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अंतरजातीय विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। केनगर के चपय गांव में बेटी का पुतला बनाकर अर्थी सजाई, शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट में चिता को मुखाग्नि दी। बताया जा रहा है कि बेटी ने कोर्ट में युवक के पक्ष में बयान दिया था। . . . . . #Purnia #BiharNews #InterCasteMarriage #FamilyDispute #Bihar #SeemanchalBytes

1 hr ago
user_Seemanchal Bytes
Seemanchal Bytes
Media company Purnia East, Bihar•
1 hr ago

अंतरजातीय विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। केनगर के चपय गांव में बेटी का पुतला बनाकर अर्थी सजाई, शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट में चिता को मुखाग्नि दी। बताया जा रहा है कि बेटी ने कोर्ट में युवक के पक्ष में बयान दिया था। . . . . . #Purnia #BiharNews #InterCasteMarriage #FamilyDispute #Bihar #SeemanchalBytes

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  • *प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते।* ​पूर्णिया: के.नगर प्रखंड के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर 1 में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंतरजातीय और अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जीवित बेटी का ही समाज से बहिष्कार करते हुए उसकी शव यात्रा निकाली और उसका पुतला (कुश की पुत्री) बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ​क्या है पूरा मामला? ​चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। मिलन का घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से थी। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया और वे भागकर शादी के बंधन में बंध गए। ​परिजनों ने काफी खोजबीन की और पंचायत भी बैठी, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, जब थाने में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो रिया ने अपनी मर्जी से लड़का पक्ष के पक्ष में बयान दे दिया। इसके बाद से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने समाज का ताना-बाना और प्रतिष्ठा बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया। ​ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई शव यात्रा ​नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर कुश से रिया का पुतला तैयार किया और पूरे चपाई बस्ती में "राम नाम सत्य है" के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली। इसके बाद नहर किनारे खेत में पिता मनोज गोस्वामी ने उसे मुखाग्नि दी। ​परिजनों ने साफ कर दिया है कि अब इस परिवार का उस लड़की से कोई नाता-रिस्ता नहीं है। आगे के नियमों के तहत नखबाल होगा और दसवीं से लेकर 13वें दिन तक श्राद्ध व पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ​परिजनों और ग्रामीणों का तीखा रोष ​चाचा शशिधर गिरी: "सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?" ​माता नीतू देवी: "मेरी बेटी 12वीं पास थी। पति टोटो चलाते हैं और मजदूरी कर किसी तरह पढ़ाई-लिखाई करवाई थी। वह हमारी सबसे बड़ी बेटी थी। हमने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। लड़का समाज में रिश्ते में था। हाल ही में हमने भागलपुर के एक सरकारी टीचर से 6 लाख में उसकी शादी तय की थी, लेकिन बेटी ने हमारे माथे पर कलंक लगा दिया।" ​समाजसेवी डब्लू यादव: "ढोल-नगाड़े के साथ शव यात्रा निकालकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि जो भी इस तरह के कृत्य करेगा, उसका यही हश्र होगा।" ​इस अजीबोगरीब और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की गूंज अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है। *प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते।* ​पूर्णिया: के.नगर प्रखंड के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर 1 में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंतरजातीय और अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जीवित बेटी का ही समाज से बहिष्कार करते हुए उसकी शव यात्रा निकाली और उसका पुतला (कुश की पुत्री) बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ​क्या है पूरा मामला? ​चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। मिलन का घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से थी। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया और वे भागकर शादी के बंधन में बंध गए। ​परिजनों ने काफी खोजबीन की और पंचायत भी बैठी, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, जब थाने में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो रिया ने अपनी मर्जी से लड़का पक्ष के पक्ष में बयान दे दिया। इसके बाद से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने समाज का ताना-बाना और प्रतिष्ठा बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया। ​ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई शव यात्रा ​नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर कुश से रिया का पुतला तैयार किया और पूरे चपाई बस्ती में "राम नाम सत्य है" के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली। इसके बाद नहर किनारे खेत में पिता मनोज गोस्वामी ने उसे मुखाग्नि दी। ​परिजनों ने साफ कर दिया है कि अब इस परिवार का उस लड़की से कोई नाता-रिस्ता नहीं है। आगे के नियमों के तहत नखबाल होगा और दसवीं से लेकर 13वें दिन तक श्राद्ध व पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ​परिजनों और ग्रामीणों का तीखा रोष ​चाचा शशिधर गिरी: "सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?" ​माता नीतू देवी: "मेरी बेटी 12वीं पास थी। पति टोटो चलाते हैं और मजदूरी कर किसी तरह पढ़ाई-लिखाई करवाई थी। वह हमारी सबसे बड़ी बेटी थी। हमने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। लड़का समाज में रिश्ते में था। हाल ही में हमने भागलपुर के एक सरकारी टीचर से 6 लाख में उसकी शादी तय की थी, लेकिन बेटी ने हमारे माथे पर कलंक लगा दिया।" ​समाजसेवी डब्लू यादव: "ढोल-नगाड़े के साथ शव यात्रा निकालकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि जो भी इस तरह के कृत्य करेगा, उसका यही हश्र होगा।" ​इस अजीबोगरीब और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की गूंज अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    *प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते।*

​पूर्णिया: के.नगर प्रखंड के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर 1 में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंतरजातीय और अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जीवित बेटी का ही समाज से बहिष्कार करते हुए उसकी शव यात्रा निकाली और उसका पुतला (कुश की पुत्री) बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
​क्या है पूरा मामला? ​चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। मिलन का घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से थी। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया और वे भागकर शादी के बंधन में बंध गए। ​परिजनों ने काफी खोजबीन की और पंचायत भी बैठी, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, जब थाने में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो रिया ने अपनी मर्जी से लड़का पक्ष के पक्ष में बयान दे दिया। इसके बाद से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने समाज का ताना-बाना और प्रतिष्ठा बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया। ​ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई शव यात्रा ​नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर कुश से रिया का पुतला तैयार किया और पूरे चपाई बस्ती में "राम नाम सत्य है" के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली। इसके बाद नहर किनारे खेत में पिता मनोज गोस्वामी ने उसे मुखाग्नि दी।
​परिजनों ने साफ कर दिया है कि अब इस परिवार का उस लड़की से कोई नाता-रिस्ता नहीं है। आगे के नियमों के तहत नखबाल होगा और दसवीं से लेकर 13वें दिन तक श्राद्ध व पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ​परिजनों और ग्रामीणों का तीखा रोष ​चाचा शशिधर गिरी: "सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?" ​माता नीतू देवी: "मेरी बेटी 12वीं पास थी। पति टोटो चलाते हैं और मजदूरी कर किसी तरह पढ़ाई-लिखाई करवाई थी। वह हमारी सबसे बड़ी बेटी थी। हमने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। लड़का समाज में रिश्ते में था। हाल ही में हमने भागलपुर के एक सरकारी टीचर से 6 लाख में उसकी शादी तय की थी, लेकिन बेटी ने हमारे माथे पर कलंक लगा दिया।" ​समाजसेवी डब्लू यादव: "ढोल-नगाड़े के साथ शव यात्रा निकालकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि जो भी इस तरह के कृत्य करेगा, उसका यही हश्र होगा।" ​इस अजीबोगरीब और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की गूंज अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है।
*प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते।*
​पूर्णिया: के.नगर प्रखंड के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर 1 में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंतरजातीय और अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जीवित बेटी का ही समाज से बहिष्कार करते हुए उसकी शव यात्रा निकाली और उसका पुतला (कुश की पुत्री) बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
​क्या है पूरा मामला? ​चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। मिलन का घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से थी। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया और वे भागकर शादी के बंधन में बंध गए। ​परिजनों ने काफी खोजबीन की और पंचायत भी बैठी, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, जब थाने में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो रिया ने अपनी मर्जी से लड़का पक्ष के पक्ष में बयान दे दिया। इसके बाद से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने समाज का ताना-बाना और प्रतिष्ठा बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया। ​ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई शव यात्रा ​नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर कुश से रिया का पुतला तैयार किया और पूरे चपाई बस्ती में "राम नाम सत्य है" के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली। इसके बाद नहर किनारे खेत में पिता मनोज गोस्वामी ने उसे मुखाग्नि दी।
​परिजनों ने साफ कर दिया है कि अब इस परिवार का उस लड़की से कोई नाता-रिस्ता नहीं है। आगे के नियमों के तहत नखबाल होगा और दसवीं से लेकर 13वें दिन तक श्राद्ध व पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ​परिजनों और ग्रामीणों का तीखा रोष ​चाचा शशिधर गिरी: "सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?" ​माता नीतू देवी: "मेरी बेटी 12वीं पास थी। पति टोटो चलाते हैं और मजदूरी कर किसी तरह पढ़ाई-लिखाई करवाई थी। वह हमारी सबसे बड़ी बेटी थी। हमने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। लड़का समाज में रिश्ते में था। हाल ही में हमने भागलपुर के एक सरकारी टीचर से 6 लाख में उसकी शादी तय की थी, लेकिन बेटी ने हमारे माथे पर कलंक लगा दिया।" ​समाजसेवी डब्लू यादव: "ढोल-नगाड़े के साथ शव यात्रा निकालकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि जो भी इस तरह के कृत्य करेगा, उसका यही हश्र होगा।" ​इस अजीबोगरीब और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की गूंज अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    Today Real News
    Media company पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    6 min ago
  • अंतरजातीय विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। केनगर के चपय गांव में बेटी का पुतला बनाकर अर्थी सजाई, शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट में चिता को मुखाग्नि दी। बताया जा रहा है कि बेटी ने कोर्ट में युवक के पक्ष में बयान दिया था। . . . . . #Purnia #BiharNews #InterCasteMarriage #FamilyDispute #Bihar #SeemanchalBytes
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    अंतरजातीय विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया।
केनगर के चपय गांव में बेटी का पुतला बनाकर अर्थी सजाई, शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट में चिता को मुखाग्नि दी। बताया जा रहा है कि बेटी ने कोर्ट में युवक के पक्ष में बयान दिया था।
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#Purnia #BiharNews #InterCasteMarriage #FamilyDispute #Bihar #SeemanchalBytes
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    Media company Purnia East, Bihar•
    1 hr ago
  • -प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते! केनगर-प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते! केनगर प्रखंड के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर 1 में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंतरजातीय और अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जीवित बेटी का ही समाज से बहिष्कार करते हुए उसकी शव यात्रा निकाली और उसका पुतला (कुश की पुत्री) बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। मिलन का घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से थी। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया और वे भागकर शादी के बंधन में बंध गए। परिजनों ने काफी खोजबीन की और पंचायत भी बैठी, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, जब थाने में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो रिया ने अपनी मर्जी से लड़का पक्ष के पक्ष में बयान दे दिया। इसके बाद से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने समाज का ताना-बाना और प्रतिष्ठा बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया। नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर कुश से रिया का पुतला तैयार किया और पूरे चपाई बस्ती में "राम नाम सत्य है" के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली। इसके बाद नहर किनारे खेत में पिता मनोज गोस्वामी ने उसे मुखाग्नि दी। परिजनों ने साफ कर दिया है कि अब इस परिवार का उस लड़की से कोई नाता-रिस्ता नहीं है। आगे के नियमों के तहत नखबाल होगा और दसवीं से लेकर 13वें दिन तक श्राद्ध व पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चाचा शशिधर गिरी: "सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?"माता नीतू देवी: "मेरी बेटी 12वीं पास थी। पति टोटो चलाते हैं और मजदूरी कर किसी तरह पढ़ाई-लिखाई करवाई थी। वह हमारी सबसे बड़ी बेटी थी। हमने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। लड़का समाज में रिश्ते में था। हाल ही में हमने भागलपुर के एक सरकारी टीचर से 6 लाख में उसकी शादी तय की थी, लेकिन बेटी ने हमारे माथे पर कलंक लगा दिया।"समाजसेवी डब्लू यादव: "ढोल-नगाड़े के साथ शव यात्रा निकालकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि जो भी इस तरह के कृत्य करेगा, उसका यही हश्र होगा।"इस अजीबोगरीब और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की गूंज अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    -प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते!
केनगर-प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने उठाया अनोखा कदम: जिंदा बेटी की निकाली शव यात्रा, पुतला फूंक कर तोड़े सभी रिश्ते!
केनगर प्रखंड के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर 1 में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंतरजातीय और अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जीवित बेटी का ही समाज से बहिष्कार करते हुए उसकी शव यात्रा निकाली और उसका पुतला (कुश की पुत्री) बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। चपय बस्ती निवासी मनोज कुमार गोस्वामी की 18 वर्षीय पुत्री रिया कुमारी ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। मिलन का घर आना-जाना था और उसकी दोस्ती रिया के भाई से थी। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया और वे भागकर शादी के बंधन में बंध गए। परिजनों ने काफी खोजबीन की और पंचायत भी बैठी, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने की बात कही गई थी। हालांकि, जब थाने में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो रिया ने अपनी मर्जी से लड़का पक्ष के पक्ष में बयान दे दिया। इसके बाद से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने समाज का ताना-बाना और प्रतिष्ठा बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया। नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर कुश से रिया का पुतला तैयार किया और पूरे चपाई बस्ती में "राम नाम सत्य है" के नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उसकी शव यात्रा निकाली। इसके बाद नहर किनारे खेत में पिता मनोज गोस्वामी ने उसे मुखाग्नि दी। परिजनों ने साफ कर दिया है कि अब इस परिवार का उस लड़की से कोई नाता-रिस्ता नहीं है। आगे के नियमों के तहत नखबाल होगा और दसवीं से लेकर 13वें दिन तक श्राद्ध व पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चाचा शशिधर गिरी: "सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। अगर पढ़ाई का मतलब यही निकलता है, तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?"माता नीतू देवी: "मेरी बेटी 12वीं पास थी। पति टोटो चलाते हैं और मजदूरी कर किसी तरह पढ़ाई-लिखाई करवाई थी। वह हमारी सबसे बड़ी बेटी थी। हमने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। लड़का समाज में रिश्ते में था। हाल ही में हमने भागलपुर के एक सरकारी टीचर से 6 लाख में उसकी शादी तय की थी, लेकिन बेटी ने हमारे माथे पर कलंक लगा दिया।"समाजसेवी डब्लू यादव: "ढोल-नगाड़े के साथ शव यात्रा निकालकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि जो भी इस तरह के कृत्य करेगा, उसका यही हश्र होगा।"इस अजीबोगरीब और आक्रामक विरोध प्रदर्शन की गूंज अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है।
    user_Journalist Konen
    Journalist Konen
    Local News Reporter कृत्यानंद नगर, पूर्णिया, बिहार•
    16 hrs ago
  • भारत में हर साल 15 सितंबर को 'अभियंता दिवस' (Engineer's Day) मनाया जाता है। सभी इंजीनियर को Engineer's Day की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत में हर साल 15 सितंबर को 'अभियंता दिवस' (Engineer's Day) मनाया जाता है। यह दिन भारत के महानतम सिविल इंजीनियर और भारत रत्न से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (Sir M. Visvesvaraya) की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने बांधों, जल प्रणालियों और सिंचाई नेटवर्क के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया (जैसे मैसूर का कृष्णराज सागर बांध)। देश के निर्माण, तकनीकी प्रगति और समाज के विकास में इंजीनियरों के अमूल्य योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना। . . . . . #viralvideo #shortsvideo #yt #foryou #ErAbdulHannanShorts #ErAbdulHannan #ErAbdulHannanVlogs #realAbdulHannan #shorts #short #trending
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    भारत में हर साल 15 सितंबर को 'अभियंता दिवस' (Engineer's Day) मनाया जाता है।
सभी इंजीनियर को Engineer's Day की हार्दिक शुभकामनाएं।
भारत में हर साल 15 सितंबर को 'अभियंता दिवस' (Engineer's Day) मनाया जाता है।
यह दिन भारत के महानतम सिविल इंजीनियर और भारत रत्न से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (Sir M. Visvesvaraya) की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
उन्होंने बांधों, जल प्रणालियों और सिंचाई नेटवर्क के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया (जैसे मैसूर का कृष्णराज सागर बांध)। देश के निर्माण, तकनीकी प्रगति और समाज के विकास में इंजीनियरों के अमूल्य योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना।
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#viralvideo #shortsvideo #yt #foryou #ErAbdulHannanShorts #ErAbdulHannan #ErAbdulHannanVlogs #realAbdulHannan #shorts #short #trending
    user_Abdul Hannan - عبدالحنان
    Abdul Hannan - عبدالحنان
    Local News Reporter पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    17 hrs ago
  • Sunny hot video
    1
    Sunny hot video
    user_Skgulam hussain Skgulam
    Skgulam hussain Skgulam
    Fitness Trainer पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    19 hrs ago
  • 🆔 सेटअप कराने के लिए कॉल करें #reelsvideo #viralvideo #news #youtubeshorts #aryanboltabihar
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    🆔 सेटअप कराने के लिए कॉल करें  #reelsvideo #viralvideo #news #youtubeshorts #aryanboltabihar
    user_Aryan Bolta Bihar
    Aryan Bolta Bihar
    Local News Reporter कस्बा, पूर्णिया, बिहार•
    4 hrs ago
  • पांच माह से ठप नल-जल योजना, आयरनयुक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण।
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    पांच माह से ठप नल-जल योजना, आयरनयुक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण।
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    हसनगंज, कटिहार, बिहार•
    14 hrs ago
  • पूर्णिया में बेटी ने दूसरी जाति में की शादी, तो पिता ने जीवित पुत्री की निकाली शवयात्रा ग्रामीणों की भीड़ भी मौजूद रही. के० नगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. उसने खुद बेटी का पुतला तैयार किया, अर्थी सजाई, शव यात्रा निकाली और श्मशान घाट पर चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान ग्रामीणों की भी भीड़ मौजूद रही. पूर्णिया में बेटी ने दूसरी जाति में की शादी, तो पिता ने जीवित पुत्री की निकाली शव यात्रा ग्रामीणों की भीड़ भी मौजूद रही. के० नगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. उसने खुद बेटी का पुतला तैयार किया, अर्थी सजाई, शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट पर चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान ग्रामीणों की भी भीड़ मौजूद रही.
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    पूर्णिया में बेटी ने दूसरी जाति में की शादी, तो पिता ने जीवित पुत्री की निकाली शवयात्रा ग्रामीणों की भीड़ भी मौजूद रही.
के० नगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. उसने खुद बेटी का पुतला तैयार किया, अर्थी सजाई, शव यात्रा निकाली और श्मशान घाट पर चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान ग्रामीणों की भी भीड़ मौजूद रही.
पूर्णिया में बेटी ने दूसरी जाति में की शादी, तो पिता ने जीवित पुत्री की निकाली शव यात्रा ग्रामीणों की भीड़ भी मौजूद रही.
के० नगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. उसने खुद बेटी का पुतला तैयार किया, अर्थी सजाई, शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट पर चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान ग्रामीणों की भी भीड़ मौजूद रही.
    user_Today Real News
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    Media company पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
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