काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम। *काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम।* छबड़ा विधान सभाक्षेत्र:छीपाबड़ौद के सारथल:के निकट काकोनी ग्राम में गणेश चतुर्थी पर इतिहास और पर्यावरण प्रेमी दौलत राम नागर के नेतृत्व में सोमवार को दर्शनार्थियों का एक दल जिसमें दौलतराम नागर,दुर्गालाल नागर,राजेन्द्र कुशवाह,नन्दसिंह गुर्जर,पवन कुमार गोचर, लोकेश गुर्जर,रामदयाल नागर, मेघराज मेघवाल, महावीर नागर, रमेशचंद नागर,धन्नालाल मीणा,सुरेश कुशवाह,मुकेश कुशवाह सामिल रहे पहुंचा काकोनी।इस समय यहां ही नही गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के जन्मोत्सव पर पूरे हाड़ौती में भक्ति का माहौल है,लेकिन जिले के सबसे प्राचीन गणेश स्थल काकोनी में आस्था और उपेक्षा दोनों एक साथ दिखाई दे रही हैं।भ्रमण पर गये दल के सदस्यों ने भूगोल के सेवा निवृत व्याख्याता को काकोनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बारां जिले के छीपाबड़ौद से करीब 15 किलोमीटर दूर सारथल के पास परवन नदी के तट पर बसा काकोनी एक प्राचीन ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल है। यहां 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच बने शिव,वैष्णव और जैन शैली के दर्जनों खण्डहर,मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है काकोनी के गणेश जी का प्राचीन मंदिर, जिसे स्थानीय लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं।कहा जाता है कि परवन की कल-कल धारा के किनारे तपोभूमि रही इस नगरी में कभी 108 मंदिरों का समूह था।आज अधिकांश मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। यह स्थल पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, विभाग द्वारा देखरेख तो की जाती है, लेकिन बड़े स्तर पर संरक्षण और पुनरुद्धार की दरकार है। *गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व* पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। गणेश जी को प्रथम पूज्य, बुद्धि,समृद्धि और विघ्नहर्ता कहा गया है। इस दिन गणेश दर्शन और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विघ्न दूर होते हैं। मान्यता है कि काकोनी के इस प्राचीन गणेश की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है।आज के दिन यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। *पर्यटकों के लिए नहीं है कोई सुविधा* इतना महत्वपूर्ण स्थल होने के बाद भी यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए रहने,खाने-पीने,सोने की कोई सुविधा नहीं है।पहले यहां यात्रियों के लिए बनी भोजनशाला भी अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पीने के शुद्ध पानी और छाया तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता भी दुर्गम हो जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों की मांग है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग काकोनी को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करे।यदि यहां धर्मशाला,शौचालय,पेयजल और भोजनशाला की सुविधा पुनः शुरू की जाए, तो यह स्थल बारां का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सकता है। साथ ही प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों के वैज्ञानिक संरक्षण की भी आवश्यकता है।"काकोनी हाड़ौती की धरोहर है। गणेश चतुर्थी पर यहां का दर्शन विशेष फलदायी माना जाता है,लेकिन सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है दल के सभी सदस्यों ने मांग की है कि वर्तमान सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।"
काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम। *काकोनी के प्राचीन गणपति का जयकारा, पर सुविधाओं के अभाव में बदहाल है आस्था का धाम।* छबड़ा विधान सभाक्षेत्र:छीपाबड़ौद के सारथल:के निकट काकोनी ग्राम में गणेश चतुर्थी पर इतिहास और पर्यावरण प्रेमी दौलत राम नागर के नेतृत्व में सोमवार को दर्शनार्थियों का एक दल जिसमें दौलतराम नागर,दुर्गालाल नागर,राजेन्द्र कुशवाह,नन्दसिंह गुर्जर,पवन कुमार गोचर, लोकेश गुर्जर,रामदयाल नागर, मेघराज मेघवाल, महावीर नागर, रमेशचंद नागर,धन्नालाल मीणा,सुरेश कुशवाह,मुकेश कुशवाह सामिल रहे पहुंचा काकोनी।इस समय यहां ही नही गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के जन्मोत्सव पर पूरे हाड़ौती में भक्ति का माहौल है,लेकिन जिले के सबसे प्राचीन गणेश स्थल काकोनी में आस्था और उपेक्षा दोनों एक साथ दिखाई दे रही हैं।भ्रमण पर गये दल के सदस्यों ने भूगोल
के सेवा निवृत व्याख्याता को काकोनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बारां जिले के छीपाबड़ौद से करीब 15 किलोमीटर दूर सारथल के पास परवन नदी के तट पर बसा काकोनी एक प्राचीन ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल है। यहां 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच बने शिव,वैष्णव और जैन शैली के दर्जनों खण्डहर,मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है काकोनी के गणेश जी का प्राचीन मंदिर, जिसे स्थानीय लोग बड़ी आस्था से पूजते हैं।कहा जाता है कि परवन की कल-कल धारा के किनारे तपोभूमि रही इस नगरी में कभी 108 मंदिरों का समूह था।आज अधिकांश मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। यह स्थल पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, विभाग द्वारा देखरेख तो की जाती है, लेकिन बड़े स्तर पर
संरक्षण और पुनरुद्धार की दरकार है। *गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व* पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। गणेश जी को प्रथम पूज्य, बुद्धि,समृद्धि और विघ्नहर्ता कहा गया है। इस दिन गणेश दर्शन और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विघ्न दूर होते हैं। मान्यता है कि काकोनी के इस प्राचीन गणेश की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है।आज के दिन यहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। *पर्यटकों के लिए नहीं है कोई सुविधा* इतना महत्वपूर्ण स्थल होने के बाद भी यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए रहने,खाने-पीने,सोने की कोई सुविधा नहीं है।पहले यहां यात्रियों के लिए बनी भोजनशाला भी अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी
है। पीने के शुद्ध पानी और छाया तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरसात में परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता भी दुर्गम हो जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों की मांग है कि प्रशासन और पुरातत्व विभाग काकोनी को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करे।यदि यहां धर्मशाला,शौचालय,पेयजल और भोजनशाला की सुविधा पुनः शुरू की जाए, तो यह स्थल बारां का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सकता है। साथ ही प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों के वैज्ञानिक संरक्षण की भी आवश्यकता है।"काकोनी हाड़ौती की धरोहर है। गणेश चतुर्थी पर यहां का दर्शन विशेष फलदायी माना जाता है,लेकिन सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है दल के सभी सदस्यों ने मांग की है कि वर्तमान सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।"
- अन्नपूर्णा रसोई में अचानक पहुंचे मंत्री दिलावर खुद चखा खाना_बारां_ @Bharat_news_24_baran #breakingnews #rajasthan #viral #kotanews #MadanDilawar अन्नपूर्णा रसोई में अचानक पहुंचे मंत्री दिलावर खुद चखा खाना_बारां_ @Bharat_news_24_baran #breakingnews #rajasthan #viral #kotanews #MadanDilawar1
- बप्पा के स्वागत में सजा मधुसूदनगढ़, गली-मोहल्लों से लेकर गांवों तक गूंजे जयकारे गणेश चतुर्थी पर विधि-विधान से हुई प्रतिमाओं की स्थापना, आकर्षक पंडालों में विराजे गणपति; बाजार में दिनभर रही चहल-पहल मधुसूदनगढ़। गणेश चतुर्थी के साथ ही मधुसूदनगढ़ में सोमवार को आस्था और उत्साह का रंग देखने को मिला। सुबह से ही कस्बे के अलग-अलग हिस्सों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित करने का सिलसिला शुरू हो गया। शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर गणपति बप्पा को अपने घरों में विराजमान किया। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं और बच्चों ने आकर्षक पंडाल तैयार कर गणेशोत्सव की शुरुआत की। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के दौरान कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आरती कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कस्बे के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी गणेशोत्सव को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। गांवों में भी सार्वजनिक समितियों द्वारा पंडाल तैयार कर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। प्रतिमा लेने बाजार पहुंचे श्रद्धालु गणेश चतुर्थी को लेकर मधुसूदनगढ़ का बाजार भी सुबह से ही गुलजार रहा। गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री, फूल-माला और सजावट का सामान खरीदने के लिए लोगों की आवाजाही बनी रही। बच्चों में गणपति की प्रतिमा घर ले जाने को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। कई परिवार शुभ मुहूर्त के अनुसार प्रतिमा लेकर घर पहुंचे और विधि-विधान से स्थापना की। पंडालों में होगी विशेष आरती कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में बनाए गए पंडालों में आगामी दिनों में नियमित आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम होंगे। गणेशोत्सव को लेकर समितियों ने पंडालों की आकर्षक सजावट के साथ रोशनी की भी व्यवस्था की है। दस दिवसीय उत्सव के दौरान शाम के समय पंडालों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। मोदक और मिठाइयों की बढ़ी बिक्री गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को प्रिय मोदक का विशेष महत्व होने के कारण मिठाई दुकानों पर भी इसकी मांग बढ़ी रही। दुकानदारों ने अलग-अलग स्वाद और आकार के मोदक तैयार किए हैं। श्रद्धालु पूजा सामग्री के साथ मोदक और अन्य मिठाइयां खरीदते नजर आए। गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही पूरे क्षेत्र में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजने लगे। बच्चों, युवाओं और महिलाओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।1
- अंतर विद्यालय प्रतियोगिता में कछियाथाना विद्यालय का दबदबा संस्था प्रधान विपिन कुमार जैन ने बताया कि पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना में प्रधानमंत्री स्कूल ऑफ राइजिंग इंडिया योजना के तहत एक दिवसीय अंतर विद्यालय प्रतियोगिता हुई। इसमें टांडा अहीरान, मझोला, कस्बाथाना सहराना व कछियाथाना के विद्यार्थियों ने भाग लिया। सामान्य ज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी अंत्याक्षरी, पर्यावरण, निबंध तथा गणित-विज्ञान क्विज प्रतियोगिताएं हुईं। खेल प्रतियोगिता में खो-खो के बालिका व बालक दोनों वर्गों में पीएमश्री कछियाथाना की टीम विजेता रही। विजेता-उपविजेता प्रतिभागियों को शील्ड तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जुगल किशोर शर्मा व प्रज्ञा दुबे ने किया।1
- कस्बे मे दिनांक 13 सितंबर 2026 रविवार को लोक देवता श्री बाबा रामदेव जी महाराज के 674 वे जन्मोत्सव के अवसर पर मेघवाल समाज अंता ने विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली | प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कलश यात्रा क्वासपुरा मे स्थित बाबा रामदेव मंदिर से पूजा अर्चना करने के बाद शुरू की गई जो शिवाजी चौक, पंचायत समिति रोड अस्पताल के रास्ते सिसवाली तिराहे से मुख्य बाजार होते हुऐ वापस क्वासपुरा मे रामदेव मंदिर पहुंची | कलश यात्रा का मार्ग मे अलग अलग सामाजिक संगठनो समाज सेवियों द्वारा पुष्प वर्षा करते हुऐ स्वागत सत्कार किया गया साथ ही ठंडा जल पिलाकर स्वागत किया गया | मेघवाल समाज द्वारा निकाले गये भव्य जुलुस एवं कलश यात्रा मे समाज के जनप्रतिनिधि गण, युवा बुजुर्ग कलश लेती महिलाऐ सहित अन्य शामिल रहे, कलश यात्रा का समापन प्रसाद वितरण के बाद किया गया,1
- बकानी। कस्बे में रविवार को कुशवाहा समाज की ओर से लव-कुश जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। बकानी। कस्बे में रविवार को कुशवाहा समाज की ओर से लव-कुश जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। लव-कुश भगवान के जन्मोत्सव के अवसर पर कुशवाहा समाज मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में आकर्षक झांकी सजाई गई, वहीं बैंड-बाजों और डीजे की धुन पर समाज के महिला-पुरुष एवं नवयुवक उत्साह के साथ शामिल हुए। शोभायात्रा कुशवाहा समाज मंदिर से प्रारंभ होकर सारोतिया मोहल्ला, भरजी इमली, पीपली चौराहा, पुराना थाना, अस्पताल रोड, नयापुरा, बस स्टैंड एवं माचलपुर रोड होते हुए पुनः कुशवाहा समाज मंदिर पहुंची। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं लोगों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। शोभायात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में महाआरती का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बारिश के बीच भी समाजजनों में उत्साह कम नहीं हुआ और लोगों ने बरसात का आनंद लेते हुए शोभायात्रा में भाग लिया। लव-कुश जयंती के अवसर पर कुशवाहा समाज के लोगों ने सुबह से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आयोजन में सहभागिता की।3
- भाजपा नेता के ठिकानों पर कॉमर्शियल टैक्स विभाग की रेड: पूर्व जिलाध्यक्ष के घर, ऑफिस और गोदाम पर एक साथ मारा छापा” बारां में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग के आवास, मुख्य कार्यालय और गोदाम पर वाणिज्यिक कर विभाग की टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। आवास पर वाणिज्यिक कर विभाग के साथ आयकर विभाग की टीम भी पहुंची थी। भाजपा नेता के ठिकानों पर कॉमर्शियल टैक्स विभाग की रेड: पूर्व जिलाध्यक्ष के घर, ऑफिस और गोदाम पर एक साथ मारा छापा” बारां में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग के आवास, मुख्य कार्यालय और गोदाम पर वाणिज्यिक कर विभाग की टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। आवास पर वाणिज्यिक कर विभाग के साथ आयकर विभाग की टीम भी पहुंची थी।1
- 17 सितंबर को बारां में शक्ति प्रदर्शन, किसानों को जुटाने की बनाई रणनीति समरानियां कस्बे के हनुमान मंदिर परिसर में भारतीय किसान संघ की बैठक केलवाड़ा तहसील अध्यक्ष राधेश्याम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 17 सितंबर को जिला केंद्र बारां पर होने वाले विशाल शक्ति प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा कर रणनीति बनाई गई। किसानों की समस्याओं और संगठन की मजबूती को लेकर विचार-विमर्श हुआ। जिला सदस्य माणक राठौर, तहसील प्रभारी संग्राम सिंह, प्रकाश गोस्वामी, अध्यक्ष शिवदयाल मेहता सहित पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। सभी ने अधिकाधिक किसानों को बारां पहुंचाने का संकल्प लिया।1
- गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित शाढ़ौरा। आगामी गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस पर्व को लेकर थाना परिसर शाढ़ौरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी सुनील सिकरवार ने कहा कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में वरिष्ठ छुट्टी लाल रघुवंशी, कांग्रेस नेता पप्पू हरवीर सिंह रघुवंशी, भाजपा नेता रामकृष्ण मंडल रघुवंशी, रईस खान पठान, सुरेश रघुवंशी सहित शांति समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित शाढ़ौरा। आगामी गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस पर्व को लेकर थाना परिसर शाढ़ौरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी सुनील सिकरवार ने कहा कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में वरिष्ठ छुट्टी लाल रघुवंशी, कांग्रेस नेता पप्पू हरवीर सिंह रघुवंशी, भाजपा नेता रामकृष्ण मंडल रघुवंशी, रईस खान पठान, सुरेश रघुवंशी सहित शांति समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- मक्सूदनगढ़ पुलिस जांच में जुटी करेला गांव के कुएं में मिला युवक का शव मक्सूदनगढ़ पुलिस जांच में जुटी करेला गांव के कुएं में मिला युवक का शव1