला दी। गोली लगने से हैप्पी घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही वारदात से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करना शुरू कर दिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। इसके अलावा पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। फिलहाल गोली चलाने के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस घायल युवक से घटना के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वारदात की वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी। गोलीकांड के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घटना से संबंधित कोई जानकारी होने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की है।1
- खानपुर विकासखंड कार्यालय बना शोपीस! फरियादी काट रहे चक्कर, 11:45 तक कई कर्मचारी सीट से नदारद लक्सर के खानपुर विकासखंड कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित लेटलतीफी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कार्यालय खुलने के बावजूद कई कर्मचारी और अधिकारी समय पर अपनी सीटों पर नहीं पहुंचे, जबकि दूर-दराज से आए फरियादी अपने जरूरी काम के लिए घंटों इंतजार करते रहे। जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल समेत अन्य सरकारी सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों ने समय और पैसा बर्बाद होने की बात कही। बताया गया कि विकासखंड के अधिकारी करीब 10:30 बजे के बाद कार्यालय पहुंचे, जबकि 11:45 बजे तक भी कई कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं थे। अब सवाल है—सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी कब सुनिश्चित होगी और फरियादियों को समय पर सरकारी सेवाएं कब मिलेंगी? श्रद्धा टीवी नेटवर्क — ना डरता है, ना झुकता है, ना बिकता है… निष्पक्ष खबर, सच्चाई के साथ। #लक्सर #खानपुर #उत्तराखंड #सरकारीकार्यालय #ShraddhaTVNetwork1
- *एसएसपी दून के नेतृत्व में शराब तस्करों पर जारी दून पुलिस का एक्शन* *अलग-अलग थाना क्षेत्रों से शराब तस्करी में लिप्त 04 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार* *अभियुक्तों के कब्जे से 05 पेटी से अधिक अवैध देसी शराब हुई बरामद* *शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहन छोटा हाथी को पुलिस ने किया सीज* वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत मादक पदार्थों/अवैध शराब की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा लगातार ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध। प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दून पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण निम्नवत है:- *1- कोतवाली ऋषिकेश* *लगभग 04 पेटी अवैध देसी शराब के साथ 03 अभियुक्त गिरफ्तार, तस्करी में प्रयुक्त वाहन को पुलिस ने किया सीज :-* कोतवाली ऋषिकेश पर गठित अलग-अलग टीमों द्वारा दिनांक: 15-09-24 को चैकिंग के दौरान पुराने रेलवे स्टेशन गेट, डाकघर आईडीपीएल के सामने एवं परशुराम चौक ऋषिकेश से 03 अभियुक्तों 01: रोबिन कुमार पुत्र नरेश कुमार, 02: सौरब पुत्र रमेश कुमार तथा 03: भोले पुत्र सुरेश को अवैध शराब की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया। सभी अभियुक्तों के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किये गये। शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहन छोटा हाथी संख्या: यू0के0-14-सीए -2855 को सीज किया गया। *विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:* 1- रोबिन कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी 134 अवधूत मार्ग वाल्मिकी नगर, थाना ऋषिकेश, देहरादून, उम्र 40 वर्ष। 2- सौरब पुत्र रमेश कुमार निवासी तुलसी विहार कालोनी हनुमान मन्दिर के पास श्यामपुर, ऋषिकेश, देहरादून, उम्र 25 वर्ष। 3- भोले पुत्र सुरेश निवासी। गोविन्द नगर झुग्गी झोपडी परशुराम चौक, थाना ऋषिकेश, देहरादून, उम्र 29 वर्ष। *बरामदगी:* (1) अभियुक्त रोबिन कुमार के कब्जे से 27 ट्रेटा पैक माल्टा मसालेदार देशी शराब (2) अभियुक्त सौरब के कब्जे से 35 ट्रेटा पैक माल्टा मसालेदार देशी शराब (3) अभियुक्त भोले के कब्जे से 110 ट्रेटा पैक माल्टा देशी शराब (4) टाटा ऐस (छोटा हाथी) वाहन संख्या यू0के0-14-सीए-2855 *2- कोतवाली पटेलनगर* *86 ट्रेटा पैक देशी शराब के साथ 01 अभियुक्त गिरफ्तार:* पटेलनगर पुलिस द्वारा दिनांक 15-09-2026 को मुखबिर की सूचना पर महाराणा प्रताप ग्राउण्ड आईएसबीटी पटेलनगर के पास से 01 अभियुक्त अमित पुत्र मुकेश कुमार को 86 टेट्रा पैक देशी मसालेदार शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्व थाना पटेलनगर पर मु0अ0सं0-639/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम में अभियोग पंजीकृत किया गया। *विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:* 1- अमित पुत्र मुकेश कुमार निवासी टर्नर रोड, लेन नम्बर 01, क्लेमनटाउन, उम्र 38 वर्ष *बरामदगी:* 86 टैट्रा पैक देसी शराब3
- वन कर्मचारी गुरजंट सिंह अपने कंधों परउठाकर ले आये मगरमच्छ लक्सर अनुभाग के टांडा महतोली तालाब के पास एक मगरमच्छ वन कर्मचारी गुरजंट सिंह अपने कंधों परउठाकर ले आये मगरमच्छ लक्सर अनुभाग के टांडा महतोली तालाब के पास एक मगरमच्छ1
- 🌾 डोईवाला के खेरी गांव में बंदरों का आतंक, गन्ने की फसल तबाह The Aman Times 🌾 डोईवाला के खेरी गांव में बंदरों का आतंक, गन्ने की फसल तबाह डोईवाला। मारखम ग्रांट ग्राम पंचायत के खेरी गांव में बंदरों के झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसान राजकुमार मौर्य, तरसेम सिंह, राजा और अरविंद की फसल बंदरों ने बर्बाद कर दी। किसानों का कहना है कि लच्छीवाला वन रेंज के खेरी जंगलों से बंदर, हाथी और अन्य जंगली जानवर लगातार खेतों की ओर आ रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। मारखम ग्रांट ग्राम पंचायत के प्रधान परमिंदर सिंह बाबू ने कहा कि वन विभाग से किसानों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम करने की मांग की गई है, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से हुए फसल नुकसान का किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। किसानों ने वन विभाग से फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।1
- लोकेशन लक्सर से है (पत्रकार राजेश लाम्बा) खबर लक्सर से हैं जहां आज टांडा महतोली गांव के तालाब के पास एक बड़ा विशाल मगरमच्छ ग्रामीणों को दिखाई दिया देखते ही ग्रामीण ने लक्सर वन विभाग को सूचना दी सूचना मिलते ही वन विभाग लक्सर की टीम मौके पर पहुंच गई मगरमच्छ का रेस्क्यू कर लिया गया है ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को धन्यवाद किया और ग्रामीण खुश नजर आए और मगरमच्छ को सुरक्षित गंगा नदी में छोड़ दिया गया है लक्सर वन विभाग की टीम के सदस्य सुमित कुमार सैनी वन बीट अधिकारी गुरजंट सिंह व भोपाल सिंह वनकर्मी नेअपना सहयोग दिया।1
- दर्जनों मुकदमो का गैंगस्टर आरोपी ग्राम दौलतपुर बहादराबाद निवासी श्रवण चोरी की गई आधा दर्जन से ज्यादा बाइकों के साथ हरिद्वार पुलिस ने किया गिरफ्तार। कप्तान नवनीत सिंह द्वारा जारी किए गए सुस्पष्ट निर्देशों पर समूचे जनपद में आपराधिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन चैकिंग अभियान के दौरान सिड़कुल पुलिस को उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब उन्होंने पुलिस को देख भागने की कोशिश कर रहे एक शातिर अपराधी को दबोचने में कामयाबी हासिल की। दिनांक 14/09/26 को किरवी चौक पर पुलिस द्वारा की जा रही चैकिंग के दौरान तेज रफ्तार में पॉलिटेक्निक की ओर से आ रहे एक बाइक सवार को जब रोकने का प्रयास किया गया तो उक्त संदिग्ध मोटर साइकिल को वापस मोड़कर भगाने का प्रयास करने लगा। अचानक किए गए इस प्रयास के दौरान मोटर साइकिल का टायर फिसलने से बाइक सवार का संतुलन बिगड़ गया और वह वहीं गिर गया। बिना एक पल गवांए टीम ने संदिग्ध को तुरंत दबोच लिया। संदिग्ध द्वारा चलाई जा रहे मोटरसाइकिल का इंजन नंबर/ चैसिस नंबर और वाहन संख्या चैक करने पर सामने आया कि उक्त दोपहिया वाहन की चोरी के संबंध में थाना सिड़कुल पर मुकदमा अपराध संख्या 388/2026 दर्ज है। आरोपी को नियमानुसार हिरासत में लिया गया। संदिग्ध से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बंद पड़ी पुरानी खाद फैक्ट्री के अंदर झाड़ियां के बीच छिपाई गई कुल 08 मोटरसाइकिल व एक मोटरसाइकिल के पार्ट्स बरामद किए। सिटी क्षेत्र में आम जनता के साथ ही पुलिस के लिए सरदर्द बने आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर सिड़कुल, रानीपुर और बहादराबाद क्षेत्र से इन वाहनों को चुराया था। पड़ताल में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ कोतवाली लक्सर में गैंगस्टर एक्ट सहित 02 मुकदमें व जनपद देहरादून के थाना डोईवाला में भी 02 मुकदमें दर्ज हैं। बरामदगी के आधार पर आरोपी व बरामद मोटर साइकिलों को थाना सिड़कुल लाया गया व मुकदमों में धारा 317(2) BNS की बढ़ोतरी की गयी। आरोपी को आज ही बाद आवश्यक कार्रवाई कर मा0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। फरार चल रहे अन्य आरोपी की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। पकड़ा गया आरोपी- श्रवण पुत्र रमेश निवासी ग्राम दौलतपुर थाना बहादराबाद जनपद हरिद्वार उम्र 30 वर्ष। अपराधी इतिहास- 1- मु.अ.सं. 289/25 धारा 305(1) 317(2)331(4) 3(5) BNS चालानी थाना डोईवाला देहरादून । 2- मु.अ.सं. 312/25 धारा 305(1) 317(2)331(4) 3(5) BNS चालानी थाना उपरोक्त। 3- मु.अ.सं. 1220/24 धारा 309(5) 3(5) BNS चालानी थाना कोतवाली लक्सर हरिद्वार। 4- मु.अ.सं. 264/25 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट चालानी थाना कोतवाली लक्सर हरिद्वार । 5- मु.अ.सं. 1065/24 धारा 309(4)317(2) चालानी थाना लक्सर जनपद हरिद्वार। 6- मु.अ.सं. 541/25 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट व 309(4) 317(2) 3(5) 351(2) 352 BNS चालानी थाना बहादराबाद हरिद्वार। 7- मु.अ.सं. 05/26 धारा 303(2) 317(2)3(5)BNS चालानी थाना सिडकुल। 8- मु.अ.सं. 93/24 धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट चालानी थाना कलियर हरिद्वार । 9- मु.अ.सं. 1183/24 धारा 309(5) 317(2) BNS चालानी थाना कोतवाली लक्सर हरिद्वार। 10- मु.अ.सं. 1221/24 धारा 109(4) BNS व 3/25 शस्त्र अधि0 चालानी थाना कोतवाली लक्सर हरिद्वार। 11- मु.अ.सं. 729/20 धारा 394,411 भादवि चालानी थाना देवबन्द सहारनपुर उ0प्र0 । 12- मु.अ.सं. 730/20 धारा 394,411 भादवि चालानी थाना देवबन्द सहारनपुर उ0प्र0 । 13- मु.अ.सं. 904/20 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट चालानी थाना देवबन्द सहारनपुर उ0प्र0 । 14- मु.अ.सं. 325/20 धारा 394,411भादवि चालानी थाना देवबन्द सहारनपुर उ0प्र0 । कुल 09 मोटर साइकिल व 01 मोटर साइकिल के पार्ट्स पुलिस टीम- 1- थानाध्यक्ष अजय शाह 2- व0उ0नि0 प्रवीण बिष्ट 3- अ0उ0नि0 अनिल कुमार सैनी 4- हे0का0 जितेन्द्र मलिक 5- हे0का0 संजय 6- हे0का0 सोहन राणा 7- का0 प्रमोद गोस्वामी 8- का0 रिपेन्द्र कैन्तुरा 9- होमगार्ड आफताब मलिक1