पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास
की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के
मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।4
- भानुप्रतापपुर-कांकेर मार्ग की बदहाली पर शिवसेना ने उठाई आवाज भानुप्रतापपुर-कांकेर मार्ग की बदहाली पर शिवसेना ने उठाई आवाज कांकेर। भानुप्रतापपुर-कांकेर मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार नवनिर्माण की मांग की है। पार्टी ने सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द सुधार कार्य शुरू कराने की मांग उठाई है। शिवसेना के अनुसार मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और यात्री वाहनों का आवागमन होता है। सड़क खराब होने से वाहन चालकों को परेशानी के साथ यात्रा में अधिक समय भी लग रहा है। पार्टी ने कहा कि भानुप्रतापपुर-कांकेर मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। गड्ढों से बचने के दौरान वाहनों के अनियंत्रित होने की स्थिति बन रही है। बरसात में समस्या और गंभीर हो गई है। शिवसेना ने मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग मंत्री और संबंधित अधिकारियों से मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराने तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के साथ जरूरत वाले स्थानों पर नवनिर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सड़क के शीघ्र सुधार से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।1
- ग्राम पंचायत सचिव से मारपीट व दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर पंचायत सचिव संघ ने सौंपा ज्ञापन भानुप्रतापपुर। ग्राम पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ ब्लॉक इकाई भानुप्रतापपुर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन किए जाने की पूर्व सूचना भी दी है। ज्ञापन के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को लगभग सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत परवी में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच श्री राजेंद्र ध्रुव द्वारा ग्राम पंचायत सचिव श्री राजेंद्र सलाम के साथ कथित रूप से विवाद, मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। संघ का कहना है कि इस घटना से सचिव को मानसिक रूप से काफी आघात पहुंचा है। ज्ञापन में घटना के दौरान दुर्गा मंडावी पति राजकुमार मंडावी, कौशल्या उपके पति रमेश कुमार उपके, प्रमिला सोनवानी पति पीला राम सोनवानी, ग्राम कोटवार राजकुमार, देवदास मंडावी पति देवलाल मंडावी, शिवप्रसाद पिता फागूराम कवड़े, धनसा राम कोमरा पिता मैशोराम कोमरा तथा दिनेश नेताम सहित अन्य लोगों के उपस्थित होने का उल्लेख किया गया है। पंचायत सचिव संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिवत कानूनी कार्रवाई करने, पंचायत सचिवों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने तथा पंचायत राज व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार पर कार्रवाई किए जाने की मांग रखी है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। संघ ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित एवं वैधानिक कार्रवाई निर्धारित समयावधि में नहीं की जाती है, तो प्रशासन को पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर सहित पंचायत सचिव संघ के संबंधित पदाधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सचिवों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा मामले में निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।4
- अधिकारियों की मुस्तैदी या पाप पर पर्दा? भानुप्रतापपुर में जहरीले खेल का पर्दाफाश, दो महीने से सो रहा था आबकारी विभाग! अधिकारियों की मुस्तैदी या पाप पर पर्दा? भानुप्रतापपुर में जहरीले खेल का पर्दाफाश, दो महीने से सो रहा था आबकारी विभाग! भानुप्रतापपुर: "सब कुछ ठीक चल रहा है, कोई गड़बड़ी नहीं है..." यह वही घिसा-पिटा जुमला है जिसे भानुप्रतापपुर व जिले के जिम्मेदार अफसर महीनों से ढोल पीटकर दोहरा रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने छापामार कार्रवाई की, तो तस्वीरों ने अफसरों के सारे दावों और झूठी साख की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। मौके से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स की खाली बोतलें, ढक्कन, फर्जी स्टिकर और होलोग्राम बरामद हुए हैं। जिन्हें देखकर अब कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों की खुद की आंखें फटी की फटी रह गई हैं।1
- कोंडागांव: कोरगांव में पुलिस ने लगाया दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम कोरगांव में 9 और 10 सितंबर को पुलिस विभाग की पहल पर दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वॉलीबॉल, कबड्डी, मटका फोड़ और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ दिया गया। साइबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। विजेता प्रतिभागियों और स्कूली बच्चों को पुरस्कार एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।1
- धमतरी में बैंकिंग व्यवस्था ठप, 5 डे बैंकिंग को लेकर कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल धमतरी में आज बैंकों पर ताला लटक गया दरअसल यूनाइटेड फोरम ऑफ़ इंडिया बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज धमतरी सहित पूरे देश में बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया तस्वीरें धमतरी जिले के रत्नाबांधा रोड स्थित SBI बैंक की हैं...जहाँ सुबह से ही बैंक का शटर डाउन है और कर्मचारी बैंक के सामने धरने पर बैठे हैं..हाथों में बैनर और ज़ुबान पर सिर्फ एक नारा हमारी मांगे पूरी करो बता दें ये प्रदर्शन सिर्फ धमतरी में नहीं बल्कि देश के कोने कोने में किया गया है...इन कर्मचारियों का कहना है कि उनकी चार प्रमुख मांगे हैं जिनको लेकर आज ये एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की गई है..पहली और सबसे बड़ी मांग है 8 मार्च 2024 के समझौते और संयुक्त नोट के अनुसार 5 डे बैंकिंग सिस्टम लागू किया जाए यानी शनिवार रविवार... बैंक पूरी तरह बंद..दूसरी मांग सरकार की भेदभावपूर्ण और एकतरफा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को तुरंत वापस लिया जाए और तीसरी मांग संघों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से इस योजना में संशोधन किया जाए अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो ये तो सिर्फ ट्रेलर है आगे 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय महा हड़ताल करने की चेतावनी और इसके बाद भी सरकार नहीं जागी तो... 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल.... अगर बैंक अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गए तो आम आदमी का क्या होगा व्यापार का क्या होगा EMI ट्रांजेक्शन कैश... सब पर ब्रेक लग जाएगा फिलहाल गेंद केंद्र सरकार के पाले में है क्या सरकार 5 डे बैंकिंग की मांग के आगे झुकेगी या देश एक बड़े बैंक संकट की ओर बढ़ रहा है।3
- गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही क्यों?bachpan vala school badal gaya hai. गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही। bachpan vala school badal gaya hai. #ganv_school #स्कूल1
- कोंडागांव: ग्राम बेचा में मजदूरी भुगतान को लेकर उठी आवाज, मजदूरों ने लगाए भुगतान नहीं होने के आरोप कोण्डागांव के ग्राम बेचा में शासकीय प्राथमिक शाला भवन निर्माण में काम करने वाले मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी उन्हें मेहनत की कमाई नहीं मिली। मामले में आम आदमी पार्टी कोंडागांव के मानसिंह नेताम ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों की समस्याएं सुनीं और मामले को जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष उठाने की बात कही। मजदूरों और ग्रामीणों ने जांच कर जल्द मजदूरी भुगतान कराने की मांग की है।1