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देशभक्ति और भक्ति के संगम से निकली भव्य कावड़ यात्रा, 14 किमी पैदल चलकर भसियागढ़ में किया जलाभिषेक
Dev Anand
देशभक्ति और भक्ति के संगम से निकली भव्य कावड़ यात्रा, 14 किमी पैदल चलकर भसियागढ़ में किया जलाभिषेक
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- *सिवनी में धूमधाम से मनाया गया वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जन्मोत्सव* _लोधी क्षत्रिय समाज ने शौर्य और सम्मान के साथ मनाई जयंती, जिलेभर से समाजजन हुए शामिल_ सिवनी/कुरई- वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती के अवसर पर आज 16 अगस्त को सिवनी में लोधी क्षत्रिय समाज द्वारा उनका जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम, उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिवनी-खैरीटैक स्थित लॉन में किया गया, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में लोधी समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस, वीरता, स्वाभिमान और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ किए गए संघर्ष को याद करते हुए नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। *अंग्रेजों के सामने झुकने से किया इनकार* वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनखेड़ी गांव में जमींदार राव जुझार सिंह के घर हुआ था। उनका विवाह रामगढ़ रियासत के राजकुमार विक्रमादित्य सिंह लोधी से हुआ। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीय रियासतों पर अपना नियंत्रण मजबूत करना शुरू किया, तब रामगढ़ रियासत भी अंग्रेजों की नजर में आ गई। ऐसी परिस्थितियों में रानी अवंती बाई ने अंग्रेजों के सामने झुकने के बजाय उनके खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना। राजा विक्रमादित्य सिंह के अस्वस्थ होने के बाद रानी अवंती बाई ने रियासत की बागडोर संभाली। उन्होंने अपने आसपास के जमींदारों, जागीरदारों और ग्रामीणों को एकजुट किया तथा अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह की तैयारी शुरू की। *गांव-गांव जाकर लोगों को किया एकजुट* रानी अवंती बाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष को केवल राजमहल तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने ग्रामीणों और अपने सहयोगियों को संगठित किया तथा अंग्रेजी शासन के विरुद्ध खड़े होने का आह्वान किया। उनके नेतृत्व में रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध जबरदस्त प्रतिरोध खड़ा हुआ। रानी स्वयं घोड़े पर सवार होकर युद्धभूमि में उतरती थीं और अपने सैनिकों का नेतृत्व करती थीं। उनके साहस और नेतृत्व से सैनिकों में नया उत्साह पैदा होता था। *अंग्रेजी सेना से हुआ भीषण संघर्ष* 1857 के विद्रोह के दौरान रानी अवंती बाई ने अंग्रेजी सेना के खिलाफ कई मोर्चों पर संघर्ष किया। उन्होंने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेजी सेना का डटकर मुकाबला किया। रामगढ़ की धरती पर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देने वाली रानी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगी। अंग्रेजी सेना संख्या और संसाधनों में अधिक मजबूत थी, लेकिन रानी अवंती बाई के नेतृत्व में स्थानीय सैनिकों और ग्रामीणों ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। उनके संघर्ष ने आसपास के क्षेत्रों में भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ प्रतिरोध की भावना को मजबूत किया। *अंतिम समय तक नहीं मानी हार* अंग्रेजों ने रानी अवंती बाई के विद्रोह को दबाने के लिए बड़ी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल किया। परिस्थितियां लगातार कठिन होती गईं, लेकिन रानी ने आत्मसमर्पण करना स्वीकार नहीं किया। 20 मार्च 1858 को देवहारगढ़ के युद्ध में अंग्रेजी सेना से संघर्ष के दौरान जब उन्हें लगा कि परिस्थितियां उनके विरुद्ध जा रही हैं और अंग्रेज उन्हें जीवित पकड़ सकते हैं, तब उन्होंने अंग्रेजों के हाथों बंदी बनने के बजाय अपने प्राणों की आहुति देना स्वीकार किया। रानी अवंती बाई का बलिदान भारतीय इतिहास में साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया। *आज भी प्रेरणा देती है रानी की वीरगाथा* रानी अवंती बाई लोधी की वीरगाथा केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है। उन्होंने यह संदेश दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी अन्याय और गुलामी के सामने सिर नहीं झुकाया जाना चाहिए। सिवनी में आयोजित जन्मोत्सव के दौरान समाजजनों ने रानी अवंती बाई के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे समाजजनों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य रूप प्रदान किया। रानी अवंती बाई अमर रहें के जयघोष और देशभक्ति के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जीवन हमें सिखाता है कि मातृभूमि, स्वाभिमान और न्याय की रक्षा के लिए साहस के साथ संघर्ष करना ही सच्ची वीरता है।2
- सिवनी-मंडला रोड पर पिकअप और बाइक की भिड़ंत, बाइक सवार घायल सिवनी। सिवनी-मंडला मार्ग पर पलारी चौराहे के पास मानेगांव मोड़ पर रविवार को एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद अनियंत्रित पिकअप सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- पोदार प्रेप की शिक्षिकाओं और स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम सफल एवं यादगार बना। *तीन पीढ़ियों (बच्चे, माता-पिता और दादा-दादी/नाना-नानी) ने मिलकर स्वतंत्रता दिवस मनाया।* *कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, नृत्य, खेल एवं विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।* *बच्चों में भारतीय संस्कार, पारिवारिक प्रेम और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।* *चेयरमैन अंशुल गोयल, डायरेक्टर अमित पांडेय सहित विद्यालय के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।* *पोदार प्रेप की शिक्षिकाओं और स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम सफल एवं यादगार* *सिवनी से मोहित यादव 9584667143*1
- Seoni News: हाईस्कूल में देशभक्ति के रंग में रंगा स्वतंत्रता दिवस, प्रभात फेरी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां1
- बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच 169 मरीजों में 125 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 10 गांवों में फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव से रोकथाम तेज जिले के बिरसा विकासखंड के प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और उपचार की कार्यवाही कर रही हैं। आज 8 व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अभियान के दौरान अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए 169 मरीजों में से 125 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 44 मरीज उपचाररत हैं। घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में अब तक 2,882 लोगों की जांच की गई, जिनमें विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 630 मरीज पाए गए हैं। प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें, 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस और 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निगरानी की जा रही है। सर्वे के दौरान 658 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक, 597 बच्चों को आयरन सिरप, 521 बच्चों को एल्बेंडाजोल तथा 63 बच्चों को मीजल्स का डोज दिया गया। 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग प्रभावित 10 गांवों के 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव, इंडोर-आउटडोर फॉगिंग तथा लार्वा सर्वे किया गया। अधिकारियों द्वारा इन गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई और बच्चों को भोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई कराई गई तथा बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया। बैहर विकासखंड के 20 और बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई कराई गई। इन केंद्रों के क्रमशः 430 और 1,339 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद परिवारों तक घर पहुंचकर भी भोजन वितरित किया गया। साथ ही बैहर में 347 तथा बिरसा के 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के 32 बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को THR का वितरण किया गया। पेयजल स्रोतों की सफाई, क्लोरीनेशन और सुधार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल परीक्षण तथा खराब हैंडपंपों के सुधार का कार्य किया गया। बैहर के 3 ग्रामों में 5 स्थानों और बिरसा के 1 ग्राम में 2 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव किया गया। बैहर के 2 ग्रामों में 11 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 10 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता की जांच के लिए बैहर में 3 ग्रामों के 16 तथा बिरसा में 2 ग्रामों के 8 जलस्रोतों से नमूने लिए गए। इसके अलावा बैहर के एक ग्राम में 4 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 3 हैंडपंपों का सुधार कार्य किया गया। जलभराव वाले स्थानों की सफाई जनपद पंचायतों द्वारा जलस्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों को भरने तथा सड़क मार्ग से कीचड़ हटाने का कार्य कराया गया। बैहर में 4 ग्रामों के 15 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई, एक ग्राम में 4 स्थानों पर गड्ढे भरने तथा एक ग्राम में 3 स्थानों पर सड़क की सफाई की गई। बिरसा में 5 ग्रामों में नालियों की सफाई तथा 14 ग्रामों में 20 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई एवं जलभराव वाले गड्ढों को भरने का कार्य किया गया। छात्रावासों में भी विशेष निगरानी जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के छात्रावास एवं आश्रमों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के संबंध में समझाइश दी। बैहर के 16 और बिरसा के 26 छात्रावास/आश्रमों में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई तथा बच्चों के लिए मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रभावित परिवारों को घर पहुंचाकर राशन प्रभावित ग्रामों में राशन का नियमित वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बैहर विकासखंड के 3 ग्रामों के 40 परिवारों तथा बिरसा के 4 ग्रामों के 94 परिवारों को घर पहुंचकर खाद्यान्न वितरित किया गया। इसके साथ ही सिविल अस्पताल बैहर में उपचाररत परिवारों को कपड़े भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, खाद्यान्न वितरण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीमें मौके पर रहकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं राहत सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।1
- ग्राम मै नल जल योजना के तहत पानी पहुचाने बाबाद हमारे ग्राम पंचायत पोंडी के ग्राम छिंदवाह मे नल जल योजना के तहत गाँव मे हर घर में नल तो लग गये है लेकिन आज तक घर मे पानी नही आया हर घर मे नल को लगे 4 साल हो गये लेकिन एक भी दिन पानी नही आया नलो मे पानी का अकाल पड़ा हे2
- शिवम कॉलेज कटंगी में अखंड भारत दिवस का कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न1
- *श्री आनंद वर्धन श्री राम मंदिर कलबोडी में अखंड रामायण मंडल का कार्यक्रम का शुभारंभ* ग्राम कुरई विकासखंड के के नेशनल हाईवे स्थित श्रवण मास के उपलक्ष में श्रीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में अखंड रामायण मंडली का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जो जो भक्त जनों के द्वारा मधुर गायन कर रामायण का वचन नियमित किया जाएगा।1
- NH-44 पर चलते कंटेनर में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान सिवनी। जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बंजारी घाटी के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिवनी से जबलपुर की ओर जा रहे एक कंटेनर में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और तुरंत कंटेनर से कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग ने पूरे कंटेनर को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर तेज लपटों के साथ धुएं का गुबार उठने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कंटेनर से धमाके जैसी तेज आवाजें भी सुनाई दीं, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग सुरक्षित दूरी पर चले गए। घटना की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। आग के कारण NH-44 पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। जलते कंटेनर को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। गनीमत रही कि हादसे के दौरान कंटेनर के आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दमकल विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई की। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।1