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User4723
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More news from बिहार and nearby areas
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- सौर बाजार थाना क्षेत्र के कांप पुर्वी पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 8 मधेपुरा टोला निवासी साकेत सुमन (पिता उमाकांत यादव) ने सौर बाजार थाना में एक लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि 30 जून 2026 की सुबह वह विजयपुर घिनमा सड़क मार्ग पर बीसो यादव के खेत के समीप अपनी बुलेट गाड़ी खड़ी कर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान ठेंगहा गांव के वार्ड नंबर 1 निवासी स्वर्गीय अभिरमन यादव के पुत्र गोलू कुमार और सहूरिया पुर्वी पंचायत के वार्ड नंबर 16 निवासी प्रमोद यादव के पुत्र पपलेश, एक बाइक पर सवार होकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि दोनों युवकों ने साकेत सुमन की बाइक में ठोकर मार दी और उन्हें ही डांटने लगे। जब साकेत सुमन ने इसका विरोध किया, तो पपलेश कुमार ने अपनी कमर से पिस्टल निकालकर उन्हें भयभीत किया और उनके हाफ पैंट में रखे दस हजार रुपए निकाल लिए। इनमें से एक हजार रुपए नीचे गिर गए, जिसे साकेत सुमन ने उठा लिया। इस घटना की सूचना उन्होंने तत्काल 112 नंबर पुलिस वाहन को दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों आरोपी मौके से भाग गए। साकेत सुमन के अनुसार, इस घटना के बाद जब वह अपने घर पहुंचे, तो उनका भतीजा विजयपुर पोखर से मछली को चारा देकर घर लौट रहा था। दोनों नामित व्यक्तियों (गोलू कुमार और पपलेश) ने उनके भतीजे को घेरकर गाली-गलौज की और दहशत फैलाने के इरादे से तीन-चार राउंड हवाई फायरिंग करते हुए वहां से निकल गए। इस पूरे मामले को लेकर सौर बाजार थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें आवेदन मिल गया है और घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में दोषी पाए जाने पर अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।1
- खगड़िया जिले के जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने गोगरी प्रखंड का दौरा किया है। वह वहाँ GN बांध का निरीक्षण कर रहे हैं।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर प्रखंड में गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह भीड़ सिंघेश्वर के मोरा स्थित में. शिव शक्ति इंडियन गैस एजेंसी पर देखी गई, जहाँ लोग गैस सिलेंडरों के लिए जमा हुए थे।1
- पुलिस थाने के ठीक सामने एक बिल्डर की हत्या कर दी गई है। घटना के बाद बिल्डर का खून से लथपथ शव उसके कार्यालय से बरामद किया गया है।1
- मधेपुरा के आलमनगर में ड्यूटी पर तैनात दो सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) के साथ कथित मारपीट और फिर उन्हीं पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में जिला CHO संघ ने सिविल सर्जन से मुलाकात कर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षा, मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। यह घटना 25 जून की रात को हुई थी, जिसके विरोध में बुधवार को जिला CHO संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन कार्यालय पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया गया और बाद में उन्हीं पर नामजद प्राथमिकी भी दर्ज कर दी गई। संघ ने इस संबंध में सिविल सर्जन को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा है। संघ का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मी चौबीसों घंटे लोगों की सेवा में तत्पर रहते हैं, लेकिन यदि ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। संघ ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने तक प्रभावित CHO और अन्य संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से जिला मुख्यालय या जिले के सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थानों में ही काम लिया जाए। सिविल सर्जन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यान से सुना और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, निर्दोष कर्मियों को न्याय दिलाने और सभी सरकारी अस्पतालों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की अपनी मांग दोहराई है। आलमनगर की यह घटना अब सिर्फ दो स्वास्थ्यकर्मियों का मामला न रहकर, सरकारी अस्पतालों में कार्यरत सभी कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा सवाल बन गई है, और सबकी निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- मधेपुरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गद्दे और रजाई बनाने का काम करने वाले 25 वर्षीय युवक मो. आदिल का हाथ मशीन में फंसने से कटकर अलग हो गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब आदिल रोज़ की तरह एक कपड़ा धुनाई मशीन पर काम कर रहे थे, और पलक झपकते ही तेज़ रफ्तार मशीन की चपेट में उनका हाथ आ गया। पुरैनी प्रखंड के चंदा वार्ड-17 निवासी आदिल, जो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, बिहारीगंज थाना क्षेत्र के बीड़ी रणपाल गांव में काम कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने मशीन बंद कर उन्हें बाहर निकाला। अत्यधिक खून बहने के कारण उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। हादसे में भारी रक्तस्राव के चलते आदिल की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और वे अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने उनके परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया है। परिवार का कहना है कि आदिल की मेहनत की कमाई से ही उनका गुजारा चलता था। अब एक तरफ आदिल के इलाज की चिंता है, तो दूसरी तरफ पूरे परिवार के लिए रोजी-रोटी का बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। इस घटना से गांव में भी मातम छाया हुआ है और लोग आदिल के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर मशीनों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, ताकि ऐसे मेहनतकश लोग दुर्घटनावश अपनी आजीविका और जीवन न गंवा दें।1