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अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट

23 hrs ago
user_राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
दादहू, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
23 hrs ago

अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट

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माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट
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    अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी।

उद्घोषणा तीन:
आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है।

वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं।

उद्घोषणा चार:
राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते।

वक्तव्य: नाथूराम चौहान
यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे।

उद्घोषणा पांच:
एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी।

समापन उद्घोषणा:
रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो।

उद्घोषणा छह:
वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है।

रेणुका जी से राजेंद्र सिंह  रिपोर्ट
अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी।
उद्घोषणा तीन:
आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है।
वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं।
उद्घोषणा चार:
राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते।
वक्तव्य: नाथूराम चौहान
यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे।
उद्घोषणा पांच:
एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी।
समापन उद्घोषणा:
रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो।
उद्घोषणा छह:
वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है।
रेणुका जी से राजेंद्र सिंह  रिपोर्ट
    user_राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    दादहू, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • नाहन के वामन द्वादशी मेले में जलपरी बनी आकर्षण का केंद्र नाहन: अपनी अलग सोच और जुनून के बल पर अपनी पहचान बनाने वाली साक्षी नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में चल रहे वामन द्वादशी महोत्सव में आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। पेशेवर रूप से ‘जलपरी’ (Mermaid Show Artist) के तौर पर काम कर रहीं साक्षी ने बताया कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब अधिकांश युवा सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट जाते हैं, तब उन्होंने एक अपरंपरागत (Offbeat) और स्वतंत्र रास्ता चुनने का फैसला किया। बिना कोचिंग खुद सीखा हुनर साक्षी ने बताया कि उन्होंने इस काम के लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण या कोचिंग नहीं ली है। उनका मानना है कि यदि किसी काम में आपकी गहरी रुचि हो, तो व्यक्ति खुद-ब-खुद उसे सीख जाता है। फ्रीलांस आर्टिस्ट के रूप में ‘जलपरी’ का अभिनय करना उनका सपना था, जिसे वह पिछले 2 वर्षों से सफलतापूर्वक निभा रही हैं। क्या होता है मरमेड शो? 'मरमेड शो' एक कठिन और रोमांचक लाइव परफॉर्मेंस आर्ट है। इसमें कलाकार बिना किसी भारी ऑक्सीजन सिलेंडर के केवल अपनी सांस पर नियंत्रण रखकर पानी के भीतर तैरते हैं। खूबसूरत 'मरमेड टेल' (जलपरी की पूंछ) पहनकर पानी के नीचे दर्शकों को देखकर मुस्कुराना, वेव करना, पानी में कलाबाज़ियाँ लगाना और बुलबुले बनाना इस कला का खास हिस्सा है। पानी में 2 मिनट तक सांस रोकने का स्टैमिना जलपरी शो के दौरान पानी में ठहरने की चुनौतियों पर बात करते हुए साक्षी ने बताया कि उनका स्टैमिना पानी के तापमान और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। नाहन के वर्तमान मौसम और पानी की स्थिति के अनुसार वे पानी के भीतर लगातार लगभग 2 मिनट तक सांस रोककर अपनी प्रस्तुतियां दे सकती हैं। नाहन में पहली बार प्रदर्शन, बच्चों व परिवारों में भारी उत्साह सिरमौर जिले के नाहन शहर में साक्षी का यह पहला शो है। ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित इस मेले में साक्षी के इस अनोखे शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार पहुँच रहे हैं। स्थानीय दर्शकों के रिस्पॉन्स पर खुशी जताते हुए साक्षी ने कहा, "नाहन के लोग बेहद सहयोगात्मक और प्यारे हैं। शो के दौरान भीड़ को एंटरटेन करना और हर किसी का ध्यान बनाए रखना एक चुनौती होती है, लेकिन यहाँ आकर बहुत अच्छा अनुभव रहा।"
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    नाहन के वामन द्वादशी मेले में जलपरी बनी आकर्षण का केंद्र 
नाहन: अपनी अलग सोच और जुनून के बल पर अपनी पहचान बनाने वाली साक्षी नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में चल रहे वामन द्वादशी महोत्सव में आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। पेशेवर रूप से ‘जलपरी’ (Mermaid Show Artist) के तौर पर काम कर रहीं साक्षी ने बताया कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब अधिकांश युवा सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट जाते हैं, तब उन्होंने एक अपरंपरागत (Offbeat) और स्वतंत्र रास्ता चुनने का फैसला किया।
बिना कोचिंग खुद सीखा हुनर
साक्षी ने बताया कि उन्होंने इस काम के लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण या कोचिंग नहीं ली है। उनका मानना है कि यदि किसी काम में आपकी गहरी रुचि हो, तो व्यक्ति खुद-ब-खुद उसे सीख जाता है। फ्रीलांस आर्टिस्ट के रूप में ‘जलपरी’ का अभिनय करना उनका सपना था, जिसे वह पिछले 2 वर्षों से सफलतापूर्वक निभा रही हैं।
क्या होता है मरमेड शो?
'मरमेड शो' एक कठिन और रोमांचक लाइव परफॉर्मेंस आर्ट है। इसमें कलाकार बिना किसी भारी ऑक्सीजन सिलेंडर के केवल अपनी सांस पर नियंत्रण रखकर पानी के भीतर तैरते हैं। खूबसूरत 'मरमेड टेल' (जलपरी की पूंछ) पहनकर पानी के नीचे दर्शकों को देखकर मुस्कुराना, वेव करना, पानी में कलाबाज़ियाँ लगाना और बुलबुले बनाना इस कला का खास हिस्सा है।
पानी में 2 मिनट तक सांस रोकने का स्टैमिना
जलपरी शो के दौरान पानी में ठहरने की चुनौतियों पर बात करते हुए साक्षी ने बताया कि उनका स्टैमिना पानी के तापमान और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। नाहन के वर्तमान मौसम और पानी की स्थिति के अनुसार वे पानी के भीतर लगातार लगभग 2 मिनट तक सांस रोककर अपनी प्रस्तुतियां दे सकती हैं। 
नाहन में पहली बार प्रदर्शन, बच्चों व परिवारों में भारी उत्साह
सिरमौर जिले के नाहन शहर में साक्षी का यह पहला शो है। ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित इस मेले में साक्षी के इस अनोखे शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार पहुँच रहे हैं। स्थानीय दर्शकों के रिस्पॉन्स पर खुशी जताते हुए साक्षी ने कहा, "नाहन के लोग बेहद सहयोगात्मक और प्यारे हैं। शो के दौरान भीड़ को एंटरटेन करना और हर किसी का ध्यान बनाए रखना एक चुनौती होती है, लेकिन यहाँ आकर बहुत अच्छा अनुभव रहा।"
    user_सिरमौरी न्यूज
    सिरमौरी न्यूज
    नाहन, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • राजकीय प्रारंभिक केंद्र पाठशाला ढांग रूहाना स्कूल मे जैसा आप विडिओ मे देख रहे हे यहा पर जिस प्रकार से तोड़ फोड़ हुई हे ये बहुत हि गलत कार्य हे हम सब इसका विरोध करते हे ।। इस पर जल्दी से जल्दी कार्यवाही होनी चाहिए ।। जिसने भी ये कार्य किया हे इस पर जल्दी से जल्दी कार्यवाही होनी चाहिए. ।।
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    राजकीय प्रारंभिक केंद्र पाठशाला ढांग रूहाना   स्कूल मे जैसा आप विडिओ मे देख रहे हे 
यहा पर जिस प्रकार से तोड़ फोड़ हुई हे ये बहुत हि गलत कार्य हे हम सब इसका विरोध करते हे ।। 
इस पर जल्दी से जल्दी कार्यवाही होनी चाहिए ।। जिसने भी ये कार्य किया हे इस पर जल्दी से जल्दी कार्यवाही होनी चाहिए. ।।
    user_Ravi tomar
    Ravi tomar
    शलाई, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बाड़ी माजरा पुल पर महिला ने नहर में लगाई छलांग, नाबालिग बच्चे ने बचाई जान बाड़ी माजरा पुल पर महिला ने नहर में लगाई छलांग, नाबालिग बच्चे ने बचाई जान 'बचाओ...बचाओ...' की चीख सुनकर नहर में कूद पड़े 15 साल का बच्चा एकर   यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर का बाड़ी माजरा पुल एक बार फिर जिंदगी और मौत के बीच जंग का गवाह बना। बताया जा रहा है कि करीब 40 से 50 साल की एक महिला ने कथित तौर पर निजी परेशानियों के चलते पुल से पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। महिला पानी के तेज बहाव में डूबने लगी और मदद के लिए चीखने लगी। इसी दौरान नहर के पास मौजूद करीब 15 वर्षीय बच्चों ने बिना अपनी जान की परवाह किए महिला को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। बच्चों की सूझबूझ और आसपास मौजूद लोगों की मदद से महिला को नहर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वीओ-1:तस्वीरें यमुनानगर के बाड़ी माजरा पुल की हैं... जहां एक पल के लिए ऐसा लगा कि नहर की तेज धार में एक जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। बताया जा रहा है कि महिला ने पुल से पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। पानी में गिरते ही महिला घबरा गई और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगी। 'बचाओ... बचाओ... मुझे बचाओ...' महिला की चीख सुनकर नहर के पास मौजूद करीब 15 साल का बच्चा ने जो किया, वह किसी को भी हैरान कर देने वाला था। अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों ने महिला को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। स्पंज के गद्दे की मदद से महिला को पानी से बाहर निकालने में सफलता मिली। महिला की जान बचने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। वीओ-2: मौके पर मौजूद गोताखोर अमर सिंह और सुखराम ने बताया कि महिला की उम्र करीब 40 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला के यमुनानगर के प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र की रहने वाली होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि महिला काफी परेशान थी और इसी परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। महिला के बेटे ने उसे अपने साथ ले लिया। परिजनों ने इस मामले में मीडिया से बात करने से इनकार किया। वीओ-3: बाड़ी माजरा पुल और पश्चिमी यमुना नहर पहले भी ऐसे हादसों का गवाह बन चुके हैं। परेशान लोग यहां पहुंचकर अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा खतरनाक कदम उठा लेते हैं। लेकिन आज कहानी का अंत दर्दनाक नहीं हुआ... एक तरफ जिंदगी से हार चुकी एक महिला नहर की तेज धार में थी... दूसरी तरफ महज 15 साल का लडका अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने में जुट गया।  इन बच्चे की बहादुरी ने एक परिवार को अपना सदस्य खोने से बचा लिया। गोताखोरों की अपील: गोताखोर अमर सिंह और सुखराम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परेशानी में पश्चिमी यमुना नहर या किसी अन्य खतरनाक स्थान पर जाकर अपनी जान लेने का प्रयास न करें। परिवार और अपनों से अपनी परेशानी साझा करें। मुश्किल समय कितना भी बड़ा क्यों न हो, जिंदगी खत्म करना उसका समाधान नहीं है। आज बाड़ी माजरा पुल पर एक जिंदगी मौत के मुंह तक पहुंची जरूर... लेकिन कुछ बच्चों की हिम्मत ने उसे वापस खींच लिया। उन 15 साल के बच्चों ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी छोटी उम्र में दिखाई गई हिम्मत... किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।
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    बाड़ी माजरा पुल पर महिला ने नहर में लगाई छलांग, नाबालिग बच्चे ने बचाई जान
बाड़ी माजरा पुल पर महिला ने नहर में लगाई छलांग, नाबालिग बच्चे ने बचाई जान
'बचाओ...बचाओ...' की चीख सुनकर नहर में कूद पड़े 15 साल का बच्चा
एकर   यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर का बाड़ी माजरा पुल एक बार फिर जिंदगी और मौत के बीच जंग का गवाह बना। बताया जा रहा है कि करीब 40 से 50 साल की एक महिला ने कथित तौर पर निजी परेशानियों के चलते पुल से पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। महिला पानी के तेज बहाव में डूबने लगी और मदद के लिए चीखने लगी। इसी दौरान नहर के पास मौजूद करीब 15 वर्षीय बच्चों ने बिना अपनी जान की परवाह किए महिला को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। बच्चों की सूझबूझ और आसपास मौजूद लोगों की मदद से महिला को नहर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
वीओ-1:तस्वीरें यमुनानगर के बाड़ी माजरा पुल की हैं...
जहां एक पल के लिए ऐसा लगा कि नहर की तेज धार में एक जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
बताया जा रहा है कि महिला ने पुल से पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। पानी में गिरते ही महिला घबरा गई और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगी।
'बचाओ... बचाओ... मुझे बचाओ...'
महिला की चीख सुनकर नहर के पास मौजूद करीब 15 साल का बच्चा ने जो किया, वह किसी को भी हैरान कर देने वाला था। अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों ने महिला को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए।
स्पंज के गद्दे की मदद से महिला को पानी से बाहर निकालने में सफलता मिली। महिला की जान बचने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
वीओ-2:
मौके पर मौजूद गोताखोर अमर सिंह और सुखराम ने बताया कि महिला की उम्र करीब 40 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। महिला के यमुनानगर के प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र की रहने वाली होने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि महिला काफी परेशान थी और इसी परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। महिला के बेटे ने उसे अपने साथ ले लिया।
परिजनों ने इस मामले में मीडिया से बात करने से इनकार किया।
वीओ-3:
बाड़ी माजरा पुल और पश्चिमी यमुना नहर पहले भी ऐसे हादसों का गवाह बन चुके हैं। परेशान लोग यहां पहुंचकर अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा खतरनाक कदम उठा लेते हैं।
लेकिन आज कहानी का अंत दर्दनाक नहीं हुआ...
एक तरफ जिंदगी से हार चुकी एक महिला नहर की तेज धार में थी...
दूसरी तरफ महज 15 साल का लडका अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने में जुट गया। 
इन बच्चे की बहादुरी ने एक परिवार को अपना सदस्य खोने से बचा लिया।
गोताखोरों की अपील:
गोताखोर अमर सिंह और सुखराम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परेशानी में पश्चिमी यमुना नहर या किसी अन्य खतरनाक स्थान पर जाकर अपनी जान लेने का प्रयास न करें। परिवार और अपनों से अपनी परेशानी साझा करें। मुश्किल समय कितना भी बड़ा क्यों न हो, जिंदगी खत्म करना उसका समाधान नहीं है।
आज बाड़ी माजरा पुल पर एक जिंदगी मौत के मुंह तक पहुंची जरूर...
लेकिन कुछ बच्चों की हिम्मत ने उसे वापस खींच लिया।
उन 15 साल के बच्चों ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी छोटी उम्र में दिखाई गई हिम्मत... किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    Sadhaura St, Yamunanagar•
    7 hrs ago
  • परवाणू,खड़ीन में ओमनी गाड़ी प*ल*टी, पांच कर्मचारी घा*य*ल ईएसआई अस्पताल परवाणू में चल रहा है इलाज खड़ीन में ओमनी गाड़ी पलटी, पांच कर्मचारी घायल परवाणू, 21सितम्बर खड़ीन स्थित एक फार्मा उद्योग से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे कर्मचारियों की ओमनी गाड़ी उद्योग से कुछ दूरी पर अज्ञात कारणों से पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार पांच कर्मचारी घायल हो गए। घायल कर्मचारियों के अनुसार गाड़ी में करीब 8 से 10 लोग सवार थे। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू पहुंचाया गया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. भानु प्रताप ने बताया कि अस्पताल में पांच घायल पहुंचे थे, जिनमें से दो को टांके लगाए गए हैं। हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मोके पर पहुँच कर जांच शुरू कर दी हैँ जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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    परवाणू,खड़ीन में ओमनी गाड़ी प*ल*टी, पांच कर्मचारी घा*य*ल ईएसआई अस्पताल परवाणू में चल रहा है इलाज
खड़ीन में ओमनी गाड़ी पलटी, पांच कर्मचारी घायल
परवाणू, 21सितम्बर 
खड़ीन स्थित एक फार्मा उद्योग से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे कर्मचारियों की ओमनी गाड़ी उद्योग से कुछ दूरी पर अज्ञात कारणों से पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार पांच कर्मचारी घायल हो गए। घायल कर्मचारियों के अनुसार गाड़ी में करीब 8 से 10 लोग सवार थे। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू पहुंचाया गया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. भानु प्रताप ने बताया कि अस्पताल में पांच घायल पहुंचे थे, जिनमें से दो को टांके लगाए गए हैं। हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मोके पर पहुँच कर जांच शुरू कर दी हैँ जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
    user_TOP NEWS
    TOP NEWS
    Voice of people सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सोलन में पंजाबी महासभा की साईं संध्या में गायक पुनीत खुराना रहेंगे मुख्य आकर्षण का केंद्र
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    सोलन में पंजाबी महासभा की साईं संध्या में गायक पुनीत खुराना रहेंगे मुख्य आकर्षण का केंद्र
    user_DNN HIMACHAL NEWS
    DNN HIMACHAL NEWS
    सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • एम डी सी सेक्टर 5 पंचकूला में जिस पार्क में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने पौधारोपण किया था वो पार्क जंगल बना- ओ पी सिहाग एम डी सी सेक्टर 5 पंचकूला में जिस पार्क में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने पौधारोपण किया था वो पार्क जंगल बना- ओ पी सिहाग नगर निगम मेयर को पंचकूला को सिंगापुर या पेरिस बनाने की बड़ी बड़ी डींगे हांकने की बजाय कम से कम इस बदहाल पार्क की सुध लेनी चाहिए। पंचकूला, 19 सितंबर: नगर निगम पंचकूला के नवनिर्वाचित मेयर पंचकूला को आने वाले सालों में सिंगापुर तथा पेरिस बनाने के बड़े बड़े दावे आजकल मीडिया में कर रहे हैं । जिस पार्टी से मेयर संबंधित है कुछ महीनों पहले उस पार्टी की नई नवेली प्रदेश अध्यक्ष बनी डॉ अर्चना गुप्ता ने प्रदेश में अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में पंचकूला के वार्ड नंबर 2 एम डी सी सेक्टर 5 में पेट्रोल पंप के साथ वाले पार्क में पौधारोपण का कार्य करके अपने कार्य की शुरुआत की थी। इस बारे चर्चा करते हुए जजपा पंचकूला ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि पौधारोपण के उस कार्यक्रम में मेयर सहित पंचकूला ज़िला के बीजेपी के बड़े पदाधिकारी , पूर्व विधानसभा अध्यक्ष , जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन के तमाम अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया था तथा इस भव्य कार्यक्रम के गवाह बने थे। जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने आज उस पार्क का दौरा किया तथा उस पार्क की दुर्दशा एवं बदहाली देखकर वो हैरान रह गए। वहां पार्क नाम कोई चीज नजर नहीं आई पूरे पार्क में बड़ी बड़ी झाड़ियों एवं कॉंग्रेस घास ने कब्जा कर रखा है तथा य़ह पार्क लोगों के लिए खुले में शौच जाने का स्थान बन गया है।ओ पी सिहाग ने नगर निगम मेयर श्याम लाल बंसल पर तंज कसते हुए कहा कि पंचकूला को पेरिस या सिंगापुर बनाने की बड़ी बड़ी बातें करने से पहले अपनी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगाए गए पौधे की सम्भाल कर ले तथा जंगल बन चुके पार्क की सुध लेकर उसका जीर्णोद्धार करवाने का काम करे।
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    एम डी सी सेक्टर 5 पंचकूला में जिस पार्क में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने पौधारोपण किया था वो पार्क जंगल बना- ओ पी सिहाग
एम डी सी सेक्टर 5 पंचकूला में जिस पार्क में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने पौधारोपण किया था वो पार्क जंगल बना- ओ पी सिहाग 
नगर निगम मेयर को पंचकूला को सिंगापुर या पेरिस बनाने की बड़ी बड़ी डींगे हांकने की बजाय कम से कम इस बदहाल पार्क की सुध लेनी चाहिए। 
पंचकूला, 19 सितंबर: नगर निगम पंचकूला के नवनिर्वाचित मेयर पंचकूला को आने वाले सालों में सिंगापुर तथा पेरिस बनाने के बड़े बड़े दावे आजकल मीडिया में कर रहे हैं ।  जिस पार्टी से  मेयर संबंधित है कुछ महीनों पहले उस पार्टी की नई नवेली प्रदेश अध्यक्ष बनी डॉ अर्चना गुप्ता ने प्रदेश में अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में पंचकूला के वार्ड नंबर 2 एम डी सी सेक्टर 5 में पेट्रोल पंप के साथ वाले पार्क में पौधारोपण का कार्य करके अपने कार्य की शुरुआत की थी। इस बारे चर्चा करते हुए जजपा पंचकूला ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि पौधारोपण के उस कार्यक्रम में मेयर सहित पंचकूला ज़िला के बीजेपी के बड़े पदाधिकारी , पूर्व विधानसभा अध्यक्ष , जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन के तमाम अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया था तथा इस भव्य कार्यक्रम के गवाह बने थे। 
जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने आज उस पार्क का दौरा किया तथा उस पार्क की दुर्दशा एवं बदहाली देखकर वो हैरान रह गए। वहां पार्क नाम कोई चीज नजर नहीं आई  पूरे पार्क में बड़ी बड़ी झाड़ियों एवं कॉंग्रेस घास ने कब्जा कर रखा है तथा य़ह पार्क लोगों के लिए खुले में शौच जाने का स्थान बन गया है।ओ पी सिहाग ने नगर निगम मेयर श्याम लाल बंसल पर तंज कसते हुए कहा कि पंचकूला को पेरिस या सिंगापुर बनाने की बड़ी बड़ी बातें करने से पहले अपनी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगाए गए पौधे की सम्भाल कर ले तथा जंगल बन चुके पार्क की सुध लेकर उसका जीर्णोद्धार करवाने का काम करे।
    user_Journalist Kuldeep saini
    Journalist Kuldeep saini
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    32 min ago
  • अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट
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    अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी।

उद्घोषणा तीन:
आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है।

वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं।

उद्घोषणा चार:
राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते।

वक्तव्य: नाथूराम चौहान
यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे।

उद्घोषणा पांच:
एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी
हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी।

समापन उद्घोषणा:
रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो।

उद्घोषणा छह:
वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है।

रेणुका जी से राजेंद्र सिंह  रिपोर्ट
    user_राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    दादहू, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
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