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सेवा में, जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर महोदय, जिला भिंड (मध्य प्रदेश) विषय: गोहद स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने, अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार, घर पर जाकर धमकी देने एवं बाल मनोविज्ञान को आहत करने संबंधी गंभीर एवं आपात संवैधानिक प्रतिवेदन। महोदय, अत्यंत गंभीरता, वेदना एवं गहन चिंता के साथ यह प्रतिवेदन आपके संज्ञान में प्रस्तुत किया जा रहा है कि गोहद नगर स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय, जिसके संचालक श्री पवन गुप्ता हैं, द्वारा शिक्षा व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं मानवीय गरिमा के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक, अमानवीय एवं दण्डनीय कृत्य किया गया है। प्राप्त तथ्य एवं साक्ष्यों के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन द्वारा फीस अदायगी में विलंब को आधार बनाकर निम्नलिखित विद्यार्थियों— 1. अंशु गुप्ता 2. अनंत गुप्ता —को निर्धारित परीक्षा में सम्मिलित होने से जानबूझकर वंचित कर दिया गया। साथ ही, उनके अभिभावकों के साथ अभद्र, अपमानजनक एवं असम्मानजनक व्यवहार करते हुए बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर कर दिया गया। घटना का स्वरूप यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अत्यंत चिंताजनक एवं आपराधिक रूप तब सामने आया जब विद्यालय संचालक स्वयं अभिभावकों के निवास पर पहुंचे और बच्चों के समक्ष ही अभिभावकों को धमकाया, अपशब्दों का प्रयोग किया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस कृत्य से बच्चों के कोमल मन पर गहरा आघात पहुँचा है, जिसके परिणामस्वरूप उनमें हीन भावना, भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव उत्पन्न हो गया है। यह न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है, बल्कि विधिक दृष्टि से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उक्त समस्त कृत्य निम्न संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन है: 1. अनुच्छेद 21-A (शिक्षा का अधिकार): प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का मौलिक अधिकार है। परीक्षा से वंचित करना इस अधिकार का प्रत्यक्ष हनन है। 2. अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार): फीस के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार संविधान के विरुद्ध है। 3. अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत गरिमा का अधिकार): बच्चों एवं अभिभावकों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाई गई। 4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act): फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषतः परीक्षा, से वंचित करना पूर्णतः अवैधानिक है। 5. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देश: फीस बकाया होने की स्थिति में भी विद्यार्थियों को परीक्षा या कक्षा से वंचित करना प्रतिबंधित है। 6. बाल संरक्षण एवं मानसिक उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान: बच्चों के समक्ष धमकी, अपशब्द एवं मानसिक प्रताड़ना देना उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जो दण्डनीय कृत्य है। अतः आपसे अत्यंत गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ निवेदन है कि: 1. उक्त प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. विद्यालय संचालक श्री पवन गुप्ता एवं संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई (आवश्यक होने पर FIR दर्ज कर) की जाए। 3. पीड़ित विद्यार्थियों—अंशु गुप्ता एवं अनंत गुप्ता—को तत्काल प्रभाव से परीक्षा में सम्मिलित कराया जाए, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। 4. बच्चों के मानसिक आघात को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। 5. जिले के समस्त निजी विद्यालयों को स्पष्ट, बाध्यकारी एवं दण्डात्मक निर्देश जारी किए जाएं कि फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित न किया जाए। 6. शिक्षा विभाग एवं बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से एक सुदृढ़ निगरानी एवं त्वरित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए। महोदय, यह घटना केवल दो विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भविष्य, बच्चों के आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य एवं शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय है। यदि इस प्रकार के कृत्यों पर समय रहते कठोर एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रवृत्ति व्यापक स्तर पर अन्याय एवं भय का वातावरण उत्पन्न कर सकती है। अतः आपसे अपेक्षा है कि इस गंभीर प्रकरण पर शीघ्र, कठोर एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भवदीय, निवासी – गोहद, जिला भिंड (म.प्र.) दिनांक: प्रेषक---उमाशंकर गुप्ता अभिभावक

5 hrs ago
user_Dinesh soni
Dinesh soni
Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

सेवा में, जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर महोदय, जिला भिंड (मध्य प्रदेश) विषय: गोहद स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने, अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार, घर पर जाकर धमकी देने एवं बाल मनोविज्ञान को आहत करने संबंधी गंभीर एवं आपात संवैधानिक प्रतिवेदन। महोदय, अत्यंत गंभीरता, वेदना एवं गहन चिंता के साथ यह प्रतिवेदन आपके संज्ञान में प्रस्तुत किया जा रहा है कि गोहद नगर स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय, जिसके संचालक श्री पवन गुप्ता हैं, द्वारा शिक्षा व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं मानवीय गरिमा के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक, अमानवीय एवं दण्डनीय कृत्य किया गया है। प्राप्त तथ्य एवं साक्ष्यों के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन द्वारा फीस अदायगी में विलंब को आधार बनाकर निम्नलिखित विद्यार्थियों— 1. अंशु गुप्ता 2. अनंत गुप्ता —को निर्धारित परीक्षा में सम्मिलित होने से जानबूझकर वंचित कर दिया गया। साथ ही, उनके अभिभावकों के साथ अभद्र, अपमानजनक एवं असम्मानजनक व्यवहार करते हुए बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर कर दिया गया। घटना का स्वरूप यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अत्यंत चिंताजनक एवं आपराधिक रूप तब सामने आया जब विद्यालय संचालक स्वयं अभिभावकों के निवास पर पहुंचे और बच्चों के समक्ष ही अभिभावकों को धमकाया, अपशब्दों का प्रयोग किया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस कृत्य से बच्चों के कोमल मन पर गहरा आघात पहुँचा है, जिसके परिणामस्वरूप उनमें हीन भावना, भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव उत्पन्न हो गया है। यह न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है, बल्कि विधिक दृष्टि से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उक्त समस्त कृत्य निम्न संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन है: 1. अनुच्छेद 21-A (शिक्षा का अधिकार): प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का मौलिक अधिकार है। परीक्षा से वंचित करना इस अधिकार का प्रत्यक्ष हनन है। 2. अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार): फीस के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार संविधान के विरुद्ध है। 3. अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत गरिमा का अधिकार): बच्चों एवं अभिभावकों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाई गई। 4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act): फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषतः परीक्षा, से वंचित करना पूर्णतः अवैधानिक है। 5. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देश: फीस बकाया होने की स्थिति में भी विद्यार्थियों को परीक्षा या कक्षा से वंचित करना प्रतिबंधित है। 6. बाल संरक्षण एवं मानसिक उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान: बच्चों के समक्ष धमकी, अपशब्द एवं मानसिक प्रताड़ना देना उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जो दण्डनीय कृत्य है। अतः आपसे अत्यंत गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ निवेदन है कि: 1. उक्त प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. विद्यालय संचालक श्री पवन गुप्ता एवं संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई (आवश्यक होने पर FIR दर्ज कर) की जाए। 3. पीड़ित विद्यार्थियों—अंशु गुप्ता एवं अनंत गुप्ता—को तत्काल प्रभाव से परीक्षा में सम्मिलित कराया जाए, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। 4. बच्चों के मानसिक आघात को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। 5. जिले के समस्त निजी विद्यालयों को स्पष्ट, बाध्यकारी एवं दण्डात्मक निर्देश जारी किए जाएं कि फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित न किया जाए। 6. शिक्षा विभाग एवं बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से एक सुदृढ़ निगरानी एवं त्वरित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए। महोदय, यह घटना केवल दो विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भविष्य, बच्चों के आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य एवं शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय है। यदि इस प्रकार के कृत्यों पर समय रहते कठोर एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रवृत्ति व्यापक स्तर पर अन्याय एवं भय का वातावरण उत्पन्न कर सकती है। अतः आपसे अपेक्षा है कि इस गंभीर प्रकरण पर शीघ्र, कठोर एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भवदीय, निवासी – गोहद, जिला भिंड (म.प्र.) दिनांक: प्रेषक---उमाशंकर गुप्ता अभिभावक

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  • प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय रविन्द्र पबैया जी के द्वारा आज भिंड सर्किट हाउस में संभाग की तथा भिंड जिले के पदाधिकारी को नियुक्त किया गया इस कार्यक्रम में ग्वालियर से आए सामान्य राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र भैया जी अशोक सोनी जी और उनके सभी साथियों का भिंड के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष दिनेश सोनी ने सभी साथियों को बहुत-बहुत धन्यवाद साथ ही नवनीत जिला अध्यक्ष दिनेश सोनी ने कहा की बहुत जल्दी जिले की कार्यकारिणी घोषित की जाएगी* *हमारे यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब जरूर करें धन्यवाद*
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    प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय रविन्द्र पबैया जी के द्वारा आज भिंड सर्किट हाउस में संभाग की तथा भिंड जिले के पदाधिकारी को नियुक्त किया गया इस कार्यक्रम में ग्वालियर से आए सामान्य राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र भैया जी अशोक सोनी जी और उनके सभी साथियों का भिंड के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष दिनेश सोनी ने सभी साथियों को बहुत-बहुत धन्यवाद साथ ही नवनीत जिला अध्यक्ष दिनेश सोनी ने कहा की बहुत जल्दी जिले की कार्यकारिणी घोषित की जाएगी* *हमारे यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब जरूर करें धन्यवाद*
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ग्वालियर से एक अजीब मामला सामने आया हैं. नई बहु आने पर पड़ोसियों ने शराब पार्टी की मांग की. मना किया तो लाठी डंडों से पूरे परिवार को पीटा. घायल दूल्हा दुल्हन को इलाज के लिए अस्पताल में कराया भर्ती. शादी की रस्में छोड़ पीड़ित परिवार थाने पहुंचा.. आरोन थाना क्षेत्र के पटाई गांव का मामला.. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने किया मामला दर्ज ... आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस.
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    ग्वालियर से एक अजीब मामला सामने आया हैं. नई बहु आने पर पड़ोसियों ने शराब पार्टी की मांग की.
मना किया तो लाठी डंडों से पूरे परिवार को पीटा.
घायल दूल्हा दुल्हन को इलाज के लिए अस्पताल में  कराया भर्ती.
शादी की रस्में छोड़ पीड़ित परिवार थाने पहुंचा..
आरोन थाना क्षेत्र के  पटाई गांव का मामला.. 
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने  किया मामला दर्ज ... 
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस.
    user_कृष्ण कांत शर्मा
    कृष्ण कांत शर्मा
    Media company भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • भिंड जिले में नहीं थम रही है एलपीजी गैस की कालाबाजारी लगातार कालाबाजारी के माध्यम से मुनाफा कमा रहे हैं एजेंसी संचालक यही मामला गोरमी नगर में मां वैष्णो देवी एचपी गैस एजेंसी पर भी आज देखने को मिला जहां ग्राहक को यह कह कर लौटे गया कि उसका बीमा नहीं है कहीं उसकी केवाईसी नहीं है इस तरीके की घटनाएं रोज सामने आ रही है ग्राहक के सब कुछ कंप्लीट होने के बावजूद भी उसे गुमराह किया जा रहा है और उसके सिलेंडर को दूसरी ओर वितरित किया जा रहा है
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    भिंड जिले में नहीं थम रही है एलपीजी गैस की कालाबाजारी लगातार कालाबाजारी के माध्यम से मुनाफा कमा रहे हैं एजेंसी संचालक यही मामला गोरमी नगर में मां वैष्णो देवी एचपी गैस एजेंसी पर भी आज देखने को मिला जहां ग्राहक को यह कह कर लौटे गया कि उसका बीमा नहीं है कहीं उसकी केवाईसी नहीं है इस तरीके की घटनाएं रोज सामने आ रही है ग्राहक के सब कुछ कंप्लीट होने के बावजूद भी उसे गुमराह किया जा रहा है और उसके सिलेंडर को दूसरी ओर वितरित किया जा रहा है
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • महेवा (इटावा)। विकास खंड महेवा के ग्राम ईकरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गांव में ट्रांसफार्मर से जुड़ी सर्विस केबल पानी की टंकी के पास सड़क पर लटकी हुई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार केबल बीच सड़क पर पड़ी हुई थी, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा था। खतरे को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने केबल को पास ही स्थित बरगद के पेड़ पर लटका दिया, लेकिन यह अभी भी सड़क से बहुत कम ऊंचाई पर है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इस समस्या के कारण ट्रैक्टर व अन्य चार पहिया वाहन निकल नहीं पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में बलजीत, शिवकिशोर त्रिपाठी, प्रकाश करौलिया, भोले करोलिया सहित कई लोग शामिल रहे। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। इस संबंध में जेई रामसेवक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लाइनमैन को निर्देश देकर केबल को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
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    महेवा (इटावा)। विकास खंड महेवा के ग्राम ईकरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गांव में ट्रांसफार्मर से जुड़ी सर्विस केबल पानी की टंकी के पास सड़क पर लटकी हुई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार केबल बीच सड़क पर पड़ी हुई थी, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा था। खतरे को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने केबल को पास ही स्थित बरगद के पेड़ पर लटका दिया, लेकिन यह अभी भी सड़क से बहुत कम ऊंचाई पर है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
इस समस्या के कारण ट्रैक्टर व अन्य चार पहिया वाहन निकल नहीं पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों में बलजीत, शिवकिशोर त्रिपाठी, प्रकाश करौलिया, भोले करोलिया सहित कई लोग शामिल रहे। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।
इस संबंध में जेई रामसेवक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लाइनमैन को निर्देश देकर केबल को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
    user_Ankur Tripathi
    Ankur Tripathi
    Local News Reporter चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश – रामपुर जिले के बिलासपुर में सुहागरात पर ही विवाद का मामला सामने आया है, जहां दुल्हन ने दूल्हे के साथ मारपीट कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया बताया जा रहा है कि दुल्हन उत्तराखंड की रहने वाली है और वह इस शादी से खुश नहीं थी, परिजनों द्वारा जबरदस्ती शादी कराने के चलते उसने सुहागरात पर ही विरोध किया घटना के बाद दूल्हा दहशत में है और उसने साथ रहने से इनकार करते हुए कहा कि अगर उसे मजबूर किया गया तो वह आत्मघाती कदम उठा सकता है
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    उत्तर प्रदेश – रामपुर जिले के बिलासपुर में सुहागरात पर ही विवाद का मामला सामने आया है, जहां दुल्हन ने दूल्हे के साथ मारपीट कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया
बताया जा रहा है कि दुल्हन उत्तराखंड की रहने वाली है और वह इस शादी से खुश नहीं थी, परिजनों द्वारा जबरदस्ती शादी कराने के चलते उसने सुहागरात पर ही विरोध किया
घटना के बाद दूल्हा दहशत में है और उसने साथ रहने से इनकार करते हुए कहा कि अगर उसे मजबूर किया गया तो वह आत्मघाती कदम उठा सकता है
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by Urvashi singh
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    Post by Urvashi singh
    user_Urvashi singh
    Urvashi singh
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Rohit Kumar
    1
    Post by Rohit Kumar
    user_Rohit Kumar
    Rohit Kumar
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सेवा में, जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर महोदय, जिला भिंड (मध्य प्रदेश) विषय: गोहद स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने, अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार, घर पर जाकर धमकी देने एवं बाल मनोविज्ञान को आहत करने संबंधी गंभीर एवं आपात संवैधानिक प्रतिवेदन। महोदय, अत्यंत गंभीरता, वेदना एवं गहन चिंता के साथ यह प्रतिवेदन आपके संज्ञान में प्रस्तुत किया जा रहा है कि गोहद नगर स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय, जिसके संचालक श्री पवन गुप्ता हैं, द्वारा शिक्षा व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं मानवीय गरिमा के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक, अमानवीय एवं दण्डनीय कृत्य किया गया है। प्राप्त तथ्य एवं साक्ष्यों के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन द्वारा फीस अदायगी में विलंब को आधार बनाकर निम्नलिखित विद्यार्थियों— 1. अंशु गुप्ता 2. अनंत गुप्ता —को निर्धारित परीक्षा में सम्मिलित होने से जानबूझकर वंचित कर दिया गया। साथ ही, उनके अभिभावकों के साथ अभद्र, अपमानजनक एवं असम्मानजनक व्यवहार करते हुए बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर कर दिया गया। घटना का स्वरूप यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अत्यंत चिंताजनक एवं आपराधिक रूप तब सामने आया जब विद्यालय संचालक स्वयं अभिभावकों के निवास पर पहुंचे और बच्चों के समक्ष ही अभिभावकों को धमकाया, अपशब्दों का प्रयोग किया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस कृत्य से बच्चों के कोमल मन पर गहरा आघात पहुँचा है, जिसके परिणामस्वरूप उनमें हीन भावना, भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव उत्पन्न हो गया है। यह न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है, बल्कि विधिक दृष्टि से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उक्त समस्त कृत्य निम्न संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन है: 1. अनुच्छेद 21-A (शिक्षा का अधिकार): प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का मौलिक अधिकार है। परीक्षा से वंचित करना इस अधिकार का प्रत्यक्ष हनन है। 2. अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार): फीस के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार संविधान के विरुद्ध है। 3. अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत गरिमा का अधिकार): बच्चों एवं अभिभावकों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाई गई। 4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act): फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषतः परीक्षा, से वंचित करना पूर्णतः अवैधानिक है। 5. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देश: फीस बकाया होने की स्थिति में भी विद्यार्थियों को परीक्षा या कक्षा से वंचित करना प्रतिबंधित है। 6. बाल संरक्षण एवं मानसिक उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान: बच्चों के समक्ष धमकी, अपशब्द एवं मानसिक प्रताड़ना देना उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जो दण्डनीय कृत्य है। अतः आपसे अत्यंत गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ निवेदन है कि: 1. उक्त प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. विद्यालय संचालक श्री पवन गुप्ता एवं संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई (आवश्यक होने पर FIR दर्ज कर) की जाए। 3. पीड़ित विद्यार्थियों—अंशु गुप्ता एवं अनंत गुप्ता—को तत्काल प्रभाव से परीक्षा में सम्मिलित कराया जाए, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। 4. बच्चों के मानसिक आघात को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। 5. जिले के समस्त निजी विद्यालयों को स्पष्ट, बाध्यकारी एवं दण्डात्मक निर्देश जारी किए जाएं कि फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित न किया जाए। 6. शिक्षा विभाग एवं बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से एक सुदृढ़ निगरानी एवं त्वरित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए। महोदय, यह घटना केवल दो विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भविष्य, बच्चों के आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य एवं शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय है। यदि इस प्रकार के कृत्यों पर समय रहते कठोर एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रवृत्ति व्यापक स्तर पर अन्याय एवं भय का वातावरण उत्पन्न कर सकती है। अतः आपसे अपेक्षा है कि इस गंभीर प्रकरण पर शीघ्र, कठोर एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भवदीय, निवासी – गोहद, जिला भिंड (म.प्र.) दिनांक: प्रेषक---उमाशंकर गुप्ता अभिभावक
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    सेवा में,
जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर महोदय,
जिला भिंड (मध्य प्रदेश)
विषय: गोहद स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने, अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार, घर पर जाकर धमकी देने एवं बाल मनोविज्ञान को आहत करने संबंधी गंभीर एवं आपात संवैधानिक प्रतिवेदन।
महोदय,
अत्यंत गंभीरता, वेदना एवं गहन चिंता के साथ यह प्रतिवेदन आपके संज्ञान में प्रस्तुत किया जा रहा है कि गोहद नगर स्थित “फर्स्ट स्टेप” विद्यालय, जिसके संचालक श्री पवन गुप्ता हैं, द्वारा शिक्षा व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं मानवीय गरिमा के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक, अमानवीय एवं दण्डनीय कृत्य किया गया है।
प्राप्त तथ्य एवं साक्ष्यों के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन द्वारा फीस अदायगी में विलंब को आधार बनाकर निम्नलिखित विद्यार्थियों—
1. अंशु गुप्ता
2. अनंत गुप्ता
—को निर्धारित परीक्षा में सम्मिलित होने से जानबूझकर वंचित कर दिया गया। साथ ही, उनके अभिभावकों के साथ अभद्र, अपमानजनक एवं असम्मानजनक व्यवहार करते हुए बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर कर दिया गया।
घटना का स्वरूप यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अत्यंत चिंताजनक एवं आपराधिक रूप तब सामने आया जब विद्यालय संचालक स्वयं अभिभावकों के निवास पर पहुंचे और बच्चों के समक्ष ही अभिभावकों को धमकाया, अपशब्दों का प्रयोग किया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
इस कृत्य से बच्चों के कोमल मन पर गहरा आघात पहुँचा है, जिसके परिणामस्वरूप उनमें हीन भावना, भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव उत्पन्न हो गया है। यह न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है, बल्कि विधिक दृष्टि से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
उक्त समस्त कृत्य निम्न संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों का घोर उल्लंघन है:
1. अनुच्छेद 21-A (शिक्षा का अधिकार):
प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का मौलिक अधिकार है। परीक्षा से वंचित करना इस अधिकार का प्रत्यक्ष हनन है।
2. अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार):
फीस के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार संविधान के विरुद्ध है।
3. अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत गरिमा का अधिकार):
बच्चों एवं अभिभावकों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाई गई।
4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act):
फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषतः परीक्षा, से वंचित करना पूर्णतः अवैधानिक है।
5. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देश:
फीस बकाया होने की स्थिति में भी विद्यार्थियों को परीक्षा या कक्षा से वंचित करना प्रतिबंधित है।
6. बाल संरक्षण एवं मानसिक उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान:
बच्चों के समक्ष धमकी, अपशब्द एवं मानसिक प्रताड़ना देना उनके मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जो दण्डनीय कृत्य है।
अतः आपसे अत्यंत गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ निवेदन है कि:
1. उक्त प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. विद्यालय संचालक श्री पवन गुप्ता एवं संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई (आवश्यक होने पर FIR दर्ज कर) की जाए।
3. पीड़ित विद्यार्थियों—अंशु गुप्ता एवं अनंत गुप्ता—को तत्काल प्रभाव से परीक्षा में सम्मिलित कराया जाए, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके।
4. बच्चों के मानसिक आघात को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
5. जिले के समस्त निजी विद्यालयों को स्पष्ट, बाध्यकारी एवं दण्डात्मक निर्देश जारी किए जाएं कि फीस के आधार पर किसी भी छात्र को शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित न किया जाए।
6. शिक्षा विभाग एवं बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से एक सुदृढ़ निगरानी एवं त्वरित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए।
महोदय, यह घटना केवल दो विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भविष्य, बच्चों के आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य एवं शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय है। यदि इस प्रकार के कृत्यों पर समय रहते कठोर एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रवृत्ति व्यापक स्तर पर अन्याय एवं भय का वातावरण उत्पन्न कर सकती है।
अतः आपसे अपेक्षा है कि इस गंभीर प्रकरण पर शीघ्र, कठोर एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भवदीय,
निवासी – गोहद, जिला भिंड (म.प्र.)
दिनांक: 
प्रेषक---उमाशंकर गुप्ता अभिभावक
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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