एलआईसी ने मनाया 71वां स्थापना दिवस, 70 साल की भरोसेमंद सेवा का बखान—बीमा क्षेत्र में बदलाव को लेकर जताई चिंता गिरिडीह। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को गिरिडीह शाखा कार्यालय में दीप प्रज्वलित कर बीमा सप्ताह कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार उपाध्याय ने किया। वरीय शाखा प्रबंधक एसएन भर्तृवर, बीमा कर्मचारी संघ के सचिव धर्म प्रकाश, विकास अधिकारी मनोज कुमार, कुमकुम वाला वर्मा, सबा परवीन, अंशु कुमारी सिंघानिया और अभिकर्ता उमाकांत वाजपेई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान वरिष्ठ कर्मचारी संजय शर्मा को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, गिरिडीह शाखा की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंडलीय संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि 1 सितंबर 1956 को स्थापित एलआईसी ने विश्वास, सेवा और आर्थिक सुरक्षा के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे से पौधे के रूप में शुरू हुआ एलआईसी आज देश के वित्तीय क्षेत्र में विशाल बरगद के पेड़ की तरह विकसित हो चुका है और स्थापना के उद्देश्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निगम की कुल संपत्ति 59 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। देश के विकास में किए गए करीब 55 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश में से लगभग 40 लाख करोड़ रुपये केंद्र एवं राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों तथा सिंचाई, आवास, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी ढांचों में लगाए गए हैं। धर्म प्रकाश ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में एलआईसी ने भारत सरकार को लाभांश के रूप में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी केंद्र सरकार को 12,207 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में दिया गया। इसी वित्तीय वर्ष में प्रथम प्रीमियम आय में एलआईसी का मार्केट शेयर 56.66 प्रतिशत, जबकि नव व्यवसाय पॉलिसियों में हिस्सेदारी 65.16 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम की कुल आय में 12.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 9,72,914 करोड़ रुपये रही। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों ने एलआईसी को बीमा क्षेत्र में सिर्फ मार्केट लीडर ही नहीं, बल्कि मार्केट मेकर के रूप में भी स्थापित किया है। प्रेस वार्ता में बीमा वितरण व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों को लेकर भी चिंता जताई गई। धर्म प्रकाश ने कहा कि एलआईसी की 98.42 प्रतिशत पॉलिसियां एजेंटों के माध्यम से होती हैं। ऐसे में बीमा वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव निगम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में एलआईसी की वृद्धि दर, बाजार हिस्सेदारी और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, विकास अधिकारियों और अभिकर्ताओं से मिलकर बेहतर ग्राहक सेवा देने की अपील की। साथ ही कहा कि स्थापना दिवस के मौके पर भारतीय जीवन बीमा निगम की सुरक्षा और मजबूती के लिए कर्मचारी संघ अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता दोहराता है। प्रेस वार्ता में मंडलीय संगठनिक सचिव अनुराग मुर्मू, शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा और संयुक्त सचिव विजय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
एलआईसी ने मनाया 71वां स्थापना दिवस, 70 साल की भरोसेमंद सेवा का बखान—बीमा क्षेत्र में बदलाव को लेकर जताई चिंता गिरिडीह। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को गिरिडीह शाखा कार्यालय में दीप प्रज्वलित कर बीमा सप्ताह कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार उपाध्याय ने किया। वरीय शाखा प्रबंधक एसएन भर्तृवर, बीमा कर्मचारी संघ के सचिव धर्म प्रकाश, विकास अधिकारी मनोज कुमार, कुमकुम वाला वर्मा, सबा परवीन, अंशु कुमारी सिंघानिया और अभिकर्ता उमाकांत वाजपेई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान वरिष्ठ कर्मचारी संजय शर्मा को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, गिरिडीह शाखा की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता
को संबोधित करते हुए मंडलीय संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि 1 सितंबर 1956 को स्थापित एलआईसी ने विश्वास, सेवा और आर्थिक सुरक्षा के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे से पौधे के रूप में शुरू हुआ एलआईसी आज देश के वित्तीय क्षेत्र में विशाल बरगद के पेड़ की तरह विकसित हो चुका है और स्थापना के उद्देश्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निगम की कुल संपत्ति 59 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। देश के विकास में किए गए करीब 55 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश में से लगभग 40 लाख करोड़ रुपये केंद्र एवं राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों तथा सिंचाई, आवास, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी ढांचों में
लगाए गए हैं। धर्म प्रकाश ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में एलआईसी ने भारत सरकार को लाभांश के रूप में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी केंद्र सरकार को 12,207 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में दिया गया। इसी वित्तीय वर्ष में प्रथम प्रीमियम आय में एलआईसी का मार्केट शेयर 56.66 प्रतिशत, जबकि नव व्यवसाय पॉलिसियों में हिस्सेदारी 65.16 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम की कुल आय में 12.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 9,72,914 करोड़ रुपये रही। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों ने एलआईसी को बीमा क्षेत्र में सिर्फ मार्केट लीडर ही नहीं, बल्कि मार्केट मेकर के रूप में भी स्थापित किया है। प्रेस वार्ता में बीमा वितरण व्यवस्था में प्रस्तावित
बदलावों को लेकर भी चिंता जताई गई। धर्म प्रकाश ने कहा कि एलआईसी की 98.42 प्रतिशत पॉलिसियां एजेंटों के माध्यम से होती हैं। ऐसे में बीमा वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव निगम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में एलआईसी की वृद्धि दर, बाजार हिस्सेदारी और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, विकास अधिकारियों और अभिकर्ताओं से मिलकर बेहतर ग्राहक सेवा देने की अपील की। साथ ही कहा कि स्थापना दिवस के मौके पर भारतीय जीवन बीमा निगम की सुरक्षा और मजबूती के लिए कर्मचारी संघ अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता दोहराता है। प्रेस वार्ता में मंडलीय संगठनिक सचिव अनुराग मुर्मू, शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा और संयुक्त सचिव विजय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
- MMDR एक्ट के खिलाफ JMM का हुंकार! सिकदारडीह में गरजे नेता, बोले—झारखंड की खनिज संपदा पर किसी की नजर बर्दाश्त नहीं MMDR एक्ट के विरोध में मंगलवार को गिरिडीह प्रखंड के सिकदारडीह पंचायत भवन में झामुमो पंचायत समिति की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया गया और आगामी आंदोलन को धार देने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो के जिला सह सचिव सह पर्यवेक्षक दिलीप रजक एवं प्रखंड सचिव सरफुद्दीन अंसारी मौजूद रहे। दिलीप रजक ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड की खनिज संपदा को राज्य से छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो इस तरह की नीतियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार के MMDR एक्ट को लेकर भी कड़ा विरोध जताते हुए इसे झारखंड के हितों के खिलाफ बताया। वहीं, प्रखंड सचिव सरफुद्दीन अंसारी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं और आम लोगों से 7 सितंबर को गिरिडीह प्रखंड में होने वाले आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए पंचायत स्तर पर लोगों को एकजुट किया जा रहा है। बैठक में सिकदारडीह के मुखिया महताब मिर्जा डब्लू, पंचायत अध्यक्ष सीताराम रविदास, प्रखंड मीडिया प्रभारी अंकित सहाय, कमल दास, माला देवी, गुड़िया देवी, सोनिया देवी, मोहम्मद तवारक सहित झामुमो के कई कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। बैठक के जरिए झामुमो ने साफ संकेत दिया कि MMDR एक्ट के मुद्दे पर पार्टी अब पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक आंदोलन को तेज करने की तैयारी में है।5
- कमेटी के सदस्यों ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर रास मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भगवान श्रीकृष्ण का भव्य श्रृंगार और विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा और आरती के साथ श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कमेटी ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार के साथ रास मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल हों और धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।1
- जामताड़ा न्यूज:बरसात में जलजमाव से परेशान लोगों को मिलेगी राहत, सुभाष चौक पर बनेगी आरसीसी नाली लंबे इंतजार के बाद सुभाष चौक पर नाली निर्माण शुरू, स्थानीय लोगों में खुशी।1
- धनबाद Anchor-धनबाद के भवन प्रमंडल विभाग में टेंडर को लेकर जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि भवन प्रमंडल द्वारा आन लाइन ढाई करोड़ों का टेंडर निकाला गया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमशेदपुर से पहुंचे संवेदक आज एग्रीमेंट भवन प्रमंडल ऑफिस पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय संवेदकों ने विरोध किए जाने के बाद मामला बढ़ गया और मारपीट में तब्दील हो गया। घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दो लोगों को हिरासत में लिया है। मामला अब थाने पहुंच गया है। स्थानीय संवेदकों का आरोप है कि धनबाद के लोगों को ही काम नहीं मिल रहा है और ऐसे में बाहरी संवेदकों द्वारा टेंडर डालना उचित नहीं है।वहीं मामले में भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार ने बतलाया की मामले की जानकारी मिली है घटना को लेकर टीम गठित की गयी जांच होने के बाद पता चलेगा की कैंपस में घटना क्यों हुई ।1
- विद्यासागर स्टेशन पर भारी बारिश का कहर, रेलवे कर्मियों की मुस्तैदी से टली बड़ी परेशानी1
- पंजाबी मोड़ की सड़क बनी खतरे की राह, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!1
- बरोरा थाना क्षेत्र में पूर्व में हुए मारपीट एवं फायरिंग के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर कतरास थाना में अंचल निरीक्षक मो रुस्तम ने किया प्रेस वार्ता प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने क्या कुछ कहा लिए जानते इस खबर में,,,,,,।1
- एलआईसी ने मनाया 71वां स्थापना दिवस, 70 साल की भरोसेमंद सेवा का बखान—बीमा क्षेत्र में बदलाव को लेकर जताई चिंता गिरिडीह। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को गिरिडीह शाखा कार्यालय में दीप प्रज्वलित कर बीमा सप्ताह कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार उपाध्याय ने किया। वरीय शाखा प्रबंधक एसएन भर्तृवर, बीमा कर्मचारी संघ के सचिव धर्म प्रकाश, विकास अधिकारी मनोज कुमार, कुमकुम वाला वर्मा, सबा परवीन, अंशु कुमारी सिंघानिया और अभिकर्ता उमाकांत वाजपेई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान वरिष्ठ कर्मचारी संजय शर्मा को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, गिरिडीह शाखा की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंडलीय संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि 1 सितंबर 1956 को स्थापित एलआईसी ने विश्वास, सेवा और आर्थिक सुरक्षा के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे से पौधे के रूप में शुरू हुआ एलआईसी आज देश के वित्तीय क्षेत्र में विशाल बरगद के पेड़ की तरह विकसित हो चुका है और स्थापना के उद्देश्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निगम की कुल संपत्ति 59 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। देश के विकास में किए गए करीब 55 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश में से लगभग 40 लाख करोड़ रुपये केंद्र एवं राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों तथा सिंचाई, आवास, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी ढांचों में लगाए गए हैं। धर्म प्रकाश ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में एलआईसी ने भारत सरकार को लाभांश के रूप में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी केंद्र सरकार को 12,207 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में दिया गया। इसी वित्तीय वर्ष में प्रथम प्रीमियम आय में एलआईसी का मार्केट शेयर 56.66 प्रतिशत, जबकि नव व्यवसाय पॉलिसियों में हिस्सेदारी 65.16 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम की कुल आय में 12.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 9,72,914 करोड़ रुपये रही। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों ने एलआईसी को बीमा क्षेत्र में सिर्फ मार्केट लीडर ही नहीं, बल्कि मार्केट मेकर के रूप में भी स्थापित किया है। प्रेस वार्ता में बीमा वितरण व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों को लेकर भी चिंता जताई गई। धर्म प्रकाश ने कहा कि एलआईसी की 98.42 प्रतिशत पॉलिसियां एजेंटों के माध्यम से होती हैं। ऐसे में बीमा वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव निगम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में एलआईसी की वृद्धि दर, बाजार हिस्सेदारी और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, विकास अधिकारियों और अभिकर्ताओं से मिलकर बेहतर ग्राहक सेवा देने की अपील की। साथ ही कहा कि स्थापना दिवस के मौके पर भारतीय जीवन बीमा निगम की सुरक्षा और मजबूती के लिए कर्मचारी संघ अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता दोहराता है। प्रेस वार्ता में मंडलीय संगठनिक सचिव अनुराग मुर्मू, शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा और संयुक्त सचिव विजय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।4