जनपद उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्रांतर्गत SDRF द्वारा अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन किया सफलतापूर्वक उत्तरकाशी. जनपद उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्रांतर्गत SDRF द्वारा अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। रात्रि समय पुलिस चौकी गंगोत्री से प्राप्त सूचना के अनुसार गौमुख मार्ग पर स्थित भोजवासा के GMVN गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारी कैलाश रावत (उम्र लगभग 50 वर्ष), निवासी धराली पट्टी ठकराल, थाना बड़कोट, जनपद उत्तरकाशी को अचानक सांस लेने में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिसके चलते वे अचेत अवस्था में चले गए। SDRF टीम पोस्ट गंगोत्री से उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। लगभग 14 किमी लंबे दुर्गम पैदल मार्ग, अत्यधिक ठंड एवं समुद्र तल से करीब 3800 मीटर की ऊंचाई जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और त्वरित प्रतिक्रिया का परिचय देते हुए रात्रि में ही भोजवासा पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। मौके पर कैलाश रावत अचेत अवस्था में पाए गए, जिन्हें SDRF टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक सहायता प्रदान की गई। इसके उपरांत टीम ने उच्च स्तर की सावधानी, समन्वय एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कठिन पर्वतीय मार्ग से सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोत्री पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान में उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान के साथ कांस्टेबल प्रदीप बिस्ट, कांस्टेबल नवीन पोखरिया, पैरामेडिक्स अभिषेक व्यास, होमगार्ड वीरेंद्र राणा एवं होमगार्ड ज्ञानेंद्र राणा शामिल रहे। सभी कार्मिकों ने विपरीत परिस्थितियों में उत्कृष्ट टीमवर्क, धैर्य एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
जनपद उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्रांतर्गत SDRF द्वारा अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन किया सफलतापूर्वक उत्तरकाशी. जनपद उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्रांतर्गत SDRF द्वारा अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। रात्रि समय पुलिस चौकी गंगोत्री से प्राप्त सूचना के अनुसार गौमुख मार्ग पर स्थित भोजवासा के GMVN गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारी कैलाश रावत (उम्र लगभग 50 वर्ष), निवासी
धराली पट्टी ठकराल, थाना बड़कोट, जनपद उत्तरकाशी को अचानक सांस लेने में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिसके चलते वे अचेत अवस्था में चले गए। SDRF टीम पोस्ट गंगोत्री से उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। लगभग 14 किमी लंबे दुर्गम पैदल मार्ग, अत्यधिक ठंड एवं समुद्र तल से करीब 3800 मीटर की ऊंचाई जैसी विषम
परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और त्वरित प्रतिक्रिया का परिचय देते हुए रात्रि में ही भोजवासा पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। मौके पर कैलाश रावत अचेत अवस्था में पाए गए, जिन्हें SDRF टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक सहायता प्रदान की गई। इसके उपरांत टीम ने उच्च स्तर की सावधानी, समन्वय एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कठिन पर्वतीय मार्ग से
सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोत्री पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान में उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान के साथ कांस्टेबल प्रदीप बिस्ट, कांस्टेबल नवीन पोखरिया, पैरामेडिक्स अभिषेक व्यास, होमगार्ड वीरेंद्र राणा एवं होमगार्ड ज्ञानेंद्र राणा शामिल रहे। सभी कार्मिकों ने विपरीत परिस्थितियों में उत्कृष्ट टीमवर्क, धैर्य एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
- उत्तरकाशी. जनपद उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्रांतर्गत SDRF द्वारा अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। रात्रि समय पुलिस चौकी गंगोत्री से प्राप्त सूचना के अनुसार गौमुख मार्ग पर स्थित भोजवासा के GMVN गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारी कैलाश रावत (उम्र लगभग 50 वर्ष), निवासी धराली पट्टी ठकराल, थाना बड़कोट, जनपद उत्तरकाशी को अचानक सांस लेने में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिसके चलते वे अचेत अवस्था में चले गए। SDRF टीम पोस्ट गंगोत्री से उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। लगभग 14 किमी लंबे दुर्गम पैदल मार्ग, अत्यधिक ठंड एवं समुद्र तल से करीब 3800 मीटर की ऊंचाई जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और त्वरित प्रतिक्रिया का परिचय देते हुए रात्रि में ही भोजवासा पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। मौके पर कैलाश रावत अचेत अवस्था में पाए गए, जिन्हें SDRF टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक सहायता प्रदान की गई। इसके उपरांत टीम ने उच्च स्तर की सावधानी, समन्वय एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कठिन पर्वतीय मार्ग से सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोत्री पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान में उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान के साथ कांस्टेबल प्रदीप बिस्ट, कांस्टेबल नवीन पोखरिया, पैरामेडिक्स अभिषेक व्यास, होमगार्ड वीरेंद्र राणा एवं होमगार्ड ज्ञानेंद्र राणा शामिल रहे। सभी कार्मिकों ने विपरीत परिस्थितियों में उत्कृष्ट टीमवर्क, धैर्य एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।4
- जनता दरबार मे जिलाधिकारी ने सुनी फरियादियो की समस्याएं, त्वरित कार्यवाही के निर्देश1
- Post by दैनिक समाचार उत्तराखंड1
- मई 2025 में कोर्ट ने ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में हुए इस मर्डर केस में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन, प्रदर्शनकारी अभी भी वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच और मामले में शामिल कथित VIP की तत्काल गिरफ्तारी हो! प्रदर्शनकारियों ने 'अंकिता को न्याय दो' और 'वीआईपी को गिरफ्तार करो' के नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और अन्य नेता, महिला मंच की कमला पंत के नेतृत्व में, कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सत्याग्रह किया।1
- केशव थलवाल मामले को लेकर HC सख्त, केशव थलवाल की गिरफ्तारी पर लगाईं रोक1
- Post by Zeta News 24x71
- ⚫️ दर्दनाक खबर | नैनीताल से बड़ी सूचना 📍 नैनीताल जिला न्यायालय परिसर में आज सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। नोटरी अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी का शव उनकी कार के अंदर खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। 🚗 पार्किंग में खड़ी कार में अधिवक्ताओं ने जब उन्हें इस हालत में देखा तो मौके पर हड़कंप मच गया। 🔫 शव के पास पिस्टल और कार के बोनट पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। 📝 सुसाइड नोट में उन्होंने किसी बीमारी से परेशान होने की बात लिखी बताई जा रही है। 👮♂️ सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। 💔 मिलनसार स्वभाव के पूरन सिंह भाकुनी के इस कदम से न्यायालय परिसर में शोक की लहर है। 💍 बताया जा रहा है कि उनकी शादी कुछ ही महीने पहले हुई थी। 👉 फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- गंगनानी गर्म कुंड उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो अपने गर्म पानी के झरने और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। यह कुंड गंगोत्री हाईवे से लगा हुआ है. वैज्ञानिक तोर पर यहां का पानी गंधक और सल्फर युक्त है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे चर्म रोग, दाद, खाज और खुजली में राहत प्रदान करता है. साथ ही आस्था का प्रतीक भी है.कहा जाता है कि कई वर्ष पहले यंहा पर महर्षि परासर ने योग व ध्यान किया था.इस कुंड मे हर साल यात्री स्नान करके हुए गंगोत्री धाम कि और जाते है. गंगनानी में दो गर्म कुंड हैंजिसे वशिष्ठ कुंड और व्यास कुंड कहा जाता है.वशिष्ठ कुंड में महिलाएं स्नान करती हैं, जबकि व्यास कुंड पुरुषों के लिए है। धार्मिक मान्यता है कि महर्षि पराशर ने यहां हजारों साल तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप इस गर्म पानी के झरने का उद्गम हुआ गंगनानी उत्तरकाशी जिले में स्थित है. यहां पहुंचने के कई विकल्प हैं,निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट देहरादून से उत्तरकाशी जनपद के जोशियाडा पहुंच सकते है,जनपद मुख्यलय से टैक्सी या बस लेकर गंगनानी पहुंचा जा सकता है।सड़क मार्ग कि बात करे गंगनानी उत्तरकाशी जिले में स्थित है. और यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। गंगनानी पहुंचने के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर तक है.जब मौसम सुहावना होता है।4