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शुक्रवार देर शाम शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज़ हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो देर रात तक रुक-रुक कर चलती रही। शाहाबाद कस्बे में यह बदलाव शुक्रवार को लगभग 8:00 बजे शुरू हुआ, जब तेज़ हवाएं चलने लगीं और कुछ ही देर में बूंदाबांदी होने लगी।
भुवनेश भार्गव
शुक्रवार देर शाम शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज़ हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो देर रात तक रुक-रुक कर चलती रही। शाहाबाद कस्बे में यह बदलाव शुक्रवार को लगभग 8:00 बजे शुरू हुआ, जब तेज़ हवाएं चलने लगीं और कुछ ही देर में बूंदाबांदी होने लगी।
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- शुक्रवार देर शाम शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज़ हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो देर रात तक रुक-रुक कर चलती रही। शाहाबाद कस्बे में यह बदलाव शुक्रवार को लगभग 8:00 बजे शुरू हुआ, जब तेज़ हवाएं चलने लगीं और कुछ ही देर में बूंदाबांदी होने लगी।2
- खानपुर नगर में शुक्रवार को समाजसेवी स्वर्गीय पारस कुमार जैन की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिजनों और मित्रों ने भीषण गर्मी और तीखी धूप को देखते हुए एक सराहनीय सेवा कार्य का आयोजन किया। मेगा हाईवे स्थित दहीखेड़ा चौराहा बस स्टॉप पर एक विशेष प्याऊ और छाछ-शरबत वितरण केंद्र स्थापित किया गया। इस पहल के तहत, वहाँ से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों और बस यात्रियों को ठंडी नमकीन छाछ तथा तरावट देने वाला नींबू का शरबत वितरित कर राहत पहुंचाई गई। दोपहर तक चले इस पुनीत आयोजन में करीब एक हजार लोगों ने छाछ और शरबत का आनंद लिया और इस परोपकारी कार्य की सराहना की। इस सेवा कार्य को सफल बनाने में जैन समाज के प्रतिनिधियों सहित नगर के कई गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन में महावीर जैन, नरेंद्र जैन, प्रियंक जैन, आशीष जैन, अतुल जैन और विशेष जैन ने व्यवस्थाएं संभालीं। इनके अतिरिक्त, गौशाला समिति के अध्यक्ष महावीर गौतम, एसीटीओ विमल कुमार जैन, सत्यप्रकाश कटारिया, भारत विकास परिषद के सचिव डॉ. देवी शंकर नागर, शिक्षक गोपाल वर्मा, प्रमोद अग्रवाल, अनिल गौतम, दिनेश सुमन, प्रेमनारायण त्रिगुणायत, मनोज गुर्जर, राजेंद्र कुमार मेहरा, रिंकू शर्मा, राकेश गुर्जर और मुकेश मीणा सहित कई प्रबुद्धजनों ने उपस्थित रहकर राहगीरों को शरबत वितरित किया और अपनी सेवाएं प्रदान कीं।1
- बारां जिले के छिपाबड़ौद में एक दुकान पर भस्त्रिका प्राणायाम किया गया।1
- बारां में 30 मई 2026 को उपवन संरक्षक के निर्देशों के पालन में वन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। क्षेत्रीय वन अधिकारी हेमेन्द्र शाक्यवाल के पर्यवेक्षण में सरकारी वाहन बोलेरो RJ 28 UA 1556 से इलाका ग्रस्त करते हुए चिंगारी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। यह कार्रवाई 29 मई 2026 को हुई एक घटना के बाद सामने आई है। कल रेंज छीपाबड़ौद से अवैध खनन, अवैध कटान और अवैध तेंदूपत्ता तोड़ाई की रोकथाम के लिए एक गश्ती दल भेजा गया था। इसी दौरान पीपलहेड़ा गांव में अवैध खननकर्ताओं और ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ी में तोड़फोड़ की और स्टाफ के साथ मारपीट भी की थी। आज की कार्रवाई में भी छीपाबड़ौद गश्ती दल का स्टाफ शामिल रहा, जिसने अवैध खनन के विरुद्ध पुनः एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया।3
- शुक्रवार को राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में जनप्रतिनिधि अधिकार संघर्ष समिति ने एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पंचायतराज मंत्री मदन दिलावर के नाम भिजवाया गया। समिति के जिलाध्यक्ष मास्टर प्रेमचंद मीना के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन का मुख्य मुद्दा निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और वार्ड पंचों को अधिकार विहीन होने के कारण आ रही समस्याओं पर केंद्रित था। संघर्ष समिति के तहसील अध्यक्ष मांगीलाल मीना और संयोजक रामजानकी केसरी ने बताया कि राजस्थान में 1 लाख से ज़्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधि आज तक अधिकार विहीन हैं। जनता से वोट लेकर जीतने के बाद भी वे वित्तीय अधिकारों के अभाव में अपने क्षेत्र में एक भी काम नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिला परिषद सदस्यों को प्रति वर्ष 20 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार दिया जाए, पंचायत समिति सदस्यों को 5 लाख रुपये और वार्ड पंचों को 1 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार मिले। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद सदस्यों को प्रति माह 10 हजार रुपये, पंचायत समिति सदस्यों को 5 हजार रुपये और वार्ड पंचों को 3 हजार रुपये का मानदेय देने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि जिला परिषद सदस्यों को क्षेत्र में जाने के लिए 8 दिन सरकारी गाड़ी और पंचायत समिति सदस्यों को 2 दिन के लिए सरकारी गाड़ी उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही, जिला मुख्यालय पर राजकीय आवास और सरकार की ओर से निशुल्क एंड्राइड मोबाइल दिए जाएं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मीना ने संबोधित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 41 जिला परिषदों में करीब 1 हजार सदस्य, 352 पंचायत समितियों में 6236 सदस्य और ग्राम पंचायतों में लगभग 1 लाख वार्ड पंच हैं। कड़ी मेहनत से चुनाव जीतने के बावजूद वित्तीय अधिकार न मिलने से वे जनता के लिए काम नहीं करवा पाते, जिससे पंचायत राज चुनाव 'विषहीन दंत' के समान हो गए हैं। समिति ने सरकार से पंचायतराज चुनाव से पहले वित्तीय अधिकार का प्रस्ताव पारित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अधिकार नहीं मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय प्रेमचंद मीना के साथ संघर्ष समिति के संरक्षक बनवारी मीणा सेतकोलू, महामंत्री राजदीप शर्मा पछाड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामसुंदर कुमावत नियाना, उपाध्यक्ष रामकल्याण मेहरा राई, प्रवक्ता गिरिराज मीणा आखाखेड़ी, ओबीसी भाजपा अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर बरसत, पूर्व सरपंच अर्जुन सोनी, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा, पूर्व ओबीसी भाजपा अध्यक्ष शिवनारायण नामदेव, पूर्व ओबीसी भाजपा महामंत्री मुकेश ढोढरिया, बद्रीसिंह गुर्जर पीथपुर, सोनू गुर्जर हरनावदा, परमानंद मालव, रामबल मीणा, बापुलाल मीणा, और अनारसिंह मीणा सहित कई अन्य उपस्थित थे।3
- राजस्थान के बारां जिले की किशनगंज तहसील के रानीबडौद गांव में जलदाय विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही के कारण पेयजल सप्लाई के मुख्य होद (टैंक) में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह से नलों को चालू किया जाता है, वहां जमीन के भीतर एक होद बना है जो हमेशा कूड़ा-कचरा और गंदे पानी से भरा रहता है। नल चालू करते या बंद करते समय पानी इसी होद से होकर बहता है, और जब पानी बंद किया जाता है, तब इस दूषित होद का गंदा पानी सीधे घरों के नलों में पहुँच जाता है। विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण होद की साफ-सफाई कभी नहीं कराए जाने के कारण, क्षेत्र के निवासियों को लगातार दूषित और अस्वच्छ पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।1
- राजस्थान के छिपाबड़ौद में एक दुकान पर 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का आयोजन किया गया।1
- Post by Dinesh saini1