शनिवार सुबह अठाना में सुखानंद धाम मार्ग पर स्थित एक खतरनाक अंधे मोड़ पर एक स्विफ्ट कार (आरजे-09-सीए-9792) अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। यह हादसा विद्युत वितरण केंद्र के पास पीर बाबा की दरगाह के सामने हुआ। गनीमत रही कि कार चालक, जो राजस्थान पुलिस में पदस्थ आरक्षक बताया जा रहा है, सुरक्षित बच गया और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। यह कार अठाना से कनेरा की ओर जा रही थी, तभी मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क छोड़कर खाई में उतर गई। बाद में क्रेन की मदद से उसे बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पहले भी इसी स्थान पर एक कार खाई में गिरी थी, और एक चार-पहिया वाहन भी खाई में उतर चुका है। इसके अतिरिक्त, चार माह पूर्व इसी जगह एक बाइक दुर्घटना में एक युवक की मौत भी हो चुकी है। किशोर बागतलिया और विष्णु सिंह कुशवाह ने आरोप लगाया है कि लगातार हादसों के बावजूद, इस खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि बरसात के बाद सुखानंद धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी, और यदि समय रहते सुरक्षा कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
शनिवार सुबह अठाना में सुखानंद धाम मार्ग पर स्थित एक खतरनाक अंधे मोड़ पर एक स्विफ्ट कार (आरजे-09-सीए-9792) अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। यह हादसा विद्युत वितरण केंद्र के पास पीर बाबा की दरगाह के सामने हुआ। गनीमत रही कि कार चालक, जो राजस्थान पुलिस में पदस्थ आरक्षक बताया जा रहा है, सुरक्षित बच गया और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। यह कार अठाना से कनेरा की ओर जा रही थी, तभी मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क छोड़कर खाई में उतर गई। बाद में क्रेन की मदद से उसे बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पहले भी इसी स्थान पर एक कार खाई में गिरी थी, और एक चार-पहिया वाहन भी खाई में उतर चुका है। इसके अतिरिक्त, चार माह पूर्व इसी जगह एक बाइक दुर्घटना में एक युवक की मौत भी हो चुकी है। किशोर बागतलिया और विष्णु सिंह कुशवाह ने आरोप लगाया है कि लगातार हादसों के बावजूद, इस खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि बरसात के बाद सुखानंद धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी, और यदि समय रहते सुरक्षा कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- चित्तौड़गढ़ शहर में हुई बारिश के बाद कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर सड़क पर हुए जलभराव ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यालयों के बाहर ही पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों की अनदेखी और उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह समस्या बार-बार सामने आती है। कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और कर्मचारियों को पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, वहीं कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक मुख्यालय के बाहर ही ऐसे हालात हैं तो शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। नागरिकों ने संबंधित विभागों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि बरसात का मौसम अभी शुरू ही हुआ है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आगामी दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जनता की परेशानी को देखते हुए मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।1
- एक व्यक्ति ने आगामी जुलाई माह में निर्धारित अपनी शादी से पहले एक अनोखी अपील की है। उन्होंने कहा है कि वे चाहते हैं कि उनका वैवाहिक रिश्ता पूर्ण विश्वास, पारदर्शिता और सत्य पर आधारित हो। इसी क्रम में, उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि यदि किसी को भी उनके होने वाले जीवनसाथी के बारे में कोई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी हो जो उनके वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकती है, तो वे उसे प्रमाण सहित और पूरी जिम्मेदारी के साथ उन्हें अवगत कराएँ। अपीलकर्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गंभीर तथ्य सामने आता है, तो वे उस पर विचार कर उचित निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।1
- अनीता के पति दिनेश बिश्नोई ने अपने गहरे दुख को व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस कानून पर कोई विश्वास नहीं है, और उनका मानना है कि ऐसे व्यक्तियों को केवल भगवान ही उचित सज़ा दे सकते हैं। दिनेश बिश्नोई का दृढ़ विश्वास है कि 'भगवान के घर देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं', जो न्याय के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है, भले ही वे वर्तमान कानूनी व्यवस्था से निराश हों।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के बिनोता अंबे माता पहाड़ी पर एक मादा पैंथर अपने शावक के साथ देखी गई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मादा पैंथर और उसके शावक को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
- एक व्यक्ति ने जिंदगी को बहुत करीब से देखने का दावा किया है, जिसमें उन्होंने पाया कि सांँवरिया लोग पल भर में पराया कर देते हैं। इस गहन अनुभव के बीच, मिस्टर मुरली वाले जादुगर कन्हैया के अति मनमोहक दर्शन का ज़िक्र किया गया है, जो 14 जून 2026 को होने वाले हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के डुंगला स्थित ऐलवा माता में मेघवाल समाज द्वारा एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।1
- चामटी खेड़ा और दिवाकर नगर क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है, जिसके कारण बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ गई है। इसी क्रम में, विदुषी बिल्लू को महिला जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर, माहेश्वरी समाज में होने वाले आगामी चुनावों की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं।1
- चित्तौड़ के बेगूं में स्वराज ट्रैक्टर कंपनी द्वारा एक टेस्ट कैंप का आयोजन किया गया था। इस कैंप में महिंद्रा का एक, स्वराज के दो, मैसी का एक और सोनालिका का एक ट्रैक्टर सहित कई अन्य कंपनियों के ट्रैक्टरों ने भाग लिया। इस टेस्ट की खास बात यह थी कि खेत वाली ज़मीन का चुनाव भी स्वराज कंपनी ने ही किया था। हालांकि, स्वराज कंपनी के दोनों ट्रैक्टरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं देखा गया, और अंततः महिंद्रा ट्रैक्टर ने बाजी मार ली।1
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थित पुरातत्व विभाग की जमीन पर अलसुबह एक अवैध निर्माणाधीन होटल पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। इस विध्वंस अभियान के दौरान, मौके पर 10 जेसीबी मशीनें, 8 ट्रैक्टर और 3 ब्रेकर मशीनें तैनात रहीं। इस दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों में एडीएम, एएसपी, एसडीएम, तहसीलदार और नगर परिषद आयुक्त सहित पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता भी मौके पर तैनात किया गया था।1