ग्राम पंचायत सचिव से मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर पंचायत सचिव संघ ने सौंपा ज्ञापन भानुप्रतापपुर। ग्राम पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ ब्लॉक इकाई भानुप्रतापपुर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन किए जाने की पूर्व सूचना भी दी है। ज्ञापन के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को लगभग सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत परवी में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच श्री राजेंद्र ध्रुव द्वारा ग्राम पंचायत सचिव श्री राजेंद्र सलाम के साथ कथित रूप से विवाद, मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। संघ का कहना है कि इस घटना से सचिव को मानसिक रूप से काफी आघात पहुंचा है। ज्ञापन में घटना के दौरान दुर्गा मंडावी पति राजकुमार मंडावी, कौशल्या उपके पति रमेश कुमार उपके, प्रमिला सोनवानी पति पीला राम सोनवानी, ग्राम कोटवार राजकुमार, देवदास मंडावी पति देवलाल मंडावी, शिवप्रसाद पिता फागूराम कवड़े, धनसा राम कोमरा पिता मैशोराम कोमरा तथा दिनेश नेताम सहित अन्य लोगों के उपस्थित होने का उल्लेख किया गया है। पंचायत सचिव संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिवत कानूनी कार्रवाई करने, पंचायत सचिवों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने तथा पंचायत राज व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार पर कार्रवाई किए जाने की मांग रखी है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। संघ ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित एवं वैधानिक कार्रवाई निर्धारित समयावधि में नहीं की जाती है, तो प्रशासन को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर सहित पंचायत सचिव संघ के संबंधित पदाधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सचिवों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा मामले में निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्राम पंचायत सचिव से मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर पंचायत सचिव संघ ने सौंपा ज्ञापन भानुप्रतापपुर। ग्राम पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ ब्लॉक इकाई भानुप्रतापपुर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन किए जाने की पूर्व सूचना भी दी है। ज्ञापन के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को लगभग सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत परवी
में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच श्री राजेंद्र ध्रुव द्वारा ग्राम पंचायत सचिव श्री राजेंद्र सलाम के साथ कथित रूप से विवाद, मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। संघ का कहना है कि इस घटना से सचिव को मानसिक रूप से काफी आघात पहुंचा है। ज्ञापन में घटना के दौरान दुर्गा मंडावी पति राजकुमार मंडावी, कौशल्या उपके पति रमेश कुमार उपके, प्रमिला सोनवानी पति पीला राम सोनवानी, ग्राम कोटवार राजकुमार, देवदास मंडावी पति देवलाल मंडावी, शिवप्रसाद पिता फागूराम कवड़े, धनसा राम कोमरा पिता मैशोराम
कोमरा तथा दिनेश नेताम सहित अन्य लोगों के उपस्थित होने का उल्लेख किया गया है। पंचायत सचिव संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिवत कानूनी कार्रवाई करने, पंचायत सचिवों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने तथा पंचायत राज व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार पर कार्रवाई किए जाने की मांग रखी है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। संघ ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि
यदि मामले में उचित एवं वैधानिक कार्रवाई निर्धारित समयावधि में नहीं की जाती है, तो प्रशासन को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर सहित पंचायत सचिव संघ के संबंधित पदाधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सचिवों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा मामले में निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- ग्राम पंचायत सचिव से मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर पंचायत सचिव संघ ने सौंपा ज्ञापन भानुप्रतापपुर। ग्राम पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ ब्लॉक इकाई भानुप्रतापपुर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन किए जाने की पूर्व सूचना भी दी है। ज्ञापन के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को लगभग सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत परवी में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच श्री राजेंद्र ध्रुव द्वारा ग्राम पंचायत सचिव श्री राजेंद्र सलाम के साथ कथित रूप से विवाद, मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। संघ का कहना है कि इस घटना से सचिव को मानसिक रूप से काफी आघात पहुंचा है। ज्ञापन में घटना के दौरान दुर्गा मंडावी पति राजकुमार मंडावी, कौशल्या उपके पति रमेश कुमार उपके, प्रमिला सोनवानी पति पीला राम सोनवानी, ग्राम कोटवार राजकुमार, देवदास मंडावी पति देवलाल मंडावी, शिवप्रसाद पिता फागूराम कवड़े, धनसा राम कोमरा पिता मैशोराम कोमरा तथा दिनेश नेताम सहित अन्य लोगों के उपस्थित होने का उल्लेख किया गया है। पंचायत सचिव संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिवत कानूनी कार्रवाई करने, पंचायत सचिवों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने तथा पंचायत राज व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार पर कार्रवाई किए जाने की मांग रखी है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। संघ ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित एवं वैधानिक कार्रवाई निर्धारित समयावधि में नहीं की जाती है, तो प्रशासन को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर सहित पंचायत सचिव संघ के संबंधित पदाधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सचिवों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा मामले में निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।4
- अधिकारियों की मुस्तैदी या पाप पर पर्दा? भानुप्रतापपुर में जहरीले खेल का पर्दाफाश, दो महीने से सो रहा था आबकारी विभाग! अधिकारियों की मुस्तैदी या पाप पर पर्दा? भानुप्रतापपुर में जहरीले खेल का पर्दाफाश, दो महीने से सो रहा था आबकारी विभाग! भानुप्रतापपुर: "सब कुछ ठीक चल रहा है, कोई गड़बड़ी नहीं है..." यह वही घिसा-पिटा जुमला है जिसे भानुप्रतापपुर व जिले के जिम्मेदार अफसर महीनों से ढोल पीटकर दोहरा रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने छापामार कार्रवाई की, तो तस्वीरों ने अफसरों के सारे दावों और झूठी साख की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। मौके से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स की खाली बोतलें, ढक्कन, फर्जी स्टिकर और होलोग्राम बरामद हुए हैं। जिन्हें देखकर अब कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों की खुद की आंखें फटी की फटी रह गई हैं।1
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।4
- कोंडागांव: कोरगांव में पुलिस ने लगाया दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम कोरगांव में 9 और 10 सितंबर को पुलिस विभाग की पहल पर दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वॉलीबॉल, कबड्डी, मटका फोड़ और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ दिया गया। साइबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। विजेता प्रतिभागियों और स्कूली बच्चों को पुरस्कार एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।1
- धमतरी-सिहावा रोड पर गड्ढों और धूल का कहर, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें—हादसों का खतरा, सड़क किनारे रहने वाले लोग परेशान धमतरी-सिहावा रोड की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं और वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठ रहा है, जिससे राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों के कारण हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। वहीं, उड़ती धूल से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने की आशंका है। लोगों ने जिम्मेदार विभाग से सड़क की जल्द और स्थायी मरम्मत की मांग की है।3
- बड़े बैंक खातों की जानकारी लेकर गोल्ड ईटीवी में निवेश पर 10 प्रतिशत मासिक लाभ का झांसा देने वाला HDFC बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर गिरफ्तार बड़े बैंक खातों की जानकारी लेकर गोल्ड ईटीवी में निवेश पर 10 प्रतिशत मासिक लाभ का झांसा देने वाला HDFC बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर गिरफ्तार ▪️ *आरोपी द्वारा बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद का लाभ उठाकर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें गोल्ड ईटीवी में निवेश एवं अधिक लाभ का प्रलोभन दिया जाता था।* ▪️ *आरोपी निवेशकों से चेक प्राप्त कर मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में राशि जमा करता था तथा निवेशकों को अपने खाते से लाभांश की राशि प्रदान करता था।* ▪️ *प्रकरण में निवेशकों के कथनों, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों एवं विवेचना में प्राप्त अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राजकुमार तिवारी की संलिप्तता सामने आई।* ▪️ *पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर थाना सुपेला पुलिस ने आरोपी राजकुमार तिवारी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा है।* मुख्य बिंदु थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 961/2026, धारा 318(2), 318(4), 61(2), 111(4) बीएनएस के प्रकरण में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में आरोपी राजकुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। संक्षिप्त विवरण प्रार्थी राजू नामदेव, निवासी सेक्टर-07, भिलाई द्वारा थाना सुपेला में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि आरोपी योगेश साहू एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रलोभन देकर उसे विश्वास में लिया गया। आरोपियों द्वारा अन्य ग्राहकों के बैंक खाते के स्टेटमेंट दिखाकर निवेश योजना को विश्वसनीय बताया गया। इसके बाद प्रार्थी से बैंक खाता एवं मोबाइल संबंधी जानकारी प्राप्त की गई। आरोपियों द्वारा निवेश योजना की जानकारी देने के पश्चात प्रार्थी ने उनकी बातों पर विश्वास कर दिनांक 21.03.2025 को 15 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर किए थे। प्रारंभिक अवधि में प्रार्थी के खाते में लाभांश की राशि भेजी गई, जिसके बाद लाभांश देना बंद कर दिया गया तथा राशि वापस करने का आश्वासन दिया जाता रहा। बाद में प्रार्थी को जानकारी हुई कि अन्य निवेशकों से भी इसी प्रकार बड़ी रकम प्राप्त की गई है। शिकायत पर थाना सुपेला में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान प्रार्थी सहित अन्य निवेशकों के कथन लिए गए तथा बैंक खातों एवं लेन-देन से संबंधित जानकारी का परीक्षण किया गया। विवेचना में निवेशकों मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा, शिबा शेख सहित अन्य के कथनों एवं उपलब्ध दस्तावेजों से आरोपी राजकुमार तिवारी की भूमिका सामने आई। विवेचना में पाया गया कि आरोपी राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त करता था। इसके बाद निवेशकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन दिया जाता था। आरोपी द्वारा निवेशकों से चेक प्राप्त कर राशि मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में जमा किए जाने तथा निवेशकों को प्राप्त होने वाला लाभांश अपने खाते से दिए जाने संबंधी साक्ष्य विवेचना में प्राप्त हुए हैं। प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजकुमार तिवारी को आरोपी बनाया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर गवाहों के समक्ष मेमोरण्डम कथन लिया गया। विवेचना में प्राप्त पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) आरोपी द्वारा बैंक में अपने पद का लाभ उठाकर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त की जाती थी। इसके बाद निवेशकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश एवं प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश का प्रलोभन देकर राशि प्राप्त की जाती थी। निवेशकों से प्राप्त चेक मुख्य आरोपी के खाते में जमा किए जाते थे तथा निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रारंभिक अवधि में लाभांश की राशि आरोपी द्वारा अपने खाते से दी जाती थी। घटना स्थल प्रकरण में निवेश संबंधी लेन-देन एवं आरोपियों से संबंधित स्थानों पर विवेचना के दौरान आवश्यक जांच एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। आरोपी का नाम 1. राजकुमार तिवारी, उम्र 37 वर्ष, निवासी एलआईजी क्वार्टर नंबर 11/3, नेहरू नगर ईस्ट, भिलाई, थाना सुपेला, जिला दुर्ग। जप्त सामग्री विवेचना में निवेशकों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों, लेन-देन एवं लाभांश भुगतान से संबंधित दस्तावेजों/जानकारियों का परीक्षण किया गया है। प्रकरण में विधिसम्मत साक्ष्य संकलन की कार्यवाही जारी है। सराहनीय कार्य उक्त कार्यवाही में थाना सुपेला के थाना प्रभारी एस.एन. सिंह, उनि धनेश्वर साहू, आरक्षक कमल साहू एवं प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी निवेश योजना में राशि लगाने से पहले संबंधित संस्था, योजना एवं उसके अधिकृत होने की स्वतंत्र रूप से जांच करें। असामान्य रूप से अधिक अथवा निश्चित लाभ का प्रलोभन देने वाली योजनाओं में बिना सत्यापन राशि जमा न करें तथा संदिग्ध निवेश प्रस्ताव, बैंक खाते या लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। —0000—2
- शामली में कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट; सहारनपुर जा रही थीं, पुलिस ने रोका सहारनपुर मस्जिद प्रकरण मामले में सहारनपुर जा रहीं सांसद को पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है. शामली में कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट. शामली में कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट; सहारनपुर जा रही थीं, पुलिस ने रोका सहारनपुर मस्जिद प्रकरण मामले में सहारनपुर जा रहीं सांसद को पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है. शामली में कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट. ,,,,शामली में कैराना सांसद इकरा हसन हाउस अरे शामली: कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उस समय हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जब वह सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद प्रकरण को लेकर सहारनपुर जाने के लिए निकली थीं. सांसद इकरा हसन जब अपने आवास से निकल रही थीं, तभी कैराना पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया और जाने नहीं दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह सब तानाशाही है. क्या वह अधिकारियों से मिलने के लिए भी नहीं जा सकतीं. वहीं, उनकी मां और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन ने कहा कि हमारा परिवार किसी चीच से बिलकुल नहीं डरता. न मरने से और ना कुछ करने से, हम तो लोगों की सेवा के लिए हैं. सहारनपुर के लिए निकल रहीं थीं, पुलिस ने रोका. जनपद शामली के कैराना कैराना से सांसद इकरा हसन सहारनपुर में हुए मस्जिद प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मिलने और वार्ता करने के लिए अपने आवास से निकल रही थीं. तभी उन्हें पुलिस ने रोक लिया और जाने नहीं दिया. सांसद ने पुलिस से पूछा कि आखिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है और जाने क्यों नहीं दिया जा रहा, तो इस बात पर कैराना पुलिस उनसे न जाने की रिक्वेस्ट की. कहा कि आप यहां से नहीं जा सकते. इस दौरान सांसद के आवास पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा. कैराना सांसद इकरा हसन की मां और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी वहीं मौजूद थीं. उन्होंने पुलिस से कहा कि जो काम आपको करना चाहिए वह तो आप लोग करते नहीं. इस पर वहां पर मौजूद कैराना कोतवाली प्रभारी ने कहा कि हम आपको जानते हैं. इकरा हसन ने कहा कि हां जानेंगे क्यों नहीं, अभी तो आपने उनका वारंट किया था. इनको आप कैसे नहीं जानेंगे. सांसद इकरा हसन ने कहा कि मेरा सवाल सरकार और प्रशासन से है कि क्या एक निर्वाचित सांसद को अपने क्षेत्र की जनता से जुड़े विषय पर अधिकारियों से मिलना भी अपराध हो गया है. लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज उठाने के लिए चुने जाते हैं. मुझे रोककर उस आवाज को दबाया नहीं जा सकता.1
- कोंडागांव: ग्राम बेचा में मजदूरी भुगतान को लेकर उठी आवाज, मजदूरों ने लगाए भुगतान नहीं होने के आरोप कोण्डागांव के ग्राम बेचा में शासकीय प्राथमिक शाला भवन निर्माण में काम करने वाले मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी उन्हें मेहनत की कमाई नहीं मिली। मामले में आम आदमी पार्टी कोंडागांव के मानसिंह नेताम ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों की समस्याएं सुनीं और मामले को जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष उठाने की बात कही। मजदूरों और ग्रामीणों ने जांच कर जल्द मजदूरी भुगतान कराने की मांग की है।1