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पटवार भवन बना दुकानदारों का गोदाम, आमजन परेशान — प्रशासन मौन? 📰 पटवार भवन बना दुकानदारों का गोदाम, आमजन परेशान — प्रशासन मौन? रायपुर। शहर के राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण कार्यालय पटवार भवन इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। जहां यह भवन आमजन की भूमि संबंधी समस्याओं जैसे नामांतरण, जमाबंदी नकल और सीमांकन आदि कार्यों के लिए बनाया गया था, वहीं अब यह परिसर दुकानदारों के सामान रखने का अड्डा बनता जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि पटवार भवन के बरामदों और खाली कमरों में आसपास के कुछ दुकानदार नियमित रूप से अपने व्यापारिक सामान जैसे कार्टन व अन्य वस्तुएं रख रहे हैं। परिसर में बेतरतीब तरीके से फैला यह सामान न केवल आवाजाही में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या यह प्रशासन की अनदेखी है या फिर मौन सहमति? पटवार भवन एक सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी सुरक्षा और सही उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। लेकिन यदि इसी प्रकार से इसका व्यावसायिक उपयोग होता रहा, तो भविष्य में भवन की स्थिति और भी खराब हो सकती है। स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि: पटवार भवन परिसर को तत्काल खाली करवाया जाए सरकारी संपत्ति की गरिमा बहाल की जाए भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाए अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या कार्रवाई करता है।

19 hrs ago
user_Atma Ram Saini
Atma Ram Saini
Journalist Raipur, Pali•
19 hrs ago

पटवार भवन बना दुकानदारों का गोदाम, आमजन परेशान — प्रशासन मौन? 📰 पटवार भवन बना दुकानदारों का गोदाम, आमजन परेशान — प्रशासन मौन? रायपुर। शहर के राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण कार्यालय पटवार भवन इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। जहां यह भवन आमजन की भूमि संबंधी समस्याओं जैसे नामांतरण, जमाबंदी नकल और सीमांकन आदि कार्यों के लिए बनाया गया था, वहीं अब यह परिसर दुकानदारों के सामान रखने का अड्डा बनता जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि पटवार भवन के बरामदों और खाली कमरों में आसपास के कुछ दुकानदार नियमित रूप से अपने व्यापारिक सामान जैसे कार्टन व अन्य वस्तुएं रख रहे हैं। परिसर में बेतरतीब तरीके से फैला यह सामान न केवल आवाजाही में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या यह प्रशासन की अनदेखी है या फिर मौन सहमति? पटवार भवन एक सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी सुरक्षा और सही उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। लेकिन यदि इसी प्रकार से इसका व्यावसायिक उपयोग होता रहा, तो भविष्य में भवन की स्थिति और भी खराब हो सकती है। स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि: पटवार भवन परिसर को तत्काल खाली करवाया जाए सरकारी संपत्ति की गरिमा बहाल की जाए भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाए अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या कार्रवाई करता है।

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  • रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी वैष्णव समाज का स्नेह मिलन व विनायक प्रसादी वैष्णव समाज ब्यावर जिला स्तर पर 8 मार्च को आयोजित प्रथम आर्दश निःशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन के एक माह बाद विवाह समिति द्वारा स्नेह मिलन कार्यक्रम रखा गया । विवाह सम्मेलन समिति के उपाध्यक्ष श्रीदास वैष्णव रास ने बताया की सामुहिक विवाह सम्मेलन के शानदार ऐतिहासिक भव्य और दिव्य सफल आयोजन की खुशी में विनायक महाराज की प्रसादी का आयोजन रखा गया । इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण ने आय व्यय का ब्यौरा पेश किया । जिसे सर्वसम्मति से सर्व मान्य किया गया । विवाह समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद हरिव्यासी व वैष्णव सेवा समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रावत द्वारा सभी नव विवाहित 11 वर वधु को कन्या दान राशि, उपहार व पोशाक भेंट देकर शुभकामनाएं दी । चतुर्थ सम्प्रदाय वैष्णव समाज ब्यावर के अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रावत ने आगंतुक सभी समाज बन्धुओं का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया । इस अवसर पर रामगोपाल,मदनदास, बृजकिशोर, रामगोपाल, दशरथदास, विजयप्रकाश, गोविन्द दास, प्रेमदास,भगवती प्रसाद, ओमप्रकाश,सांवलदास बलाड़ा, खेमदास, बुद्दादास, जगदीश प्रसाद,कमल किशोर, दिनेश,सांवरदास, रमेश दास इत्यादि समाज बन्धु उपस्थित रहे। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्रीदास वैष्णव रास ने किया ।
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    रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी 
वैष्णव समाज का स्नेह मिलन व विनायक प्रसादी
वैष्णव समाज ब्यावर जिला स्तर पर 8 मार्च को आयोजित प्रथम आर्दश निःशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन के एक माह बाद विवाह समिति द्वारा स्नेह मिलन कार्यक्रम रखा गया । विवाह सम्मेलन समिति के उपाध्यक्ष श्रीदास वैष्णव रास ने बताया की सामुहिक विवाह सम्मेलन के शानदार ऐतिहासिक भव्य और दिव्य सफल आयोजन की खुशी में विनायक महाराज की प्रसादी का आयोजन रखा गया । इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण ने आय व्यय का ब्यौरा पेश किया । जिसे सर्वसम्मति से सर्व मान्य किया गया । विवाह समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद हरिव्यासी व वैष्णव सेवा समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रावत द्वारा सभी नव विवाहित 11 वर वधु को कन्या दान राशि, उपहार व पोशाक भेंट देकर शुभकामनाएं दी । चतुर्थ सम्प्रदाय वैष्णव समाज ब्यावर के अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रावत ने आगंतुक सभी समाज बन्धुओं का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया ।
इस अवसर पर रामगोपाल,मदनदास, बृजकिशोर, रामगोपाल, दशरथदास, विजयप्रकाश, गोविन्द दास, प्रेमदास,भगवती प्रसाद, ओमप्रकाश,सांवलदास बलाड़ा, खेमदास, बुद्दादास, जगदीश प्रसाद,कमल किशोर, दिनेश,सांवरदास, रमेश दास इत्यादि समाज बन्धु उपस्थित रहे। 
सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्रीदास वैष्णव रास ने किया ।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • 📰 पटवार भवन बना दुकानदारों का गोदाम, आमजन परेशान — प्रशासन मौन? रायपुर। शहर के राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण कार्यालय पटवार भवन इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। जहां यह भवन आमजन की भूमि संबंधी समस्याओं जैसे नामांतरण, जमाबंदी नकल और सीमांकन आदि कार्यों के लिए बनाया गया था, वहीं अब यह परिसर दुकानदारों के सामान रखने का अड्डा बनता जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि पटवार भवन के बरामदों और खाली कमरों में आसपास के कुछ दुकानदार नियमित रूप से अपने व्यापारिक सामान जैसे कार्टन व अन्य वस्तुएं रख रहे हैं। परिसर में बेतरतीब तरीके से फैला यह सामान न केवल आवाजाही में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या यह प्रशासन की अनदेखी है या फिर मौन सहमति? पटवार भवन एक सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी सुरक्षा और सही उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। लेकिन यदि इसी प्रकार से इसका व्यावसायिक उपयोग होता रहा, तो भविष्य में भवन की स्थिति और भी खराब हो सकती है। स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि: पटवार भवन परिसर को तत्काल खाली करवाया जाए सरकारी संपत्ति की गरिमा बहाल की जाए भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाए अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या कार्रवाई करता है।
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    📰 पटवार भवन बना दुकानदारों का गोदाम, आमजन परेशान — प्रशासन मौन?
रायपुर। शहर के राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण कार्यालय पटवार भवन इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। जहां यह भवन आमजन की भूमि संबंधी समस्याओं जैसे नामांतरण, जमाबंदी नकल और सीमांकन आदि कार्यों के लिए बनाया गया था, वहीं अब यह परिसर दुकानदारों के सामान रखने का अड्डा बनता जा रहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सामने आया कि पटवार भवन के बरामदों और खाली कमरों में आसपास के कुछ दुकानदार नियमित रूप से अपने व्यापारिक सामान जैसे कार्टन व अन्य वस्तुएं रख रहे हैं। परिसर में बेतरतीब तरीके से फैला यह सामान न केवल आवाजाही में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या यह प्रशासन की अनदेखी है या फिर मौन सहमति?
पटवार भवन एक सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी सुरक्षा और सही उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। लेकिन यदि इसी प्रकार से इसका व्यावसायिक उपयोग होता रहा, तो भविष्य में भवन की स्थिति और भी खराब हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
पटवार भवन परिसर को तत्काल खाली करवाया जाए
सरकारी संपत्ति की गरिमा बहाल की जाए
भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाए
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या कार्रवाई करता है।
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    19 hrs ago
  • Post by Super News
    1
    Post by Super News
    user_Super News
    Super News
    Media company ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • ब्यावर जिले के मसूदा तहसील अंतर्गत कुशलपुरा निवासी पीड़ित पिता सावर सिंह अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण मामले में न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री का अपहरण गत 2 मार्च 2026 को पिंटू सिंह नामक युवक ने किया था, जिसके संबंध में मसूदा थाने में मुकदमा संख्या 62/2026 भी दर्ज है। पिता का कहना है कि पुलिस और अनुसंधान अधिकारी को नामजद जानकारी देने और बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है और न ही बालिका का कोई सुराग लगा है। आरोपी को आदतन अपराधी बताते हुए पीड़ित पिता ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी पुत्री की जान का खतरा जताया है और स्पष्ट किया है कि यदि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। देखिए इस मामले पर हमारी यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
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    ब्यावर जिले के मसूदा तहसील अंतर्गत कुशलपुरा निवासी पीड़ित पिता सावर सिंह अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण मामले में न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री का अपहरण गत 2 मार्च 2026 को पिंटू सिंह नामक युवक ने किया था, जिसके संबंध में मसूदा थाने में मुकदमा संख्या 62/2026 भी दर्ज है। पिता का कहना है कि पुलिस और अनुसंधान अधिकारी को नामजद जानकारी देने और बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है और न ही बालिका का कोई सुराग लगा है। आरोपी को आदतन अपराधी बताते हुए पीड़ित पिता ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी पुत्री की जान का खतरा जताया है और स्पष्ट किया है कि यदि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। देखिए इस मामले पर हमारी यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
    user_Vijay mehraniya
    Vijay mehraniya
    Media Consultant ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • वैष्णव समाज का स्नेह मिलन व विनायक प्रसादी सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत वैष्णव समाज ब्यावर जिला स्तर पर 8 मार्च को आयोजित प्रथम आर्दश निःशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन के एक माह बाद विवाह समिति द्वारा स्नेह मिलन कार्यक्रम रखा गया विवाह सम्मेलन समिति के उपाध्यक्ष श्रीदास वैष्णव,रास ने बताया की सामुहिक विवाह सम्मेलन के शानदार ऐतिहासिक भव्य और दिव्य सफल आयोजन की खुशी में विनायक महाराज की प्रसादी का आयोजन रखा गया इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण ने आय व्यय का ब्यौरा पेश किया जिसे सर्वसम्मति से सर्व मान्य किया गया! विवाह समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद हरिव्यासी व वैष्णव सेवा समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रावत द्वारा सभी नव विवाहित 11 वर वधु को कन्या दान राशि, उपहार व पोशाक भेंट देकर शुभकामनाएं दी! चतुर्थ सम्प्रदाय वैष्णव समाज ब्यावर के अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रावत ने आगंतुक सभी समाज बन्धुओं का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया! इस अवसर पर रामगोपाल,मदनदास, बृजकिशोर, रामगोपाल, दशरथदास, विजयप्रकाश, गोविन्द दास, प्रेमदास,भगवती प्रसाद, ओमप्रकाश,सांवलदास बलाड़ा, खेमदास, बुद्दादास, जगदीश प्रसाद,कमल किशोर, दिनेश,सांवरदास, रमेश दास इत्यादि समाज बन्धु उपस्थित रहे! सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्रीदास वैष्णव, रास ने किया!
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    वैष्णव समाज का स्नेह मिलन व विनायक प्रसादी
सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत
वैष्णव समाज ब्यावर जिला स्तर पर 8 मार्च को आयोजित प्रथम आर्दश निःशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन के एक माह बाद विवाह समिति द्वारा स्नेह मिलन कार्यक्रम रखा गया विवाह सम्मेलन समिति के उपाध्यक्ष श्रीदास वैष्णव,रास ने बताया की सामुहिक विवाह सम्मेलन के शानदार ऐतिहासिक भव्य और दिव्य सफल आयोजन की खुशी में विनायक महाराज की प्रसादी का आयोजन रखा गया इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण ने आय व्यय का ब्यौरा पेश किया जिसे सर्वसम्मति से सर्व मान्य किया गया! विवाह समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद हरिव्यासी व वैष्णव सेवा समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रावत द्वारा सभी नव विवाहित 11 वर वधु को कन्या दान राशि, उपहार व पोशाक भेंट देकर शुभकामनाएं दी! चतुर्थ सम्प्रदाय वैष्णव समाज ब्यावर के अध्यक्ष बालकृष्ण अग्रावत ने आगंतुक सभी समाज बन्धुओं का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया!
इस अवसर पर रामगोपाल,मदनदास, बृजकिशोर, रामगोपाल, दशरथदास, विजयप्रकाश, गोविन्द दास, प्रेमदास,भगवती प्रसाद, ओमप्रकाश,सांवलदास बलाड़ा, खेमदास, बुद्दादास, जगदीश प्रसाद,कमल किशोर, दिनेश,सांवरदास, रमेश दास इत्यादि समाज बन्धु उपस्थित रहे!
सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्रीदास वैष्णव, रास ने किया!
    user_Sheetal prajapat
    Sheetal prajapat
    Local News Reporter ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • अभी बै मौसम बारिश से कालाऊना सहित आसपास के दर्जनों गांवो में रवी की फसल पूर्ण रूप से हुई खराब किसानो की मांग गिरदावरी सर्वे करवाकर मुआवजा दिलवाने की मांग। कालाऊना सहित आसपास के कुपड़ावास खारिया मीठापुर उदलियावास रामपुरिया झांक आदि गांवो में 3 अप्रैल की रात को बै मौसम बारिश से व उसके बाद रोजाना लगातार हो रही बारिश से रबी की फसल मुख्य रूप से गेहूं जौ व सौंफ चना पूर्ण रूप से खराब हो गई है खेतों में पानी भर गया है जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरे है किसानों ने कर्ज लेकर रबी की फसल बोई थी फसल भी पूर्ण रूप से पक गई लेकिन बे मौसम बारिश में फसल को खराब कर दिया अब किसान उदास हुआ अपने खेत पर खराब हो रही फसल को देख रहा है आंसू पी रहा है बै मौसम बारिश ने किसानों के मुंह से निवाला छीन लिया है पूर्व सरपंच हनुमान सिंह चौहान सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रगतिशील किसान देवी सिंह देवल कूपडावास उदलियावास ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष भवर सिंह उदावत किसान हकीम खां लौहार पूर्व वार्ड पंच पांचाराम मेघवाल पूर्व उप सरपंच सेणाराम मेघवाल ने राजस्थान सरकार से व जिला प्रशासन जोधपुर से किसानों को मुआवजा दिलवाने की मांग की है
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    अभी बै मौसम बारिश से कालाऊना सहित आसपास के दर्जनों गांवो में रवी की फसल पूर्ण रूप से हुई खराब                       किसानो की मांग गिरदावरी सर्वे करवाकर मुआवजा दिलवाने की मांग।          कालाऊना  सहित आसपास के कुपड़ावास खारिया मीठापुर  उदलियावास रामपुरिया झांक  आदि गांवो में 3 अप्रैल की रात को बै मौसम बारिश से व  उसके बाद रोजाना लगातार हो रही बारिश से रबी  की फसल मुख्य रूप से गेहूं जौ  व सौंफ  चना  पूर्ण रूप से खराब हो गई है खेतों में पानी भर गया है जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरे है किसानों ने  कर्ज लेकर रबी की फसल बोई थी फसल भी पूर्ण रूप से पक गई लेकिन बे मौसम बारिश में फसल को खराब कर दिया अब किसान उदास हुआ अपने खेत पर खराब हो रही फसल को देख रहा है आंसू पी रहा है बै मौसम बारिश ने किसानों के मुंह से निवाला छीन लिया है पूर्व सरपंच हनुमान सिंह चौहान सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रगतिशील किसान देवी सिंह देवल कूपडावास उदलियावास ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष भवर सिंह उदावत किसान हकीम खां लौहार पूर्व वार्ड पंच पांचाराम मेघवाल पूर्व उप सरपंच सेणाराम मेघवाल ने राजस्थान सरकार से व जिला प्रशासन जोधपुर से किसानों को मुआवजा दिलवाने की मांग की है
    user_आपकी आवाज न्यूज़ राजस्थान
    आपकी आवाज न्यूज़ राजस्थान
    Court reporter ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • Post by Kailash Fulwari
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    Post by Kailash Fulwari
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    48 min ago
  • रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की हुंकार: रिक्त पदों और जर्जर भवनों की सुध नहीं, छुट्टियों में कटौती कर शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ मंजूर नहीं" " राजस्थान पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान एवं प्रदेश महामंत्री गोपाल मीना के आह्वान पर जिलाध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार का शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की भौगोलिक विषम परिस्थितियों को नजरअंदाज कर छात्रों के ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध एवं विभिन्न तात्कालिक शिक्षक समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर जिला कलेक्टर ब्यावर कमल राम मीणा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक जवरीलाल प्रजापत ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में एक जुलाई के स्थान पर इस सत्र में 21 जून से स्कूल खोलने तथा छात्रों व शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया है। राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों की अनदेखी करते हुए एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कर छुट्टियों में कटौती की है । यदि सरकार गंभीरता से सरकारी विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता एवं प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने तथा शिक्षकों की पदोन्नति और जर्जर स्कूल भवनों के सुधार पर ध्यान दिया जाता तो विद्यालय में नामांकन वृद्धि के साथ- साथ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिल सकता था। वर्तमान में स्थिति यह है कि 4 वर्ष पूर्व क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक एवं महात्मा गांधी विद्यालयों में आज भी व्याख्याताओं एवं शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। पदोन्नत प्रधानाचार्य एक वर्ष से पदस्थापन की प्रतीक्षा में है । आज तक ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं की गई है। 8 वर्षों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं । विद्यालयों में रिक्त पद भरने के बजाय शिक्षा विभाग शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाकर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छुट्टियों में कटौती एवं सत्र परिवर्तन की नीति पूरी तरह अव्यावहारिक है। जिससे शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। संघ के बदाराम अणकिया ने कहा कि राजस्थान जैसे विषम जलवायु वाले प्रदेश में 21 जून से विद्यालय खोलना छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। जून माह की भीषण गर्मी में 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान और तेज "लू" के थपेड़ों के बीच विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाना अत्यंत आत्मघाती कारक साबित हो सकता है। हमीचंद मिश्रा ने मांग रखी कि यदि सरकार 21 जून से विद्यालय संचालन पर अड़ी रहती है तो सरकार को नन्हे-मुन्ने छात्रों को भीषण गर्मी और "लू "से बचाने के व्यापक प्रबंध करने चाहिए। विद्यालयों में गर्मी से बचाव के संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए । साथ ही शिक्षकों को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में घटाएं गए अवकाश के परिणाम स्वरूप न्यूनतम 30 पीएल अवकाश प्रदान किए जाएं। संघ के अर्जुन कुमावत ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में कटौती एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश के आदेश को वापस लेने सहित विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर 8 अप्रैल को शिक्षको ने जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में उपस्थित होकर सरकार के अव्यवहारिक आदेशों का भारी विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है। जगाराम मीणा ने बताया कि प्रमुख मांगों में पारदर्शी तबादला नीति लागू करना, तबादलों पर लगी रोक हटाना, तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्ग के स्थानांतरण प्रारंभ करना, 6 वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करना, विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरना, जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण व मरम्मत हेतु शीघ्र पर्याप्त बजट आवंटित करना तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार से कानून बनवाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। यदि सरकार शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। जिसके तहत 17 मई को संगठन के बैनर तले शिक्षक प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमी चंद मिश्रा राजधानी जयपुर मे धरना प्रदर्शन करने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं । ज्ञापन देने में अर्जुन कुमावत, बाबूलाल प्रजापत,पहलाद कुमार मीणा जवाजा, आईदान राम मिंडा,महेंद्र सिंह,कुंठा काठात, प्रकाश बढ़ियासर, लिखमाराम सीरवी, जगराम मीणा, जगदीश दगदी, महेंद्र डाबी, जग्गाराम राठौर,महेंद्र कुमार बैरवा, महेंद्र कुमार टेलर, प्रहलाद सिंह सांखला,विजय शंकर मिश्रा, लालचंद कोरानी, सलाउद्दीन, कुलदीप सिंह धालीवाल, भगवान दास सोलंकी,रघुवीर पारीक, रामचंद्र छाबा, खियांराम कुमावत, हरलाल रोज, धनराज मीणा, ओम प्रकाश प्रजापत, अशोक सिंह देवल, प्रकाश माली आदि संगठन के पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।
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    रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी 
राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की हुंकार: रिक्त पदों और जर्जर भवनों की सुध नहीं, छुट्टियों में कटौती कर शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ मंजूर नहीं" "
राजस्थान पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान एवं प्रदेश महामंत्री गोपाल मीना के आह्वान पर जिलाध्यक्ष दुर्गाराम चौधरी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार का शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की भौगोलिक विषम परिस्थितियों को नजरअंदाज कर छात्रों के ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध एवं विभिन्न  तात्कालिक शिक्षक समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर  जिला कलेक्टर ब्यावर कमल राम मीणा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम  सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक जवरीलाल प्रजापत ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग  में एक जुलाई के स्थान पर इस सत्र में 21 जून से स्कूल खोलने तथा छात्रों व शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया है। राजस्थान शिक्षा  विभाग द्वारा प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों  की अनदेखी करते हुए एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कर छुट्टियों में कटौती की है । यदि सरकार गंभीरता से सरकारी विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता एवं प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने तथा शिक्षकों की पदोन्नति और जर्जर स्कूल भवनों के सुधार पर ध्यान दिया जाता तो विद्यालय में नामांकन वृद्धि के साथ- साथ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिल सकता था। वर्तमान में स्थिति यह है कि 4 वर्ष पूर्व क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक एवं महात्मा गांधी विद्यालयों में आज भी व्याख्याताओं एवं शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। पदोन्नत प्रधानाचार्य एक वर्ष से पदस्थापन की प्रतीक्षा में है । आज तक  ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं की गई है। 8 वर्षों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं । विद्यालयों में रिक्त पद भरने के बजाय शिक्षा विभाग शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाकर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छुट्टियों में कटौती एवं सत्र परिवर्तन की नीति पूरी तरह अव्यावहारिक है। जिससे शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।
संघ के बदाराम अणकिया ने कहा कि राजस्थान जैसे विषम जलवायु वाले प्रदेश में 21 जून से विद्यालय खोलना छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। जून माह की भीषण गर्मी में 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान और तेज "लू" के थपेड़ों के बीच विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाना अत्यंत आत्मघाती कारक साबित हो सकता है।
हमीचंद मिश्रा ने मांग रखी कि यदि सरकार 21 जून से विद्यालय संचालन पर अड़ी रहती है तो सरकार को नन्हे-मुन्ने छात्रों को भीषण गर्मी और "लू "से बचाने के व्यापक प्रबंध करने चाहिए। विद्यालयों में गर्मी से बचाव के संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए । साथ ही  शिक्षकों को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में घटाएं गए अवकाश के परिणाम स्वरूप न्यूनतम 30 पीएल अवकाश प्रदान किए जाएं।
संघ के अर्जुन कुमावत ने बताया कि  ग्रीष्मावकाश में कटौती एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश के आदेश को वापस लेने सहित विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर 8 अप्रैल को शिक्षको ने जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में उपस्थित होकर सरकार के अव्यवहारिक आदेशों का भारी विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है।
जगाराम मीणा ने बताया कि प्रमुख मांगों में पारदर्शी तबादला नीति लागू करना, तबादलों पर लगी रोक हटाना, तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्ग के स्थानांतरण प्रारंभ करना, 6 वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करना, विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरना, जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण व मरम्मत हेतु शीघ्र पर्याप्त बजट आवंटित करना तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार से कानून बनवाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
यदि सरकार शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। जिसके तहत 17 मई को संगठन के बैनर तले शिक्षक प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमी चंद मिश्रा राजधानी  जयपुर मे धरना प्रदर्शन करने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं । ज्ञापन देने में अर्जुन कुमावत, बाबूलाल प्रजापत,पहलाद कुमार मीणा जवाजा, आईदान राम मिंडा,महेंद्र सिंह,कुंठा काठात, प्रकाश बढ़ियासर, लिखमाराम सीरवी, जगराम मीणा, जगदीश दगदी, महेंद्र डाबी, जग्गाराम राठौर,महेंद्र कुमार बैरवा, महेंद्र कुमार टेलर, प्रहलाद सिंह सांखला,विजय शंकर मिश्रा, लालचंद कोरानी, सलाउद्दीन, कुलदीप सिंह धालीवाल, भगवान दास सोलंकी,रघुवीर पारीक, रामचंद्र छाबा, खियांराम कुमावत, हरलाल रोज, धनराज मीणा, ओम प्रकाश प्रजापत, अशोक सिंह देवल, प्रकाश माली आदि संगठन के पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
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