बीदासर के वार्ड नंबर 3 स्थित चौरडिया चौक निवासी रतनलाल चौरडिया ने अपने घर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने लगे बिजली के पोल को हटाने की मांग को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह बिजली पोल शीघ्र ही हटाकर उचित स्थान पर स्थापित नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बिजली विभाग एवं प्रशासन की होगी। चौरडिया का कहना है कि मुख्य गेट के ठीक सामने बिजली का पोल होने के कारण परिवार को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि लोहे का यह बिजली पोल मुख्य दरवाजे से कुछ ही इंच दूर है, जिससे छोटे बच्चे छत पर भी नहीं जा पाते हैं। विशेष रूप से बारिश के मौसम में लोहे का पोल होने से हर समय करंट का डर सताता रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में इसी महीने की 2 जून को बिजली विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने भी जनहित और सुरक्षा को देखते हुए विभाग से इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है।
बीदासर के वार्ड नंबर 3 स्थित चौरडिया चौक निवासी रतनलाल चौरडिया ने अपने घर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने लगे बिजली के पोल को हटाने की मांग को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह बिजली पोल शीघ्र ही हटाकर उचित स्थान पर स्थापित नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बिजली विभाग एवं प्रशासन की होगी। चौरडिया का कहना है कि मुख्य गेट के ठीक सामने बिजली का पोल होने के कारण परिवार को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि लोहे का यह बिजली पोल मुख्य दरवाजे से कुछ ही इंच दूर है, जिससे छोटे बच्चे छत पर भी नहीं जा पाते हैं। विशेष रूप से बारिश के मौसम में लोहे का पोल होने से हर समय करंट का डर सताता रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में इसी महीने की 2 जून को बिजली विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने भी जनहित और सुरक्षा को देखते हुए विभाग से इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है।
- मध्यप्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पिता अपनी बेटी को RE-NEET परीक्षा दिलाने परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, वे निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से पहुंचे थे। गार्ड से काफी अनुरोध किए जाने के बावजूद, वहां मौजूद स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। निस्संदेह, परीक्षा के नियमों का पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है और सभी को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या सारी जवाबदेही केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की ही है? पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जब चाहो परीक्षा स्थगित कर दो, जब चाहो निरस्त कर दो, और जब चाहो नई तारीखें घोषित कर दो, लेकिन इन फैसलों का मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान आखिर अभ्यर्थी ही क्यों भुगतें? नियम जरूरी हैं, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक है। इन परीक्षाओं के पीछे सिर्फ रोल नंबर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपने और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।1
- रींगस के ग्राम पंचायत चोमू पुरोहितान में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ शैतान सिंह नेहरा के घर से शनिवार रात्रि में अज्ञात चोरों ने गैस सिलेंडर चुरा लिए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे चोरी का फुटेज उपलब्ध है। घटना की जानकारी मिलते ही रींगस पुलिस थाना को तत्काल सूचित किया गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। गाँव में चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस ने जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसी परिस्थितियाँ बन गई हैं जहाँ सच बोलना गुनाह माना जा रहा है। बताया गया है कि जहाँ कभी सरेआम एनकाउंटर कर दिए जाते हैं तो कभी किसी को सीधे गिरफ्तार कर लिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस सब में अपराधियों को नहीं, बल्कि अपराधों को उजागर करने वाले लोगों को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या यह तरीका सही है और इस पर आम जनता की क्या राय है।1
- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर नागौर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला कांग्रेस कार्यालय नागौर में "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के तहत एक छात्र संवाद और प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नागौर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने की। इस दौरान कोटा में आयोजित राहुल गांधी की "छात्रों की गूंज" रैली का मूल प्रस्तुतीकरण प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने बताया कि प्रदेश का छात्र वर्ग शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं से चिंतित है। कांग्रेस पार्टी छात्रों की समस्याओं को सुनने, समझने और उनके समाधान के लिए "छात्रों की गूंज" अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत छात्रों के सुझाव, शिकायतें और अपेक्षाएं एकत्रित कर प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि पार्टी हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज उठाती रही है और छात्रहितों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। पूर्व मंत्री मंजू देवी मेघवाल ने जोर देकर कहा कि छात्र-छात्राएं शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े कई मुद्दों का सामना कर रहे हैं, और कांग्रेस पार्टी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाएगी। नागौर कांग्रेस प्रभारी रमेश खंडेलवाल ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को सुनकर उन्हें संगठनात्मक स्तर पर उठाना है और उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर अपनी बात रखने का आह्वान किया। नागौर कांग्रेस सह प्रभारी अनिल बुरड़क ने कहा कि युवाओं और छात्रों की भागीदारी से ही प्रदेश का भविष्य मजबूत होगा, और पार्टी छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करने के लिए सदैव तैयार है। मेड़ता विधानसभा प्रत्याशी शिवरतन वाल्मीकि ने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा प्रत्येक छात्र का अधिकार है और सरकार को विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। इस अवसर पर पीसीसी सचिव आईदानराम भाटी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा सोलंकी, नागौर ब्लॉक अध्यक्ष पुनाराम मेघवाल व दिलफराज खान, मेड़ता ब्लॉक अध्यक्ष नेमाराम बेड़ा, रियाबड़ी ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास भाटी सहित राजेश सांगवा, मोतीलाल चंदेल, मोती खान, देवाराम ढाका, जीवन सिंह, जवरीलाल दाधीच, रमजीराम गुर्जर, कन्हैयालाल, मनीराम बीडियासर, लालाराम नायक, रामनिवास कस्वा, खुर्शीद राठौड़, फरीद खान, रामदेव गुरु, शिवराज गौड़, प्रवीण सोलंकी, भानूप्रकाश सैनी, चिरंजीत सिंह राठौड़, प्रेमसिंह जोधा, वेदराज, बाबूलाल, लालचंद, उस्मान गनी, नसीमुद्दीन, आसुसिंह, इक़बाल, खुमाराम सियाग, महेंद्र मेघवाल, रामदेव गुरु, जितेंद्र, मूलसिंह, सुखपाल, रफीक खान, जाकिर खान, शाहिद, विजय, मोडाराम, रामकिशोर, हिम्मताराम, सुखाराम, भंवराराम, घनश्याम, अबूबकर, तनवीर, मिथुराम, रामदेव, जितेंद्र, सुरजाराम सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- भैरूजी महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए, भक्त रींगस वाले भैरूजी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं की इच्छा है कि उन्हें बाबा का आशीर्वाद निरंतर मिलता रहे, जिससे भैरूजी महाराज सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें।2
- मुकाम स्थित वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर में एक हिरण की कथित हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए, सुभाष बिश्नोई ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बिश्नोई ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि वन्यजीव संरक्षण केंद्र जैसे स्थान पर ऐसी घटना होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले के जिम्मेदार लोगों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।1
- झुंझुनूं जिले में सुलताना थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) की संयुक्त कार्रवाई में नाकाबंदी के दौरान पीछा कर दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद कर जब्त की गई है। यह कार्रवाई थानाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में चनाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को नाकाबंदी के दौरान सूचना मिली थी कि एक सफेद स्विफ्ट कार में सवार दो युवकों के पास अवैध हथियार हो सकते हैं। पुलिस ने जब रुकने का इशारा किया, तो कार चालक उसे वापस मोड़कर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर वाहन को रुकवाया, लेकिन दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजेन्द्र सिंह (26) और विरेन्द्र सिंह (25) के रूप में हुई है, जो चूरू जिले के भालेरी थाना क्षेत्र के सोमणसर गांव के निवासी हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। जांच में सामने आया है कि विजेन्द्र सिंह भालेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ चूरू और बीकानेर जिलों में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच और पूछताछ कर रही है।1
- मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक के विवादों के बीच 21 जून को आयोजित दोबारा परीक्षा से एक अत्यंत प्रेरणादायक घटना सामने आई है। एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद छात्रा सृष्टि दुबे ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी NEET की परीक्षा दी। उनके इस दृढ़ संकल्प को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर उनके लिए विशेष व्यवस्था करवाई। सृष्टि के एक गंभीर एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूट गई थीं, लेकिन इस असहनीय दर्द और शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया, जो डॉक्टर बनने के उनके अटूट सपने को दर्शाता है। छात्रा के पिता द्वारा मदद की गुहार लगाने पर, शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर तुरंत उनकी अपील स्वीकार की। उनके निर्देश पर प्रशासन ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र में एक अलग कमरे की व्यवस्था की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंटर के बाहर एंबुलेंस और मेडिकल सपोर्ट टीम भी तैनात की गई। प्रशासन ने इस साहसिक कदम में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनका साथ दिया। परीक्षा के बाद, छात्रा के माता-पिता ने फोन के माध्यम से शिक्षा मंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। यह घटना उन 22 लाख से अधिक छात्रों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। सृष्टि का यह समर्पण साबित करता है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा और अटल इरादा हो, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।1