बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच 169 मरीजों में 125 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 10 गांवों में फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव से रोकथाम तेज जिले के बिरसा विकासखंड के प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और उपचार की कार्यवाही कर रही हैं। आज 8 व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अभियान के दौरान अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए 169 मरीजों में से 125 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 44 मरीज उपचाररत हैं। घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में अब तक 2,882 लोगों की जांच की गई, जिनमें विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 630 मरीज पाए गए हैं। प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें, 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस और 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निगरानी की जा रही है। सर्वे के दौरान 658 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक, 597 बच्चों को आयरन सिरप, 521 बच्चों को एल्बेंडाजोल तथा 63 बच्चों को मीजल्स का डोज दिया गया। 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग प्रभावित 10 गांवों के 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव, इंडोर-आउटडोर फॉगिंग तथा लार्वा सर्वे किया गया। अधिकारियों द्वारा इन गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई और बच्चों को भोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई कराई गई तथा बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया। बैहर विकासखंड के 20 और बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई कराई गई। इन केंद्रों के क्रमशः 430 और 1,339 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद परिवारों तक घर पहुंचकर भी भोजन वितरित किया गया। साथ ही बैहर में 347 तथा बिरसा के 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के 32 बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को THR का वितरण किया गया। पेयजल स्रोतों की सफाई, क्लोरीनेशन और सुधार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल परीक्षण तथा खराब हैंडपंपों के सुधार का कार्य किया गया। बैहर के 3 ग्रामों में 5 स्थानों और बिरसा के 1 ग्राम में 2 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव किया गया। बैहर के 2 ग्रामों में 11 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 10 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता की जांच के लिए बैहर में 3 ग्रामों के 16 तथा बिरसा में 2 ग्रामों के 8 जलस्रोतों से नमूने लिए गए। इसके अलावा बैहर के एक ग्राम में 4 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 3 हैंडपंपों का सुधार कार्य किया गया। जलभराव वाले स्थानों की सफाई जनपद पंचायतों द्वारा जलस्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों को भरने तथा सड़क मार्ग से कीचड़ हटाने का कार्य कराया गया। बैहर में 4 ग्रामों के 15 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई, एक ग्राम में 4 स्थानों पर गड्ढे भरने तथा एक ग्राम में 3 स्थानों पर सड़क की सफाई की गई। बिरसा में 5 ग्रामों में नालियों की सफाई तथा 14 ग्रामों में 20 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई एवं जलभराव वाले गड्ढों को भरने का कार्य किया गया। छात्रावासों में भी विशेष निगरानी जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के छात्रावास एवं आश्रमों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के संबंध में समझाइश दी। बैहर के 16 और बिरसा के 26 छात्रावास/आश्रमों में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई तथा बच्चों के लिए मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रभावित परिवारों को घर पहुंचाकर राशन प्रभावित ग्रामों में राशन का नियमित वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बैहर विकासखंड के 3 ग्रामों के 40 परिवारों तथा बिरसा के 4 ग्रामों के 94 परिवारों को घर पहुंचकर खाद्यान्न वितरित किया गया। इसके साथ ही सिविल अस्पताल बैहर में उपचाररत परिवारों को कपड़े भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, खाद्यान्न वितरण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीमें मौके पर रहकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं राहत सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच 169 मरीजों में 125 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 10 गांवों में फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव से रोकथाम तेज जिले के बिरसा विकासखंड के प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और उपचार की कार्यवाही कर रही हैं। आज 8 व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अभियान के दौरान अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए 169 मरीजों में से 125 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 44 मरीज उपचाररत हैं। घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में अब तक 2,882 लोगों की जांच की गई, जिनमें विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 630 मरीज पाए गए हैं। प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें, 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस और 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निगरानी की जा रही है। सर्वे के दौरान 658 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक, 597 बच्चों को आयरन सिरप, 521 बच्चों को एल्बेंडाजोल तथा 63 बच्चों को मीजल्स का डोज दिया गया। 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग प्रभावित 10 गांवों के 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव, इंडोर-आउटडोर फॉगिंग तथा लार्वा सर्वे किया गया। अधिकारियों द्वारा इन गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई और बच्चों को भोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई कराई गई तथा बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया। बैहर विकासखंड के 20 और बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई कराई गई। इन केंद्रों के क्रमशः 430 और 1,339 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद परिवारों तक घर पहुंचकर भी भोजन वितरित किया गया। साथ ही बैहर में 347 तथा बिरसा के 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के 32 बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को THR का वितरण किया गया। पेयजल स्रोतों की सफाई, क्लोरीनेशन और सुधार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल परीक्षण तथा खराब हैंडपंपों के सुधार का कार्य किया गया। बैहर के 3 ग्रामों में 5 स्थानों और बिरसा के 1 ग्राम में 2 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव किया गया। बैहर के 2 ग्रामों में 11 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 10 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता की जांच के लिए बैहर में 3 ग्रामों के 16 तथा बिरसा में 2 ग्रामों के 8 जलस्रोतों से नमूने लिए गए। इसके अलावा बैहर के एक ग्राम में 4 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 3 हैंडपंपों का सुधार कार्य किया गया। जलभराव वाले स्थानों की सफाई जनपद पंचायतों द्वारा जलस्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों को भरने तथा सड़क मार्ग से कीचड़ हटाने का कार्य कराया गया। बैहर में 4 ग्रामों के 15 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई, एक ग्राम में 4 स्थानों पर गड्ढे भरने तथा एक ग्राम में 3 स्थानों पर सड़क की सफाई की गई। बिरसा में 5 ग्रामों में नालियों की सफाई तथा 14 ग्रामों में 20 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई एवं जलभराव वाले गड्ढों को भरने का कार्य किया गया। छात्रावासों में भी विशेष निगरानी जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के छात्रावास एवं आश्रमों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के संबंध में समझाइश दी। बैहर के 16 और बिरसा के 26 छात्रावास/आश्रमों में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई तथा बच्चों के लिए मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रभावित परिवारों को घर पहुंचाकर राशन प्रभावित ग्रामों में राशन का नियमित वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बैहर विकासखंड के 3 ग्रामों के 40 परिवारों तथा बिरसा के 4 ग्रामों के 94 परिवारों को घर पहुंचकर खाद्यान्न वितरित किया गया। इसके साथ ही सिविल अस्पताल बैहर में उपचाररत परिवारों को कपड़े भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, खाद्यान्न वितरण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीमें मौके पर रहकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं राहत सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
- बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच 169 मरीजों में 125 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 10 गांवों में फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव से रोकथाम तेज जिले के बिरसा विकासखंड के प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और उपचार की कार्यवाही कर रही हैं। आज 8 व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अभियान के दौरान अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए 169 मरीजों में से 125 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 44 मरीज उपचाररत हैं। घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में अब तक 2,882 लोगों की जांच की गई, जिनमें विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 630 मरीज पाए गए हैं। प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें, 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस और 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निगरानी की जा रही है। सर्वे के दौरान 658 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक, 597 बच्चों को आयरन सिरप, 521 बच्चों को एल्बेंडाजोल तथा 63 बच्चों को मीजल्स का डोज दिया गया। 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग प्रभावित 10 गांवों के 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव, इंडोर-आउटडोर फॉगिंग तथा लार्वा सर्वे किया गया। अधिकारियों द्वारा इन गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई और बच्चों को भोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई कराई गई तथा बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया। बैहर विकासखंड के 20 और बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई कराई गई। इन केंद्रों के क्रमशः 430 और 1,339 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद परिवारों तक घर पहुंचकर भी भोजन वितरित किया गया। साथ ही बैहर में 347 तथा बिरसा के 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के 32 बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को THR का वितरण किया गया। पेयजल स्रोतों की सफाई, क्लोरीनेशन और सुधार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल परीक्षण तथा खराब हैंडपंपों के सुधार का कार्य किया गया। बैहर के 3 ग्रामों में 5 स्थानों और बिरसा के 1 ग्राम में 2 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव किया गया। बैहर के 2 ग्रामों में 11 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 10 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता की जांच के लिए बैहर में 3 ग्रामों के 16 तथा बिरसा में 2 ग्रामों के 8 जलस्रोतों से नमूने लिए गए। इसके अलावा बैहर के एक ग्राम में 4 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 3 हैंडपंपों का सुधार कार्य किया गया। जलभराव वाले स्थानों की सफाई जनपद पंचायतों द्वारा जलस्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों को भरने तथा सड़क मार्ग से कीचड़ हटाने का कार्य कराया गया। बैहर में 4 ग्रामों के 15 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई, एक ग्राम में 4 स्थानों पर गड्ढे भरने तथा एक ग्राम में 3 स्थानों पर सड़क की सफाई की गई। बिरसा में 5 ग्रामों में नालियों की सफाई तथा 14 ग्रामों में 20 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई एवं जलभराव वाले गड्ढों को भरने का कार्य किया गया। छात्रावासों में भी विशेष निगरानी जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के छात्रावास एवं आश्रमों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के संबंध में समझाइश दी। बैहर के 16 और बिरसा के 26 छात्रावास/आश्रमों में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई तथा बच्चों के लिए मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रभावित परिवारों को घर पहुंचाकर राशन प्रभावित ग्रामों में राशन का नियमित वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बैहर विकासखंड के 3 ग्रामों के 40 परिवारों तथा बिरसा के 4 ग्रामों के 94 परिवारों को घर पहुंचकर खाद्यान्न वितरित किया गया। इसके साथ ही सिविल अस्पताल बैहर में उपचाररत परिवारों को कपड़े भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, खाद्यान्न वितरण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीमें मौके पर रहकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं राहत सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।1
- बालाघाट के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का घर-घर अभियान जारी, 2,882 लोगों की जांच 169 मरीजों में 125 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 10 गांवों में फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव से रोकथाम तेज वारासिवनी। जिले के बिरसा विकासखंड के प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और उपचार की कार्यवाही कर रही हैं। आज 8 व्यक्तियों को एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अभियान के दौरान अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए 169 मरीजों में से 125 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 44 मरीज उपचाररत हैं। घर-घर किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में अब तक 2,882 लोगों की जांच की गई, जिनमें विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 630 मरीज पाए गए हैं। प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ् निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें, 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस और 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष निगरानी की जा रही है। सर्वे के दौरान 658 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक, 597 बच्चों को आयरन सिरप, 521 बच्चों को एल्बेंडाजोल तथा 63 बच्चों को मीजल्स का डोज दिया गया। 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग प्रभावित 10 गांवों के 980 घरों में कीटनाशक छिड़काव, इंडोर-आउटडोर फॉगिंग तथा लार्वा सर्वे किया गया। अधिकारियों द्वारा इन गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई और बच्चों को भोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई कराई गई तथा बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया। बैहर विकासखंड के 20 और बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई कराई गई। इन केंद्रों के क्रमशः 430 और 1,339 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद परिवारों तक घर पहुंचकर भी भोजन वितरित किया गया। साथ ही बैहर में 347 तथा बिरसा के 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के 32 बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को THR का वितरण किया गया। पेयजल स्रोतों की सफाई, क्लोरीनेशन और सुधार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों में क्लोरीनेशन, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, जल परीक्षण तथा खराब हैंडपंपों के सुधार का कार्य किया गया। बैहर के 3 ग्रामों में 5 स्थानों और बिरसा के 1 ग्राम में 2 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव किया गया। बैहर के 2 ग्रामों में 11 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 10 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता की जांच के लिए बैहर में 3 ग्रामों के 16 तथा बिरसा में 2 ग्रामों के 8 जलस्रोतों से नमूने लिए गए। इसके अलावा बैहर के एक ग्राम में 4 तथा बिरसा के 2 ग्रामों में 3 हैंडपंपों का सुधार कार्य किया गया। जलभराव वाले स्थानों की सफाई जनपद पंचायतों द्वारा जलस्रोतों के आसपास सफाई, दवा छिड़काव, गड्ढों को भरने तथा सड़क मार्ग से कीचड़ हटाने का कार्य कराया गया। बैहर में 4 ग्रामों के 15 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई, एक ग्राम में 4 स्थानों पर गड्ढे भरने तथा एक ग्राम में 3 स्थानों पर सड़क की सफाई की गई। बिरसा में 5 ग्रामों में नालियों की सफाई तथा 14 ग्रामों में 20 स्थानों पर जलस्रोतों के आसपास सफाई एवं जलभराव वाले गड्ढों को भरने का कार्य किया गया। छात्रावासों में भी विशेष निगरानी जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के छात्रावास एवं आश्रमों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को स्वच्छता बनाए रखने और बीमारियों से बचाव के संबंध में समझाइश दी। बैहर के 16 और बिरसा के 26 छात्रावास/आश्रमों में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई तथा बच्चों के लिए मच्छरदानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। प्रभावित परिवारों को घर पहुंचाकर राशन प्रभावित ग्रामों में राशन का नियमित वितरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बैहर विकासखंड के 3 ग्रामों के 40 परिवारों तथा बिरसा के 4 ग्रामों के 94 परिवारों को घर पहुंचकर खाद्यान्न वितरित किया गया। इसके साथ ही सिविल अस्पताल बैहर में उपचाररत परिवारों को कपड़े भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, खाद्यान्न वितरण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीमें मौके पर रहकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं राहत सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।4
- देशभक्ति और भक्ति के संगम से निकली भव्य कावड़ यात्रा, 14 किमी पैदल चलकर भसियागढ़ में किया जलाभिषेक1
- गंडई में 108 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, ईएमटी ने कराया सुरक्षित प्रसव, गंडई में 108 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, ईएमटी ने कराया सुरक्षित प्रसव, 16 अगस्त रविवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र बाजार अतरिया से प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर की गई प्रसूता लेखिका वर्मा को 108 एंबुलेंस से राजनांदगांव ले जाया जा रहा था। रास्ते में अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ईएमटी पर्वत जंघेल ने स्थिति को संभालते हुए एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए। इसके बाद ईएमटी पर्वत जंघेल और पायलट सुनील यादव ने बिना देरी किए दोनों को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती कराया गया। एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ की सराहना की जा रही है।1
- सिवनी में धूमधाम से मनाया गया वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जन्मोत्सव। सिवनी में धूमधाम से मनाया गया वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जन्मोत्सव। शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की वीरगाथा को याद कर गूंजा पूरा परिसर — “रानी अवंती बाई अमर रहें!”1
- *बादलपार बाजार चौक में शिव अभिषेक, हवन पूजन एवं विशाल भंडारा का कार्यक्रम किया गया* आज बादल पार बाजार चौक स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में शिव अभिषेक के साथ हवन पूजन का कार्यक्रम बड़े ही विधि विधान के साथ कार्यक्रम संपन्न किया गया तत्पश्चात विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया।3
- वीरता साहस एवं स्वाभिमान की प्रतीक रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर बादल पार क्षेत्र में उत्साह एवं गौरव का माहौल देखने को मिला रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर बादलपार एवं आसपास के लोधी समाज के लोग एकत्रित होकर बाइक रैली निकाल कर ग्राम भ्रमण किया रैली में अवंती बाई लोधी की जय घोष के नारे लगाए गए एवं ग्राम भ्रमण कर रैली सिवनी के लिए रवाना हो गई1
- मुस्लिम समाज ने धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा फहराकर दिया एकता का संदेश* वारासिवनी। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर स्थानीय मुस्लिम समाज द्वारा शादी हाल परिसर में भव्य एवं गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य नागरिकों, युवाओं एवं बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की*। *कार्यक्रम का शुभारंभ जामा मस्जिद अध्यक्ष इकबाल खान द्वारा आन-बान-शान से तिरंगा फहराकर किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया।* *इस अवसर जामा मस्जिद अध्यक्ष इकबाल खान ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता, कौमी एकता एवं सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने देश की प्रगति और भाईचारे के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का संदेश दिया।"* *ये रहे उपस्थित* *कार्यक्रम में मुख्य रूप से हाजी नजीर खान, अब्दुल रहमान भाई, अरमान खान, नसीम खान, जाहिद भाई (वकील साहब), नजीर कादरी (इमाम, जामा मस्जिद), आसिफ अंसारी, एजाज कुरैशी, मतीन भाई, ताहिर हुसैन सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक एवं बुजुर्गजन उपस्थित रहे*। *कार्यक्रम के अंत में देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की गई। इसके बाद बच्चों को मिठाइयां वितरित की गईं। आयोजन ने देशभक्ति, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया*।3