सिंगरौली में हेलमेट नहीं तो सीधा एक्शन! 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक 15 दिन का मेगा अभियान शुरू! अब लापरवाही पड़ेगी भारी… क्योंकि “जान है तो जहान है!” सिंगरौली में हेलमेट नहीं तो सीधा एक्शन! 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक 15 दिन का मेगा अभियान शुरू! अब लापरवाही पड़ेगी भारी… क्योंकि “जान है तो जहान है!” सिंगरौली पुलिस सड़कों पर उतरेगी पूरी सख्ती के साथ— अब बिना हेलमेट दोपहिया चलाना मतलब सीधा चालान! क्या होगा इस अभियान में? हर चौराहे और मुख्य मार्ग पर ताबड़तोड़ चेकिंग बिना हेलमेट वालों पर तुरंत चालान (धारा 129) नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और पंपलेट से जागरूकता स्कूल-कॉलेज में स्पेशल सेशन—युवा बनेंगे “सड़क सुरक्षा दूत” पुलिस का साफ संदेश: “चालान काटना मकसद नहीं… आपकी जान बचाना है!” याद रखें: सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौत सिर की चोट से होती है एक अच्छा BIS हेलमेट आपकी जिंदगी बचा सकता है अपील: दो पहिया चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें— ये सिर्फ नियम नहीं, आपकी सुरक्षा है! अब फैसला आपके हाथ में… हेलमेट पहनेंगे या जोखिम उठाएंगे इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपने परिवार व दोस्तों को सुरक्षित रखें! #HelmetHaiToLifeHai #SingrauliPolice #RoadSafety #WearHelmet #SafeRide #TrafficRules #StaySafe #BreakingNews #ViralPost #AwarenessCampaign
सिंगरौली में हेलमेट नहीं तो सीधा एक्शन! 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक 15 दिन का मेगा अभियान शुरू! अब लापरवाही पड़ेगी भारी… क्योंकि “जान है तो जहान है!” सिंगरौली में हेलमेट नहीं तो सीधा एक्शन! 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक 15 दिन का मेगा अभियान शुरू! अब लापरवाही पड़ेगी भारी… क्योंकि “जान है तो जहान है!” सिंगरौली पुलिस सड़कों पर उतरेगी पूरी सख्ती के साथ— अब बिना हेलमेट दोपहिया चलाना मतलब सीधा चालान! क्या होगा इस अभियान में? हर चौराहे और मुख्य मार्ग पर ताबड़तोड़ चेकिंग बिना हेलमेट वालों पर तुरंत चालान (धारा 129) नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और पंपलेट से जागरूकता स्कूल-कॉलेज में स्पेशल सेशन—युवा बनेंगे “सड़क सुरक्षा दूत” पुलिस का साफ संदेश: “चालान काटना मकसद नहीं… आपकी जान बचाना है!” याद रखें: सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौत सिर की चोट से होती है एक अच्छा BIS हेलमेट आपकी जिंदगी बचा सकता है अपील: दो पहिया चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें— ये सिर्फ नियम नहीं, आपकी सुरक्षा है! अब फैसला आपके हाथ में… हेलमेट पहनेंगे या जोखिम उठाएंगे इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपने परिवार व दोस्तों को सुरक्षित रखें! #HelmetHaiToLifeHai #SingrauliPolice #RoadSafety #WearHelmet #SafeRide #TrafficRules #StaySafe #BreakingNews #ViralPost #AwarenessCampaign
- पब्लिक न्यूज़ पर अभी-अभी न्यूज़ आई है कि केदारनाथ में छोटे बच्चों पर दुकानदार ने हाथ उठाया पुलिस कार्रवाई कर रही है1
- Post by SK Paswan1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- Post by पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)1
- गांव बहुत रह लिया सफर का मजा लियाजाए1
- ओबरा तापी विद्युत परियोजना से निकलने वाली राख जिसे सुनियोजित तरीके से एक लंबे समय अवधि से रेणुका नदी में मिलाया जा रहा है जिसके कारण रेणुका नदी का अस्तित्व समाप्ति के कगार पर आ गया है रेणुका नदी के किनारे बसे गांव की जमीन बंजर हो रही हैं रेणुका नदी जो आगे जाकर सोन नदी में मिलती और सोन नदी आगे जाकर गंगा नदी में मिलती है गंगा नदी की सहायक नदी जिस प्रकार से एक लंबे समय से प्रदूषित हो रही है पूर्व में भी विभिन्न प्रकार की कमेटियों ने या स्पष्ट विवरण जारी किए थे कि जिस प्रकार से धरातल पर नदी को प्रदूषित किया जा रहा है जिसके दूरगामी हानिकारक परिणाम होंगे लेकिन संबंधित प्रकरण अखबारों में सुर्खियां बनने के बाद तो सुधार होते हैं लेकिन उसके बाद धरातल पर कोई परिवर्तन नहीं होता है जिसके लिए प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी के ऊपर कभी कोई कार्रवाई नहीं होता तापी विद्युत परियोजना में जो संबंधित प्रकार जिस अधिकारी के द्वारा देखा जा रहा है जो एक लंबे समय से लापरवाही कर रहा है उसे अधिकारी के ऊपर कार्रवाई के बजाय उसे इनाम स्वरूप प्रमोशन पद पर रहते हुए मिल जाए तो अधिकारियों के हौसले और बड़े हो जाते हैं और इन अधिकारियों के हौसले इसलिए भी बड़े हैं क्यों प्रदूषण विभाग के जो अधिकारी हैं जनपद सोनभद्र में ही क्षेत्रीय प्रदूषण कार्यालय है और यहां पर संबंधित विभाग के अधिकारी बैठते हैं जो धरातल पर आकर सोता संज्ञान लेना चाहिए वह शिकायतों के बावजूद शिकायत को नजर अंदाज करते हैं और शिकायत को कोरम पूरा करने के क्रम में सिर्फ निस्तारित कर देते हैं1
- Post by Gurumer Singh1
- शक्तिनगर बना हादसों का गढ़! आखिर कब जागेगा प्रशासन? शक्तिनगर परिक्षेत्र में एक बार फिर दर्दनाक हादसा… तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत! हैरानी की बात ये है कि ऐसे हादसे अब आम हो चुके हैं… हर दिन कोई न कोई इस लापरवाही का शिकार बन रहा है। मुख्य वजह क्या है? कोयला और राख (फ्लाई ऐश) ढोने वाले भारी वाहन ओवरलोडिंग और बेलगाम रफ्तार नियमों की खुलेआम अनदेखी सवाल ये है — क्या इंसानी जान की कोई कीमत नहीं बची? प्रशासन से सीधी मांग: ओवरलोड वाहनों पर तुरंत कार्रवाई स्पीड पर सख्त नियंत्रण ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की एंट्री बंद अब चुप रहना खतरे को बुलावा देना है! आवाज उठाइए… शेयर कीजिए… ताकि ये मुद्दा दब न जाए। आपकी एक शेयर किसी की जान बचा सकती है! #Shaktinagar #Accident #RoadSafety #VoiceForSafety #सुरक्षा_जरूरी1
- Post by SK Paswan1