हनुमना: मसूरिया गाँव में हाथियों का डेरा — सुबह से दिखा नर–मादा जोड़ा, सड़क पर मचा हड़कंप लोकेशन: मऊगंज / हनुमना हनुमना: मसूरिया गाँव में हाथियों का डेरा — सुबह से दिखा नर–मादा जोड़ा, सड़क पर मचा हड़कंप! मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र अंतर्गत मसूरिया टोल प्लाज़ा के पास आज सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक नर और एक मादा हाथी खुले मैदान और सड़क किनारे आराम करते दिखाई दिए। सुबह की पहली किरण के साथ ग्रामीणों ने पहले हाथियों की आहट सुनी और कुछ ही देर में दोनों को टोल प्लाज़ा के समीप विचरण करते देखा। हाथियों के दिखते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। एक ओर लोग इस दुर्लभ दृश्य को देखने के लिए उत्साहित दिखे, वहीं दूसरी ओर दहशत का माहौल भी साफ नजर आया। कुछ देर बाद दोनों हाथी पास के वन क्षेत्र की ओर बढ़ गए, लेकिन उनकी मौजूदगी ने पूरे हनुमना क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। सीधी से मऊगंज तक मूवमेंट — घरों में कैद हुए लोग जानकारी के अनुसार बीते कई दिनों से पड़ोसी जिले सीधी में हाथियों की लगातार मूवमेंट देखी जा रही थी। अब यही जोड़ा मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र तक पहुँच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कल शाम से ही लोग दहशत में अपने घरों में दुबके हुए हैं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। हनुमना के रेंजर नयन तिवारी ने बताया कि हाथियों के आने की सूचना सुबह ही प्राप्त हो गई थी। रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में मौजूद है और दोनों हाथियों को ट्रैक किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि बिना आवश्यकता घरों से बाहर न निकलें और हाथियों के आसपास भीड़ न लगाएँ, क्योंकि इससे दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी फसलों को नुकसान पहुँचने की शुरुआती जानकारी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों को शीघ्र सुरक्षित दिशा में नहीं मोड़ा गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलें हाथियों के लिए आसान शिकार बन रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर संकट मंडरा रहा है। बड़ा सवाल: सीधी में रहते हुए पहले क्यों नहीं हुआ रेस्क्यू? ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब हाथियों की मौजूदगी पहले से ही सीधी जिले में थी, तब समय रहते ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि प्रारंभिक स्तर पर उन्हें नियंत्रित या सुरक्षित दिशा में मोड़ दिया जाता, तो यह खतरा दूसरे जिले तक नहीं पहुँचता। जंगल कटेंगे तो संकट बढ़ेगा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लगातार नए-नए प्रोजेक्ट्स के नाम पर जंगलों की कटाई की जा रही है। जंगलों के सिमटने से वन्य प्राणियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, जिसके कारण वे ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध कटाई की घटनाएँ बढ़ने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ठोस नीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले समय में ऐसे मामलों में और वृद्धि हो सकती है। हालात पर कड़ी निगरानी प्रशासन और वन विभाग संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर ले जाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पूरे हनुमना क्षेत्र मेंभीसतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील की है।
हनुमना: मसूरिया गाँव में हाथियों का डेरा — सुबह से दिखा नर–मादा जोड़ा, सड़क पर मचा हड़कंप लोकेशन: मऊगंज / हनुमना हनुमना: मसूरिया गाँव में हाथियों का डेरा — सुबह से दिखा नर–मादा जोड़ा, सड़क पर मचा हड़कंप! मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र अंतर्गत मसूरिया टोल प्लाज़ा के पास आज सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक नर और एक मादा हाथी खुले मैदान और सड़क किनारे आराम करते दिखाई दिए। सुबह की पहली किरण के साथ ग्रामीणों ने पहले हाथियों की आहट सुनी और कुछ ही देर में दोनों को टोल प्लाज़ा के समीप विचरण करते देखा। हाथियों के दिखते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। एक ओर लोग इस दुर्लभ दृश्य को देखने के लिए उत्साहित दिखे, वहीं दूसरी ओर दहशत का माहौल भी साफ नजर आया। कुछ देर बाद दोनों हाथी पास के वन क्षेत्र की ओर बढ़ गए,
लेकिन उनकी मौजूदगी ने पूरे हनुमना क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। सीधी से मऊगंज तक मूवमेंट — घरों में कैद हुए लोग जानकारी के अनुसार बीते कई दिनों से पड़ोसी जिले सीधी में हाथियों की लगातार मूवमेंट देखी जा रही थी। अब यही जोड़ा मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र तक पहुँच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कल शाम से ही लोग दहशत में अपने घरों में दुबके हुए हैं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। हनुमना के रेंजर नयन तिवारी ने बताया कि हाथियों के आने की सूचना सुबह ही प्राप्त हो गई थी। रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में मौजूद है और दोनों हाथियों को ट्रैक किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि बिना आवश्यकता घरों से बाहर न निकलें और हाथियों के आसपास भीड़
न लगाएँ, क्योंकि इससे दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी फसलों को नुकसान पहुँचने की शुरुआती जानकारी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों को शीघ्र सुरक्षित दिशा में नहीं मोड़ा गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलें हाथियों के लिए आसान शिकार बन रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर संकट मंडरा रहा है। बड़ा सवाल: सीधी में रहते हुए पहले क्यों नहीं हुआ रेस्क्यू? ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब हाथियों की मौजूदगी पहले से ही सीधी जिले में थी, तब समय रहते ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि प्रारंभिक स्तर पर उन्हें नियंत्रित या सुरक्षित दिशा में मोड़ दिया जाता, तो यह खतरा दूसरे जिले तक नहीं पहुँचता। जंगल कटेंगे तो संकट बढ़ेगा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लगातार नए-नए प्रोजेक्ट्स के
नाम पर जंगलों की कटाई की जा रही है। जंगलों के सिमटने से वन्य प्राणियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, जिसके कारण वे ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध कटाई की घटनाएँ बढ़ने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ठोस नीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले समय में ऐसे मामलों में और वृद्धि हो सकती है। हालात पर कड़ी निगरानी प्रशासन और वन विभाग संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर ले जाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पूरे हनुमना क्षेत्र मेंभीसतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील की है।
- 💥 बड़ी खबर💥 ईरान की राजधानी तेहरान में तबाही का खौफनाक मंजर: मिसाइल गिरते ही आसमान में उठा आग का गोला, हर तरफ धुआं और बारूद की गंध, दहल उठा शहर।1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय1
- खबर मध्यप्रदेश रीवा जिले के नया बस स्टैंड से है जहा शहर के सबसे व्यस्त समान थाना क्षेत्र अंतर्गत नया बस स्टैंड गुंडागर्दी का केंद्र बन गया है। यहाँ सरेराह एक बस मालिक ने मामूली टक्कर के बाद ई-रिक्शा चालक पर मुक्कों की बौछार कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। थाने के पास हो रही मारपीट क्या यह बताती है कि पुलिस का खौफ अब खत्म हो चुका है? लाखों की लागत से लगे CCTV कैमरे क्या शो-पीस: के लिए हैं? अतिक्रमण बना विवाद की जड़: सड़क पर बसों और ठेले वालों के अवैध कब्जे के बावजूद रीवा नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस कार्यवाही क्यों नहीं कर रही? होली के त्यौहार पर भारी भीड़ के बीच प्रशासन की यह 'सुस्ती' किसी बड़ी अनहोनी को न्यौता दे रही है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर खाकी की मौजूदगी भी चाहती है।1
- Post by अपना विंध्य प्रदेश2
- Post by Abhishek Pandey1
- रीवा जिले के बैकुण्ठपुर नगर में होली पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न हुई, पुलिस ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु की अपील देखिए विस्तार से बैठक में क्या कहा गया...….1
- अरविंद केजरीवाल के बाइज्जत बरी होने पर मऊगंज में आप कार्यकर्ताओं का जश्न1
- लोकेशन: मऊगंज / हनुमना हनुमना: मसूरिया गाँव में हाथियों का डेरा — सुबह से दिखा नर–मादा जोड़ा, सड़क पर मचा हड़कंप! मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र अंतर्गत मसूरिया टोल प्लाज़ा के पास आज सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक नर और एक मादा हाथी खुले मैदान और सड़क किनारे आराम करते दिखाई दिए। सुबह की पहली किरण के साथ ग्रामीणों ने पहले हाथियों की आहट सुनी और कुछ ही देर में दोनों को टोल प्लाज़ा के समीप विचरण करते देखा। हाथियों के दिखते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। एक ओर लोग इस दुर्लभ दृश्य को देखने के लिए उत्साहित दिखे, वहीं दूसरी ओर दहशत का माहौल भी साफ नजर आया। कुछ देर बाद दोनों हाथी पास के वन क्षेत्र की ओर बढ़ गए, लेकिन उनकी मौजूदगी ने पूरे हनुमना क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। सीधी से मऊगंज तक मूवमेंट — घरों में कैद हुए लोग जानकारी के अनुसार बीते कई दिनों से पड़ोसी जिले सीधी में हाथियों की लगातार मूवमेंट देखी जा रही थी। अब यही जोड़ा मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र तक पहुँच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कल शाम से ही लोग दहशत में अपने घरों में दुबके हुए हैं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। हनुमना के रेंजर नयन तिवारी ने बताया कि हाथियों के आने की सूचना सुबह ही प्राप्त हो गई थी। रेस्क्यू टीम लगातार क्षेत्र में मौजूद है और दोनों हाथियों को ट्रैक किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि बिना आवश्यकता घरों से बाहर न निकलें और हाथियों के आसपास भीड़ न लगाएँ, क्योंकि इससे दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी फसलों को नुकसान पहुँचने की शुरुआती जानकारी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों को शीघ्र सुरक्षित दिशा में नहीं मोड़ा गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलें हाथियों के लिए आसान शिकार बन रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर संकट मंडरा रहा है। बड़ा सवाल: सीधी में रहते हुए पहले क्यों नहीं हुआ रेस्क्यू? ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब हाथियों की मौजूदगी पहले से ही सीधी जिले में थी, तब समय रहते ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि प्रारंभिक स्तर पर उन्हें नियंत्रित या सुरक्षित दिशा में मोड़ दिया जाता, तो यह खतरा दूसरे जिले तक नहीं पहुँचता। जंगल कटेंगे तो संकट बढ़ेगा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लगातार नए-नए प्रोजेक्ट्स के नाम पर जंगलों की कटाई की जा रही है। जंगलों के सिमटने से वन्य प्राणियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, जिसके कारण वे ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध कटाई की घटनाएँ बढ़ने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ठोस नीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले समय में ऐसे मामलों में और वृद्धि हो सकती है। हालात पर कड़ी निगरानी प्रशासन और वन विभाग संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर ले जाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पूरे हनुमना क्षेत्र मेंभीसतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील की है।4