शाहजहांपुर के मदनापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत गुमटा में स्थित पंचायत भवन अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं का केंद्र बन गया है, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, पंचायत भवन के कंप्यूटर कक्ष में कंप्यूटर ही उपलब्ध नहीं हैं, जबकि पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। पानी की टंकी जमीन पर रखी हुई है और परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके चलते आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने के लिए मदनापुर या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। पंचायत सहायक सुनील कुमार ने मीडिया को बताया कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को अपेक्षित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान करने और पंचायत भवन को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पंचायत भवन की व्यवस्थाओं में सुधार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
शाहजहांपुर के मदनापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत गुमटा में स्थित पंचायत भवन अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं का केंद्र बन गया है, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, पंचायत भवन के कंप्यूटर कक्ष में कंप्यूटर ही उपलब्ध नहीं हैं, जबकि पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। पानी की टंकी जमीन पर रखी हुई है और परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके चलते आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने के लिए मदनापुर या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। पंचायत सहायक सुनील कुमार ने मीडिया को बताया कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को अपेक्षित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान करने और पंचायत भवन को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पंचायत भवन की व्यवस्थाओं में सुधार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
- शाहजहांपुर के मदनापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत गुमटा में स्थित पंचायत भवन अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं का केंद्र बन गया है, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, पंचायत भवन के कंप्यूटर कक्ष में कंप्यूटर ही उपलब्ध नहीं हैं, जबकि पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। पानी की टंकी जमीन पर रखी हुई है और परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके चलते आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने के लिए मदनापुर या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। पंचायत सहायक सुनील कुमार ने मीडिया को बताया कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को अपेक्षित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान करने और पंचायत भवन को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पंचायत भवन की व्यवस्थाओं में सुधार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।1
- जनपद हरदोई के थाना कछौना क्षेत्रांतर्गत ग्राम चौरा और थाना बेनीगंज क्षेत्रांतर्गत ग्राम फत्तेपुर में 27 जून 2026 को दो लोगों ने अपने घरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान ग्राम चौरा निवासी 35 वर्षीय सरवन पुत्र जवाहर और ग्राम फत्तेपुर निवासी 20 वर्षीय कुंती पुत्री सोबरन के रूप में हुई है। सरवन शादीशुदा थे और उनके तीन बच्चे भी हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों शवों को मोर्चरी भिजवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अभी जारी है।1
- हरदोई जनपद के शाहाबाद कस्बे में तैनात आईपीएस आलोक राज नारायण ने एक दिव्यांग फरियादी के प्रति मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक ऐसी पहल की है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस की छवि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर असहाय और दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी पुलिस की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, एक दिव्यांग पीड़ित अपनी समस्या लेकर अपर पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचा था। फरियादी की शारीरिक स्थिति को देखते हुए, एएसपी आलोक राज नारायण ने औपचारिकता और पद की गरिमा से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आकर दिव्यांग पीड़ित का सम्मानपूर्वक स्वागत किया, उसे बैठने की व्यवस्था कराई और पूरी गंभीरता तथा धैर्य के साथ उसकी समस्या को सुना। पीड़ित की बात सुनने के बाद, आईपीएस आलोक राज नारायण ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, फरियादी को यह भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक सुना जाना और उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होना सुशासन की मूल भावना है, विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग, महिला एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आईपीएस आलोक राज नारायण की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की वास्तविक पहचान केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय का भरोसा देना भी है। क्षेत्र के लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ाते हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक दायित्वों के साथ संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शासन की छवि और अधिक सकारात्मक बनती है और प्रत्येक पीड़ित को यह विश्वास दिलाता है कि न्याय व्यवस्था उसके साथ खड़ी है।2
- हरदोई के समोधा बाजार में 26 जून 2026 को लगभग शाम 7 बजे एक तेज और लापरवाही से चलाई जा रही स्कॉर्पियो (UP32 JX 5152) ने आम बेच रहे अरुण पुत्र रामखेलावन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक अरुण दलेल नगर समोदा, थाना कछौना, हरदोई जनपद के निवासी थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो वाहन को कब्जे में ले लिया है। चालक आशीष दिवाकर पुत्र छत्रपाल, जो तियाराहार दलेलनगर समोदा, थाना कछौना, हरदोई जनपद का निवासी है, को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। वादी से मिली तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आवश्यक कार्यवाही प्रचलित है।1
- बरेली के देवरनियां थाना क्षेत्र में एक महिला ने गांव के ही एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने, गर्भपात कराने, सोने के आभूषण हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने देवरनियां थाने में प्रार्थना पत्र देते हुए इस मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, महिला का आरोप है कि कुछ वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात गांव निवासी कासिम उर्फ गुड्डू से हुई थी, जिसने उसे निकाह का भरोसा दिलाकर उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके दो तोला सोने के कुंडल और हार बेचकर पैसे अपने पास रख लिए। इतना ही नहीं, युवक ने महिला का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और इसी आधार पर लगातार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। महिला के गर्भवती होने पर आरोपी ने कथित रूप से गर्भनिरोधक दवाइयां खिलाकर उसका गर्भपात भी करा दिया। जब महिला को आरोपी की दूसरी शादी की जानकारी मिली और वह उसके घर पहुंची, तो आरोपी कासिम उर्फ गुड्डू और उसके परिजनों ने महिला के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि वह किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करती है, तो उसे जान से मार दिया जाएगा, जिसके बाद उसे घर से भगा दिया गया। इन सब गंभीर आरोपों के बाद, पीड़िता ने थाना देवरनियां पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।1
- हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र स्थित समोधा बाजार में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में आम बेच रहे एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को तत्काल कब्जे में ले लिया है और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे हुई। स्कॉर्पियो (UP32 JX 5152) का चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसने समोधा बाजार में आम बेच रहे अरुण, पुत्र रामखेलावन, निवासी दलेलनगर समोधा, थाना कछौना को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण अरुण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद, पुलिस ने स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में लिया और उसके चालक आशीष दिवाकर, पुत्र छत्रपाल, निवासी तियाराहार दलेलनगर समोधा, थाना कछौना को हिरासत में ले लिया। मृतक पक्ष की तहरीर के आधार पर कछौना थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने बताया है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।1
- पीलीभीत के थाना वांदा क्षेत्र में, एनडीआरएफ ने शारदा नहर में डूबी एक 19 वर्षीय युवती का शव लगभग 10 किलोमीटर दूर से बरामद किया है। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चले एक गहन सर्च ऑपरेशन के बाद यह शव पुलिस को सौंपा गया। युवती अपनी मां के साथ दवा लेने जा रही थी, जब नहर में सिक्का डालते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में गिर गई।1
- हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र के समोधा बाजार में 26 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे एक तेज और लापरवाही से चलाई जा रही स्कॉर्पियो ने आम बेच रहे एक व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान दलेल नगर समोदा थाना कछौना निवासी अरुण पुत्र रामखेलावन के रूप में हुई है। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो (संख्या UP32 JX 5152) को पुलिस ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में गाड़ी के चालक आशीष दिवाकर पुत्र छत्रपाल, जो तियाराहार दलेलनगर समोदा थाना कछौना का निवासी है, को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने वादी से मिली तहरीर के आधार पर स्थानीय थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1