logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कांगड़ा के सिम्वल खोला में नवजात का शव मिलने का मामला चार घंटे में सुलझा कांगड़ा, 19 फरवरी। खोली गांव के साथ लगते सिम्वल खोला क्षेत्र में पोटली में बंद नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने कुत्तों को पोटली मिट्टी से निकालते देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जांच में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मात्र चार घंटे में मामले का खुलासा कर दिया। पता चला कि टांडा मेडिकल कॉलेज में चंबा के चुराह से आए दंपति के यहां जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था, जिनमें से एक मृत पैदा हुआ। परिजनों ने स्थानीय टैक्सी चालक की मदद से शव को उक्त स्थान पर दबाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है।

1 hr ago
user_ASHISH JOURNALIST
ASHISH JOURNALIST
its A Digital news website and web tv Kangra, Himachal Pradesh•
1 hr ago

कांगड़ा के सिम्वल खोला में नवजात का शव मिलने का मामला चार घंटे में सुलझा कांगड़ा, 19 फरवरी। खोली गांव के साथ लगते सिम्वल खोला क्षेत्र में पोटली में बंद नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने कुत्तों को पोटली मिट्टी से निकालते देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जांच में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मात्र चार घंटे में मामले का खुलासा कर दिया। पता चला कि टांडा मेडिकल कॉलेज में चंबा के चुराह से आए दंपति के यहां जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था, जिनमें से एक मृत पैदा हुआ। परिजनों ने स्थानीय टैक्सी चालक की मदद से शव को उक्त स्थान पर दबाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है।

More news from Himachal Pradesh and nearby areas
  • कांगड़ा, 19 फरवरी। खोली गांव के साथ लगते सिम्वल खोला क्षेत्र में पोटली में बंद नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने कुत्तों को पोटली मिट्टी से निकालते देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जांच में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मात्र चार घंटे में मामले का खुलासा कर दिया। पता चला कि टांडा मेडिकल कॉलेज में चंबा के चुराह से आए दंपति के यहां जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था, जिनमें से एक मृत पैदा हुआ। परिजनों ने स्थानीय टैक्सी चालक की मदद से शव को उक्त स्थान पर दबाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है।
    1
    कांगड़ा, 19 फरवरी। खोली गांव के साथ लगते सिम्वल खोला क्षेत्र में पोटली में बंद नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने कुत्तों को पोटली मिट्टी से निकालते देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मात्र चार घंटे में मामले का खुलासा कर दिया। पता चला कि टांडा मेडिकल कॉलेज में चंबा के चुराह से आए दंपति के यहां जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था, जिनमें से एक मृत पैदा हुआ।
परिजनों ने स्थानीय टैक्सी चालक की मदद से शव को उक्त स्थान पर दबाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है।
    user_ASHISH JOURNALIST
    ASHISH JOURNALIST
    its A Digital news website and web tv Kangra, Himachal Pradesh•
    1 hr ago
  • हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजिंदर राणा ने कहा कि हमीरपुर के सुजानपुर के ऐतिहासिक चौहान मैदान में होने वाले राष्ट्रीय होली मेले के लिए मेला स्थल के एकल टेंडर को चंडीगढ़ की एक कम्पनी को 2 करोड़ 15 लाख रुपए में आवंटित किया गया है । उन्होंने कहा कि अकाल आवंटन के चलते मेला मैदान में अपना स्टॉल लगाने के लिए स्थानीय व्यापारियों व रेहडी फहड़ी वालों को अब ऊंचे दामों देने पड़ेंगे । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब लोगों के आपसी सौहार्द को बनाए रखने वाले मेलों कभी व्यापरीकरण करने पर लगी है उन्होंने कहा कि मेले से आमदनी जरूर बड़ी है लेकिन आने वाले समय में ऊंचे दामों के चलते निजी व स्थानीय दुकानदारों को अपनी स्टॉल लगाने में दिक्कत आएगी जिसका खामियाजा मिले पर भी पड़ेगा ।
    1
    हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजिंदर राणा ने कहा कि हमीरपुर के सुजानपुर के ऐतिहासिक चौहान मैदान में होने वाले राष्ट्रीय होली मेले के लिए मेला स्थल के एकल टेंडर को चंडीगढ़ की एक कम्पनी को 2 करोड़ 15 लाख रुपए में आवंटित किया गया है । उन्होंने कहा कि अकाल आवंटन के चलते मेला मैदान में अपना स्टॉल लगाने के लिए स्थानीय व्यापारियों व रेहडी फहड़ी वालों को अब ऊंचे दामों देने पड़ेंगे । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब लोगों के आपसी सौहार्द को बनाए रखने वाले मेलों कभी व्यापरीकरण करने पर लगी है उन्होंने कहा कि मेले से आमदनी जरूर बड़ी है लेकिन आने वाले समय में ऊंचे दामों के चलते निजी व स्थानीय दुकानदारों को अपनी स्टॉल लगाने में दिक्कत आएगी जिसका खामियाजा मिले पर भी पड़ेगा ।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • हमीरपुर हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।
    1
    हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • चंबा: नगर परिषद की कार्रवाई से परेशान रेहड़ी-पटरी वाले पहुंचे डीसी कार्यालय, लगाया उत्पीड़न का आरोप। मोहम्मद आशिक चंबा हिमाचल प्रदेश चंबा। जिला मुख्यालय चंबा में रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदारों ने नगर परिषद पर लगातार परेशान करने के आरोप लगाए हैं। इसी को लेकर आज बड़ी संख्या में रेहड़ी वाले डीसी कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखी। रेहड़ी वालों का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से शहर में मेहनत-मजदूरी कर अपना रोजगार चला रहे हैं, लेकिन नगर परिषद द्वारा उन्हें बार-बार तंग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि परिषद की कार्रवाई केवल उन्हीं पर की जा रही है, जबकि कई ऐसे लोग भी बाजार में काम कर रहे हैं जिनके पास कोई वैध परमिट नहीं है, लेकिन उन्हें हटाया नहीं जा रहा। रेहड़ी वालों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके साथ न्याय किया जाए और वर्षों से चल रहे उनके रोजगार को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही उन्होंने नगर परिषद की कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की है। डीसी कार्यालय में रेहड़ी वालों ने अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन भी सौंपा और उचित समाधान की उम्मीद जताई। बाइट स्थानीय दुकानदार।
    2
    चंबा: नगर परिषद की कार्रवाई से परेशान रेहड़ी-पटरी वाले पहुंचे डीसी कार्यालय, लगाया उत्पीड़न का आरोप।
मोहम्मद आशिक
चंबा हिमाचल प्रदेश 
चंबा। जिला मुख्यालय चंबा में रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदारों ने नगर परिषद पर लगातार परेशान करने के आरोप लगाए हैं। इसी को लेकर आज बड़ी संख्या में रेहड़ी वाले डीसी कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखी।
रेहड़ी वालों का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से शहर में मेहनत-मजदूरी कर अपना रोजगार चला रहे हैं, लेकिन नगर परिषद द्वारा उन्हें बार-बार तंग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि परिषद की कार्रवाई केवल उन्हीं पर की जा रही है, जबकि कई ऐसे लोग भी बाजार में काम कर रहे हैं जिनके पास कोई वैध परमिट नहीं है, लेकिन उन्हें हटाया नहीं जा रहा।
रेहड़ी वालों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके साथ न्याय किया जाए और वर्षों से चल रहे उनके रोजगार को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही उन्होंने नगर परिषद की कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की है।
डीसी कार्यालय में रेहड़ी वालों ने अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन भी सौंपा और उचित समाधान की उम्मीद जताई।
बाइट स्थानीय दुकानदार।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    3 hrs ago
  • Post by Alladitta
    1
    Post by Alladitta
    user_Alladitta
    Alladitta
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बंगाणा, बन बिहारी नन्द ब्रह्मचारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोह के रोड सेफ्टी क्लब द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई तथा लोगों से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया गया इस अवसर पर प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर सुरेश कुमार कोलिया सराय रीता शर्मा रीना धीमान बलजिंदर सिंह रेनू बाला प्रीति गढ़वाल सहित विद्यालय के अध्यापक और बच्चे उपस्थित रहे
    1
    बंगाणा, बन बिहारी नन्द ब्रह्मचारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोह के रोड सेफ्टी क्लब द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई तथा लोगों से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया गया इस अवसर पर प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर सुरेश कुमार कोलिया सराय रीता शर्मा रीना धीमान बलजिंदर सिंह रेनू बाला प्रीति गढ़वाल सहित विद्यालय के अध्यापक और बच्चे उपस्थित रहे
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🚩 धर्मपुर 2027 — जिम्मेदार बदलाव का संकल्प माँ भवानी की पावन धरती पर, माँ जालपा, बाबा कमलाहिया और दादा परशुराम की कृपा से, मैं, देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा, जिला मण्डी (हिमाचल प्रदेश) का उपाध्यक्ष, आज धर्मपुर की जनता के सामने भावनात्मक भाषण नहीं — बल्कि स्पष्ट नीति और जवाबदेही का संकल्प रखता हूँ। 🏥 स्वास्थ्य — व्यवस्था सुधार का एजेंडा सिविल अस्पताल धर्मपुर को मजबूत करना प्राथमिकता होगी: विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति 24×7 इमरजेंसी सेवा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता पारदर्शी रोगी कल्याण समिति हम वादा नहीं करेंगे — समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करेंगे। 🎓 युवा और रोजगार — ठोस नीति धर्मपुर का युवा अवसर चाहता है, भाषण नहीं। वार्षिक भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया में समयसीमा और पारदर्शिता करियर मार्गदर्शन केंद्र स्किल डेवलपमेंट को स्थानीय उद्योग से जोड़ना हमारा लक्ष्य — पलायन कम, स्थानीय अवसर अधिक। 🛣️ बुनियादी ढांचा — गुणवत्ता और निगरानी पंचायतवार सड़क सर्वे गुणवत्ता की स्वतंत्र निगरानी बरसात प्रभावित मार्गों का स्थायी समाधान टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता विकास दिखावा नहीं — टिकाऊ होना चाहिए। 🧑‍🌾 किसान और स्थानीय अर्थव्यवस्था स्थानीय खरीद व्यवस्था मजबूत भंडारण सुविधा समयबद्ध मुआवज़ा प्रणाली छोटे उद्योग और स्वरोज़गार को बढ़ावा ✊ जवाबदेही की राजनीति हम न तो व्यक्तिगत आरोप लगाएंगे न ही भावनात्मक उकसावे की राजनीति करेंगे। हम काम आधारित राजनीति करेंगे: वार्षिक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड हर छह महीने जनसंवाद ऑनलाइन विकास जानकारी 🚩 क्यों तीसरा विकल्प? जब जनता को लगे कि दो विकल्प पर्याप्त परिणाम नहीं दे पा रहे — तब लोकतंत्र में तीसरा विकल्प स्वाभाविक है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी को हम एक जिम्मेदार, नीति आधारित विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हैं — धर्मपुर के विकास, पारदर्शिता और सम्मान के लिए। अंतिम संदेश यह चुनाव टकराव का नहीं — विश्वास का है। यह चुनाव नारे का नहीं — नीति का है। वादे कम — काम ज़्यादा। स्थिर नेतृत्व — स्पष्ट जवाबदेही। जय माँ भवानी। जय माँ जालपा। जय बाबा कमलाहिया। जय दादा परशुराम।
    2
    🚩 धर्मपुर 2027 — जिम्मेदार बदलाव का संकल्प
माँ भवानी की पावन धरती पर,
माँ जालपा, बाबा कमलाहिया और दादा परशुराम की कृपा से,
मैं, देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा, जिला मण्डी (हिमाचल प्रदेश) का उपाध्यक्ष,
आज धर्मपुर की जनता के सामने भावनात्मक भाषण नहीं —
बल्कि स्पष्ट नीति और जवाबदेही का संकल्प रखता हूँ।
🏥 स्वास्थ्य — व्यवस्था सुधार का एजेंडा
सिविल अस्पताल धर्मपुर को मजबूत करना प्राथमिकता होगी:
विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति
24×7 इमरजेंसी सेवा
आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता
पारदर्शी रोगी कल्याण समिति
हम वादा नहीं करेंगे —
समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करेंगे।
🎓 युवा और रोजगार — ठोस नीति
धर्मपुर का युवा अवसर चाहता है, भाषण नहीं।
वार्षिक भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक
भर्ती प्रक्रिया में समयसीमा और पारदर्शिता
करियर मार्गदर्शन केंद्र
स्किल डेवलपमेंट को स्थानीय उद्योग से जोड़ना
हमारा लक्ष्य — पलायन कम, स्थानीय अवसर अधिक।
🛣️ बुनियादी ढांचा — गुणवत्ता और निगरानी
पंचायतवार सड़क सर्वे
गुणवत्ता की स्वतंत्र निगरानी
बरसात प्रभावित मार्गों का स्थायी समाधान
टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता
विकास दिखावा नहीं — टिकाऊ होना चाहिए।
🧑‍🌾 किसान और स्थानीय अर्थव्यवस्था
स्थानीय खरीद व्यवस्था मजबूत
भंडारण सुविधा
समयबद्ध मुआवज़ा प्रणाली
छोटे उद्योग और स्वरोज़गार को बढ़ावा
✊ जवाबदेही की राजनीति
हम न तो व्यक्तिगत आरोप लगाएंगे
न ही भावनात्मक उकसावे की राजनीति करेंगे।
हम काम आधारित राजनीति करेंगे:
वार्षिक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड
हर छह महीने जनसंवाद
ऑनलाइन विकास जानकारी
🚩 क्यों तीसरा विकल्प?
जब जनता को लगे कि दो विकल्प पर्याप्त परिणाम नहीं दे पा रहे —
तब लोकतंत्र में तीसरा विकल्प स्वाभाविक है।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी को हम एक जिम्मेदार, नीति आधारित विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हैं —
धर्मपुर के विकास, पारदर्शिता और सम्मान के लिए।
अंतिम संदेश
यह चुनाव टकराव का नहीं —
विश्वास का है।
यह चुनाव नारे का नहीं —
नीति का है।
वादे कम — काम ज़्यादा।
स्थिर नेतृत्व — स्पष्ट जवाबदेही।
जय माँ भवानी।
जय माँ जालपा।
जय बाबा कमलाहिया।
जय दादा परशुराम।
    user_Rajput Bias Thakur
    Rajput Bias Thakur
    Local Politician धर्मपुर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सुजानपुर हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।
    1
    सुजानपुर
हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.