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पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा सांसद दुष्यंत सिंह की द्वितीय चरण की पदयात्रा कार्यक्रम
Balbahadur Singh
पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा सांसद दुष्यंत सिंह की द्वितीय चरण की पदयात्रा कार्यक्रम
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- Post by Balram Patwa1
- गौमाता महोत्सव के बाद शर्मनाक घटना, चेचट के घाटोली में मृत गाय को ट्रैक्टर से घसीटा, वीडियो वायरल रामगंजमंडी क्षेत्र के चेचट कस्बे के घाटोली गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मृत गाय को ट्रैक्टर से बांधकर घसीटते हुए ले जाया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और घटना की कड़ी निंदा की जा रही है। गोरक्षा राष्ट्रीय प्रभारी प्रहलाद राठौर ने बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले करीब छह दिन पूर्व खेड़ारुध्दा क्षेत्र से भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है, जिस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सज्ञान लिया था,लेकिन उसके बाद भी गौवंश के प्रति लापरवाही और असंवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में क्षेत्र में तीन दिवसीय गौमाता महोत्सव का आयोजन किया गया था। इसी दौरान बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा रामकथा का वाचन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सहित देशभर से संत-महात्मा शामिल हुए थे। मंच से गौमाता संरक्षण के बड़े-बड़े उपदेश दिए गए, लेकिन महोत्सव समाप्त होते ही इस तरह की शर्मनाक घटना सामने आना कई सवाल खड़े करता है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से गौवंश संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की अपील की है।1
- मछलपुर: गुर्जर समाज ने मनाया अपने आराध्य देव लोक देवता भगवान श्री देवनारायण जन्मोत्सव विधायक हजारीलाल दांगी ने सामुदायिक भवन हेतु समाज को 21 रुपए देने की घोषणा की भव्य चल समारोह निकला अतिथियों को सम्मानित किया प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया व विशाल सहभोज रखा गया।1
- -इटावा में समस्याओं को लेकर किसानों ने निकाली आक्रोश रैली -एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा 15 सूत्रीय मांग पत्र इटावा/ कोटा। फसल खराबा, बीमा क्लेम एवं विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कोटा जिले के इटावा में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों, मजदूरों एवं आमजन ने आक्रोश रैली निकालकर उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। रैली सूखनी नदी कोटा रोड बस स्टैंड से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। जहां आमसभा आयोजित कर उपखंड अधिकारी इटावा को मुख्यमंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। रैली व सभा का नेतृत्व किसान सभा तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा एवं तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने किया। सभा को किसान सभा संयुक्त सचिव कमल बागड़ी, किसान नेता दुलीचंद आर्य, भोजराज नागर, भवानी शंकर कुशवाह, मुकुट बिहारी जंगम, मुरारीलाल बैरवा, दिलीप मीणा, हंसराज मीणा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव कमल बागड़ी ने कहा कि वर्ष 2025 की खरीफ फसलें अतिवृष्टि के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई। साथ ही तहसील क्षेत्र के कई गांवों व कस्बों में आवासीय मकान भी धराशायी हुए हैं। कई गांवों में मनरेगा कार्य महीनों से बंद पड़ा है। जिससे किसानों और मजदूरों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं मिला है। फसल बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम लेने के बावजूद किसानों को नष्ट फसलों का उचित बीमा क्लेम नहीं दिया गया। जिससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिवस के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो किसान व मजदूर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ये रहीं प्रदर्शन की मुख्य मांगें तहसील सचिव बाबूलाल बलवानी ने बताया कि प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में खरीफ 2024 एवं 2025 में अतिवृष्टि से नष्ट फसलों का बीमा क्लेम शीघ्र भुगतान, नष्ट फसलों व आवासीय मकानों का मुआवजा जारी करना, कृषि उपज मंडी में लुटे गए 102 किसानों का भुगतान, रुकी हुई पेंशन बहाल करना, मनरेगा व शहरी रोजगार योजना के लंबित भुगतान, खेतों के रास्तों से अतिक्रमण हटाना, फसलों के लाभकारी मूल्य के लिए गारंटी कानून बनाना, किसानों के केसीसी व सहकारी ऋण माफ करना, सरसों, चना व गेहूं की समर्थन मूल्य पर समय पर सरकारी खरीद, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेना, चार श्रम कानून वापस लेना तथा निशुल्क पट्टा योजना के तहत आवासीय पट्टे जारी करना आदि मांगें शामिल रहीं। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन करने वालों में छीतरलाल बैरवा, सूरजमल बैरवा, हरिओम मीणा, लेखराज मीणा, महावीर प्रसाद मीणा, कमल योगी, गोबरीलाल, रामचरण, धनपाल गुर्जर, राधेश्याम परालिया, सीटू यूनियन अध्यक्ष कामरेड गोपाललाल महावर, अमोलकचंद, प्रेम पेंटर सहित सैंकड़ों किसान, मजदूर एवं महिलाएं मौजूद रहीं।4
- प्रदेश में SIR को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हावी हो रही है। कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुजंल ने कहा- SIR के जरिये बीजेपी सांप्रदायिक एजेंडा पूरा करना चाहती है। कलेक्टर परेशान हैं, अधिकारी परेशान हैं, ऊपर से नाम काटे जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे बुरा क्या होगा कि पालिका चेयरमैन और नेशनल अवार्डी रहे नसरूददीन का नाम काटने का फॉर्म जमा करवा दिया गया।1
- Post by Mayur times news1
- रामगंज मंडी पंचायत कुमकोट 11000 केवी लाइन अंदर गर्भ में उतरने के कारण हादसा हुआ1
- कोटा शहर के झालावाड़ रोड स्थित प्रसिद्ध सिटी मॉल में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लोन रिकवरी के लिए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बैंक ने मॉल के बेसमेंट में स्थित दुकान नंबर B-54 जो नानूस अड्डा के नाम से संचालित थी, उसे अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। बैंक के विधिक सलाहकार विनीत विजय ने बताया- बैंक ने इस दुकान पर 65 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया था। पिछले काफी समय से दुकान मालिक की ओर से लोन की किश्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। बैंक ने इस संबंध में कई बार कानूनी नोटिस जारी कर बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया गया लेकिन भुगतान नहीं मिला। विधिक सलाहकार ने बताया कि लोन की वसूली न होने पर बैंक ने कानूनी रास्ता अपनाया। कोर्ट ने बैंक के पक्ष में कब्जा लेने के आदेश जारी किए।1
- गोरमेंट कॉमर्स कॉलेज के छात्र नेता संयम जैन ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे छात्रों और समाज के हितों के खिलाफ बताया और इसे “काला कानून” करार दिया। संयम जैन ने अपने बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आज विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग आसीन हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष जैसे पदों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिनिधित्व बढ़ा है, ऐसे में असमानता के नाम पर नीतियों को लागू करना गंभीर बहस का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में सामान्य वर्ग के कई समुदाय खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित संस्थाओं से सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाने की मांग की। छात्र नेता ने देशभर के युवाओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि 30 जनवरी तक गांव, जिला और शहर स्तर पर अधिक से अधिक संख्या में ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जाए, ताकि यूजीसी के इन नियमों को वापस लिया जा सके। संयम जैन ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे पर छात्र संगठनों में लगातार चर्चा तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान और व्यापक रूप लेने की संभावना है।1