राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 18 जून को जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मिलानपुर हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक की मार्ग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुँचे, जहाँ उन्होंने मंच व्यवस्था, ग्रीन रूम, बैठक व्यवस्था और कार्यक्रम की समग्र रूपरेखा की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे व्यवस्थाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करें और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में केवल पासधारी व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाएगा, जिसके लिए निर्धारित प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्री मकसूद अहमद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 18 जून को जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मिलानपुर हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक की मार्ग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुँचे, जहाँ उन्होंने मंच व्यवस्था, ग्रीन रूम, बैठक व्यवस्था और कार्यक्रम की समग्र रूपरेखा की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे व्यवस्थाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करें और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में केवल पासधारी व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाएगा, जिसके लिए निर्धारित प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्री मकसूद अहमद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 18 जून को जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मिलानपुर हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक की मार्ग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुँचे, जहाँ उन्होंने मंच व्यवस्था, ग्रीन रूम, बैठक व्यवस्था और कार्यक्रम की समग्र रूपरेखा की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे व्यवस्थाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करें और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में केवल पासधारी व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाएगा, जिसके लिए निर्धारित प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्री मकसूद अहमद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द किए जाने का मामला अब गंभीर रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। इसी कड़ी में, पांढुर्णा जिला युवा कांग्रेस ने सोमवार शाम को सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया, जहाँ आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह निर्णय किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुतला दहन के दौरान शिवाजी महाराज चौक पर माहौल काफी गरमाया रहा और प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत धुर्वे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नंदनवाडी अध्यक्ष रवि खापरे, विधानसभा अध्यक्ष बंटी ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप उईके, चेतन साहू, कैलाश पराड़कर, राहुल डोंगरे, देवांक पाठे, ऋषिकेश रामदे, अंकुश साहू, आकाश कोहले, चैतराम चौधरी, नितिन देवड़ा, जुबेर अली, उज्जवल देशमुख, सोनू सोनवंशी, नीलेश कोडारे सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।2
- मध्य प्रदेश के आठनेर नगर में स्थित प्राचीन ताप्ती सरोवर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं और नगर के सामाजिक संगठनों के युवाओं ने श्रमदान करते हुए स्वच्छता अभियान चलाया। नगर में चली आ रही मान्यता के अनुसार, इस ताप्ती सरोवर में ताप्ती उद्गम स्थल मुलताई से वर्ष भर पानी आता है, जिसके कारण यह स्थान हजारों लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। सफाई कार्य में जुटे स्वयंसेवक संघ और सामाजिक संगठन के युवाओं ने भी इस सरोवर को आस्था का केंद्र बताया।1
- बैतूल जिले में मानसून का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ इस बार 30 मई तक इसके आने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, अब 15 जून की तारीख आ चुकी है, पर मानसून का कोई अता-पता नहीं है, जिससे भीषण गर्मी का दौर जारी है। इस तपिश के बीच, बच्चे नदियों में स्नान कर गर्मी से राहत का आनंद ले रहे हैं।3
- पाथाखेड़ा स्थित बजरंग मंदिर के पास खाने के टिफिन बेचने वाले एक व्यक्ति को अज्ञातवास ने टक्कर मार दी। इस घटना में वह व्यक्ति घायल हो गया, जिसके बाद उसे घोड़ाडोंगरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- भैंसदेही विधानसभा के भीमपुर ब्लॉक के रंभा पंचायत के रिंगढाणा गांव में आगजनी की घटना से प्रभावित परिवारों से मिलने केंद्रीय मंत्री (सांसद) डीडी उईके और क्षेत्रीय विधायक महेंद्रसिंह चौहान पहुँचे। इस दौरान रिंगढाणा के एक पीड़ित सहानु कास्देकर ने नेताओं को अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनके बेटे की सोमवार को शादी थी और आग लगने से शादी का सब कुछ जलकर खाक हो गया है, जिससे अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि शादी कैसे करें। सहानु कास्देकर ने बताया कि उनके बेटे की बारात डोडाजाम जाने वाली थी और शादी की सारी खरीदी भी पूरी हो चुकी थी। आगजनी में उनके 4,12,000 रुपये नकद, शादी के सभी कपड़े, जेवर और अनाज सहित सबकुछ जलकर राख हो गया है। केंद्रीय मंत्री डीडी उईके ने रिंगढाणा के सभी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री और विधायक ने मौके पर लोगों को कपड़े भी वितरित किए और पीड़ितों से चिंता न करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे सब उनके साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि विधायक महेंद्रसिंह चौहान शनिवार को भी रिंगढाणा के पीड़ितों से मिलने गए थे, जहाँ उन्होंने नकद राशि के साथ कपड़े, राशन और पानी आदि की व्यवस्थाएँ करवाई थीं। आज फिर विधायक ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों के खाते समय सीमा में खोलें और पीने के पानी के लिए बोर खनन करवाएँ। इस दौरान केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डीडी उईके के साथ क्षेत्रीय विधायक महेंद्रसिंह चौहान, जनपद अध्यक्ष भैय्यालाल इरपाचे, जिला महामंत्री कृष्णा गायकी, मंडल अध्यक्ष अनिल उईके, जिला पंचायत सदस्य सोनू सुनील भलावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भलावी, मिनॉग भुसुमकर, यूमो अध्यक्ष विकलसिंह, विनोद वर्टी, सरपंच गुंजी बाई गन्नू बारस्कर, श्यामजी यादव, सरपंच मनाराम जी और मुन्नालाल कवड़े सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।3
- पवित्र नगरी मुलताई में अवैध शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब बेचे जाने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अधिकांश समय मुख्यालय पर मौजूद नहीं रहते, जिससे आम नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने या शिकायत दर्ज कराने में भारी परेशानी होती है। विभाग में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। आबकारी अधिकारी राजेश वट्टी पर भी फोन नहीं उठाने का आरोप है; नागरिकों का कहना है कि शिकायत के लिए कई बार संपर्क करने पर भी उनका फोन रिसीव नहीं किया जाता, जिससे अवैध शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई किए जाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन कब और कहाँ कितनी मात्रा में शराब जब्त की गई, इसकी जानकारी प्रेसनोट के माध्यम से सार्वजनिक नहीं की जाती। इस अपारदर्शिता के कारण आबकारी विभाग की कार्रवाई और पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। नगरवासियों का कहना है कि धार्मिक और पवित्र नगरी मुलताई में जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री से सामाजिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए और अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। साथ ही, विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।1
- भैंसदेही के भीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत रम्भा के ग्राम रिंगढ़ाना में एक दर्दनाक अग्निकांड ने 19 परिवारों की जिंदगी बदल दी है। बताया जा रहा है कि तेज हवा के बीच खाना बनाते समय निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक 19 कच्चे मकान इसकी चपेट में आ गए। इस भीषण आग में घरों में रखा अनाज, कपड़े, घरेलू सामान और वर्षों की मेहनत से जुटाई गई पूंजी चंद पलों में राख में बदल गई, वहीं कई बकरियां और अन्य पालतू पशु भी झुलस गए। आग लगने के बाद गांव में चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने का प्रयास किया, जिसमें कई लोगों के हाथ और शरीर झुलस गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को नियंत्रित करने में उसे काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम अजीत मरावी पूरी रात मौके पर डटे रहे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत तथा बचाव कार्य की कमान संभाली। जिन परिवारों के घर जल गए थे, उन्हें तत्काल राहत देते हुए आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल भवनों में ठहराने की व्यवस्था की गई, ताकि कोई भी परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर न हो। मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण पेश करते हुए, एसडीएम अजीत मरावी और जनपद सीईओ झलकन की मौजूदगी में सचिव संघ भैंसदेही के अध्यक्ष संतोष लोखंडे, रितेश कावड़कर, भगवंतराव कनाठे सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। वहीं, चोपनी खुर्द के सरपंच गणेश ने भी आगे बढ़कर मदद की और ग्रामीणों से गेहूं एकत्रित कर अपने स्वयं के ट्रैक्टर से 15 कट्टी गेहूं रिंगढ़ाना पहुंचाया, साथ ही रातभर आग बुझाने के प्रयासों में सहयोग किया। रिंगढ़ाना के कई परिवारों की छत छिन जाने के बावजूद, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सामूहिक मदद ने संकट की इस घड़ी में इंसानियत के जीवित होने का प्रमाण दिया है। राख में तब्दील हुए घरों के बीच अब पीड़ित परिवारों को नए सिरे से जिंदगी बसाने की उम्मीद दिखने लगी है, और मदद के लिए बढ़ते हाथ उनके हौसले को टूटने नहीं दे रहे हैं।2