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गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने मुहर्रम के त्यौहार के संबंध में पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। एसपी ने स्वयं पैदल रूट मार्च भी किया। गाज़ीपुर पुलिस प्रशासन मुहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजिया को लेकर विशेष रूप से सतर्क है और इसी क्रम में भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

5 hrs ago
user_Anubha tiwari
Anubha tiwari
गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने मुहर्रम के त्यौहार के संबंध में पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। एसपी ने स्वयं पैदल रूट मार्च भी किया। गाज़ीपुर पुलिस प्रशासन मुहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजिया को लेकर विशेष रूप से सतर्क है और इसी क्रम में भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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  • गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने मुहर्रम के त्यौहार के संबंध में पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। एसपी ने स्वयं पैदल रूट मार्च भी किया। गाज़ीपुर पुलिस प्रशासन मुहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजिया को लेकर विशेष रूप से सतर्क है और इसी क्रम में भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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    गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने मुहर्रम के त्यौहार के संबंध में पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। एसपी ने स्वयं पैदल रूट मार्च भी किया। गाज़ीपुर पुलिस प्रशासन मुहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजिया को लेकर विशेष रूप से सतर्क है और इसी क्रम में भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
    user_Anubha tiwari
    Anubha tiwari
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर जिले में स्थित कुचौरा गांव की हालत पिछले 4 से 5 सालों से जस की तस बनी हुई है। गांव की इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या यही 'स्वच्छ भारत' अभियान की वास्तविकता है।
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    उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर जिले में स्थित कुचौरा गांव की हालत पिछले 4 से 5 सालों से जस की तस बनी हुई है। गांव की इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या यही 'स्वच्छ भारत' अभियान की वास्तविकता है।
    user_Jay
    Jay
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा ₹5 लाख के इनाम की घोषणा या दिए गए किसी विवादित बयान को लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है। मामले में यह जोर दिया गया है कि यदि आवश्यक समझा जाए, तो कानून के अनुसार सभी जांच प्रक्रियाएँ अपनाई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में कानून सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप केवल ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए। जनता इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच और न्याय की अपेक्षा करती है।
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    हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा ₹5 लाख के इनाम की घोषणा या दिए गए किसी विवादित बयान को लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है। मामले में यह जोर दिया गया है कि यदि आवश्यक समझा जाए, तो कानून के अनुसार सभी जांच प्रक्रियाएँ अपनाई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

इस संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में कानून सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप केवल ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए। जनता इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच और न्याय की अपेक्षा करती है।
    user_Jitendra
    Jitendra
    Local News Reporter गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • शिक्षक मंत्री के सिस्टम को सीधे तौर पर विफल बताया गया है, और इस आशंका पर सवाल उठाया गया है कि क्या मंत्री स्वयं इस 'खेल' में लिप्त हैं। यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि सेना का उपयोग अपने व्यक्तिगत घोटालों को छिपाने की एक योजना प्रतीत होता है, जिससे भारतवर्ष को विदेश में चर्चा होने पर शर्मसार होना पड़ेगा। पोस्ट में इस बात पर कड़ी आपत्ति और शर्मिंदगी व्यक्त की गई है कि जिस सेना का मूल कार्य सरहदों की रक्षा करना है, अब उसे NEET परीक्षा के पेपरों की देखभाल (संचालन) करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसे 'कितनी शर्म की बात' बताते हुए, इस स्थिति को बेहद निंदनीय करार दिया गया है।
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    शिक्षक मंत्री के सिस्टम को सीधे तौर पर विफल बताया गया है, और इस आशंका पर सवाल उठाया गया है कि क्या मंत्री स्वयं इस 'खेल' में लिप्त हैं। यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि सेना का उपयोग अपने व्यक्तिगत घोटालों को छिपाने की एक योजना प्रतीत होता है, जिससे भारतवर्ष को विदेश में चर्चा होने पर शर्मसार होना पड़ेगा।

पोस्ट में इस बात पर कड़ी आपत्ति और शर्मिंदगी व्यक्त की गई है कि जिस सेना का मूल कार्य सरहदों की रक्षा करना है, अब उसे NEET परीक्षा के पेपरों की देखभाल (संचालन) करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसे 'कितनी शर्म की बात' बताते हुए, इस स्थिति को बेहद निंदनीय करार दिया गया है।
    user_खबर,, सबकी
    खबर,, सबकी
    Auditor राजपुर, बक्सर, बिहार•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम को भारत की सनातन आस्था का प्रतीक बताते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने दोहराया कि पहले ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है और रिपोर्ट आते ही कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि जो उन्होंने वादा किया था, उसे पूरा करते हुए 'दूध का दूध और पानी का पानी' करके रहेंगे, जिसका अर्थ है कि पूरी पारदर्शिता और न्याय के साथ हर बात स्पष्ट की जाएगी।
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    मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम को भारत की सनातन आस्था का प्रतीक बताते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने दोहराया कि पहले ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है और रिपोर्ट आते ही कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि जो उन्होंने वादा किया था, उसे पूरा करते हुए 'दूध का दूध और पानी का पानी' करके रहेंगे, जिसका अर्थ है कि पूरी पारदर्शिता और न्याय के साथ हर बात स्पष्ट की जाएगी।
    user_नवोदय वार्ता
    नवोदय वार्ता
    Newspaper publisher मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र में तैनात एक सिपाही ने अपनी मुस्तैदी और लोगों के प्रति अपने प्यार से सभी का दिल जीत लिया है। इस सिपाही की कर्तव्यनिष्ठा और स्नेहपूर्ण व्यवहार के कायल होकर लोग उसकी खूब तारीफ कर रहे हैं, जो खाकी वर्दी में इंसानियत की मिसाल पेश कर रहा है।
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    उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र में तैनात एक सिपाही ने अपनी मुस्तैदी और लोगों के प्रति अपने प्यार से सभी का दिल जीत लिया है। इस सिपाही की कर्तव्यनिष्ठा और स्नेहपूर्ण व्यवहार के कायल होकर लोग उसकी खूब तारीफ कर रहे हैं, जो खाकी वर्दी में इंसानियत की मिसाल पेश कर रहा है।
    user_Sadik Ahmad Journalist
    Sadik Ahmad Journalist
    Local News Reporter रसड़ा, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शुक्रवार को कमालपुर कस्बे में मोहर्रम का त्योहार पूरी शांति और सद्भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूसों में शामिल लोगों ने पारंपरिक मातम, नौहा और सीनाजनी करते हुए इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया, जिससे पूरा कमालपुर या हुसैन या हुसैन की गूंज से गूंज उठा। ताजिया जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। कमालपुर बाजार के नसीम अली, पप्पू अली, तसऊवर अली, बेचन प्रधान, इमरान अली और राजू सलमानी ने बताया कि इस वर्ष मोहर्रम के दौरान गांव के सभी लोगों ने मिलजुल कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के सहयोग को सराहनीय बताया। धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सभी गांवों में मोहर्रम के अवसर पर शांति और सद्भावना का माहौल देखने को मिला; प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की पूरी कोशिश की, और लोगों ने भी इसमें पूरा सहयोग किया। इस दौरान खेलकूद और करतबों का भी आयोजन किया गया, जिसमें ताजिया जुलूस में युवाओं ने अपने करतब दिखाए। अन्य समुदाय के युवाओं ने भी इस अवसर पर एकजुटता और भाईचारे का प्रदर्शन करते हुए मोहर्रम के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मोहर्रम के इस आयोजन को शांति और सद्भावना के माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई। इस मौके पर धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव, कमालपुर चौकी प्रभारी जयकरन सरोज, दयाराम यादव, हफीजुर्रहमान, राजेंद्र शर्मा, पत्रकार नीरज अग्रहरि, बीडीसी इमरान अली, नसीम अली, शाहिद जमाल उर्फ सोनू, मुख्तार अली, राजकुमार गुप्ता उर्फ पप्पू, इबरार अहमद, सोहराब अली, विमल शर्मा, पतालू अली, नियाजू अली, नौशाद अली, बेचन प्रधान, राजू सलमानी, तसउवर अली, छेदी अली, इस्तियाक अली, नुरूलहोदा, अख्तर अली, शहंशाह उर्फ छेदी और अफसार अहमद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    शुक्रवार को कमालपुर कस्बे में मोहर्रम का त्योहार पूरी शांति और सद्भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूसों में शामिल लोगों ने पारंपरिक मातम, नौहा और सीनाजनी करते हुए इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया, जिससे पूरा कमालपुर या हुसैन या हुसैन की गूंज से गूंज उठा।

ताजिया जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। कमालपुर बाजार के नसीम अली, पप्पू अली, तसऊवर अली, बेचन प्रधान, इमरान अली और राजू सलमानी ने बताया कि इस वर्ष मोहर्रम के दौरान गांव के सभी लोगों ने मिलजुल कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के सहयोग को सराहनीय बताया। धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सभी गांवों में मोहर्रम के अवसर पर शांति और सद्भावना का माहौल देखने को मिला; प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की पूरी कोशिश की, और लोगों ने भी इसमें पूरा सहयोग किया।

इस दौरान खेलकूद और करतबों का भी आयोजन किया गया, जिसमें ताजिया जुलूस में युवाओं ने अपने करतब दिखाए। अन्य समुदाय के युवाओं ने भी इस अवसर पर एकजुटता और भाईचारे का प्रदर्शन करते हुए मोहर्रम के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मोहर्रम के इस आयोजन को शांति और सद्भावना के माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई। इस मौके पर धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव, कमालपुर चौकी प्रभारी जयकरन सरोज, दयाराम यादव, हफीजुर्रहमान, राजेंद्र शर्मा, पत्रकार नीरज अग्रहरि, बीडीसी इमरान अली, नसीम अली, शाहिद जमाल उर्फ सोनू, मुख्तार अली, राजकुमार गुप्ता उर्फ पप्पू, इबरार अहमद, सोहराब अली, विमल शर्मा, पतालू अली, नियाजू अली, नौशाद अली, बेचन प्रधान, राजू सलमानी, तसउवर अली, छेदी अली, इस्तियाक अली, नुरूलहोदा, अख्तर अली, शहंशाह उर्फ छेदी और अफसार अहमद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_नीरज अग्रहरि
    नीरज अग्रहरि
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके बाहरी पहनावे या वेशभूषा से नहीं, बल्कि उसके आचरण और कर्मों से होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति साधु-संत का भेष धारण कर हिंसा, आतंक, नफरत या कानून-विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे कतई साधु नहीं माना जा सकता। स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे शब्दों में कहा, "जो साधु-संत के भेष में आतंकवादियों जैसा आचरण करेगा, वह साधु हो ही नहीं सकता, वह केवल आतंकवादी होगा।" उन्होंने धर्म के मूल उद्देश्य को मानवता, शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश देना बताया। उनके अनुसार, जो व्यक्ति धार्मिक वेशभूषा का दुरुपयोग कर समाज में भय, हिंसा या वैमनस्य फैलाने का प्रयास करता है, वह धर्म के साथ-साथ संत परंपरा दोनों को बदनाम करता है। मौर्य ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी अपराधी या हिंसक व्यक्ति का मूल्यांकन उसके धर्म, जाति या वेशभूषा के आधार पर नहीं, बल्कि उसके अपराध और आचरण के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध निष्पक्ष तथा कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। अंत में, उन्होंने समाज से भी सतर्क रहने का आह्वान किया, कि वे किसी व्यक्ति का सम्मान केवल उसके पहनावे के आधार पर न करें, बल्कि उसके चरित्र, व्यवहार और सामाजिक योगदान को महत्व दें।
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    अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके बाहरी पहनावे या वेशभूषा से नहीं, बल्कि उसके आचरण और कर्मों से होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति साधु-संत का भेष धारण कर हिंसा, आतंक, नफरत या कानून-विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे कतई साधु नहीं माना जा सकता।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने सीधे शब्दों में कहा, "जो साधु-संत के भेष में आतंकवादियों जैसा आचरण करेगा, वह साधु हो ही नहीं सकता, वह केवल आतंकवादी होगा।" उन्होंने धर्म के मूल उद्देश्य को मानवता, शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश देना बताया। उनके अनुसार, जो व्यक्ति धार्मिक वेशभूषा का दुरुपयोग कर समाज में भय, हिंसा या वैमनस्य फैलाने का प्रयास करता है, वह धर्म के साथ-साथ संत परंपरा दोनों को बदनाम करता है।

मौर्य ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी अपराधी या हिंसक व्यक्ति का मूल्यांकन उसके धर्म, जाति या वेशभूषा के आधार पर नहीं, बल्कि उसके अपराध और आचरण के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध निष्पक्ष तथा कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। अंत में, उन्होंने समाज से भी सतर्क रहने का आह्वान किया, कि वे किसी व्यक्ति का सम्मान केवल उसके पहनावे के आधार पर न करें, बल्कि उसके चरित्र, व्यवहार और सामाजिक योगदान को महत्व दें।
    user_Jitendra
    Jitendra
    Local News Reporter गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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