आखिर किसके संरक्षण में जिले में चल रही पशु तस्करी जिले के कुछ थाने चर्चा में सतना। आज जिले में पता नहीं कितने लगभग 5,7 वर्षों में खाकी के कप्तान आए और गए मगर उन्होंने इस तस्कर पर खूंथी के नजर नहीं डाली। यह वही भैंस और पड़वा का तस्कर है, जो सगीर डेरी खूंथी की आड़ में जानवर बंधवाता है,कंटेनर में। और बाकी बची कसर कल्लू भाद अपनी पूरी कर देता है। जानवर लोड करके अपने गांव से, सूत्रों के मुताबिक यह अपनी रोजी-रोटी कई बरसों से सब फील गुड चल रहा है सूत्रों के मुताबिक पेट पाल रहा है। जो सगीर के खास इवेंट पर अपनी दस्तक देते हैं। तस्कर का गोरख धंधा कई बरसों से चल रहा है। जिसकी गाड़ियां सिविल लाइन कोठी तिराहा चौराहे से होते हुए गुजरती हैं। मगर किसी को कंटेनर में अंदर लोड जानवर नहीं दिखाई देते और चालक बोलता है समीर की गाड़ी है। पत्रकार गाड़ी रोक लेता है, समाजसेवी गाड़ी रोक लेता है। मगर खाकी को इस पशु तस्कर सिद्दीकी की गाड़ी कंटेनर दिखाई नहीं देते। और खुले आम यह उन्नाव में जानवरों को कटवा करके सबका पेट पाल रहा है। कुछ खाकी के धुरंधरों का सतना मुख्यालय से तबादला जरूर हो गया। मगर समीर सिद्दीकी की गाड़ी निकलवाने वह जरूर आते हैं और उसकी घंटी बजाकर सूत्रों के मुताबिक नमक का कर्ज अदा करते है।
आखिर किसके संरक्षण में जिले में चल रही पशु तस्करी जिले के कुछ थाने चर्चा में सतना। आज जिले में पता नहीं कितने लगभग 5,7 वर्षों में खाकी के कप्तान आए और गए मगर उन्होंने इस तस्कर पर खूंथी के नजर नहीं डाली। यह वही भैंस और पड़वा का तस्कर है, जो सगीर डेरी खूंथी की आड़ में जानवर बंधवाता है,कंटेनर में। और बाकी बची कसर कल्लू भाद अपनी पूरी कर देता है। जानवर लोड करके अपने गांव से, सूत्रों के मुताबिक यह अपनी रोजी-रोटी कई बरसों से सब फील गुड चल रहा है सूत्रों के मुताबिक पेट पाल रहा है। जो सगीर के खास इवेंट पर अपनी दस्तक देते हैं। तस्कर का गोरख धंधा कई बरसों से चल रहा है। जिसकी गाड़ियां सिविल लाइन कोठी तिराहा चौराहे से होते हुए गुजरती हैं। मगर किसी को कंटेनर में अंदर लोड जानवर नहीं दिखाई देते और चालक बोलता है समीर की गाड़ी है। पत्रकार गाड़ी रोक लेता है, समाजसेवी गाड़ी रोक लेता है। मगर खाकी को इस पशु तस्कर सिद्दीकी की गाड़ी कंटेनर दिखाई नहीं देते। और खुले आम यह उन्नाव में जानवरों को कटवा करके सबका पेट पाल रहा है। कुछ खाकी के धुरंधरों का सतना मुख्यालय से तबादला जरूर हो गया। मगर समीर सिद्दीकी की गाड़ी निकलवाने वह जरूर आते हैं और उसकी घंटी बजाकर सूत्रों के मुताबिक नमक का कर्ज अदा करते है।
- IIT Kanpur के Startups की बड़ी उड़ान! | ₹11,355 करोड़ की वैल्यू | UP News 2026 | बड़ी खबर कानपुर IIT से जुड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Invest UP की 2 सितंबर 2026 की खबर के अनुसार IIT Kanpur के स्टार्टअप्स की कुल वैल्यू ₹11,355 करोड़ बताई गई है। AI, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े इन स्टार्टअप्स ने कानपुर को नए टेक हब के रूप में पहचान दिलाई है।1
- देवेंद्र नगर तहसीलदार ने ककरहटी नायब तहसील एवं नगर परिषद का किया निरीक्षण ककरहटी नायब तहसील बनायें जाने से ककरहटी राजस्व क्षेत्र में दूरस्थ से समीपस्थ राजस्व कार्यों के लिए सुविधा मिली थी तहसील कार्यालय में समुचित व्यवस्था न होने के कारण नायब तहसीलदार अपने ककरहटी कार्यालय में राजस्व संबंधी कार्य नहीं कर पा रहे थे ककरहटी नायब तहसील कार्यालय देवेंद्र नगर में फिर संचालित होने लगा था जिससे लोगों में आक्रोश था कि बड़ी-बड़ी सपना दिखाकर फिर अंधेरे में छोड़ दिया इसी तर्ज पर ककरहटी उपतहसील का हाल था इसी समस्या को लेकर पत्रकारों के द्वारा पेपर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से खबर का प्रकाशन किया एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधि को समस्या से अवगत कराया इसी समस्या पर समाधान करते हुए आज दिनांक देवेंद्र नगर तहसीलदार सुमित तिवारी नायब तहसीलदार शिवनाथ सोनी एवं पाठक जी का ककरहटी नायब तहसील कार्यालय पहुंचे एवं आक्रोशित लोगों से कार्यालय की समस्यायों से अवगत कराया कि अभी पूरी तरह से तहसील कार्यालय में व्यवस्था नहीं हुई है फिर भी ककरहटी में रोजाना तहसील संस्कृतिक भवन में खोली जाएगी और नायब तहसीलदार राजस्व कार्यो के लिए अपना समय देंगे1
- 50 वर्षों से रह रहे आदिवासी परिवारों ने उठाई आबादी घोषित करने की मांग स्लग: खसरा नंबर 204 को आबादी घोषित करने कलेक्टर को सौंपा आवेदन पन्ना। जिले की ग्राम पंचायत बराछ के टटैया डाड़ा आदिवासी मोहल्ले में रहने वाले ग्रामीणों ने अपने आवासीय क्षेत्र को आबादी घोषित करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर के नाम ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन सौंपा है। आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि टटैया डाड़ा आदिवासी मोहल्ले में करीब 200 परिवार लगभग 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में जिस भूमि पर वे लंबे समय से रह रहे हैं, उसे सरकारी अभिलेख में खसरा नंबर 204 के अंतर्गत दर्शाया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत खसरा नंबर 204 की भूमि को आबादी घोषित कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं और अधिकार प्रदान किए जाएं। आवेदन में ग्रामीणों की ओर से खसरा और नक्शा भी संलग्न किए जाने का उल्लेख है। अब ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से इस मांग पर कार्रवाई का इंतजार है। बाइट/वॉइस ओवर: लंबे समय से यहां निवास कर रहे परिवारों का कहना है कि आबादी घोषित होने से उन्हें आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिल सकेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर क्या कदम उठाता है। भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से ग्रामीणों ने रखी अपनी बात पन्ना के गांधी चौक चौराहे पर मिले सरपंच जिसमें भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने उनको दिया आश्वासन गाड़ी रोककर गांधी चौक चौराहे पर ग्रामीणों की सुनी बात4
- आज easy ट्रिक से square टेबल सीखे brainmaster academy unchehra प्रदीप सर ने आज की क्लासेस में easy trick से square टेबल बच्चों को सिखाया1
- बच्चों की थाली में कीड़ा और बाल! पगरा स्कूल के MDM में बड़ी लापरवाही | Satna News बच्चों की थाली में कीड़ा और बाल! पगरा स्कूल के MDM में बड़ी लापरवाही | Satna News _पगरा स्कूल के MDM में गंभीर लापरवाही, बच्चों की थाली में कीड़ा और बाल मिलने से हड़कंप_ अमरपाटन, सतना - शास. पूर्व माध्यमिक विद्यालय पगरा (DISE CODE - 2313102203) में मध्यान्ह भोजन योजना में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 22 सितंबर को जिला पंचायत अधिकारी कामदा मिश्रा ने जनपद पंचायत अमरपाटन के साथ औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया जब एक बच्चे की थाली में चावल-सब्जी में कीड़ा और बाल मिला। अधिकारी ने खुद अपने हाथों से उसे निकालकर देखा। इसका वीडियो भी सामने आया है। *जांच में क्या मिला?* - बच्चे की थाली में कीड़ा और बाल - रसोई में भारी गंदगी, गैस के बजाय लकड़ी पर बन रहा था खाना - बच्चों को शुद्ध दूध की जगह दूध पाउडर की खीर - बच्चों को भरपेट भोजन नहीं, मात्रा बहुत कम - समूह में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप विद्यालय में प्राथमिक खण्ड में सरदार पटेल समूह और माध्यमिक खण्ड में डॉ. भीमराव अम्बेडकर समूह द्वारा भोजन बनाया जाता है। प्रधानाध्यापक भी पहले से इसकी शिकायत कर चुके हैं। अब ग्रामीणों और पालकों ने कलेक्टर सतना और जिला पंचायत CEO से दोनों समूहों को हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- रीवा, बिना जांच चालक को जेल भेजने पर आक्रोश, SP को सौंपा ज्ञापन गुढ सड़क हादसे मे बना दिया आरोपी... रीवा, बिना जांच चालक को जेल भेजने पर आक्रोश, SP को सौंपा ज्ञापन गुढ सड़क हादसे मे बना दिया आरोपी...1
- भ्रस्टाचार के खिलाफ गाव के लोगों का आक्रोश1
- बेनामऊ महेड में रास्ते की बदहाली: बच्चों को स्कूल भेजने के लिए ग्रामीण खुद बना रहे रास्ता, जिम्मेदारों से जांच की मांग बांदा जिले के विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत बेनामऊ महेड के एक पुरवा में रास्ते की बदहाली ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विकास के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद जरूरी रास्तों की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहा रास्ता किसी एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आधे से अधिक गांव के लोगों के आवागमन का सहारा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण अपने छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल और रोजमर्रा के कामों के लिए रास्ता मिल सके, इसलिए मजबूरी में अपने स्तर से रास्ता तैयार कर रहा है। सवाल यह है कि जब ग्रामीणों को अपने बच्चों के भविष्य और रोजमर्रा के आवागमन के लिए खुद रास्ता बनाना पड़े, तो ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों का लाभ आखिर किसे मिला? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर रास्ते की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए, ग्राम पंचायत में रास्तों के नाम पर हुए कार्यों और खर्च हुए सरकारी धन की जांच की जाए तथा जरूरत के अनुसार स्थायी रास्ते का निर्माण कराया जाए। यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि गांव के बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों के सम्मानजनक आवागमन का सवाल है।1
- सुरत में एक कर्मचारी ने लगा दी कंपनी आग 10000 सैलरी रोकने पर कंपनी के मालिक ने कंपनी के गरीब कर्मचारी का सैलरी रोका 10000 रुपए कर्मचारी ने लगा दी आग दस हजार रुपए गरीबों के लिए बहुत होता हैं1