भारत तिवारी की शहादत को समर्पित 80 वीडियो साझा करने की घोषणा की गई है, जिनमें से प्रत्येक वीडियो रोचक मीडिया से भरपूर होगा। इस श्रृंखला के तहत, एक वीडियो में सावित्री जटावनी ने भोजपुर कांड पर एक फिल्मी रील प्रस्तुत की है, जिसमें यह दर्शाया गया है कि देश के लिए लड़ने वालों को अंततः गोली खानी पड़ती है या फांसी पर चढ़ना पड़ता है। इस संदर्भ में, फिल्म 'क्रांतिवीर' की पूरी जानकारी साझा की गई है। 'क्रांतिवीर' फिल्म का निर्देशन और निर्माण मेहुल कुमार ने किया है, जिसकी कहानी के.के. सिंह ने लिखी है। फिल्म में नाना पाटेकर के संवाद स्वयं नाना पाटेकर ने लिखे हैं, जिसके लिए उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला, जबकि मेहुल कुमार को 'सर्वश्रेष्ठ फिल्मफेयर अवार्ड' से सम्मानित किया गया था। यह फिल्म 22 जुलाई 1994 को रिलीज़ हुई थी, जिसमें डैनी डेन्जोंगप्पा, परेश रावल, नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, डिंपल कपाड़िया, अतुल अग्निहोत्री और ममता कुलकर्णी ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। डिंपल कपाड़िया ने एक गरीब पत्रकार का किरदार निभाया है जिसे माफिया डराते रहते हैं। वहीं, नाना पाटेकर के चरित्र को 9 साल की उम्र में माँ (फरीदा जलाल) द्वारा पीटे जाने के बाद घर छोड़कर चलती मोटर की सीढ़ी पर लटककर परेश रावल के आश्रय में पहुँचने वाले एक समाजवादी क्रांतिवीर के रूप में दर्शाया गया है, ठीक भरत भूषण की तरह। इस संदर्भ में, भरतभूषण तिवारी का यह कथन भी प्रस्तुत किया गया है कि उन्होंने बलिदान देने के लिए आरा की भूमि को चुना था, चाहे वह रामलीला मैदान हो या डीएम ऑफिस।
भारत तिवारी की शहादत को समर्पित 80 वीडियो साझा करने की घोषणा की गई है, जिनमें से प्रत्येक वीडियो रोचक मीडिया से भरपूर होगा। इस श्रृंखला के तहत, एक वीडियो में सावित्री जटावनी ने भोजपुर कांड पर एक फिल्मी रील प्रस्तुत की है, जिसमें यह दर्शाया गया है कि देश के लिए लड़ने वालों को अंततः गोली खानी पड़ती है या फांसी पर चढ़ना पड़ता है। इस संदर्भ में, फिल्म 'क्रांतिवीर' की पूरी जानकारी साझा की गई है। 'क्रांतिवीर' फिल्म का निर्देशन और निर्माण मेहुल कुमार ने किया है, जिसकी कहानी के.के. सिंह ने लिखी है। फिल्म में नाना पाटेकर के संवाद स्वयं नाना पाटेकर ने लिखे हैं, जिसके लिए उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला, जबकि मेहुल कुमार को 'सर्वश्रेष्ठ फिल्मफेयर अवार्ड' से सम्मानित किया
गया था। यह फिल्म 22 जुलाई 1994 को रिलीज़ हुई थी, जिसमें डैनी डेन्जोंगप्पा, परेश रावल, नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, डिंपल कपाड़िया, अतुल अग्निहोत्री और ममता कुलकर्णी ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। डिंपल कपाड़िया ने एक गरीब पत्रकार का किरदार निभाया है जिसे माफिया डराते रहते हैं। वहीं, नाना पाटेकर के चरित्र को 9 साल की उम्र में माँ (फरीदा जलाल) द्वारा पीटे जाने के बाद घर छोड़कर चलती मोटर की सीढ़ी पर लटककर परेश रावल के आश्रय में पहुँचने वाले एक समाजवादी क्रांतिवीर के रूप में दर्शाया गया है, ठीक भरत भूषण की तरह। इस संदर्भ में, भरतभूषण तिवारी का यह कथन भी प्रस्तुत किया गया है कि उन्होंने बलिदान देने के लिए आरा की भूमि को चुना था, चाहे वह रामलीला मैदान हो या डीएम ऑफिस।
- धौलपुर शहर के पुराना शहर स्थित वाल्मीकि बस्ती के सामुदायिक भवन में शुक्रवार को सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्गा माता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसकी अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत ने की। इस अवसर पर, जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत ने भारतीय जनता पार्टी के सामाजिक समरसता के सिद्धांत पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक समरसता का अर्थ समाज के सभी वर्गों, जातियों, धर्मों और समुदायों के बीच आपसी मेल-जोल, समानता और सम्मान की भावना स्थापित करना है। राजावत ने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने और विभिन्न विचारों तथा परंपराओं का सम्मान करने से ही समाज मजबूत बनता है। उन्होंने भारत की संस्कृति को विविधता में एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में सहभागिता करते हैं। राजावत के अनुसार, सामाजिक समरसता के बिना विकास की गति प्रभावित होती है, जबकि आपसी सहयोग और सद्भाव से समाज एवं राष्ट्र दोनों सशक्त बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को समान शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और साझा जिम्मेदारियों के माध्यम से समरसता की भावना को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम में, राजावत ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि वे हर समय तन, मन और धन से उनके सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष धीर सिंह जादौन, शहर मंडल संयोजक बाचा राम बघेल, मीडिया प्रभारी मुकेश सक्सेना, पूर्व जिला मंत्री विनय परमार, प्रदीप सिसोदिया, शिवशंकर परिहार और सुभाष पचौरी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इनके अलावा, रमेशचंद साहू, सोबरन सिंह नरवार, दुर्गाप्रसाद करोसिया, महेश मुखिया, मुन्नालाल खरे, बनवारीलाल करोसिया, रमेश मौर्य, मुकेश महंत, नरेश डागौर, वीरू रजक, बंसीमोहन, शिवराम पथरोल, दिनेश नरवार, मदन, मासूम, मुन्नालाल प्रजापति, भीकम बघेल, कप्तान बघेल, रमेश प्रजापति, पुजारी राजेंद्र प्रजापति, पवन नरवार, अजय थनवार, मोहन सिंह मास्टर, महेश डागौर, गोपाल बेनीवाल, शैलेंद्र जादौन, सरवन डागौर, रमेश बिसनारिया एवं बूटा नरवार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुनील नरवार ने किया।1
- आगरा जिले के खेरागढ़ स्थित भोपुर गांव में नाले पर हुए अवैध अतिक्रमण के कारण एक परिवार के घर के चारों ओर पानी भर गया है। इस पानी की रुकावट के चलते घर की दीवारें चटक गई हैं, जिससे परिवार के सदस्यों, खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। घर के मालिक ने आशंका व्यक्त की है कि यदि यह मकान पानी के कारण गिर जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने अवैध अतिक्रमण को इस स्थिति का मूल कारण बताया है, जिससे उनके घर के गिरने का भय उत्पन्न हो गया है।1
- मुरैना पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, माताबसैया पुलिस ने अड़ीबाजी और मारपीट की एक घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए, घटना के 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। यह घटना 29 जून 2026 को हुई थी, जब फरियादी शिवप्रताप सिंह तोमर, जो उपाध्याय गली, अंबाह रोड पोरसा के निवासी हैं, अपनी बहन को मुरैना से वापस लेकर आ रहे थे। शाम करीब 5 बजे, ग्राम जीगनी मस्जिद के पास चार व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी रोक ली और उनसे शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। फरियादी द्वारा पैसे देने से मना करने पर, आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट भी की। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर, माताबसैया थाने में अपराध क्रमांक 107/26 के तहत धारा 296, 126(1), 119(1), 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया।1
- आज गुरुवार को मध्यप्रदेश शासन की छात्र हितैषी योजनाओं के तहत पोरसा स्थित शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में 'स्कूल चले हम' अभियान के अंतर्गत एक साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लगभग दो दर्जन छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं, जिससे उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से छात्राओं का शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह तोमर ने छात्राओं को साइकिलें सौंपते हुए कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीआरसी शैलेंद्र सिंह तोमर ने जोर दिया कि शासन द्वारा संचालित ये योजनाएं छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साइकिल मिलने से छात्राओं का समय बचेगा और उन्हें विद्यालय आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राचार्य वीरेंद्र सिंह तोमर ने किया, जिन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को साइकिल का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह भी दी। इस अवसर पर बी ए सी ब्रजराज सिंह तोमर चौधरी सहित विद्यालय का समस्त शैक्षिक एवं गैर-शैक्षिक स्टाफ उपस्थित रहा। छात्राओं ने शासन एवं विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। छात्राओं ने इस साइकिल वितरण को अपनी शिक्षा यात्रा को और अधिक सुगम बनाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।3
- उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदरा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब मृतक के बैंक खाते से लगातार पैसे निकाले जा रहे थे, जिस पर उसके बड़े भाई को शक हुआ। गहन पूछताछ और पुलिस जांच के बाद, घर के बाथरूम की खुदाई कराई गई, जहाँ से आखिरकार एक मानव कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि बरामद कंकाल को डीएनए और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वायरल वीडियो में पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में ले जाती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और बताया गया है कि मामले का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसने आगरा में सनसनी फैला दी है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने पति की हत्या कर उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इस कृत्य के बाद किसी को शक न हो, इसके लिए बाथरूम की फर्श पर नई टाइल्स भी लगवा दी गई थीं। करीब 45 दिनों तक यह महिला पति के लापता होने का नाटक करती रही। हालाँकि, पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उसके जवाबों पर संदेह हुआ। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने बाथरूम की फर्श तुड़वाई, जहाँ से कंकाल बरामद हुआ। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस की मौजूदगी में खुदाई कर कंकाल को बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है।1
- “जैसी करनी वैसी भरनी...” के मूलमंत्र पर जोर देते हुए कहा गया है कि यदि किसी अपराधी ने जुर्म किया है, तो उसे सज़ा मिलना बेहद ज़रूरी है। यह संदेश ख़ासतौर पर बिहार पुलिस के लिए है, जिस पर आरोप है कि उसने वर्दी का नाजायज फायदा उठाकर एक समाजसेवी इंसान को “यमराज के बगैर बुलावे के” ऊपर पहुंचा दिया। इस कृत्य के बाद समाज में न्याय की मांग उठ रही है। इस बात को पुख्ता करने के लिए एक महीने पहले के बिहार के वैशाली जिले के एक मामले का उदाहरण दिया गया है, जहाँ 84 वर्षीय दीपराय को 1992 के हत्या के एक मामले में 34 साल बाद वैशाली कोर्ट ने तीन साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है। बताया गया है कि दीपराय की पीठ 90 डिग्री झुक गई है और उन्हें चलने के लिए सहारे की ज़रूरत पड़ती है, लेकिन 34 साल पहले, जब वह 50 वर्ष के थे, तब वे एक 'माफिया' थे। उन्होंने अपने पड़ोस के एक व्यक्ति को रिवॉल्वर से मार डाला था, और इससे पहले उन्होंने उस व्यक्ति और उसकी पत्नी के साथ मारपीट भी की थी। इस हत्या मामले में कुल 9 आरोपी थे, जिनमें से 4 अब इस दुनिया में नहीं हैं, जबकि बाकी 4 को 10-10 साल का कठोर कारावास मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कानून उम्र या शरीर की स्थिति नहीं देखता। अब भरतभूषण नामक समाजसेवी की मौत पर सारा उत्तर-पूर्व भारत जाग गया है। चेतावनी दी गई है कि जब कोर्ट इन पुलिसकर्मियों को सज़ा सुनाएगी, तो कोई उनके लिए नहीं जागेगा और न ही उन्हें 7 तोपों की सलामी दी जाएगी, क्योंकि यह सलामी केवल शहीदों को मिलती है, अपराधियों को नहीं। यह भी कहा गया है कि अगर “भरततिवारी” के हाथों शहादत हो जाती, तो उन्हें भी 7 तोपों की सलामी मिल जाती। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, और सभी को कोर्ट के फैसले का इंतज़ार है कि वह कितने समय में क्या निर्णय सुनाती है। अंत में यह संदेश दिया गया है कि दुनिया में न जुल्म रहेगा और न ही जालिम का दबदबा, अगर कुछ रहेगा तो वह सिर्फ प्यार होगा।2
- धौलपुर जिला बैडमिंटन संघ द्वारा स्वर्गीय वीर लोकेन्द्र राणा की स्मृति में एक जिला स्तरीय सब-जूनियर एवं जूनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 11 से 15 जुलाई 2026 तक इंदिरा गांधी इंडोर बैडमिंटन हॉल, स्टेशन रोड, धौलपुर में संपन्न होगी। जिला बैडमिंटन संघ के सचिव एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद जाकिर हुसैन के अनुसार, इस प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान बैडमिंटन संघ के नियमों के अनुसार नॉकआउट आधार पर किया जाएगा। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं खेल अकादमियों के सैकड़ों खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा, जिससे जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। संघ ने सभी इच्छुक खिलाड़ियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे 10 जुलाई 2026 तक अपनी प्रविष्टि अनिवार्य रूप से जमा करा दें, ताकि ड्रॉ समय पर तैयार किया जा सके; निर्धारित तिथि के बाद कोई भी प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ियों से समय पर उपस्थित होकर खेल भावना से भाग लेने और जिले के खेल प्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का भी आह्वान किया है।2
- मुरैना जिले से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है, जहाँ बहरा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। बताया जा रहा है कि इस घटना में नाबालिग लड़की को कई तरह से प्रताड़ित भी किया गया।1