सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद नवापारा राजिम। अंचल की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था स्वामी आत्मानंद पीएम श्री हरिहर स्कूल की सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मान किया गया। स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके सेवाकाल की उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान सालासर सुंदरकांड जन कल्याण समिति के अध्यक्ष राजू काबरा द्वारा अभिनंदन पत्र का वाचन किया गया, जिसमें फाखरा खानम दानी के विद्यालय विकास, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना की गई। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक और प्राचार्य के रूप में उन्होंने सदैव विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दी तथा संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और कार्यशैली से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी। इस अवसर पर स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की संचालिका पुष्पा बहन जी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राजेंद्र गदिया, प्रभात जैन, पत्रकार आलोक पहाड़िया, तुकाराम कंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सेवानिवृत्त प्राचार्य के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद नवापारा राजिम। अंचल की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था स्वामी आत्मानंद पीएम श्री हरिहर स्कूल की सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मान किया गया। स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके सेवाकाल की उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान सालासर सुंदरकांड जन कल्याण समिति के अध्यक्ष राजू काबरा द्वारा अभिनंदन पत्र का वाचन किया गया, जिसमें फाखरा खानम दानी के विद्यालय विकास, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना की गई। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक और प्राचार्य के रूप में उन्होंने सदैव विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दी तथा संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और कार्यशैली से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी। इस अवसर पर स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की संचालिका पुष्पा बहन जी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राजेंद्र गदिया, प्रभात जैन, पत्रकार आलोक पहाड़िया, तुकाराम कंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सेवानिवृत्त प्राचार्य के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
- सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का सम्मान, संस्था में योगदान को किया याद नवापारा राजिम। अंचल की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था स्वामी आत्मानंद पीएम श्री हरिहर स्कूल की सेवानिवृत्त प्राचार्य फाखरा खानम दानी का उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मान किया गया। स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके सेवाकाल की उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान सालासर सुंदरकांड जन कल्याण समिति के अध्यक्ष राजू काबरा द्वारा अभिनंदन पत्र का वाचन किया गया, जिसमें फाखरा खानम दानी के विद्यालय विकास, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान की सराहना की गई। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक और प्राचार्य के रूप में उन्होंने सदैव विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दी तथा संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और कार्यशैली से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेती रहेंगी। इस अवसर पर स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की संचालिका पुष्पा बहन जी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राजेंद्र गदिया, प्रभात जैन, पत्रकार आलोक पहाड़िया, तुकाराम कंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सेवानिवृत्त प्राचार्य के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।1
- बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Tarique Rahman) ब्रिक्स समिट में भारत नहीं आ रहे हैं। यह खबर 10 सितंबर 2026 को कन्फर्म हुई है। समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही है। (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) पूरा और सटीक अपडेट भारत ने तारिक रहमान को BIMSTEC चेयर के रूप में ब्रिक्स समिट के आउटरीच सेशन में आमंत्रित किया था। बांग्लादेश BIMSTEC का वर्तमान अध्यक्ष है। भारत ने स्पष्ट किया कि यह आमंत्रण ब्रिक्स की स्टैंडर्ड प्रैक्टिस के तहत क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को दिया जाता है। इसके अलावा, फरवरी 2026 में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद भारत ने उन्हें द्विपक्षीय (bilateral) यात्रा का अलग आमंत्रण भी दिया था। बांग्लादेश की तरफ से: स्टेट मिनिस्टर फॉर फॉरेन अफेयर्स हुमायूँ कबीर (Humaiun Kobir) ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री को ब्रिक्स समिट के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित नहीं किया गया। आमंत्रण BIMSTEC चेयर के रूप में था। उन्होंने कहा, “हम कैसे जाएं? बांग्लादेश सरकार के किसी को आमंत्रित किया गया है? हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया। BIMSTEC चेयर को आमंत्रित किया गया।” बांग्लादेश हाई कमिश्नर रियाज हमीदुल्लाह ने इंडिया टुडे के राउंडटेबल में बताया कि पिछले 6.5 महीनों में बांग्लादेश में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार है। “कुछ खास संदर्भ और परिस्थितियां” (certain context and circumstances) हैं, जिनकी वजह से प्रधानमंत्री समिट में शामिल नहीं हो पा रहे। उन्होंने विस्तार से नहीं बताया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि तारिक रहमान भारत आने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि यात्रा से ठोस नतीजे निकलें, ताकि बांग्लादेश लौटने पर जनता को कुछ दिखाने को मिले। पृष्ठभूमि और कारण भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव: शेख हसीना (पूर्व प्रधानमंत्री) भारत में हैं। ढाका उनकी प्रत्यर्पण (extradition) की मांग कर रहा है। हसीना के बयानों और मीडिया कार्यक्रमों से भी मतभेद बढ़े। पानी बंटवारा (गंगा वाटर शेयरिंग ट्रीटी) और अन्य द्विपक्षीय मुद्दे अभी सुलझने बाकी हैं। तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा मलेशिया और चीन गई थी (जून 2026)। भारत के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात अभी तक नहीं हुई। बांग्लादेश सरकार कह रही है कि प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा बहुपक्षीय समिट के साथ नहीं होनी चाहिए। वे सही समय पर ठोस द्विपक्षीय यात्रा चाहते हैं। बांग्लादेश समिट में प्रतिनिधि भेज सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री खुद नहीं जा रहे। संक्षेप में: असल में बांग्लादेश का स्टैंड है कि उन्हें ब्रिक्स के लिए प्रधानमंत्री के रूप में उचित आमंत्रण नहीं मिला, और द्विपक्षीय मुद्दों पर पहले स्पष्टता और ठोस नतीजे चाहिए। स्रोत: India Today, The Print, The Business Standard, PTI, Times of India और बांग्लादेशी आधिकारिक बयान (10 सितंबर 2026)। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- धमतरी में बैंकिंग व्यवस्था ठप, 5 डे बैंकिंग को लेकर कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल धमतरी में आज बैंकों पर ताला लटक गया दरअसल यूनाइटेड फोरम ऑफ़ इंडिया बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज धमतरी सहित पूरे देश में बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया तस्वीरें धमतरी जिले के रत्नाबांधा रोड स्थित SBI बैंक की हैं...जहाँ सुबह से ही बैंक का शटर डाउन है और कर्मचारी बैंक के सामने धरने पर बैठे हैं..हाथों में बैनर और ज़ुबान पर सिर्फ एक नारा हमारी मांगे पूरी करो बता दें ये प्रदर्शन सिर्फ धमतरी में नहीं बल्कि देश के कोने कोने में किया गया है...इन कर्मचारियों का कहना है कि उनकी चार प्रमुख मांगे हैं जिनको लेकर आज ये एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की गई है..पहली और सबसे बड़ी मांग है 8 मार्च 2024 के समझौते और संयुक्त नोट के अनुसार 5 डे बैंकिंग सिस्टम लागू किया जाए यानी शनिवार रविवार... बैंक पूरी तरह बंद..दूसरी मांग सरकार की भेदभावपूर्ण और एकतरफा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को तुरंत वापस लिया जाए और तीसरी मांग संघों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से इस योजना में संशोधन किया जाए अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो ये तो सिर्फ ट्रेलर है आगे 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय महा हड़ताल करने की चेतावनी और इसके बाद भी सरकार नहीं जागी तो... 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल.... अगर बैंक अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गए तो आम आदमी का क्या होगा व्यापार का क्या होगा EMI ट्रांजेक्शन कैश... सब पर ब्रेक लग जाएगा फिलहाल गेंद केंद्र सरकार के पाले में है क्या सरकार 5 डे बैंकिंग की मांग के आगे झुकेगी या देश एक बड़े बैंक संकट की ओर बढ़ रहा है।3
- गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही क्यों?bachpan vala school badal gaya hai. गांव के स्कूल में अब बच्चे कम पढ़ रहे और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा ही। bachpan vala school badal gaya hai. #ganv_school #स्कूल1
- धुर्राबांधा के पावन धरती में मां भोजली फुलवारी दाई के आगमन। गंगा स्नान बर जावत हे।4
- ग्राम कारी में हर्षोल्लास से मनाया गया पोला पर्व, भोजली का किया गया विसर्जन कारी। ग्राम पंचायत कारी में पोला पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से भोजली की पूजा-अर्चना कर विसर्जन किया। महिलाओं एवं युवतियों द्वारा आकर्षक ढंग से सजाई गई भोजली ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। भोजली विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए। पारंपरिक गीतों और उत्साह के बीच भोजली को विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। पूरे गांव में पर्व को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ पोला पर्व और भोजली विसर्जन कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।2
- Raipur News सोमा देवांगन गिरफ्तार! कोर्ट ने भेजा जेल ,,,1
- ‘हनुमान अंश’ की वर्ल्डवाइड रिलीज कल 11 सितंबर को, नीम करौली बाबा की पुण्यतिथि पर। (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) नीम करौली बाबा (महाराज जी) के जीवन से प्रेरित भक्ति-नाट्य फिल्म ‘हनुमान अंश’ भारत में शानदार सफलता के बाद अब दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। मुख्य अपडेट (फुल फैक्ट्स): भारत रिलीज: 7 अगस्त 2026 को हुई थी (पहले 31 जुलाई तय था, बाद में पोस्टपोन)। वर्ल्डवाइड/ओवरसीज रिलीज: 11 सितंबर 2026। यह तारीख जानबूझकर चुनी गई है क्योंकि 11 सितंबर 1973 को नीम करौली बाबा ने वृंदावन में महासमाधि ली थी। उनकी 53वीं पुण्यतिथि पर फिल्म ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचेगी। वितरण: भारत में Cinépolis (कुछ सर्किट में Panorama Studios)। ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन Hombale Films (KGF, Kantara, Salaar के मेकर्स) के Hombale Overseas के जरिए हो रहा है। फिल्म के बारे में: निर्देशक, लेखक और निर्माता: डॉ. विशाल चतुर्वेदी (उनकी किताब Divine Detour: That Changed My Life पर आधारित त्रयी की पहली फिल्म)। लीड: शोभिनाव सत्य (Shobhinaw Satyaa) मुख्य भूमिका में। साथ में चंदन आनंद, विहान शेडगे, पूर्णिमा तिवारी आदि। बजट: करीब ₹2 करोड़। कलेक्शन: भारत में वर्ड-ऑफ-माउथ से सरप्राइज हिट बनी। कम स्क्रीन पर शुरू होकर धीरे-धीरे स्क्रीन बढ़ाई गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार घरेलू कलेक्शन ₹100 करोड़+ पार कर चुका है (कुछ स्रोतों में ₹125-160 करोड़ तक का जिक्र)। बहुत कम बजट में बेहद हाई प्रॉफिट रेशियो वाली फिल्म मानी जा रही है। कहानी: युवा लक्ष्मी नारायण (बाद में नीम करौली बाबा) की आध्यात्मिक यात्रा, भक्ति, सेवा और “Love all, Serve all, Feed all, Remember Ram” के संदेश पर आधारित। खास बात: भारत में धीमी शुरुआत के बावजूद दर्शकों का प्यार मिला। अब Hombale Films के साथ अंतरराष्ट्रीय रिलीज से नीम करौली बाबा की कहानी (जिन्होंने स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग, जूलिया रॉबर्ट्स जैसे लोगों को भी प्रभावित किया) दुनिया भर तक पहुंचेगी। कल 11 सितंबर को विदेशों में भी सिनेमाघरों में देख सकते हैं। भारत में अभी भी कुछ जगहों पर चल रही है। स्रोत: Wikipedia, India Today, NDTV, Bollywood Hungama, The Hindu आदि की हालिया रिपोर्ट्स (सितंबर 2026)। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- धमतरी में सड़क हादसों का कहर, अलग-अलग हादसों में दो की मौत, चार गंभीर धमतरी से इस वक़्त चार अलग अलग सड़क हादसों की बेहद दर्दनाक घटना आ रही है इन वाक़िए में दो नौजवानों की जान चली गई जबकि चार लोग ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं..पहला हादसा अवरी निवासी राजू यादव के साथ हुआ वो किराने का सामान खरीदने भखारा गए थे वापसी के दौरान ग्राम सिरवे पुरैना के दरमियान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें ज़बरदस्त ठोकर मारी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई....दूसरा वाक़िया बड़े गौरी गांव निवासी डामेंश्वर सिन्हा का है वो अपनी बहन को तीजा का न्यौता देने मोखा गए थे बाइक पर दोनों भाई बहन बड़े गौरी लौट रहे थे कि पुरूर के पास एक पिकअप गाड़ी ने उन्हें कुचल दिया डामेंश्वर ने धमतरी ज़िला अस्पताल में दम तोड़ दिया जबकि उनकी बहन अब भी ज़िंदगी की जंग लड़ रही है....तीसरा हादसा चितौड़ के पास हुआ जहां पुरूर के दो नौजवान धमतरी से अपने गांव लौट रहे थे बस की ठोकर से दोनों गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गए इसी बीच अरमरी निवासी एक और युवक भी अज्ञात गाड़ी की चपेट में आ गया तीनों की हालत नाज़ुक होने पर उन्हें रायपुर रेफ़र कर दिया गया है..... बहरहाल लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं... आखिर सड़कों पर बढ़ते हादसों पर लगाम कब लगेगी... और कब लोगों की जिंदगी सुरक्षित होगी... यह बड़ा सवाल बना हुआ है।3