बप्पा के स्वागत में सजा मधुसूदनगढ़, गली-मोहल्लों से लेकर गांवों तक गूंजे जयकारे गणेश चतुर्थी पर विधि-विधान से हुई प्रतिमाओं की स्थापना, आकर्षक पंडालों में विराजे गणपति; बाजार में दिनभर रही चहल-पहल मधुसूदनगढ़। गणेश चतुर्थी के साथ ही मधुसूदनगढ़ में सोमवार को आस्था और उत्साह का रंग देखने को मिला। सुबह से ही कस्बे के अलग-अलग हिस्सों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित करने का सिलसिला शुरू हो गया। शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर गणपति बप्पा को अपने घरों में विराजमान किया। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं और बच्चों ने आकर्षक पंडाल तैयार कर गणेशोत्सव की शुरुआत की। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के दौरान कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आरती कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कस्बे के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी गणेशोत्सव को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। गांवों में भी सार्वजनिक समितियों द्वारा पंडाल तैयार कर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। प्रतिमा लेने बाजार पहुंचे श्रद्धालु गणेश चतुर्थी को लेकर मधुसूदनगढ़ का बाजार भी सुबह से ही गुलजार रहा। गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री, फूल-माला और सजावट का सामान खरीदने के लिए लोगों की आवाजाही बनी रही। बच्चों में गणपति की प्रतिमा घर ले जाने को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। कई परिवार शुभ मुहूर्त के अनुसार प्रतिमा लेकर घर पहुंचे और विधि-विधान से स्थापना की। पंडालों में होगी विशेष आरती कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में बनाए गए पंडालों में आगामी दिनों में नियमित आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम होंगे। गणेशोत्सव को लेकर समितियों ने पंडालों की आकर्षक सजावट के साथ रोशनी की भी व्यवस्था की है। दस दिवसीय उत्सव के दौरान शाम के समय पंडालों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। मोदक और मिठाइयों की बढ़ी बिक्री गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को प्रिय मोदक का विशेष महत्व होने के कारण मिठाई दुकानों पर भी इसकी मांग बढ़ी रही। दुकानदारों ने अलग-अलग स्वाद और आकार के मोदक तैयार किए हैं। श्रद्धालु पूजा सामग्री के साथ मोदक और अन्य मिठाइयां खरीदते नजर आए। गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही पूरे क्षेत्र में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजने लगे। बच्चों, युवाओं और महिलाओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
बप्पा के स्वागत में सजा मधुसूदनगढ़, गली-मोहल्लों से लेकर गांवों तक गूंजे जयकारे गणेश चतुर्थी पर विधि-विधान से हुई प्रतिमाओं की स्थापना, आकर्षक पंडालों में विराजे गणपति; बाजार में दिनभर रही चहल-पहल मधुसूदनगढ़। गणेश चतुर्थी के साथ ही मधुसूदनगढ़ में सोमवार को आस्था और उत्साह का रंग देखने को मिला। सुबह से ही कस्बे के अलग-अलग हिस्सों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित करने का सिलसिला शुरू हो गया। शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर गणपति बप्पा को अपने घरों में विराजमान किया। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं और बच्चों ने आकर्षक पंडाल तैयार कर गणेशोत्सव की शुरुआत की। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के दौरान कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आरती कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कस्बे के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी गणेशोत्सव को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। गांवों में भी सार्वजनिक समितियों द्वारा पंडाल तैयार कर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। प्रतिमा लेने बाजार पहुंचे श्रद्धालु गणेश चतुर्थी को लेकर मधुसूदनगढ़ का बाजार भी सुबह से ही गुलजार रहा। गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री, फूल-माला और सजावट का सामान खरीदने के लिए लोगों की आवाजाही बनी रही। बच्चों में गणपति की प्रतिमा घर ले जाने को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। कई परिवार शुभ मुहूर्त के अनुसार प्रतिमा लेकर घर पहुंचे और विधि-विधान से स्थापना की। पंडालों में होगी विशेष आरती कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में बनाए गए पंडालों में आगामी दिनों में नियमित आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम होंगे। गणेशोत्सव को लेकर समितियों ने पंडालों की आकर्षक सजावट के साथ रोशनी की भी व्यवस्था की है। दस दिवसीय उत्सव के दौरान शाम के समय पंडालों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। मोदक और मिठाइयों की बढ़ी बिक्री गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को प्रिय मोदक का विशेष महत्व होने के कारण मिठाई दुकानों पर भी इसकी मांग बढ़ी रही। दुकानदारों ने अलग-अलग स्वाद और आकार के मोदक तैयार किए हैं। श्रद्धालु पूजा सामग्री के साथ मोदक और अन्य मिठाइयां खरीदते नजर आए। गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही पूरे क्षेत्र में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजने लगे। बच्चों, युवाओं और महिलाओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
- motar saekal bhi nahi nika ti 108 bolate he to nahi ato agar kisi ko koch ho gya to rasta bi acha nhi he sarpanch ko bol bo bolta he ki kar denge lekin nhi karta gram jamal pur shironj ke pas1
- प्रेस नोट गौ सेवा के साथ मनाया डॉ. कोमल साईं कृति ने अपना जन्मदिन भोपाल, 13 सितंबर 2026। आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ी डॉ. कोमल साईं कृति ने अपना जन्मदिन एक अनूठे और सेवाभावी अंदाज़ में मनाया। उन्होंने 13 सितंबर को अपने जन्मदिन के अवसर पर अंकिता गौशाला, श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, लक्ष्मण नगर, दाना पानी रोड, भोपाल में गौ माताओं के लिए गौ भंडारा एवं छप्पन भोग का आयोजन किया। इस अवसर पर डॉ. कोमल साईं कृति ने स्वयं गौ माताओं को भोजन एवं भोग अर्पित किया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन केवल स्वयं की खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सेवा के माध्यम से इस दिन को सार्थक बनाने का अवसर है। डॉ. कोमल साईं कृति पिछले कई वर्षों से अपने जन्मदिन को सेवा, आध्यात्मिक साधना और समाजोपयोगी कार्यों के साथ मनाती आ रही हैं। उनका मानना है कि जरूरतमंदों की सेवा, गौ सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के माध्यम से जीवन में प्राप्त खुशियों को दूसरों के साथ बाँटना ही जन्मदिन मनाने का सबसे सुंदर तरीका है। उन्होंने कहा, “गौ सेवा मेरे लिए केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि ईश्वर की आराधना है। मैं चाहती हूँ कि मेरे जीवन का प्रत्येक शुभ अवसर किसी न किसी सेवा कार्य के लिए समर्पित हो।” गौशाला में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी गौ माताओं को भोग अर्पित किया और डॉ. कोमल साईं कृति को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। “गौ सेवा—ईश्वर सेवा” के संदेश के साथ यह जन्मदिन सेवा, श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव का सुंदर उदाहरण बना। प्रेस नोट गौ सेवा के साथ मनाया डॉ. कोमल साईं कृति ने अपना जन्मदिन भोपाल, 13 सितंबर 2026। आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ी डॉ. कोमल साईं कृति ने अपना जन्मदिन एक अनूठे और सेवाभावी अंदाज़ में मनाया। उन्होंने 13 सितंबर को अपने जन्मदिन के अवसर पर अंकिता गौशाला, श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, लक्ष्मण नगर, दाना पानी रोड, भोपाल में गौ माताओं के लिए गौ भंडारा एवं छप्पन भोग का आयोजन किया। इस अवसर पर डॉ. कोमल साईं कृति ने स्वयं गौ माताओं को भोजन एवं भोग अर्पित किया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन केवल स्वयं की खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सेवा के माध्यम से इस दिन को सार्थक बनाने का अवसर है। डॉ. कोमल साईं कृति पिछले कई वर्षों से अपने जन्मदिन को सेवा, आध्यात्मिक साधना और समाजोपयोगी कार्यों के साथ मनाती आ रही हैं। उनका मानना है कि जरूरतमंदों की सेवा, गौ सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के माध्यम से जीवन में प्राप्त खुशियों को दूसरों के साथ बाँटना ही जन्मदिन मनाने का सबसे सुंदर तरीका है। उन्होंने कहा, “गौ सेवा मेरे लिए केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि ईश्वर की आराधना है। मैं चाहती हूँ कि मेरे जीवन का प्रत्येक शुभ अवसर किसी न किसी सेवा कार्य के लिए समर्पित हो।” गौशाला में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी गौ माताओं को भोग अर्पित किया और डॉ. कोमल साईं कृति को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। “गौ सेवा—ईश्वर सेवा” के संदेश के साथ यह जन्मदिन सेवा, श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव का सुंदर उदाहरण बना।1
- कालिया खेड़ी में बारिश हार गई आस्था जीत गई " श्याम रानोलिया " **बारिश बरसती रही… अखाड़ा गरजता रहा! कालियाखेड़ी में बाबा रामदेव के भंडारे पर दिखा ऐसा शौर्य कि देखने वालों की नजरें थम गईं!** {स्वतंत्र इंडिया राजगढ़} राजगढ़ के सारंगपुर से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ एक धार्मिक आयोजन की नहीं हैं… **ये तस्वीरें हैं आस्था, जुनून और युवा शक्ति के उस संगम की, जिसने बारिश को भी मात दे दी!** मौका था ग्राम **कालियाखेड़ी में बाबा रामदेव के दसवें भंडारे** का… आसमान में बादल थे… बारिश लगातार बरस रही थी… लेकिन जमीन पर माहौल किसी जंग के मैदान से कम नहीं था! **महावीर अखाड़े के युवा मैदान में उतरे और शुरू हुआ शौर्य का जबरदस्त प्रदर्शन।** बारिश की बूंदें गिरती रहीं… अखाड़े के करतब चलते रहे… और हर शानदार प्रदर्शन के साथ गूंजते रहे जयकारे और तालियां! सबसे खास बात— इस आयोजन में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि **महिला और पुरुष भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।** आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंची युवा टीमों ने अपने हुनर और जोश से ऐसा समां बांधा कि हर कोई बस देखता ही रह गया। **बारिश कभी तेज हुई तो कभी धीमी… लेकिन कालियाखेड़ी के युवाओं का जोश एक पल के लिए भी कम नहीं हुआ।** ऐसा लगा जैसे आसमान से बारिश नहीं… **बाबा रामदेव के आशीर्वाद की बूंदें बरस रही हों, और नीचे धरती पर शौर्य की गाथा लिखी जा रही हो!** यह आयोजन सिर्फ भंडारा नहीं था… **यह गांव की एकता थी, युवाओं की ताकत थी और हमारी परंपरा की जीवंत तस्वीर थी।** और जब महिला, पुरुष और युवा एक साथ किसी आयोजन का हिस्सा बनें… तो समझिए आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं रहता— **वो पूरे समाज की पहचान बन जाता है!** कालियाखेड़ी में बारिश हार गई… आस्था जीत गई! बारिश थमती रही, लेकिन बाबा रामदेव की भक्ति और युवाओं का जोश नहीं थमा! :::4
- सागर SP अनुराग सुजानिया पर हर महीने 50 लाख रुपए वसूली का आरोप दिग्विजय सिंह की खुली चुनौती—‘हिम्मत है तो मानहानि का केस करो’ सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच अब पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि सागर में पुलिस व्यवस्था के नाम पर हर महीने करीब 50 लाख रुपए की कथित वसूली की जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से एसपी अनुराग सुजानिया को हटाने और मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से कराने की मांग की है। ‘आरोप गलत हैं तो मानहानि का केस करें’ दिग्विजय सिंह ने अपने आरोपों को लेकर एसपी अनुराग सुजानिया को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। दिग्विजय सिंह का कहना है कि वह अदालत में अपने आरोपों को साबित करने के लिए तैयार हैं। जहरीली शराब कांड के बाद और गरमाया मामला सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में सितंबर 2026 की शुरुआत में संदिग्ध जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ी और कई लोगों की मौत हुई। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और गिरफ्तारियां कीं। एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक पुलिस ने विशेष टीमें बनाकर कई स्थानों पर दबिश दी। इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस के कुछ अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों और पुलिस विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया था। 2024 की शिकायतों को लेकर भी सवाल दिग्विजय सिंह के कार्यालय की ओर से जारी किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में 2024 में भाजपा विधायक प्रदीप लारिया द्वारा सागर में अवैध शराब, जुआ और सट्टे पर रोक लगाने को लेकर पुलिस को लिखे पत्र का भी हवाला दिया गया। आरोप लगाया गया कि यदि इन शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो मौजूदा शराब कांड को रोका जा सकता था। अब सबसे बड़ा सवाल—आरोपों पर क्या होगा एक्शन? दिग्विजय सिंह के आरोपों के बाद अब सागर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है। सवाल यह है कि क्या एसपी अनुराग सुजानिया इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक जवाब देंगे? क्या वे दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करेंगे? या फिर सरकार इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराएगी? फिलहाल, 50 लाख रुपए प्रतिमाह वसूली का आरोप दिग्विजय सिंह द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। एसपी अनुराग सुजानिया या सागर पुलिस की ओर से इस विशेष आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर का दूसरा पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा1
- काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम। *काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम।* छबड़ा विधान सभाक्षेत्र:छीपाबड़ौद के सारथल:के निकट काकोनी ग्राम में गणेश चतुर्थी पर इतिहास और पर्यावरण प्रेमी दौलत राम नागर के नेतृत्व में सोमवार को दर्शनार्थियों का एक दल जिसमें दौलतराम नागर,दुर्गालाल नागर,राजेन्द्र कुशवाह,नन्दसिंह गुर्जर,पवन कुमार गोचर, लोकेश गुर्जर,रामदयाल नागर, मेघराज मेघवाल, महावीर नागर, रमेशचंद नागर,धन्नालाल मीणा,सुरेश कुशवाह,मुकेश कुशवाह सामिल रहे पहुंचा काकोनी।इस समय यहां ही नही गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के जन्मोत्सव पर पूरे हाड़ौती में भक्ति का माहौल है,लेकिन जिले के सबसे प्राचीन गणेश स्थल काकोनी में आस्था और उपेक्षा दोनों एक साथ दिखाई दे रही हैं।भ्रमण पर गये दल के सदस्यों ने भूगोल के सेवा निवृत व्याख्याता को काकोनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बारां जिले के छीपाबड़ौद से करीब 15 किलोमीटर दूर सारथल के पास परवन नदी के तट पर बसा काकोनी एक प्राचीन ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल है। यहां 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच बने शिव,वैष्णव और जैन शैली के दर्जनों खण्डहर,मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है काकोनी के गणेश जी का प्राचीन मंदिर, जिसे स्थानीय लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं।कहा जाता है कि परवन की कल-कल धारा के किनारे तपोभूमि रही इस नगरी में कभी 108 मंदिरों का समूह था।आज अधिकांश मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। यह स्थल पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, विभाग द्वारा देखरेख तो की जाती है, लेकिन बड़े स्तर पर संरक्षण और पुनरुद्धार की दरकार है। *गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व* पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। गणेश जी को प्रथम पूज्य, बुद्धि,समृद्धि और विघ्नहर्ता कहा गया है। इस दिन गणेश दर्शन और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विघ्न दूर होते हैं। मान्यता है कि काकोनी के इस प्राचीन गणेश की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है।आज के दिन यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। *पर्यटकों के लिए नहीं है कोई सुविधा* इतना महत्वपूर्ण स्थल होने के बाद भी यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए रहने,खाने-पीने,सोने की कोई सुविधा नहीं है।पहले यहां यात्रियों के लिए बनी भोजनशाला भी अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पीने के शुद्ध पानी और छाया तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता भी दुर्गम हो जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों की मांग है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग काकोनी को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करे।यदि यहां धर्मशाला,शौचालय,पेयजल और भोजनशाला की सुविधा पुनः शुरू की जाए, तो यह स्थल बारां का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सकता है। साथ ही प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों के वैज्ञानिक संरक्षण की भी आवश्यकता है।"काकोनी हाड़ौती की धरोहर है। गणेश चतुर्थी पर यहां का दर्शन विशेष फलदायी माना जाता है,लेकिन सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है दल के सभी सदस्यों ने मांग की है कि वर्तमान सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।"4
- गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित शाढ़ौरा। आगामी गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस पर्व को लेकर थाना परिसर शाढ़ौरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी सुनील सिकरवार ने कहा कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में वरिष्ठ छुट्टी लाल रघुवंशी, कांग्रेस नेता पप्पू हरवीर सिंह रघुवंशी, भाजपा नेता रामकृष्ण मंडल रघुवंशी, रईस खान पठान, सुरेश रघुवंशी सहित शांति समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित शाढ़ौरा। आगामी गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस पर्व को लेकर थाना परिसर शाढ़ौरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी सुनील सिकरवार ने कहा कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में वरिष्ठ छुट्टी लाल रघुवंशी, कांग्रेस नेता पप्पू हरवीर सिंह रघुवंशी, भाजपा नेता रामकृष्ण मंडल रघुवंशी, रईस खान पठान, सुरेश रघुवंशी सहित शांति समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- राजगढ़ एम पी माचलपुर में आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक सम्पन्न। माचलपुर पुलिस थाना परिसर में टी आई आदित्य सोनी द्वारा बैठक आयोजित की बैठक में लिए गए निर्णय। नगर में गणेश चतुर्थी पर स्थापित होने वाली भगवान गणेश जी की झांकियां पर परंपरागत तरीके से जहां-जहां पर बनाई जाएगी वहां की सुरक्षा और विसर्जन के समय सुरक्षा हेतु सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पवन मिश्रा,भाजपा मंडल अध्यक्ष अमिता मंडलोई नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि राहुल मालवीय नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि बलवंत सिंह गुर्जर नगर परिषद के पार्षद गण,नायब तहसीलदार प्रतिनिधि,विद्युत विभाग के प्रतिनिधि मुस्लिम समुदाय के सदर व प्रतिनिधि, विश्वहिंदू परिषद के प्रतिनिधि, पत्रकार गण सहित नगर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में गणेश चतुर्थी व डोल ग्यारस व भगवान देवनारायण छट आदि त्यौहारो को परंपरागत तरीके से मनाए जाने का फैसला लिया। डोल ग्यारस के दिन नगर के मध्य में जगह कम होने के कारण अखाड़े को पुराना झंडा चौक में अपना प्रदर्शन करने का स्थान देने का फैसला लिया गया। उसे दिन हाट बाजार होने के कारण अखाड़े की जगह को चूने की लाइन डालकर खाली रखा जाएगा ताकि अखाड़े अपना प्रदर्शन स्वतंत्र रूप से कर सकें। यह भी निर्देशित किया गया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के घातक व धारदार हथियार आदि का प्रदर्शन ना करें। साथ ही नगर परिषद को निर्देशित किया गया है कि किसी भी तरह के आवारा पशु सड़क पर ना दिखे। मूर्तिया विसर्जन के दिन सभी झांकियो की मूर्तियों को एकसाथ भूतियाबे डैम पर विसर्जित करने के लिए निर्देश दिए गए। नगर के बाजार व विसर्जन स्थल व रास्ते पर सुरक्षा हेतू नगर परिषद व पुलिस विभाग के सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। ऐसी ही खबरों के लिए देखते रहिए बीएसजी न्यूज़ ट्वेंटी फॉर की खबर, खबर को शेयर व चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।1
- छीपाबड़ौद में रही गणेश चतुर्थी की धूम, गणेश जी के दर्शन करने उमड़ा जनसैलाब छीपाबड़ौद में रही गणेश चतुर्थी की धूम, गणेश जी के दर्शन करने उमड़ा जनसैलाब छीपाबड़ौद / बारां जितेन्द्र कुशवाह छीपाबड़ौद कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर-घर में गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे। लोगों ने अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान श्री गणेश की मनमोहक प्रतिमाओं को विराजमान किया। *माँ बिजासन सेवा समिति, टगर* के तत्वावधान में इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया गया। समिति के सदस्य ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ गणेश जी की प्रतिमा को नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए लाए। इस दौरान *'गणपति बप्पा मोरया'* के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। चौराहे पर आकर्षक झांकी सजाई गई और पंडित द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गणेश जी की स्थापना की गई। स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने मोदक, लड्डू और फल-फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि और विघ्नहर्ता से मंगल की कामना की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने बारी-बारी से दर्शन कर आशीर्वाद लिया। समिति द्वारा आगामी दिनों में भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि टगर क्षेत्र में माँ बिजासन सेवा समिति द्वारा हर वर्ष गणेश उत्सव को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिसमें पूरे कस्बे की भागीदारी रहती है।4
- कलयुगी बेटे ने भैंस चोरी की झूठी कहानी रची पिता को किया घायल, राजगढ़ में भैंस चोरी की झूठी कहानी बनाकर पिता पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी पुत्र को मलावर पुलिस ने किया गिरफ्तार इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री के.एल. बंजारे के निर्देश पर थाना प्रभारी मलावर उप निरीक्षक रजनेश सिरोठिया द्वारा गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ग्राम पाडली गुसाई निवासी दीपक पुरी द्वारा थाना मलावर पर सूचना दी गई कि उसके घर में अज्ञात भैंस चोर भैंस चोरी करने के लिए आए थे। उसके पिता कमल पुरी द्वारा भैंस चोरी का विरोध करने पर अज्ञात चोरों ने उनके गले पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया है। *पुलिस जांच में झूठी निकली भैंस चोरी की कहानी* घटनास्थल के निरीक्षण, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, फॉरेंसिक एक्सपर्ट एवं तकनीकी डाटा के आधार पर घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस द्वारा घायल कमल पुरी के बड़े पुत्र दीपक पुरी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी दीपक पुरी द्वारा अपने पिता पर कुल्हाड़ी से हमला करना तथा घटना को भैंस चोरों द्वारा किए गए हमले का रूप देने के लिए झूठी कहानी बनाना स्वीकार किया गया। आरोपी द्वारा बताया गया कि घरेलू विवाद एवं पैसों की मांग को लेकर उसका अपने पिता से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते उसने घर में सो रहे अपने पिता कमल पुरी पर जान से मारने की नीयत से कुल्हाड़ी से वार किए। इसके बाद घटना को छिपाने के लिए भैंस चोरों द्वारा हमला किए जाने की झूठी सूचना डायल-112 पर दी गई। फरियादी रोहित पुरी की रिपोर्ट पर थाना मलावर में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी दीपक पुरी, निवासी ग्राम पाडली गुसाई, थाना मलावर, जिला राजगढ़ को गिरफ्तार किया गया है। घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी की बरामदगी हेतु आरोपी से पूछताछ एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1