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सरकारी जमीन पर दबंगों का दोबारा कब्जा, शिकायतकर्ता को जान का खतरा ।। खसरा नंबर 144 से हटाई गई सीमेंटेड खूंटियां; राजस्व टीम की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमणकारी । जानसठ । तहसील क्षेत्र के ग्राम नया गांव (मजरा भूम्मा) में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। राजस्व विभाग द्वारा साढ़े पांच साल पहले कब्जा मुक्त कराई गई ग्राम समाज की भूमि पर दबंगों ने दोबारा कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाई गई सीमेंटेड खूंटियों को भी उखाड़ फेंका गया है। अब इस मामले में शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी जानसठ को पत्र लिखकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया गांव निवासी नरेन्द्र गिरी पुत्र प्रकाश गिरी ने पूर्व में खसरा नंबर 144 की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 30 जून 2020 को तत्कालीन राजस्व टीम ने कानूनगो चरण सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की थी। उस समय लगभग 400 मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर विभाग द्वारा वहां 5 फीट की सीमेंटेड खूंटियां लगवा दी गई थीं। आरोप है कि गांव के ही दबंगों (धर्मवीर, धीरे पुत्रगण मांगे और शेखर पुत्र चतरपाल) ने कानून को ताक पर रखते हुए विभाग द्वारा लगाई गई खूंटियों को तोड़ दिया और कुछ को उखाड़कर ले गए। इसके बाद पूरी जमीन पर पुनः अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह भूमि ग्राम समाज के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आरक्षित है, जिस पर निजी स्वार्थ के चलते कब्जा किया गया है। पीड़ित नरेन्द्र गिरी ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने जब इस अवैध कब्जे का विरोध किया और अधिकारियों से शिकायत की, तो आरोपी पक्ष उन्हें जान-माल की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने भय व्यक्त किया है कि उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। शिकायतकर्ता नरेंद्र गीरी "प्रशासन ने एक बार जमीन खाली कराई थी, लेकिन दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने सरकारी खूंटियां उखाड़ दीं। अब मुझे अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।" ग्राम समाज की भूमि पर दोबारा कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है। नरेन्द्र गिरी ने मांग की है कि किसी सक्षम अधिकारी के नेतृत्व में पुनः टीम गठित कर खाता संख्या 144 को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई की जाए।

1 hr ago
user_मो फरीद अंसारी
मो फरीद अंसारी
पत्रकार जानसठ, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सरकारी जमीन पर दबंगों का दोबारा कब्जा, शिकायतकर्ता को जान का खतरा ।। खसरा नंबर 144 से हटाई गई सीमेंटेड खूंटियां; राजस्व टीम की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमणकारी । जानसठ । तहसील क्षेत्र के ग्राम नया गांव (मजरा भूम्मा) में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। राजस्व विभाग द्वारा साढ़े पांच साल पहले कब्जा मुक्त कराई गई ग्राम समाज की भूमि पर दबंगों ने दोबारा कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाई गई सीमेंटेड खूंटियों को भी उखाड़ फेंका गया है। अब इस मामले में शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी जानसठ को पत्र लिखकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया गांव निवासी नरेन्द्र गिरी पुत्र प्रकाश गिरी ने पूर्व में खसरा नंबर 144 की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 30 जून 2020 को तत्कालीन राजस्व टीम ने कानूनगो चरण सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की थी। उस समय लगभग 400 मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर विभाग द्वारा वहां 5 फीट की सीमेंटेड खूंटियां लगवा दी गई थीं। आरोप है कि गांव के ही दबंगों (धर्मवीर, धीरे पुत्रगण मांगे और शेखर पुत्र चतरपाल) ने कानून को ताक पर रखते हुए विभाग द्वारा लगाई गई खूंटियों को तोड़ दिया और कुछ को उखाड़कर ले गए। इसके बाद पूरी जमीन पर पुनः अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह भूमि ग्राम समाज के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आरक्षित है, जिस पर निजी स्वार्थ के चलते कब्जा किया गया है। पीड़ित नरेन्द्र गिरी ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने जब इस अवैध कब्जे का विरोध किया और अधिकारियों से शिकायत की, तो आरोपी पक्ष उन्हें जान-माल की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने भय व्यक्त किया है कि उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। शिकायतकर्ता नरेंद्र गीरी "प्रशासन ने एक बार जमीन खाली कराई थी, लेकिन दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने सरकारी खूंटियां उखाड़ दीं। अब मुझे अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।" ग्राम समाज की भूमि पर दोबारा कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है। नरेन्द्र गिरी ने मांग की है कि किसी सक्षम अधिकारी के नेतृत्व में पुनः टीम गठित कर खाता संख्या 144 को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई की जाए।

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  • सदर तहसील पर 5वें दिन भी भाकियू तोमर का धरना जारी, 22 फरवरी को प्रधानमंत्री के मेरठ दौरे में काले झंडे दिखाने की चेतावनी
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    सदर तहसील पर 5वें दिन भी भाकियू तोमर का धरना जारी, 22 फरवरी को प्रधानमंत्री के मेरठ दौरे में काले झंडे दिखाने की चेतावनी
    user_Vijay rathi
    Vijay rathi
    पत्रकार जानसठ, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सरकारी जमीन पर दबंगों का दोबारा कब्जा, शिकायतकर्ता को जान का खतरा ।। खसरा नंबर 144 से हटाई गई सीमेंटेड खूंटियां; राजस्व टीम की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमणकारी । जानसठ । तहसील क्षेत्र के ग्राम नया गांव (मजरा भूम्मा) में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। राजस्व विभाग द्वारा साढ़े पांच साल पहले कब्जा मुक्त कराई गई ग्राम समाज की भूमि पर दबंगों ने दोबारा कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाई गई सीमेंटेड खूंटियों को भी उखाड़ फेंका गया है। अब इस मामले में शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी जानसठ को पत्र लिखकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया गांव निवासी नरेन्द्र गिरी पुत्र प्रकाश गिरी ने पूर्व में खसरा नंबर 144 की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 30 जून 2020 को तत्कालीन राजस्व टीम ने कानूनगो चरण सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की थी। उस समय लगभग 400 मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर विभाग द्वारा वहां 5 फीट की सीमेंटेड खूंटियां लगवा दी गई थीं। आरोप है कि गांव के ही दबंगों (धर्मवीर, धीरे पुत्रगण मांगे और शेखर पुत्र चतरपाल) ने कानून को ताक पर रखते हुए विभाग द्वारा लगाई गई खूंटियों को तोड़ दिया और कुछ को उखाड़कर ले गए। इसके बाद पूरी जमीन पर पुनः अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह भूमि ग्राम समाज के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आरक्षित है, जिस पर निजी स्वार्थ के चलते कब्जा किया गया है। पीड़ित नरेन्द्र गिरी ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने जब इस अवैध कब्जे का विरोध किया और अधिकारियों से शिकायत की, तो आरोपी पक्ष उन्हें जान-माल की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने भय व्यक्त किया है कि उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। शिकायतकर्ता नरेंद्र गीरी "प्रशासन ने एक बार जमीन खाली कराई थी, लेकिन दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने सरकारी खूंटियां उखाड़ दीं। अब मुझे अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।" ग्राम समाज की भूमि पर दोबारा कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है। नरेन्द्र गिरी ने मांग की है कि किसी सक्षम अधिकारी के नेतृत्व में पुनः टीम गठित कर खाता संख्या 144 को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई की जाए।
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    सरकारी जमीन पर दबंगों का दोबारा कब्जा, शिकायतकर्ता को जान का खतरा ।।
खसरा नंबर 144 से हटाई गई सीमेंटेड खूंटियां; राजस्व टीम की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमणकारी ।
जानसठ । तहसील क्षेत्र के ग्राम नया गांव (मजरा भूम्मा) में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। राजस्व विभाग द्वारा साढ़े पांच साल पहले कब्जा मुक्त कराई गई ग्राम समाज की भूमि पर दबंगों ने दोबारा कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाई गई सीमेंटेड खूंटियों को भी उखाड़ फेंका गया है। अब इस मामले में शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी  जानसठ को पत्र लिखकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,  नया गांव निवासी नरेन्द्र गिरी पुत्र प्रकाश गिरी ने पूर्व में खसरा नंबर 144 की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 30 जून 2020 को तत्कालीन राजस्व टीम ने कानूनगो चरण सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की थी। उस समय लगभग 400 मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर विभाग द्वारा वहां 5 फीट की सीमेंटेड खूंटियां लगवा दी गई थीं। आरोप है कि गांव के ही दबंगों (धर्मवीर, धीरे पुत्रगण मांगे और शेखर पुत्र चतरपाल) ने कानून को ताक पर रखते हुए विभाग द्वारा लगाई गई खूंटियों को तोड़ दिया और कुछ को उखाड़कर ले गए। इसके बाद पूरी जमीन पर पुनः अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह भूमि ग्राम समाज के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आरक्षित है, जिस पर निजी स्वार्थ के चलते कब्जा किया गया है। पीड़ित नरेन्द्र गिरी ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने जब इस अवैध कब्जे का विरोध किया और अधिकारियों से शिकायत की, तो आरोपी पक्ष उन्हें जान-माल की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने भय व्यक्त किया है कि उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है।
शिकायतकर्ता नरेंद्र गीरी
"प्रशासन ने एक बार जमीन खाली कराई थी, लेकिन दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने सरकारी खूंटियां उखाड़ दीं। अब मुझे अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।"
ग्राम समाज की भूमि पर दोबारा कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है। नरेन्द्र गिरी ने मांग की है कि किसी सक्षम अधिकारी के नेतृत्व में पुनः टीम गठित कर खाता संख्या 144 को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई की जाए।
    user_मो फरीद अंसारी
    मो फरीद अंसारी
    पत्रकार जानसठ, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुजफ्फरनगर। गांव नरा में किसान यूनियन का एक नेता बिजली विभाग की टीम से अभद्रता करते हुए नजर आया। बताया जा रहा है कि नेता ने टीम को वहां से चले जाने की धमकी दी और कहा कि नहीं माने तो उन्हें बंद कर देगा। जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम गांव में चेकिंग अभियान और बकायेदारों से बिल जमा कराने पहुंची थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।।
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    मुजफ्फरनगर। गांव नरा में किसान यूनियन का एक नेता बिजली विभाग की टीम से अभद्रता करते हुए नजर आया।
बताया जा रहा है कि नेता ने टीम को वहां से चले जाने की धमकी दी और कहा कि नहीं माने तो उन्हें बंद कर देगा।
जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम गांव में चेकिंग अभियान और बकायेदारों से बिल जमा कराने पहुंची थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।।
    user_Shafeek Rajput Jila sangathan
    Shafeek Rajput Jila sangathan
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    45 min ago
  • मुजफ्फरनगर। गांव नरा में किसान यूनियन का एक नेता बिजली विभाग की टीम से अभद्रता करते हुए नजर आया। बताया जा रहा है कि नेता ने टीम को वहां से चले जाने की धमकी दी और कहा कि नहीं माने तो उन्हें बंद कर देगा। जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम गांव में चेकिंग अभियान और बकायेदारों से बिल जमा कराने पहुंची थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।।
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    मुजफ्फरनगर। गांव नरा में किसान यूनियन का एक नेता बिजली विभाग की टीम से अभद्रता करते हुए नजर आया।
बताया जा रहा है कि नेता ने टीम को वहां से चले जाने की धमकी दी और कहा कि नहीं माने तो उन्हें बंद कर देगा।
जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम गांव में चेकिंग अभियान और बकायेदारों से बिल जमा कराने पहुंची थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।।
    user_Satish Kumar Sharma
    Satish Kumar Sharma
    Local News Reporter मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बिग न्यूज सीतापुर के एक मास्टरजी ने गर्लफ्रैंड पाल ली. बीबी को शक था सो बीबी ने मास्टरजी की रेकी शुरू की. मास्टरजी गर्लफ्रेंड के साथ बाजार में रंगेहाथ धरे गये. फिर बीच चौराहे पर मास्टरजी की बीबी ने पिटाई की. मास्टरजी की गर्लफ्रेंड भी मास्टरनी निकली है...*
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    बिग न्यूज 
सीतापुर के एक मास्टरजी ने गर्लफ्रैंड पाल ली. बीबी को शक था सो बीबी ने मास्टरजी की रेकी शुरू की. मास्टरजी गर्लफ्रेंड के साथ बाजार में रंगेहाथ धरे गये. फिर बीच चौराहे पर मास्टरजी की बीबी ने पिटाई की. मास्टरजी की गर्लफ्रेंड भी मास्टरनी निकली है...*
    user_Fareed Ahmad
    Fareed Ahmad
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • -क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया बहन का फर्ज, अज्ञात शव की बहन बनकर दी सम्मानजनक अंतिम विदाई मुजफ्फरनगर। जनपद में मानवता की मिशाल बनने वाली “लावारिसों की वारिस” के नाम से पहचानी जाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक बार फिर अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी। थाना फुगाना क्षेत्र से पुलिस कर्मियों द्वारा सूचना मिलते ही शालू सैनी बिना देर किए मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना भाई मानते हुए पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बताया गया कि थाना फुगाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पहचान न हो पाने के कारण शव लावारिस की श्रेणी में आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने समाजसेवी शालू सैनी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना नाम देकर उसकी बहन बनकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। श्मशान घाट पर उपस्थित लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब शालू सैनी ने मृतक को भाई मानकर अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि “कोई भी इंसान इस दुनिया से बेनाम और बेसहारा न जाए, यही मेरा प्रयास है। जब तक सांस है, तब तक इस सेवा कार्य को जारी रखूंगी।” गौरतलब है कि शालू सैनी पिछले कई वर्षों से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत लगभग सभी धर्मों के लावारिस व बेसहारा शवों का उनके धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करती आ रही हैं। ओर अब तक करीब 6000 से अधिक अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन वो अपने हाथों से कर चुकी है समाज में जहां लोग अपने रिश्तों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग मानवता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। पूरे देश में उनके इस सेवा भाव की सर्वत्र सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज को जोड़ने और इंसानियत को जीवित रखने का संदेश देते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी उनके सहयोग और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है। आज के दौर में, जब रिश्ते स्वार्थ के तराजू पर तौले जाते हैं, वहां क्रांतिकारी शालू सैनी का यह कदम साबित करता है कि मानवता अभी जिंदा है और जब तक ऐसे लोग समाज में हैं, कोई भी लावारिस नहीं नहीं जाएगा उन्होंने जनता से अपील भी की है कि अंतिम संस्कार की सेवा में उनकी मदद जरूर करे ताकि हर मृतक को लगा नसीब हो सके संपर्क क्रांतिकारी शालू सैनी
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    -क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया बहन का फर्ज, अज्ञात शव की  बहन बनकर दी सम्मानजनक अंतिम विदाई
मुजफ्फरनगर। जनपद में मानवता की मिशाल बनने वाली “लावारिसों की वारिस” के नाम से पहचानी जाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक बार फिर अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी। थाना फुगाना क्षेत्र से पुलिस कर्मियों द्वारा सूचना मिलते ही शालू सैनी बिना देर किए मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना भाई मानते हुए पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया
बताया गया कि थाना फुगाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पहचान न हो पाने के कारण शव लावारिस की श्रेणी में आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने समाजसेवी शालू सैनी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना नाम देकर उसकी बहन बनकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। श्मशान घाट पर उपस्थित लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब शालू सैनी ने मृतक को भाई मानकर अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि “कोई भी इंसान इस दुनिया से बेनाम और बेसहारा न जाए, यही मेरा प्रयास है। जब तक सांस है, तब तक इस सेवा कार्य को जारी रखूंगी।” गौरतलब है कि शालू सैनी  पिछले कई वर्षों से  हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत लगभग सभी धर्मों के लावारिस व बेसहारा शवों का उनके धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करती आ रही  हैं। ओर अब तक करीब 6000 से अधिक अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन वो अपने हाथों से कर चुकी है समाज में जहां लोग अपने रिश्तों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग मानवता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। पूरे देश  में उनके इस सेवा भाव की सर्वत्र सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज को जोड़ने और इंसानियत को जीवित रखने का संदेश देते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी उनके सहयोग और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है। आज के दौर में, जब रिश्ते स्वार्थ के तराजू पर तौले जाते हैं, वहां क्रांतिकारी शालू सैनी का यह कदम साबित करता है कि मानवता अभी जिंदा है और जब तक ऐसे लोग समाज में हैं, कोई भी लावारिस नहीं नहीं जाएगा उन्होंने जनता से अपील भी की है कि अंतिम संस्कार की सेवा में उनकी मदद जरूर करे ताकि हर मृतक को लगा नसीब हो सके संपर्क क्रांतिकारी शालू सैनी
    user_Mohit Kumar Gurjar
    Mohit Kumar Gurjar
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। ऊर्जा विभाग ने राज्य के बिजली निगमों में 2005 पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें जूनियर इंजीनियर के 869, जूनियर अकाउंटेंट के 371 और कॉमर्शियल असिस्टेंट द्वितीय के 765 पद शामिल हैं। भर्ती राजस्थान विद्युत उत्पादन, प्रसारण निगम और जयपुर, अजमेर, जोधपुर डिस्कॉम में होगी। इससे युवाओं को अवसर और विभाग को स्टाफ की कमी से राहत मिलेगी।
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    सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। ऊर्जा विभाग ने राज्य के बिजली निगमों में 2005 पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें जूनियर इंजीनियर के 869, जूनियर अकाउंटेंट के 371 और कॉमर्शियल असिस्टेंट द्वितीय के 765 पद शामिल हैं। भर्ती राजस्थान विद्युत उत्पादन, प्रसारण निगम और जयपुर, अजमेर, जोधपुर डिस्कॉम में होगी। इससे युवाओं को अवसर और विभाग को स्टाफ की कमी से राहत मिलेगी।
    user_Kapil Dehuliya
    Kapil Dehuliya
    Job Bijnor, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर- क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत मुजफ्फरनगर पहुंचे, यूजीसी रोलबैक के नारे के साथ प्रशासन को सौंपा ज्ञापन! राज शेखावत ने कहा यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 को वापस करवाने के लिए स्वर्ण समाज समन्वय समिति का गठन किया गया है, अगर सरकार यूजीसी वापस नहीं लगी तो इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे विकल्प बहुत है!!
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    मुजफ्फरनगर- क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत मुजफ्फरनगर पहुंचे, यूजीसी रोलबैक के नारे के साथ  प्रशासन को सौंपा ज्ञापन!
राज शेखावत ने कहा यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 को वापस करवाने के लिए स्वर्ण समाज समन्वय समिति का गठन किया गया है, अगर सरकार यूजीसी वापस नहीं लगी तो इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे विकल्प बहुत है!!
    user_Vijay rathi
    Vijay rathi
    पत्रकार जानसठ, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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