बेनामऊ महेड में रास्ते की बदहाली: बच्चों को स्कूल भेजने के लिए ग्रामीण खुद बना रहे रास्ता, जिम्मेदारों से जांच की मांग बांदा जिले के विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत बेनामऊ महेड के एक पुरवा में रास्ते की बदहाली ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विकास के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद जरूरी रास्तों की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहा रास्ता किसी एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आधे से अधिक गांव के लोगों के आवागमन का सहारा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण अपने छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल और रोजमर्रा के कामों के लिए रास्ता मिल सके, इसलिए मजबूरी में अपने स्तर से रास्ता तैयार कर रहा है। सवाल यह है कि जब ग्रामीणों को अपने बच्चों के भविष्य और रोजमर्रा के आवागमन के लिए खुद रास्ता बनाना पड़े, तो ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों का लाभ आखिर किसे मिला? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर रास्ते की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए, ग्राम पंचायत में रास्तों के नाम पर हुए कार्यों और खर्च हुए सरकारी धन की जांच की जाए तथा जरूरत के अनुसार स्थायी रास्ते का निर्माण कराया जाए। यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि गांव के बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों के सम्मानजनक आवागमन का सवाल है।
बेनामऊ महेड में रास्ते की बदहाली: बच्चों को स्कूल भेजने के लिए ग्रामीण खुद बना रहे रास्ता, जिम्मेदारों से जांच की मांग बांदा जिले के विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत बेनामऊ महेड के एक पुरवा में रास्ते की बदहाली ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विकास के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद जरूरी रास्तों की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहा रास्ता किसी एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आधे से अधिक गांव के लोगों के आवागमन का सहारा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण अपने छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल और रोजमर्रा के कामों के लिए रास्ता मिल सके, इसलिए मजबूरी में अपने स्तर से रास्ता तैयार कर रहा है। सवाल यह है कि जब ग्रामीणों को अपने बच्चों के भविष्य और रोजमर्रा के आवागमन के लिए खुद रास्ता बनाना पड़े, तो ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों का लाभ आखिर किसे मिला? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर रास्ते की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए, ग्राम पंचायत में रास्तों के नाम पर हुए कार्यों और खर्च हुए सरकारी धन की जांच की जाए तथा जरूरत के अनुसार स्थायी रास्ते का निर्माण कराया जाए। यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि गांव के बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों के सम्मानजनक आवागमन का सवाल है।
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- खंड विकास कमासिन मुख्यालय ग्राम पंचायत कमासिन पांच वर्ष बीत गए लेकिन कामेश्वरनाथ तालाब पूर्ण नहीं हो पाया जो कुछ कार्य किया गया घटिया कार्य दिखाकर सचिव प्रधान प्रतिनिधि मिलकर हजम किया धन3
- बबेरू मे गणेश महोत्सव की धूम, तिन्दवारी रोड समिति के द्वारा जागरण कार्यक्रम का आयोजन1
- जेएन कॉलेज कबड्डी ग्राउंड में खेल भावना से गूंजा मंडल स्तरीय कबड्डी महोत्सव। बांदा। जेएन कॉलेज कबड्डी ग्राउंड में आयोजित मंडल स्तरीय एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन के साथ खेल भावना, अनुशासन और जोश का शानदार परिचय दिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया और उन्हें निष्पक्ष खेल के साथ अपने जनपद, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला कबड्डी एसोसिएशन के सचिव कमल किशोर यादव एवं कोषाध्यक्ष सुनील सक्सेना ने मुख्य अतिथि प्रवीण सिंह का माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। प्रतियोगिता में बुंदेलखंड मंडल की सात टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें चित्रकूट की दो, बांदा की तीन और महोबा की एक टीम सहित विभिन्न संस्थानों की टीमें शामिल रहीं। पूरे दिन रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पहले मुकाबले में एन कॉलेज ने चित्रकूट को 28-16 के अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। दूसरे मैच में जेएन योद्धा ने महोबा को 34-18 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला जेएन कॉलेज और जेएन योद्धा के बीच खेला गया। दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंततः जेएन योद्धा ने 7 अंकों के अंतर से जीत हासिल कर प्रतियोगिता की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस अवसर पर प्रवीण सिंह, सेंगर, कमल किशोर यादव, सुनील सक्सेना, विजय पाल सिंह यादव, शब्बीर खान 'जुगनू', शाहिद अन्ना, सानू वकार, हिमांशु सिंह, हर्षित निगम, कार्तिक निगम सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और दर्शक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कबड्डी केवल ताकत का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, रणनीति, टीम भावना और आपसी सम्मान का प्रतीक है, जो युवाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेल संस्कृति को मजबूत बनाता है।3
- बांदा पुलिस को मिली सफलता, पुलिस ने हत्या के मामले में ददुआ को किया गिरफ्तार!! बांदा पुलिस को मिली सफलता , पुलिस ने हत्या के मामले में ददुआ को किया गिरफ्तार!!1
- ड्यूटी पर जा रहे वन विभाग कर्मी की दर्दनाक मौत तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार वन विभाग कर्मी कोमारी टक्कर। ड्यूटी पर जा रहे वन विभाग कर्मी की दर्दनाक मौत। तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार वन विभाग कर्मी कोमारी टक्कर। बांदा में फिर टूटा रफ्तार का कहर वन कर्मी की मौत। बांदा के तिंदवारी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में वन विभाग के कर्मचारी की मौत हो गई। बांदा-फतेहपुर राजमार्ग पर मुंगुस गांव के पास तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार वन विभाग कर्मी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 40 वर्षीय शाहिद सिद्दीकी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बांदा-फतेहपुर राजमार्ग पर सोमवार सुबह हुए हादसे की ये तस्वीरें तिंदवारी के मुंगुस गांव के पास की हैं। कूड़ा निस्तारण केंद्र के निकट ड्यूटी पर जा रहे वन विभाग कर्मी शाहिद सिद्दीकी की स्कूटी को पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी और शाहिद भी सड़क पर गिर पड़े। गंभीर चोट लगने के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में स्कूटी और हेलमेट भी क्षतिग्रस्त हो गया। शाहिद सिद्दीकी तिंदवारी कस्बे के भगवती नगर निवासी थे और बांदा वन विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत थे। सोमवार सुबह वह रोज की तरह स्कूटी से ड्यूटी के लिए बांदा जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार डंपर ने उनकी जान ले ली। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर मौके से भागने लगा। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पीछा कर डंपर को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शाहिद दो भाइयों में सबसे बड़े थे। वर्ष 2008 में उनकी शादी फरजाना से हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। हादसे की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां पतिया और पत्नी फरजाना का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बाइट:- मृतक के परिजन1
- आदर्श ग्राम पंचायत कमासिन में कामेश्वर तालाब मानसरोवर पांच वर्ष बीत फिर भी पूर्ण नहीं सचिव प्रधान प्रतिनिधि किया धन का बंदरबांट3
- सुरत में एक कर्मचारी ने लगा दी कंपनी आग 10000 सैलरी रोकने पर कंपनी के मालिक ने कंपनी के गरीब कर्मचारी का सैलरी रोका 10000 रुपए कर्मचारी ने लगा दी आग दस हजार रुपए गरीबों के लिए बहुत होता हैं1