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लव मैरिज के बाद खुला बयान सोशल मीडिया पर वायरल छतरपुर की बेटी बोली हमें परेशान किया तो हाेगी कानूनी कार्रवाई लव मैरिज के बाद खुला बयान सोशल मीडिया पर वायरल छतरपुर की बेटी बोली हमें परेशान किया तो हाेगी कानूनी कार्रवाई
Dharmendra Raikwar
लव मैरिज के बाद खुला बयान सोशल मीडिया पर वायरल छतरपुर की बेटी बोली हमें परेशान किया तो हाेगी कानूनी कार्रवाई लव मैरिज के बाद खुला बयान सोशल मीडिया पर वायरल छतरपुर की बेटी बोली हमें परेशान किया तो हाेगी कानूनी कार्रवाई
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- दिगौड़ा थाने में हंगामा,पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप,वीडियो वायरल! टीकमगढ़: जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी (बराना) में जमीनी विवाद को लेकर एक मामला सामने आया है,जिसको लेकर पीड़ित पक्ष अपनी शिकायत लेकर दिगौड़ा थाना पहुंचा था,जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पच्चू अहिरवार ने बताया कि उनके खेत पर लगे हरे भरे वृक्षों को बबलू,आशीष,बालचंद्र,ब्रजकिशोर और शिवम के द्वारा दबंगई से मशीन द्वारा काटा जा रहा है,पीड़ित ने जब उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वह नहीं माने,जिसकी शिकायत लेकर पीड़ित दिगौड़ा थाने पहुंचा। पीड़ित पच्चू अहिरवार ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जब वह अपनी पत्नी सुनीता,बेटी शिवानी और अपने लड़के विजय के साथ दिगौड़ा थाने पहुंचे तो वहां उनके परिवार के साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्रता और बदसलूकी की इसके बाद उन्हें गालियां देते हुए सुबह से लेकर शाम तक थाने में बैठाए रखा। पीड़ित ने और बताया कि उनकी बेटी शिवानी(20) विवाहिता है और गर्भवती है। जब शिवानी ने इसका विरोध किया और वीडियो बनाया तो उसके साथ धक्का मुल्की और बद्तमीजी की गई। अब ऐसे में सवाल उठता है कि: क्या अब मोहन की पुलिस गुंडागर्दी पर उतारू हो गई है? क्या अब आम आदमी को न्याय की जगह गालियां और अभद्रता मिलेगी?1
- किस की वजह से मगरमच्छ ने बंदर के साथ धोका दिया लेकिन बंदर था बहुत हूसीयार,,,,, मगरमच्छ की दोस्ती में पढ़ी दरार.........1
- निवाड़ी जिले की कक्षा दसवीं की छात्रा शिवानी कुशवाहा ने प्रदेश में सातवां स्थान किया अर्जित निवाड़ी जिला शिक्षा अधिकारी सहित जिले भर के लोगों ने दी बधाई,,,1
- Post by Ashish Patrkar1
- संविधान के रचियता वावा श्री भीम राव अम्वेडकर पर कोई वात ना करते हुए1
- झाँसी। शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत भट्टागांव में अराजक तत्वों से परेशान मोहल्ला वासियों ने अपनी सुरक्षा के लिए गेट व बाउंड्री बनवाई, लेकिन अब उसी गेट को तोड़ने और धमकी देने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम सिगरेट, गांजा और शराब का सेवन करते थे। इसके अलावा जुआ खेलना, गाली-गलौज करना और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं भी लगातार हो रही थीं, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब हो गया था। इन घटनाओं से तंग आकर मोहल्ला वासियों ने जमीन मालिक से सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की। इसके बाद संबंधित भूमि पर गेट लगवाया गया और बाउंड्री का निर्माण कराया गया, ताकि बाहरी लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। प्रार्थना पत्र के अनुसार, कुछ लोगों ने गेट तोड़ने का प्रयास किया और अवैध रूप से रुपये की मांग की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।1
- आरटीई के तहत चयनित छात्र को निजी स्कूल ने प्रवेश देने से किया इंकार, एसडीएम से शिकायत मोंठ (झांसी)। तहसील क्षेत्र के एक निजी विद्यालय प्रशासन ने आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009) के तहत चयनित छात्र को प्रवेश देने से इंकार करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी मोंठ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थी सौजना निवासी इरफान पुत्र चुन्ना खान ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र रासिद का पंजीकरण आरटीई योजना के तहत कराया था। विभागीय प्रक्रिया के तहत द्वितीय चरण की लॉटरी में उनके पुत्र का चयन बम्हरौली मोंठ के एक निजी स्कूल में हुआ था। इरफान का आरोप है कि जब वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय में प्रवेश के लिए पहुंचे, तो विद्यालय प्रबंधन ने कई बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया। अंततः विद्यालय प्रशासन ने साफ तौर पर बच्चे का प्रवेश लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने विभाग द्वारा जारी चयन पत्र भी विद्यालय में प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि विद्यालय द्वारा शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बच्चे को निजी विद्यालय में पढ़ाने में असमर्थ हैं। ऐसे में आरटीई योजना ही उनके बच्चे की शिक्षा का एकमात्र सहारा है। इस मामले में प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने पुत्र का प्रवेश सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाएगा। इस मामले में मोंठ एसडीएम अवनीश तिवारी ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल हेतु खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। जांचोपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।2
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