बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी व आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में जनआंदोलन जारी, मैहर जिलाध्यक्ष धर्मेश घई ने दर्ज कराई सहभागिता मैहर - कमिश्नर कार्यालय स्थित धरना स्थल पर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ चल रहे न्याय सत्याग्रह का पांचवां दिन भी आक्रोश और जनसमर्थन के बीच जारी रहा। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय जीतू पटवारी एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में चल रहे इस जनआंदोलन में मैहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष धर्मेश घई (रोमी भैया) ने सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। अस्पतालों में अव्यवस्था और कथित लापरवाही के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने तथा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने “स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। न्याय सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आम जनता को न्याय नहीं मिलता और स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार से ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। “जनता की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा”—यह संदेश न्याय सत्याग्रह के मंच से दिया गया।
बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी व आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में जनआंदोलन जारी, मैहर जिलाध्यक्ष धर्मेश घई ने दर्ज कराई सहभागिता मैहर - कमिश्नर कार्यालय स्थित धरना स्थल पर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ चल रहे न्याय सत्याग्रह का पांचवां दिन भी आक्रोश और जनसमर्थन के बीच जारी रहा। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के
अध्यक्ष माननीय जीतू पटवारी एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में चल रहे इस जनआंदोलन में मैहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष धर्मेश घई (रोमी भैया) ने सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। अस्पतालों में अव्यवस्था और कथित लापरवाही के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना
करना पड़ रहा है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने तथा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने “स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। न्याय सत्याग्रह
के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आम जनता को न्याय नहीं मिलता और स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार से ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। “जनता की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा”—यह संदेश न्याय सत्याग्रह के मंच से दिया गया।
- बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी व आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में जनआंदोलन जारी, मैहर जिलाध्यक्ष धर्मेश घई ने दर्ज कराई सहभागिता मैहर - कमिश्नर कार्यालय स्थित धरना स्थल पर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ चल रहे न्याय सत्याग्रह का पांचवां दिन भी आक्रोश और जनसमर्थन के बीच जारी रहा। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय जीतू पटवारी एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में चल रहे इस जनआंदोलन में मैहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष धर्मेश घई (रोमी भैया) ने सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। अस्पतालों में अव्यवस्था और कथित लापरवाही के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने तथा व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने “स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। न्याय सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आम जनता को न्याय नहीं मिलता और स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार से ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। “जनता की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा”—यह संदेश न्याय सत्याग्रह के मंच से दिया गया।4
- सर्व मंगल मांगल्ये, शिवेसर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते।। प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी !! जय माई की!! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !!जय हो माई शारदा की!! !!जय हो माई शारदा की!!1
- सतना मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट संकट: 6 महीने से बंद हैं 13 लिफ्ट, डॉक्टर और छात्र सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर सतना: सतना के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में इन दिनों सुविधाओं का बुरा हाल है। पिछले करीब छह महीनों से कॉलेज परिसर की आधी से ज्यादा लिफ्ट बंद पड़ी हैं, जिससे डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 27 लिफ्टों में से 13 लिफ्ट चालू नहीं हैं। स्थिति इतनी खराब है कि डॉक्टरों और छात्रों को हर दिन 8 से 9 मंजिल तक सीढ़ियों के रास्ते आना-जाना पड़ रहा है। कॉलेज के शैक्षणिक ब्लॉक में छात्रों को दिन में कई बार अलग-अलग कक्षाओं और विभागों में जाने के लिए इन मंजिलों को सीढ़ियों से ही तय करना पड़ता है। लगातार सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने के कारण वे शारीरिक रूप से थक जाते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई और काम की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि परिसर के नौ मंजिला आवासीय भवनों और हॉस्टलों में रहने वाले अन्य लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें सीढ़ियाँ चढ़ने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। आपातकालीन स्थिति में भी बंद लिफ्ट किसी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। बजट अटका, वारंटी खत्म कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने लिफ्टों को ठीक कराने के लिए सरकार से बजट मांगा है, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है, जिसके कारण मरम्मत का काम अटका हुआ है। मेडिकल कॉलेज में स्थापित लिफ्टें ऑर्बिस एलिवेटर कंपनी लिमिटेड की हैं और इनकी वारंटी फरवरी 2026 में खत्म हो चुकी है। तत्कालीन डीन डॉ. एसपी गर्ग ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय को पत्र भेजकर लिफ्टों की मरम्मत और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए आवश्यक बजट की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, 13 लिफ्टों की मरम्मत के लिए 7 लाख 5 हजार 78 रुपये और ट्रांसफार्मर के लिए 8 लाख 21 हजार 612 रुपये की मांग की गई थी। इस संबंध में पीआईयू और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को भी पत्र लिखा गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों की परेशानी और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने 29 अगस्त को सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों के अनुसार, अब तक 10 से ज्यादा शिकायतें की जा चुकी हैं। छात्रों का कहना है कि सिर्फ सीढ़ियाँ चढ़ना ही उनकी परेशानी नहीं है; हॉस्टल में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने पर उन्हें पानी भी सीढ़ियों से ही ऊपरी मंजिलों तक ले जाना पड़ता है। एक लिफ्ट निवासियों ने अपने खर्च पर कराई चालू कॉलेज से जुड़े लोगों के अनुसार, आवासीय परिसर की एक लिफ्ट निवासियों ने अपने खर्च पर चालू कराई है। हालांकि, निवासियों का दावा है कि इस लिफ्ट की रस्सी कमजोर है और इसके इस्तेमाल में दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। लिफ्ट कंपनी और निर्माण एजेंसी के बीच 'हैंडओवर' और तीन साल की 'डिफेक्ट लायबिलिटी' को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, लिफ्ट कंपनी ने 2022 में निर्माण एजेंसी को लिफ्टें हैंडओवर की थीं, जबकि भवन का हैंडओवर 2023 में हुआ। इसी आधार पर लिफ्ट की वास्तविक उपयोग अवधि और डिफेक्ट लायबिलिटी की अवधि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है। मध्य भारत न्यूज़1
- बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में पहुंचे जीतू पटवारी मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं के साथ किया आत्मीय स्वागत मध्य प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रीवा में जारी न्याय सत्याग्रह में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी रीवा पहुंचे। रीवा एयरपोर्ट पहुंचने पर मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने मैहर से लेकर पहुंचे अपने सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए न्याय सत्याग्रह के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। न्याय सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आम नागरिकों को समुचित उपचार सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के चलते आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जीतू पटवारी के रीवा पहुंचने से न्याय सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ न्याय सत्याग्रह में पहुंचे जीतू पटवारी मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं के साथ किया आत्मीय स्वागत मध्य प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रीवा में जारी न्याय सत्याग्रह में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी रीवा पहुंचे। रीवा एयरपोर्ट पहुंचने पर मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने मैहर से लेकर पहुंचे अपने सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए न्याय सत्याग्रह के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। न्याय सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आम नागरिकों को समुचित उपचार सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के चलते आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जीतू पटवारी के रीवा पहुंचने से न्याय सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर नागौद शिविल अस्पताल से डियूटी डॉ नदारत, फोन लगाने पर मरीजो के परिजन से करते है बत्तमीजी से बात ,मरीज हो रहे परेशान , स्टाफ नर्स से पूछने पर ड्यूटी डॉक्टर के बीमार होने की बात की गई1
- DGP के आदेश के बाद भी सतना ट्रैफिक पुलिस को लगा रील का रोग: सतना में सारे नियम आम जनता के लिए। सतना आम जनता का बिना सीट बेल्ट चालान काटने वाली सतना ट्रैफिक पुलिस खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। प्रदेश के DGP की सख्त रोक के बावजूद, पुलिसकर्मी बिना सीट बेल्ट वाहन चलाते हुए सोशल मीडिया पर लगातार रील्स अपलोड कर रहे हैं।जबकि डीजीपी ने साफ तौर पर आदेश जारी किया है कि वर्दी की गरिमा और पुलिस विभाग के अनुशासन के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। DGP के आदेश और इस दोहरे मापदंड पर जनता सवाल खड़े कर रही है। खाकी का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया कानून का सरेआम मजाक बना रहा है। अब सवाल उठता है दूसरों का चालान काटने वालों का कौन चालान काटेगा, फिलहाल रील बनाने के लिए "वीआईपी ड्यूटी चल रही है भैया" आप भी देखिए।1
- उंचेहरा: डंपर से पटपर डालकर रोका रास्ता, विरोध करने पर दबंगों ने दी धमकी; पीड़ित परिवार पहुंचा थाना उंचेहरा: डंपर से पटपर डालकर रोका रास्ता, विरोध करने पर दबंगों ने दी धमकी; पीड़ित परिवार पहुंचा थाना उंचेहरा: जनपद के वार्ड क्रमांक 15, पालहनपुर (पिपरहा मोहल्ला) में रास्ता बंद किए जाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी राजभान सिंगरौल का आरोप है कि गांव के ही महेंद्र सिंगरौल और राकेश सिंगरौल ने उनके घर के सामने डंपर से पटपर (मलबे का ढेर) गिराकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है। पीड़ित राजभान सिंगरौल के अनुसार, रास्ता बंद होने से बच्चों का स्कूल जाना और नल से पानी लाना भी मुश्किल हो गया है। जब उन्होंने इस बात का विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। घटना से डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने उंचेहरा थाने पहुंचकर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। #Unchehra #SatnaNews #MadhyaPradesh #UnchehraNews #BreakingNews #CrimeNews #PoliceAction #LocalNews #SatnaUpdate1
- 🚨 लगभग एक घंटे से रेलवे फाटक पर फंसे स्कूली बच्चे, मरीजों को भी करना पड़ता है घंटों इंतजार! 📍 ग्राम पंचायत भरौली का रेलवे फाटक ग्राम पंचायत भरौली स्थित रेलवे फाटक पर लंबे समय तक फाटक बंद रहने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूली बच्चे लगभग एक घंटे से फाटक खुलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है—स्थानीय लोगों के अनुसार मरीजों को लेकर आने-जाने वाले परिजन भी कई बार दो-दो घंटे तक फाटक खुलने का इंतजार करने को मजबूर होते हैं। 👉 सवाल यह है कि आपात स्थिति में मरीजों की जान और स्कूली बच्चों के समय की जिम्मेदारी किसकी है? क्या रेलवे और प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे? SNT NEWS PINCH संवाददाता — सत्यनारायण तिवारी #sntnewspinch #bharouli #railwaygate #maihar #localnews #publicissue #breakingnews1