PM सड़क बनी, नाली नहीं! सरपंच ने हाथ खड़े किए, ग्रामीण CEO के पास पहुंचे। खमरियामाल में 12 महीने कीचड़-पानी, विनोद पटेल के घर के सामने बना तालाब बिछुआ/प्रधानमंत्री सड़क योजना के नाम पर बना सीसी रोड ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम खमरियामाल में सड़क तो बन गई लेकिन नाली न बनने से पूरा गांव 12 महीने जलभराव और कीचड़ से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने सबसे पहले इस समस्या को लेकर सरपंच से शिकायत की थी। लेकिन आरोप है कि सरपंच ने साफ मना कर दिया और कहा कि "मैं नहीं करवाता"। इसके बाद परेशान ग्रामीणों ने जनपद CEO बिछुआ को लिखित ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। घर के सामने 1 फीट पानी ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि विनोद पटेल के घर के सामने हमेशा 1 फीट पानी भरा रहता है*। नाली न होने के कारण नजूल कॉलोनी का गंदा पानी पूरे साल गांव में भरता रहता है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कचरा-कीचड़ जमा हो गया है। आना-जाना हुआ मुश्किल ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में तो हालात और खराब हो जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को निकलने में भी दिक्कत होती है। सड़क निर्माण के समय नाली नहीं बनाई गई, इसी वजह से आज ये हालात हैं। ग्रामीणों ने CEO से मांग की है कि तुरंत सफाई करवाकर बजरी डलवाई जाए और नाली निर्माण कर समस्या का स्थाई समाधान किया जाए।
PM सड़क बनी, नाली नहीं! सरपंच ने हाथ खड़े किए, ग्रामीण CEO के पास पहुंचे। खमरियामाल में 12 महीने कीचड़-पानी, विनोद पटेल के घर के सामने बना तालाब बिछुआ/प्रधानमंत्री सड़क योजना के नाम पर बना सीसी रोड ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम खमरियामाल में सड़क तो बन गई लेकिन नाली न बनने से पूरा गांव 12 महीने जलभराव और कीचड़ से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने सबसे पहले इस समस्या को लेकर सरपंच से शिकायत की थी। लेकिन आरोप है कि सरपंच ने साफ मना कर दिया और कहा कि "मैं नहीं करवाता"। इसके बाद परेशान ग्रामीणों ने जनपद CEO बिछुआ को लिखित ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। घर
के सामने 1 फीट पानी ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि विनोद पटेल के घर के सामने हमेशा 1 फीट पानी भरा रहता है*। नाली न होने के कारण नजूल कॉलोनी का गंदा पानी पूरे साल गांव में भरता रहता है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कचरा-कीचड़ जमा हो गया है। आना-जाना हुआ मुश्किल ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में तो हालात और खराब हो जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को निकलने में भी दिक्कत होती है। सड़क निर्माण के समय नाली नहीं बनाई गई, इसी वजह से आज ये हालात हैं। ग्रामीणों ने CEO से मांग की है कि तुरंत सफाई करवाकर बजरी डलवाई जाए और नाली निर्माण कर समस्या का स्थाई समाधान किया जाए।
- PM सड़क बनी, नाली नहीं! सरपंच ने हाथ खड़े किए, ग्रामीण CEO के पास पहुंचे। खमरियामाल में 12 महीने कीचड़-पानी, विनोद पटेल के घर के सामने बना तालाब बिछुआ/प्रधानमंत्री सड़क योजना के नाम पर बना सीसी रोड ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम खमरियामाल में सड़क तो बन गई लेकिन नाली न बनने से पूरा गांव 12 महीने जलभराव और कीचड़ से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने सबसे पहले इस समस्या को लेकर सरपंच से शिकायत की थी। लेकिन आरोप है कि सरपंच ने साफ मना कर दिया और कहा कि "मैं नहीं करवाता"। इसके बाद परेशान ग्रामीणों ने जनपद CEO बिछुआ को लिखित ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। घर के सामने 1 फीट पानी ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि विनोद पटेल के घर के सामने हमेशा 1 फीट पानी भरा रहता है*। नाली न होने के कारण नजूल कॉलोनी का गंदा पानी पूरे साल गांव में भरता रहता है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और कचरा-कीचड़ जमा हो गया है। आना-जाना हुआ मुश्किल ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में तो हालात और खराब हो जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को निकलने में भी दिक्कत होती है। सड़क निर्माण के समय नाली नहीं बनाई गई, इसी वजह से आज ये हालात हैं। ग्रामीणों ने CEO से मांग की है कि तुरंत सफाई करवाकर बजरी डलवाई जाए और नाली निर्माण कर समस्या का स्थाई समाधान किया जाए।2
- मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिले के पटवारी कलम बंद हड़ताल पर प्रदेश पटवारी संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण का ऐलान कर दिया है। 3 अगस्त से प्रदेशभर के पटवारी तहसील कार्यालयों में बस्ते और अभिलेख जमा कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार प्रदेश की पांच सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होने पर यह फैसला लिया गया है। संघ ने सभी तहसील और जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि 3 अगस्त से सभी पटवारी अपने-अपने तहसीलदार को बस्ते और अभिलेख जमा कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएं। साथ ही जिला अध्यक्षों से हड़ताल के सफल क्रियान्वयन की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को उपलब्ध कराने को कहा गया है।3
- अमरवाड़ा के ग्राम कहुआ के गिधियाकोल में 4 माह से आम रास्ता बंद, 30-40 परिवारों का जीना मुहाल, परेशान होकर पहुंचे थाना अमरवाड़ा अमरवाड़ा के ग्राम कहुआ के गिधियाकोल में चार माह से आम रास्ता बंद होने से तीस-चालीस परिवारों का जीना मुहाल हो गया है जिससे परेशान होकर ग्रामीण थाना अमरवाड़ा पहुंचे हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा मरीजों का इलाज अटकने के बाद सरपंच और प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई है अमरवाड़ा के ग्राम कहुआ के गिधियाकोल मोहल्ले में पिछले चार महीनों से आम रास्ते के बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है पूर्वजों के समय से इस्तेमाल में आ रहे इस रास्ते को बंद कर दिए जाने से लगभग बीस से बाईस मकानों के निवासी और उनके परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं जिनकी जनसंख्या एक सौ दस के करीब है ग्रामीणों द्वारा सरपंच महोदय और प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए आवेदन के अनुसार गिधियाकोल मोहल्ले का यह मार्ग मुख्य सड़क स्कूल सोसाइटी और दुकानों तक पहुंचने का एकमात्र जरिया है जिसकी दूरी मुख्य मार्ग और खेतों तक लगभग एक किलोमीटर है ग्रामीणों का आरोप है कि वॉशिंग एवं चैना और अमर सिंह चौहान द्वारा पिछले चार महीनों से इस रास्ते को बंद कर दिया गया है ग्राम वासियों द्वारा बताया गया कि कृषि कार्य और दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ है इससे पहले कभी किसी ने इस रास्ते से आने-जाने पर रोक नहीं लगाई थी लेकिन अब रास्ता बंद होने के कारण खेतों से पैरा भूसा एवं कृषि सामग्री ले जाने में भारी समस्या आ रही है इसके साथ ही स्कूली बच्चों और दुकान तथा बाजार जाने वाले लोगों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है पटवारी द्वारा बताया गया कि हनुमान मंदिर से कुआं तक सरकारी जमीन है और सरकारी जमीन पर वॉशिंग चौहान के द्वारा कुआं और बंधन बनाई गई है जिससे आना-जाना प्रभावित हो रहा है स्थानीय निवासियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि यदि मोहल्ले में कोई प्रसव का मामला हो या कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाए तो एम्बुलेंस या चार पहिया वाहन का अंदर आना असंभव हो गया है मरीज को अस्पताल ले जाने में जान का जोखिम बना रहता है ग्रामवासी चाहते हैं कि इस समस्या का जल्द से जल्द निराकरण हो2
- अमरवाड़ा की जैन मंदिर में भक्तांबर जी के पाठ का किया गया आयोजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे समाजबंधु अमरवाड़ा नगर की जैन मंदिर में भक्तांबर जी के पाठ का आयोजन किया गया जिस खिलाड़ी संख्या में समाज बंधु मौजूदरहे1
- सिवनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 65 मॉडिफाइड साइलेंसर रोड रोलर से नष्ट सिवनी। तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने सिवनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विगत 3 माह में जब्त किए गए 65 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों को रोड रोलर चलाकर नष्ट किया। इनमें यातायात थाना के 50 और कोतवाली थाना के 15 साइलेंसर शामिल हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से मानक साइलेंसर का उपयोग करने की अपील करते हुए नियम विरुद्ध साइलेंसर लगाने वालों पर आगे भी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।1
- Seoni News: मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्र-छात्राओं को बताए बचाव के अहम उपाय1
- हनुमान लोक में दुकानों की नीलामी पर संग्राम, पुराने दुकानदारों को हटाने और भारी राशि वसूलने का विरोध पांढुर्णा/सौंसर। स्थानीय हनुमान लोक परिसर सावली में निर्मित दुकानों की आगामी 5 अगस्त 2026 को होने जा रही नीलामी को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सौंसर ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय नागरिकों, पुराने दुकानदारों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देने की जोरदार मांग उठाई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अनुसार चमत्कारी हनुमान मंदिर परिसर में पिछले लगभग 15 वर्षों से 40 से 50 छोटे दुकानदार हार-फूल, नारियल, पूजन सामग्री और अन्य वस्तुएं बेचकर अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा इन पुराने दुकानदारों को परिसर से बेदखल किया जा रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित इन दुकानों की नीलामी में स्थानीय बेरोजगार युवाओं और गरीबों की पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर बड़े पूंजीपतियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें हल्दीराम को लगभग पांच करोड़ रुपये में एक बड़ी दुकान नीलाम किए जाने की चर्चा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नीलामी प्रक्रिया में शासन के निर्देशानुसार एससी, एसटी, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों के लिए तय आरक्षण एवं प्राथमिकताओं का पालन नहीं किया जा रहा है। कई दुकानों के नंबर विज्ञापन पत्र में शामिल ही नहीं किए गए हैं। अत्यधिक नीलामी राशि के कारण मध्यमवर्गीय परिवार और आम नागरिक इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने से वंचित हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि नीलामी के लिए पूरी तरह पारदर्शी नीति बनाई जाए, पुराने मार्ग को चालू रखा जाए और मंदिर को व्यापार का केंद्र न बनाते हुए आस्था का केंद्र रहने दिया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से नीलामी की गई, तो 5 अगस्त 2026 को हनुमान लोक के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान सौंसर विधायक विजय रेवनाथ चौरे और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र यमदे सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।1
- राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी का बड़ा आरोप भूमि संबंधी कार्य के नाम पर पटवारी पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप,एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन दतालावादी की महिला ने लगाए गंभीर आरोप, ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ पहुंची एसडीएम कार्यालय निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी का बड़ा आरोप भूमि संबंधी कार्य के नाम पर पटवारी पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप,एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन दतालावादी की महिला ने लगाए गंभीर आरोप, ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ पहुंची एसडीएम कार्यालय निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग जुन्नारदेव----जुन्नारदेव तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दतालावादी से राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पदस्थ पटवारी सत्यभान कुशवाह पर भूमि संबंधी कार्य कराने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत दतालावादी निवासी श्रीमती ललिता मरकाम ने ग्राम पंचायत सदस्यों एवं ग्रामीणों के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय पहुंचकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में महिला ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन संबंधी कार्रवाई एवं राजस्व कार्य कराने के लिए संबंधित पटवारी ने 50 हजार रुपये की मांग की। उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि राशि देने के बाद उनका कार्य तत्काल कर दिया जाएगा, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद न तो कार्य पूरा किया गया और न ही उन्हें न्याय मिला। महिला ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि इस पूरे घटनाक्रम में उन्हें लगातार परेशान किया गया। महिला ने अपने आवेदन में कहा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो वास्तविक तथ्य सामने आ जाएंगे। उनका आरोप है कि संबंधित पटवारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से रिश्वत की मांग की, जिससे शासन की पारदर्शी व्यवस्था और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग---- एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला के लंबित भूमि संबंधी कार्यों का भी नियमानुसार निराकरण कराया जाए। जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग--- इस मामले को लेकर जनपद पंचायत के सदस्यगण भी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और उन्होंने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि इस प्रकार के मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो आम जनता का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा। प्रशासन की जांच पर टिकी सबकी निगाहें---- एसडीएम कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच प्रक्रिया प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह मामला राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकता है।1