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गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही क्यों?bachpan vala school badal gaya hai. गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही। bachpan vala school badal gaya hai. #ganv_school #स्कूल
Rajesh kumar
गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही क्यों?bachpan vala school badal gaya hai. गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही। bachpan vala school badal gaya hai. #ganv_school #स्कूल
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- सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद नवापारा राजिम। अंचल की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था स्वामी आत्मानंद पीएम श्री हरिहर स्कूल की सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मान किया गया। स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके सेवाकाल की उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान सालासर सुंदरकांड जन कल्याण समिति के अध्यक्ष राजू काबरा द्वारा अभिनंदन पत्र का वाचन किया गया, जिसमें फाखरा खानम दानी के विद्यालय विकास, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना की गई। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक और प्राचार्य के रूप में उन्होंने सदैव विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दी तथा संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और कार्यशैली से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी। इस अवसर पर स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की संचालिका पुष्पा बहन जी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राजेंद्र गदिया, प्रभात जैन, पत्रकार आलोक पहाड़िया, तुकाराम कंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सेवानिवृत्त प्राचार्य के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।1
- बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Tarique Rahman) ब्रिक्स समिट में भारत नहीं आ रहे हैं। यह खबर 10 सितंबर 2026 को कन्फर्म हुई है। समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही है। (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) पूरा और सटीक अपडेट भारत ने तारिक रहमान को BIMSTEC चेयर के रूप में ब्रिक्स समिट के आउटरीच सेशन में आमंत्रित किया था। बांग्लादेश BIMSTEC का वर्तमान अध्यक्ष है। भारत ने स्पष्ट किया कि यह आमंत्रण ब्रिक्स की स्टैंडर्ड प्रैक्टिस के तहत क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को दिया जाता है। इसके अलावा, फरवरी 2026 में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद भारत ने उन्हें द्विपक्षीय (bilateral) यात्रा का अलग आमंत्रण भी दिया था। बांग्लादेश की तरफ से: स्टेट मिनिस्टर फॉर फॉरेन अफेयर्स हुमायूँ कबीर (Humaiun Kobir) ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री को ब्रिक्स समिट के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित नहीं किया गया। आमंत्रण BIMSTEC चेयर के रूप में था। उन्होंने कहा, “हम कैसे जाएं? बांग्लादेश सरकार के किसी को आमंत्रित किया गया है? हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया। BIMSTEC चेयर को आमंत्रित किया गया।” बांग्लादेश हाई कमिश्नर रियाज हमीदुल्लाह ने इंडिया टुडे के राउंडटेबल में बताया कि पिछले 6.5 महीनों में बांग्लादेश में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार है। “कुछ खास संदर्भ और परिस्थितियां” (certain context and circumstances) हैं, जिनकी वजह से प्रधानमंत्री समिट में शामिल नहीं हो पा रहे। उन्होंने विस्तार से नहीं बताया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि तारिक रहमान भारत आने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि यात्रा से ठोस नतीजे निकलें, ताकि बांग्लादेश लौटने पर जनता को कुछ दिखाने को मिले। पृष्ठभूमि और कारण भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव: शेख हसीना (पूर्व प्रधानमंत्री) भारत में हैं। ढाका उनकी प्रत्यर्पण (extradition) की मांग कर रहा है। हसीना के बयानों और मीडिया कार्यक्रमों से भी मतभेद बढ़े। पानी बंटवारा (गंगा वाटर शेयरिंग ट्रीटी) और अन्य द्विपक्षीय मुद्दे अभी सुलझने बाकी हैं। तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा मलेशिया और चीन गई थी (जून 2026)। भारत के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात अभी तक नहीं हुई। बांग्लादेश सरकार कह रही है कि प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा बहुपक्षीय समिट के साथ नहीं होनी चाहिए। वे सही समय पर ठोस द्विपक्षीय यात्रा चाहते हैं। बांग्लादेश समिट में प्रतिनिधि भेज सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री खुद नहीं जा रहे। संक्षेप में: असल में बांग्लादेश का स्टैंड है कि उन्हें ब्रिक्स के लिए प्रधानमंत्री के रूप में उचित आमंत्रण नहीं मिला, और द्विपक्षीय मुद्दों पर पहले स्पष्टता और ठोस नतीजे चाहिए। स्रोत: India Today, The Print, The Business Standard, PTI, Times of India और बांग्लादेशी आधिकारिक बयान (10 सितंबर 2026)। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- ग्राम मडियापार में भव्य पोला महोत्सवकार्यक्रम का हुआ आयोजन ग्राम मडियापार में भव्य पोला महोत्सवकार्यक्रम का हुआ आयोजन लोकेशन -धमधा रिपोर्टर - हेमंत उमरे छत्तीसगढ़ की माटी, परंपरा और खेल संस्कृति का रंग एक बार फिर मडियापार में देखने को मिल रहा है। यहां पिछले 63 वर्षों से पोला महोत्सव का आयोजन लगातार किया जा रहा है। महोत्सव में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक खेलों और लोक संस्कृति को विशेष महत्व दिया जाता है। बैल दौड़, कबड्डी, साइकिल रेस समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजन मुख्य आकर्षण रहती हैं। इस बार महोत्सव को लेकर ग्रामीणों और आयोजकों में खासा उत्साह है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खराब मौसम के चलते कार्यक्रम में नहीं पहुच पाएं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थी। बैल दौड़ को विधायक ईश्वर साहु,उषा बारले,व दुर्ग जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया,इस कार्यक्रम में भारी संख्या में आसपास क्षेत्र में शहरी क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग पहुंचे थे।4
- धुर्राबांधा के पावन धरती में मां भोजली फुलवारी दाई के आगमन। गंगा स्नान बर जावत हे।4
- ग्राम कारी में हर्षोल्लास से मनाया गया पोला पर्व, भोजली का किया गया विसर्जन कारी। ग्राम पंचायत कारी में पोला पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से भोजली की पूजा-अर्चना कर विसर्जन किया। महिलाओं एवं युवतियों द्वारा आकर्षक ढंग से सजाई गई भोजली ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। भोजली विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए। पारंपरिक गीतों और उत्साह के बीच भोजली को विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। पूरे गांव में पर्व को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ पोला पर्व और भोजली विसर्जन कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।2
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।4
- Raipur News सोमा देवांगन गिरफ्तार! कोर्ट ने भेजा जेल ,,,1
- ‘हनुमान अंश’ की वर्ल्डवाइड रिलीज कल 11 सितंबर को, नीम करौली बाबा की पुण्यतिथि पर। (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) नीम करौली बाबा (महाराज जी) के जीवन से प्रेरित भक्ति-नाट्य फिल्म ‘हनुमान अंश’ भारत में शानदार सफलता के बाद अब दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। मुख्य अपडेट (फुल फैक्ट्स): भारत रिलीज: 7 अगस्त 2026 को हुई थी (पहले 31 जुलाई तय था, बाद में पोस्टपोन)। वर्ल्डवाइड/ओवरसीज रिलीज: 11 सितंबर 2026। यह तारीख जानबूझकर चुनी गई है क्योंकि 11 सितंबर 1973 को नीम करौली बाबा ने वृंदावन में महासमाधि ली थी। उनकी 53वीं पुण्यतिथि पर फिल्म ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचेगी। वितरण: भारत में Cinépolis (कुछ सर्किट में Panorama Studios)। ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन Hombale Films (KGF, Kantara, Salaar के मेकर्स) के Hombale Overseas के जरिए हो रहा है। फिल्म के बारे में: निर्देशक, लेखक और निर्माता: डॉ. विशाल चतुर्वेदी (उनकी किताब Divine Detour: That Changed My Life पर आधारित त्रयी की पहली फिल्म)। लीड: शोभिनाव सत्य (Shobhinaw Satyaa) मुख्य भूमिका में। साथ में चंदन आनंद, विहान शेडगे, पूर्णिमा तिवारी आदि। बजट: करीब ₹2 करोड़। कलेक्शन: भारत में वर्ड-ऑफ-माउथ से सरप्राइज हिट बनी। कम स्क्रीन पर शुरू होकर धीरे-धीरे स्क्रीन बढ़ाई गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार घरेलू कलेक्शन ₹100 करोड़+ पार कर चुका है (कुछ स्रोतों में ₹125-160 करोड़ तक का जिक्र)। बहुत कम बजट में बेहद हाई प्रॉफिट रेशियो वाली फिल्म मानी जा रही है। कहानी: युवा लक्ष्मी नारायण (बाद में नीम करौली बाबा) की आध्यात्मिक यात्रा, भक्ति, सेवा और “Love all, Serve all, Feed all, Remember Ram” के संदेश पर आधारित। खास बात: भारत में धीमी शुरुआत के बावजूद दर्शकों का प्यार मिला। अब Hombale Films के साथ अंतरराष्ट्रीय रिलीज से नीम करौली बाबा की कहानी (जिन्होंने स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग, जूलिया रॉबर्ट्स जैसे लोगों को भी प्रभावित किया) दुनिया भर तक पहुंचेगी। कल 11 सितंबर को विदेशों में भी सिनेमाघरों में देख सकते हैं। भारत में अभी भी कुछ जगहों पर चल रही है। स्रोत: Wikipedia, India Today, NDTV, Bollywood Hungama, The Hindu आदि की हालिया रिपोर्ट्स (सितंबर 2026)। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- भानुप्रतापपुर-कांकेर मार्ग की बदहाली पर शिवसेना ने उठाई आवाज भानुप्रतापपुर-कांकेर मार्ग की बदहाली पर शिवसेना ने उठाई आवाज कांकेर। भानुप्रतापपुर-कांकेर मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार नवनिर्माण की मांग की है। पार्टी ने सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द सुधार कार्य शुरू कराने की मांग उठाई है। शिवसेना के अनुसार मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और यात्री वाहनों का आवागमन होता है। सड़क खराब होने से वाहन चालकों को परेशानी के साथ यात्रा में अधिक समय भी लग रहा है। पार्टी ने कहा कि भानुप्रतापपुर-कांकेर मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है। सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। गड्ढों से बचने के दौरान वाहनों के अनियंत्रित होने की स्थिति बन रही है। बरसात में समस्या और गंभीर हो गई है। शिवसेना ने मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग मंत्री और संबंधित अधिकारियों से मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराने तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के साथ जरूरत वाले स्थानों पर नवनिर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सड़क के शीघ्र सुधार से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।1