पत्रकारों के सवाल शुरू होते ही निकल गए मुख्यमंत्री, प्रेस संवाद बना मजाक पत्रकारों के सवाल शुरू होते ही निकल गए मुख्यमंत्री, प्रेस संवाद बना मजाक टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ दौरे के दौरान प्रेस संवाद को लेकर सवाल खड़े हो गए। पत्रकारों ने जैसे ही मुख्यमंत्री से सवाल पूछने शुरू किए, मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। इससे मौके पर मौजूद पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली। पत्रकारों का कहना है कि प्रेस संवाद का उद्देश्य ही मीडिया के सवालों का जवाब देना और सरकार की योजनाओं व स्थानीय मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करना होता है। ऐसे में सवाल शुरू होते ही मुख्यमंत्री के चले जाने से प्रेस संवाद की पूरी प्रक्रिया औपचारिकता बनकर रह गई। स्थानीय पत्रकारों ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री आमजन और मीडिया के सवाल सुनने के लिए कार्यक्रम में आए थे, तो पत्रकारों के सवालों का सामना किए बिना चले जाना आखिर किस बात का संकेत है? घटना के बाद प्रेस संवाद को लेकर राजनीतिक और पत्रकारिता जगत में चर्चा शुरू हो गई है।
पत्रकारों के सवाल शुरू होते ही निकल गए मुख्यमंत्री, प्रेस संवाद बना मजाक पत्रकारों के सवाल शुरू होते ही निकल गए मुख्यमंत्री, प्रेस संवाद बना मजाक टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ दौरे के दौरान प्रेस संवाद को लेकर सवाल खड़े हो गए। पत्रकारों ने जैसे ही मुख्यमंत्री से सवाल पूछने शुरू किए, मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। इससे मौके पर मौजूद पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली। पत्रकारों का कहना है कि प्रेस संवाद का उद्देश्य ही मीडिया के सवालों का जवाब देना और सरकार की योजनाओं व स्थानीय मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करना होता है। ऐसे में सवाल शुरू होते ही मुख्यमंत्री के चले जाने से प्रेस संवाद की पूरी प्रक्रिया औपचारिकता बनकर रह गई। स्थानीय पत्रकारों ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री आमजन और मीडिया के सवाल सुनने के लिए कार्यक्रम में आए थे, तो पत्रकारों के सवालों का सामना किए बिना चले जाना आखिर किस बात का संकेत है? घटना के बाद प्रेस संवाद को लेकर राजनीतिक और पत्रकारिता जगत में चर्चा शुरू हो गई है।
- पत्रकारों के सवाल शुरू होते ही निकल गए मुख्यमंत्री, प्रेस संवाद बना मजाक पत्रकारों के सवाल शुरू होते ही निकल गए मुख्यमंत्री, प्रेस संवाद बना मजाक टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ दौरे के दौरान प्रेस संवाद को लेकर सवाल खड़े हो गए। पत्रकारों ने जैसे ही मुख्यमंत्री से सवाल पूछने शुरू किए, मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। इससे मौके पर मौजूद पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली। पत्रकारों का कहना है कि प्रेस संवाद का उद्देश्य ही मीडिया के सवालों का जवाब देना और सरकार की योजनाओं व स्थानीय मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करना होता है। ऐसे में सवाल शुरू होते ही मुख्यमंत्री के चले जाने से प्रेस संवाद की पूरी प्रक्रिया औपचारिकता बनकर रह गई। स्थानीय पत्रकारों ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री आमजन और मीडिया के सवाल सुनने के लिए कार्यक्रम में आए थे, तो पत्रकारों के सवालों का सामना किए बिना चले जाना आखिर किस बात का संकेत है? घटना के बाद प्रेस संवाद को लेकर राजनीतिक और पत्रकारिता जगत में चर्चा शुरू हो गई है।1
- रमसगरा में स्कूल जाने वाले मुख्य मार्ग पर भरा पानी, बच्चे और ग्रामीण परेशान रमसगरा में स्कूल जाने वाले मुख्य मार्ग पर भरा पानी, बच्चे और ग्रामीण परेशान खरगापुर : जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छिदारी के ग्राम रमसगरा में मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले रास्ते पर गंदा पानी और कीचड़ जमा होने के कारण मासूम बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य रास्ते पर पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने से बारिश और नालियों का पानी सड़क पर भर गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है। कई बार बच्चे स्कूल जाते समय फिसल कर गिर जाते हैं, जिससे उनकी ड्रेस और किताबें खराब हो जाती हैं। मामले को लेकर जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि कल्याण सिंह यादव ने बताया कि गांव का यह मुख्य रास्ता है, जिससे होकर रोजाना बच्चे स्कूल जाते हैं और ग्रामीण अपने जरूरी कामों के लिए निकलते हैं। लंबे समय से सड़क पर पानी भरा होने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से कई बार मांग करने के बावजूद अब तक जल निकासी और सड़क सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द पानी की निकासी कराई जाए और सड़क का निर्माण दुरुस्त कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों और आमजन को राहत मिल सके।1
- जरूवा पीएचसी में डॉक्टर की नियमित ड्यूटी नहीं, ग्रामीणों में नाराजगी *जरूवा पीएचसी में डॉक्टर की नियमित ड्यूटी नहीं, ग्रामीणों में नाराजगी* टीकमगढ़ जिले के जतारा तहसील के ग्राम जरूवा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की नियमित ड्यूटी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी जरूवा में डॉ. डांली नगरिया की पदस्थापना के बावजूद उनकी ड्यूटी जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाई जा रही है। इस मामले में बीएमओ संजय अहिरवार का कहना है कि डॉक्टर की गांव में ड्यूटी करने की इच्छा नहीं है। वहीं, ग्रामीणों का सवाल है कि जब डॉक्टर की पदस्थापना जरूवा में हुई है, तो उन्हें वहीं नियमित सेवाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर की नियमित ड्यूटी जरूवा पीएचसी में लगाने की मांग की है। साथ ही, शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन पर इस मामले की शिकायत करने की बात कही है।4
- पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने खरगापुर मार्ग पर लगाया जाम टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र में भैलसी गांव के ग्रामीणों ने आज 21 अगस्त को पानी की समस्या को लेकर खरगापुर मार्ग पर जाम लगा दिया है। जाम लगने की वजह से कई वाहनों के साथ साथ एंबुलेंस को निकलने में परेशानी हो रही है।1
- वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाये जाने के बाद उक्त भूमि पर दोबारा कब्जा हो गया हम सभी ग्रामवासी भटगौरा ग्राम पंचायत कियों को साहव से निवेदन है फूलपुर जिला टीकमगढ़ म.प्र. के निवासी है। टीकमगढ़ रेंज किया फो हमारी भटगोरा की बनभूमि पर जो कब्जा द्वारा से हुआ है उसको हटाने के लिए हम लोग आप के पास लिखत एवं 181 शिकायत सारी शिकायतें कर चुके ओर आप को बता चुके फिर भी आप ने कोई कार्यवाही नहीं की इसी को लेके हम लोग भोपाल जाके मुख्य अधिकारी के पास जाके हम ने शिकायत की तो उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीएफ छतरपुर को फोन लगाया भटगोरा गांव जाके इस बन भूमि की जानकारी दे यह के अधिकारों ने जाके जिस जगह की जानकारी ली जा पर अतिक्रमण नहीं है जिस जगह पर अतिक्रमण है उस जगह पर गए नहीं है इससे ये मालूम पड़ता है डियो फो डियो फो साहब आप इस कब्जा धारियों से मिले हुए भगत है हम सभी लोगों ने विचार बना की अब दिनांक 21,8,2026 को माननीय सीएम साहब टीकमगढ़ में आ रहे है हम सब उन्हीं के पास आप की बात रखेगें कि ऐसे अधिकारी को दंडित किया जाए और बन विभाग को सुरक्षित किया जाए। #indian #india #jatara #tikamgarh वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाये जाने के बाद उक्त भूमि पर दोबारा कब्जा हो गया हम सभी ग्रामवासी भटगौरा ग्राम पंचायत कियों को साहव से निवेदन है फूलपुर जिला टीकमगढ़ म.प्र. के निवासी है। टीकमगढ़ रेंज किया फो हमारी भटगोरा की बनभूमि पर जो कब्जा द्वारा से हुआ है उसको हटाने के लिए हम लोग आप के पास लिखत एवं 181 शिकायत सारी शिकायतें कर चुके ओर आप को बता चुके फिर भी आप ने कोई कार्यवाही नहीं की इसी को लेके हम लोग भोपाल जाके मुख्य अधिकारी के पास जाके हम ने शिकायत की तो उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीएफ छतरपुर को फोन लगाया भटगोरा गांव जाके इस बन भूमि की जानकारी दे यह के अधिकारों ने जाके जिस जगह की जानकारी ली जा पर अतिक्रमण नहीं है जिस जगह पर अतिक्रमण है उस जगह पर गए नहीं है इससे ये मालूम पड़ता है डियो फो डियो फो साहब आप इस कब्जा धारियों से मिले हुए भगत है हम सभी लोगों ने विचार बना की अब दिनांक 21,8,2026 को माननीय सीएम साहब टीकमगढ़ में आ रहे है हम सब उन्हीं के पास आप की बात रखेगें कि ऐसे अधिकारी को दंडित किया जाए और बन विभाग को सुरक्षित किया जाए। #indian #india #jatara #tikamgarh1
- ग्राम पंचायत मवई गांव में की नालियां पूरी तरह टूट चुकी है नालियों का पानी सड़क पर से जाने1
- टीकमगढ़ में जन विश्वास कार्यक्रम में टीकमगढ़ पधारें मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपनी शिकायत नही सुना पानें से नाराज़ एक युवक ने खाया जहर तो दूसरे युवक ने की आत्महत्या की कोशिश पुलिस ने आनन-फानन में भेजा जिला अस्पताल इलाज जारी टीकमगढ़ में जन विश्वास कार्यक्रम में टीकमगढ़ पधारें मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपनी शिकायत नही सुना पानें से नाराज़ एक युवक ने खाया जहर तो दूसरे युवक ने की आत्महत्या की कोशिश पुलिस ने आनन-फानन में भेजा जिला अस्पताल इलाज जारी2
- मुख्यमंत्री को आवेदन नहीं दे सके हितग्राही ने खुद को लगाई आग, दूसरे ने जहरीला पदार्थ खाया मुख्यमंत्री को आवेदन नहीं दे सके हितग्राही ने खुद को लगाई आग, दूसरे ने जहरीला पदार्थ खाया टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ दौरे के दौरान अपनी समस्या बताने और आवेदन देने पहुंचे दो हितग्राहियों से जुड़ी गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि एक हितग्राही मुख्यमंत्री को आवेदन नहीं दे सका, जिसके बाद उसने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। वहीं, एक अन्य व्यक्ति द्वारा जहरीला पदार्थ खाए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों घटनाओं के बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन में हड़कंप मच गया। संबंधित लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटनाओं के पीछे की वास्तविक वजह और दोनों की वर्तमान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रतीक्षित है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अपनी समस्याएं लेकर बड़ी संख्या में हितग्राही और ग्रामीण पहुंचे थे। ऐसे में इन घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आम लोगों की शिकायतों के निराकरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।1