सीहोर जिले के जावर थाना पुलिस ने 15 जून 2026 को अवैध रूप से संग्रहित सागौन लकड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बरछापूरा में एक अवैध भंडारगृह पर छापा मारा, जहाँ से लगभग 40 छोटी-बड़ी सागौन की सिल्ली जब्त की गईं। प्रारंभिक जाँच में इन लकड़ियों के वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लकड़ी को जब्त कर लिया। पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा एवं ज़ब्ती की कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त की गई सागौन लकड़ी को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है। अब वन विभाग इस मामले की विस्तृत जाँच कर आगे की कार्रवाई करेगा। जावर थाना पुलिस ने क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि वन संपदा की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही वन संपदा की रक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
सीहोर जिले के जावर थाना पुलिस ने 15 जून 2026 को अवैध रूप से संग्रहित सागौन लकड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बरछापूरा में एक अवैध भंडारगृह पर छापा मारा, जहाँ से लगभग 40 छोटी-बड़ी सागौन की सिल्ली जब्त की गईं। प्रारंभिक जाँच में इन लकड़ियों के वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लकड़ी को जब्त कर लिया। पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा एवं ज़ब्ती की कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त
की गई सागौन लकड़ी को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है। अब वन विभाग इस मामले की विस्तृत जाँच कर आगे की कार्रवाई करेगा। जावर थाना पुलिस ने क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि वन संपदा की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही वन संपदा की रक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
- नगर स्थित प्राचीन माँ पार्वती धाम गौशाला में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर गौसेवा, गो-ग्रास और दान-पुण्य का विशेष आयोजन किया गया। सुबह से ही नगर के गौसेवक, दानदाता और श्रद्धालु गौशाला पहुँचकर गौ माताओं को हरी चरी, हरी सब्जियाँ, सुदाना पशु आहार, गुड़, लापसी और अन्य पौष्टिक सामग्री अपने हाथों से खिलाते रहे। पूरे दिन गौशाला परिसर में गौभक्ति और सेवा का एक अनुपम वातावरण बना रहा। इस पुण्य अवसर पर पत्रकार कमल पांचाल और उनके परिवार ने हरी चरी के पुले एवं सुदाना पशु आहार गौ माताओं को अर्पित किया। माँ पार्वती धाम गौशाला समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती किरण दीदी, जितेन्द्र जी एवं रुपेश जी परिवार ने ₹250 मूल्य की हरी सब्जी, हरी चरी एवं पशु आहार की व्यवस्था की। वहीं, बीकानेर मिष्ठान भंडार के प्रोपराइटर भोमा महाराज ने गौ माताओं को शुद्ध घी का हलवा एवं पौष्टिक आहार खिलाया। स्वर्गीय श्रीमती आशा देवी वोहरा की पुण्य स्मृति में श्री आलोक वोहरा एवं श्री शेखर वोहरा परिवार द्वारा प्रतिमाह अमावस्या पर होने वाली सेवा परंपरा का निर्वहन करते हुए गौ माताओं को लापसी, गुड़ एवं सुदाना पशु आहार अर्पित किया गया। इसी क्रम में श्री महेंद्र ठाकुर ने गौ माताओं के आहार हेतु ₹140 का सहयोग दिया। श्री सुरेश डोंगरे ने अपनी पूजनीय माताजी की पुण्यतिथि गौशाला में गौ माताओं को गो-ग्रास खिलाकर मनाई और गौशाला निर्माण हेतु ₹1100 की सहयोग राशि भेंट की। समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती कविता दीदी के परिवार द्वारा 100 हरी घास के पुले गौ माताओं को अर्पित किए गए। श्री अंकुर वनवट ने परिवार सहित गौशाला पहुँचकर गौसेवा एवं पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जबकि श्री मनोज रुनवाल ने अपनी धर्मपत्नी एवं बच्चों के साथ गौशाला पहुँचकर गौ माताओं को गुड़, हलवा, हरी सब्जी एवं पशु आहार खिलाया। श्री कृष्ण शर्मा ने अपने मित्रों के साथ पहुँचकर ₹500 मूल्य की हरी घास, हरी चरी एवं सुदाना पशु आहार गौ माताओं को समर्पित किया। नगर के वरिष्ठ समाजसेवी श्री आलोक वोहरा एवं श्री शेखर वोहरा द्वारा पुनः गौ माताओं के आहार हेतु ₹1551 की सहयोग राशि माँ पार्वती धाम गौशाला समिति अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद) को प्रदान की गई। गौशाला समिति ने सभी दानदाताओं एवं गौसेवकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इसी अवसर पर सकल हिंदू समाज के मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री राजीव गुप्ता एवं श्रीमती उर्मिला गुप्ता ने अपनी वैवाहिक वर्षगाँठ माँ पार्वती धाम गौशाला में गौ माता का पूजन-अर्चन कर एवं गो-ग्रास खिलाकर श्रद्धापूर्वक मनाई। श्री गुप्ता ने विवाह वर्षगाँठ जैसे पारिवारिक उत्सव को गौसेवा से जोड़कर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायी संदेश प्रस्तुत किया। इस दौरान सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा (पूर्व पार्षद), संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, सह सचिव प्रेम नारायण जायसवाल, प्रचार मंत्री अचल किरार, मांगीलाल सिसोदिया, विशेष सहयोगी महेश राठी, गौशाला समिति कोषाध्यक्ष संजय सुराणा, संरक्षक प्रेम नारायण शर्मा, हरिनारायण शर्मा, सुनील कचनेरिया एडवोकेट, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण भुरू मुकाती, पूर्व पार्षद निलेश खंडेलवाल, राम मंदिर समिति अध्यक्ष गोविंद सोनी, मुकेश ताम्रकार, कमल बैरागी, मनोहर बैरागी, गुरुचरण परमार, मोहित सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। गौशाला परिसर में दिनभर गौभक्तों का उत्साह एवं गौ माता के प्रति श्रद्धा देखने को मिली, जिसके लिए पर्याप्त मात्रा में सुदाना पशु आहार एवं हरी चरी की व्यवस्था उपलब्ध थी। कार्यक्रम के अंत में माँ पार्वती धाम गौशाला समिति अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने सभी दानदाताओं, गौसेवकों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए गौसेवा के इस पुनीत अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।1
- सीहोर जिले के जावर थाना पुलिस ने 15 जून 2026 को अवैध रूप से संग्रहित सागौन लकड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बरछापूरा में एक अवैध भंडारगृह पर छापा मारा, जहाँ से लगभग 40 छोटी-बड़ी सागौन की सिल्ली जब्त की गईं। प्रारंभिक जाँच में इन लकड़ियों के वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लकड़ी को जब्त कर लिया। पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा एवं ज़ब्ती की कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त की गई सागौन लकड़ी को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है। अब वन विभाग इस मामले की विस्तृत जाँच कर आगे की कार्रवाई करेगा। जावर थाना पुलिस ने क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि वन संपदा की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही वन संपदा की रक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।2
- मां नर्मदा नाभि प्रखंड के नगर खातेगांव में जिले के पहले विश्व स्तरीय इस्कॉन मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ हो गया है। यह श्री राधा कृष्ण मंदिर लगभग सात हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में आकार ले रहा है, जिसके निर्माण से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। अब लगभग 80 देशों सहित भारत के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों और बड़े नगरों में संचालित इस्कॉन मंदिरों की विशाल श्रृंखला में छोटे से कस्बे खातेगांव का नाम भी जुड़ने जा रहा है।4
- मध्य प्रदेश के शाजापुर स्थित पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल में खाना बनाते समय एक प्रेशर कुकर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे मौके पर मौजूद महिला कर्मचारी गंभीर चोट लगने से बाल-बाल बच गईं। यह खौफनाक हादसा सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसमें कुकर के फटते ही कर्मचारी के घबराकर पीछे हटते हुए देखा जा सकता है। धमाके के कारण महिला कर्मचारी को गर्म भाप और उड़ते ढक्कन से चोटें आईं। इस पूरी घटना का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जो प्रेशर कुकर के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल देता है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में स्थित लगभग 1000 वर्ष पुराना ककनमठ मंदिर आज भी अपने रहस्यों और अद्भुत वास्तुकला के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 11वीं शताब्दी में कच्छपघात वंश के राजा कीर्तिराज द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण में पत्थरों को जोड़ने के लिए न तो सीमेंट का उपयोग किया गया और न ही चूने का। इसके बजाय, विशाल पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर इस तरह संतुलित किया गया है कि सदियों बाद भी यह संरचना मजबूती से खड़ी हुई है। मंदिर के निर्माण को लेकर स्थानीय मान्यताओं में कहा जाता है कि इसे एक ही रात में भूत-प्रेतों द्वारा बनाया गया था, जबकि इतिहासकार इसे प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना मानते हैं। समय के साथ मंदिर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन इसकी मुख्य संरचना आज भी लोगों को आकर्षित करती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह रहस्यमयी धरोहर पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को दूर-दूर से अपनी ओर खींचती है, और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।1
- देवास में 16 जून 2026 को कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति और अंतरविभागीय समन्वय मामलों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती विशाखा देशमुख सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित रहे, जबकि विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए, कहा कि त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को 20 जून को जारी होने वाली प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिले की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने के लिए चार दिवसीय विशेष अभियान चलाकर लंबित शिकायतों का तुरंत समाधान करने और सभी विभागों को 'ए-ग्रेड' में रहने का लक्ष्य रखने को कहा। साथ ही, सभी विभागीय अधिकारियों को स्वयं शिकायतकर्ता से बात कर संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर श्री सिंह ने आगामी टीएल बैठक के लिए विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अब अलग-अलग स्थानों से ऑनलाइन नहीं जुड़ेंगे, बल्कि सभी तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से एसडीएम कार्यालय में एक साथ उपस्थित होकर ही जिला स्तरीय टीएल बैठक में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी एसडीएम कार्यालय की बजाय किसी अन्य स्थान से जुड़ता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि एसडीएम कार्यालय में सभी की मौजूदगी से समन्वय बेहतर होगा और मामलों का मौके पर ही तेजी से निराकरण किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर श्री सिंह ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर मत्स्य पालन अधिकारी श्री एस मंडलोई को दो वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। केसीसी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सहायक संचालक कृषि श्री लोकेश गंगराड़े को भी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य शासन के निर्देशानुसार आयोजित जनकल्याण शिविरों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति को लाभ पहुंचाना है, इसलिए अधिक से अधिक नागरिकों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने विभागवार और योजनावार जानकारी ली कि कितने नागरिकों को लाभ मिला है, और यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाए। कलेक्टर ने सभी विभागों से जनकल्याण शिविरों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और केंद्र व राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविरों के संपादन और आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, और सभी जिला अधिकारियों को 18 जून तक चलने वाले शिविरों की फील्ड में उतरकर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को शत-प्रतिशत किसानों की 'फार्मर आईडी' बनाने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, ई-विकास प्रणाली में समय पर कार्य करने और 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने तथा उनकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, जिसमें सभी अधिकारी/कर्मचारियों को सहभागिता कर नागरिकों को भी प्रेरित करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि देवास शहर के 1150 नजूल पट्टाधारियों ने पट्टों का नवीनीकरण नहीं कराया है। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी को एक माह में नवीनीकरण करवाने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि समय-सीमा में नवीनीकरण न कराने पर नजूल कार्यालय द्वारा पट्टे निरस्त कर प्लाट वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा कर तय समय-सीमा में इनका निराकरण करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिले की सभी जनपद पंचायतों और नगर परिषदों में चल रहे ई-केवाईसी कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शत-प्रतिशत ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए, और इस कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने जल स्रोतों के पुनरुद्धार सहित चिन्हित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। सभी एसडीएम को तालाबों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया। कलेक्टर ने वन विभाग द्वारा कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की और अगली टीएल बैठक तक कार्य पूर्ण न होने पर संबंधितों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने वन विभाग को 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा कर ज्यादा से ज्यादा पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। 'लखपति दीदी' और 'लखपति पशुपालक दीदी' योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को दायरे में शामिल करने को कहा। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए सीसीएल के माध्यम से त्वरित ऋण स्वीकृत कराकर गाय खरीदने हेतु प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय तालमेल और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 'लखपति दीदी' योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख या उससे अधिक तक पहुंचाना है, और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सभी प्रगतिरत योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने और हैंडओवर करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर, कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं में शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, सीवियर एनेमिक गर्भवती महिलाओं और पी.आई.एच. का प्रबंधन, तथा टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में, कलेक्टर श्री सिंह ने कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना, पीएमएफएमई, पीएम विश्वकर्मा योजना और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, कुसुम बी योजना सहित सभी स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।4
- देवास जिले के खातेगांव स्थित बैंक ऑफ़ बड़ोदा के सामने नाले का निर्माण कार्य पिछले 15 दिन से भी अधिक समय से बेहद धीमी गति से चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्य 'कछुए की चाल' से आगे बढ़ रहा है, जिससे परियोजना की प्रगति न के बराबर है। इस सुस्त रफ्तार के कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आवागमन में लगातार बाधाएँ आ रही हैं। आरोप है कि इस गंभीर समस्या और जन-परेशानी पर उच्च अधिकारियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिसके चलते नाले का निर्माण कार्य लगातार अधर में लटका हुआ है।1
- सिविल अस्पताल में भर्ती 27 वर्षीय एक विवाहिता की बेहोश अवस्था में आने के बाद मृत्यु हो गई है। इस घटना को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिससे पूरे मामले में तनाव का माहौल है। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टर ने इन आरोपों का खंडन करते हुए अपनी बात रखी है। डॉक्टर के अनुसार, परिजनों ने महिला को बिना किसी को बताए अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया था। बाद में, वे उसे वापस अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।1