2025 की फार्मर रजिस्ट्री का मानदेय अब तक लंबित, शहडोल के लोकल यूथ सर्वेयरों ने कलेक्टर से लगाई भुगतान की गुहार। शहडोल। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के कार्य में जुटे लोकल यूथ सर्वेयरों का वर्ष 2025 का मानदेय अब तक लंबित होने का मामला सामने आया है। मानदेय भुगतान में हो रही देरी से परेशान सर्वेयरों ने कलेक्टर से भुगतान जल्द कराने की गुहार लगाई है। सर्वेयरों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार उन्होंने गांव-गांव और खेत-खलिहानों तक पहुंचकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया। कई बार सर्वे का काम कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में करना पड़ता है। खेतों में जहरीले जीव-जंतुओं और अन्य जोखिमों के बीच भी सर्वेयरों ने अपना काम पूरा किया। लोकल यूथ सर्वेयरों के अनुसार, एक ओर सर्वे का मानदेय पहले से ही कम है, वहीं दूसरी ओर कार्य पूरा करने के बाद भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे सर्वेयरों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। सर्वेयरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2025 की फार्मर रजिस्ट्री के लंबित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे सर्वेयरों को राहत मिल सके। लोकल यूथ सर्वेयरों का कहना है कि वे शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में समय पर मानदेय का भुगतान किया जाना उनके लिए महत्वपूर्ण है। —मध्यप्रदेश में लोकल यूथ सर्वेयरों के फार्मर रजिस्ट्री और अन्य सर्वे कार्य के भुगतान को लेकर पहले भी अलग-अलग जिलों से भुगतान संबंधी पत्र/मांगें सामने आई हैं खेत-खलिहानों में जोखिम उठाकर किया सर्वे, फिर भी 2025 का मानदेय लंबित; शहडोल में सर्वेयरों ने उठाई भुगतान की मांग फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा, मानदेय का इंतजार जारी; लोकल यूथ सर्वेयरों ने कलेक्टर से की भुगतान की मांग कम मानदेय और भुगतान में देरी से परेशान लोकल यूथ सर्वेयर, शहडोल कलेक्टर से लगाई गुहार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने वाले सर्वेयर खुद भुगतान के इंतजार में, कलेक्टर से न्याय की मांग जान जोखिम में डालकर खेतों में सर्वे, मानदेय के लिए इंतजार; शहडोल के लोकल यूथ सर्वेयरों की गुहार
2025 की फार्मर रजिस्ट्री का मानदेय अब तक लंबित, शहडोल के लोकल यूथ सर्वेयरों ने कलेक्टर से लगाई भुगतान की गुहार। शहडोल। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के कार्य में जुटे लोकल यूथ सर्वेयरों का वर्ष 2025 का मानदेय अब तक लंबित होने का मामला सामने आया है। मानदेय भुगतान में हो रही देरी से परेशान सर्वेयरों ने कलेक्टर से भुगतान जल्द कराने की गुहार लगाई है। सर्वेयरों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार उन्होंने गांव-गांव और खेत-खलिहानों तक पहुंचकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया। कई बार सर्वे का काम कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में करना पड़ता है। खेतों में जहरीले जीव-जंतुओं और अन्य जोखिमों के बीच भी सर्वेयरों ने अपना काम पूरा किया। लोकल यूथ सर्वेयरों के अनुसार, एक ओर सर्वे का मानदेय पहले से ही कम है, वहीं दूसरी ओर कार्य पूरा करने के बाद भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे सर्वेयरों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। सर्वेयरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2025 की फार्मर रजिस्ट्री के लंबित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे सर्वेयरों को राहत मिल सके। लोकल यूथ सर्वेयरों का कहना है कि वे शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में समय पर मानदेय का भुगतान किया जाना उनके लिए महत्वपूर्ण है। —मध्यप्रदेश में लोकल यूथ सर्वेयरों के फार्मर रजिस्ट्री और अन्य सर्वे कार्य के भुगतान को लेकर पहले भी अलग-अलग जिलों से भुगतान संबंधी पत्र/मांगें सामने आई हैं खेत-खलिहानों में जोखिम उठाकर किया सर्वे, फिर भी 2025 का मानदेय लंबित; शहडोल में सर्वेयरों ने उठाई भुगतान की मांग फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा, मानदेय का इंतजार जारी; लोकल यूथ सर्वेयरों ने कलेक्टर से की भुगतान की मांग कम मानदेय और भुगतान में देरी से परेशान लोकल यूथ सर्वेयर, शहडोल कलेक्टर से लगाई गुहार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने वाले सर्वेयर खुद भुगतान के इंतजार में, कलेक्टर से न्याय की मांग जान जोखिम में डालकर खेतों में सर्वे, मानदेय के लिए इंतजार; शहडोल के लोकल यूथ सर्वेयरों की गुहार
- 2025 की फार्मर रजिस्ट्री का मानदेय अब तक लंबित, शहडोल के लोकल यूथ सर्वेयरों ने कलेक्टर से लगाई भुगतान की गुहार। शहडोल। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के कार्य में जुटे लोकल यूथ सर्वेयरों का वर्ष 2025 का मानदेय अब तक लंबित होने का मामला सामने आया है। मानदेय भुगतान में हो रही देरी से परेशान सर्वेयरों ने कलेक्टर से भुगतान जल्द कराने की गुहार लगाई है। सर्वेयरों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार उन्होंने गांव-गांव और खेत-खलिहानों तक पहुंचकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया। कई बार सर्वे का काम कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में करना पड़ता है। खेतों में जहरीले जीव-जंतुओं और अन्य जोखिमों के बीच भी सर्वेयरों ने अपना काम पूरा किया। लोकल यूथ सर्वेयरों के अनुसार, एक ओर सर्वे का मानदेय पहले से ही कम है, वहीं दूसरी ओर कार्य पूरा करने के बाद भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे सर्वेयरों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। सर्वेयरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2025 की फार्मर रजिस्ट्री के लंबित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे सर्वेयरों को राहत मिल सके। लोकल यूथ सर्वेयरों का कहना है कि वे शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में समय पर मानदेय का भुगतान किया जाना उनके लिए महत्वपूर्ण है। —मध्यप्रदेश में लोकल यूथ सर्वेयरों के फार्मर रजिस्ट्री और अन्य सर्वे कार्य के भुगतान को लेकर पहले भी अलग-अलग जिलों से भुगतान संबंधी पत्र/मांगें सामने आई हैं खेत-खलिहानों में जोखिम उठाकर किया सर्वे, फिर भी 2025 का मानदेय लंबित; शहडोल में सर्वेयरों ने उठाई भुगतान की मांग फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा, मानदेय का इंतजार जारी; लोकल यूथ सर्वेयरों ने कलेक्टर से की भुगतान की मांग कम मानदेय और भुगतान में देरी से परेशान लोकल यूथ सर्वेयर, शहडोल कलेक्टर से लगाई गुहार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने वाले सर्वेयर खुद भुगतान के इंतजार में, कलेक्टर से न्याय की मांग जान जोखिम में डालकर खेतों में सर्वे, मानदेय के लिए इंतजार; शहडोल के लोकल यूथ सर्वेयरों की गुहार1
- गणेश जी की छठी पर पुरानी शंकर मंदिर संजय नगर में हुआ धार्मिक आयोजन अनूपपुर। गणेश उत्सव के अवसर पर पूरा अनूपपुर जिला इन दिनों गणपति भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। जिले के अलग-अलग नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित गणेश पंडालों में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। संजय नगर स्थित पुरानी शंकर मंदिर सहित जिले के विभिन्न गणेश पंडालों में भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना के साथ भक्ति गीत, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कई पंडालों में रामायण पाठ, भक्ति संगीत, गाना-बाजा एवं आर्केस्ट्रा जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए। शाम होते ही गणेश पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। आकर्षक विद्युत सजावट और भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। अलग-अलग पंडालों में अपनी-अपनी परंपरा और आयोजन के अनुसार धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गणेश उत्सव के दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। भक्ति गीतों और जयकारों से पंडालों का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। वहीं, कुछ स्थानों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ धार्मिक आस्था का भी माध्यम बने हुए हैं। जिलेभर में गणेश भक्त “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ भगवान श्री गणेश की आराधना कर रहे हैं। गणेश उत्सव के चलते अनूपपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का माहौल बना हुआ है।1
- कोतवाली पुलिस ने अवैध गांजा के साथ 02 गांजा तस्करो को किया गिरफ्तार अनूपपूर - नशे के विरूद्ध कार्यवाही अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अनुपपुर विक्रांत मुराब के निर्देशन पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम अनूपपुर एवं एस.डी.ओ.पी. अनूपपुर नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मादक पदार्थ एवं नशा के कारोबारियों के विरूद्ध कार्यवाही के दौरान दिनांक 19.09.26 को कोतवाली अनूपपुर को सूचना प्राप्त हुई कि राजेन्द्रग्राम किरर तरफ से अनूपपुर की ओर दो व्यक्ति एक काले रंग की स्ट्रीम मोटर सायकल क्रमांक एम.पी. 65 जेड ए. 9670 में बैठकर बैग में अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर आ रहे है। जिस पर कोतवाली पुलिस द्वारा राजेन्द्रग्राम अनूपपुर रोड कोयलारी तिराहा में नाकाबंदी कर आरोपी दिनेश कुमार बंजारा पिता लल्ला बंजारा उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम नौगवां थाना राजेन्द्रग्राम एवं सुनील उर्फ मन्जू यादव पिता सुरेश यादव उम्र 32 वर्ष निवासी पंचवटी मोहल्ला बुहार थाना बुहार के कब्जे से उनके मोटर सायकल काले रंग की हीरो स्ट्रीम क्रमांक एम.पी. 65 जेड ए. 9670 में रखे हल्के हरे रंग की पिट्टू बैग के अंदर 05 पैकिट मादक पदार्थ गांजा कुल 05.60 किलोग्राम कीमती 50600 रूपये व हीरो स्ट्रीम मोटर सायकल कीमती 80000 रूपये का आरोपियो से जप्त किया गया है। तथा थाना कोतवाली अनूपपुर में आरोपीगणो के विरूद्ध अपराध क्रमांक 517/26 धारा 8/20बी एनडीपीएस एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। उपरोक्त कार्यवाही टी.आई. कोतवाली निरीक्षक संजय अशोक एक्का के नेतृत्व में सउनि कोमल अरजरिया, प्रआर 29 शेख रशीद, प्रआर 166 शिवशंकर प्रजापति, प्रआर 45 महेन्द्र राठौर, प्रधान आरक्षक 178 खेमराज माकों, आरक्षक 221 अमित यादव सायबर सेल प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार, प्रधान आरक्षक पंकज मिश्रा की टीम के द्वारा की गई। कोतवाली पुलिस की मादक पदार्थ गांजा के नशे के व्यापार में लिप्त लोगो के खिलाफ की जा रही कार्यवाही से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- जल ही जीवन है, और जल ही समृद्धि का आधार! ग्राम सरस्वाही (मंडला, म.प्र.) के लाभार्थी श्री राजू झरिया एवं श्री चंदू झरिया की खेती और पशुपालन की राह अब आसान हो गई है। 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' के तहत बने अमृत सरोवर ने पानी की कमी से जूझ रही बंजर जमीन में नई जान फूंक दी है। अब न केवल खेतों को समय पर पानी मिल रहा है, बल्कि पशुओं के लिए भी पानी का स्थायी स्रोत तैयार हो गया है। इस दूरदर्शी पहल के लिए लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं शासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है। अमृत सरोवर - ग्रामीण भारत की प्रगति और आत्मनिर्भरता का नया प्रतीक!1
- इस नवरात्रि नेवारीगुड़ा दुल्लापुर कारीमाटी में होने जा रहा है कुछ खास वही नेवारीगुड़ा 117 देवी देवताओं की मूर्ति होंगी स्थापित इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायक कलाकार अलका चंद्राकर,अनुराग शर्मा, देवेश शर्मा देंगे अपनी प्रस्तुति... इस नवरात्रि नेवारीगुड़ा दुल्लापुर कारीमाटी में होने जा रहा है कुछ खास वही नेवारीगुड़ा 117 देवी देवताओं की मूर्ति होंगी स्थापित इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायक कलाकार अलका चंद्राकर,अनुराग शर्मा, देवेश शर्मा देंगे अपनी प्रस्तुति... #नेवारीगुड़ा_इतिहास दुल्लापुर_कारीमाटी1
- उमरिया जिले में झोलाछाप डॉक्टर मेडिकल खोल कर रहे इलाज एवं ऑपरेशन। कई डॉक्टरों के यहां भारी मात्रा में दवाइयां बतल का स्टॉक मौत बांट रहे झोलाछाप: किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध क्लीनिकों का धंधा? बिरसिंहपुर पाली--उमरिया। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर मौत का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। शहर से लेकर गांव-गांव तक गली-मोहल्लों में अवैध क्लीनिक और डिस्पेंसरी कुकुरमुत्ते की तरह खुल गई हैं। बिना डिग्री, बिना रजिस्ट्रेशन और बिना लाइसेंस के तथाकथित डॉक्टर ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक सबको इसकी पूरी जानकारी है, फिर भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। सवाल उठता है कि आखिर इन अवैध क्लीनिकों को संरक्षण कौन दे रहा है? जिले के पाली, मानपुर, करकेली, नौरोजाबाद, चंदिया और मझौली ब्लॉक में सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं। ये लोग बंगाली डॉक्टर, आयुर्वेदाचार्य या आरएमपी के नाम पर एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन और ग्लूकोज चढ़ाने का काम कर रहे हैं। कई जगह तो मेडिकल स्टोर की अंदर में मिनी नर्सिंग होम तक संचालित हो रहे हैं, जहां डिलीवरी और छोटे ऑपरेशन तक किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। एक लाइसेंस पर दो-दो मेडिकल स्टोर चल रहे हैं और वहीं मरीजों के इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन अवैध संचालकों को स्वास्थ्य विभाग के निचले अमले का खुला संरक्षण प्राप्त है। हर महीने बंधी-बधाई वसूली की चर्चा पूरे जिले में आम है। यही कारण है कि छापामार कार्रवाई की भनक पहले ही संचालकों को लग जाती है और टीम के पहुंचने से पहले शटर गिर जाते हैं। कभी-कभार दिखावे के लिए 4-5 क्लीनिक सील कर फोटो सेशन करा लिया जाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद वही क्लीनिक नए बोर्ड के साथ फिर खुल जाते हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिना दस्तावेज के चल रही क्लीनिकों को सील करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। उमरिया कलेक्टर द्वारा इसके लिए टीम भी गठित की गई थी। इसके बावजूद जमीनी हकीकत नहीं बदली। पाली में हुई कार्रवाई में 5 क्लीनिक सील होने की खबर आई थी, मझौली में भी संजीवनी मेडिकल सहित दो क्लीनिकों पर छापा पड़ा था। लेकिन यह कार्रवाई ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। जिले में संचालित सैकड़ों अवैध प्रतिष्ठानों की तुलना में यह संख्या नगण्य है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन झोलाछापों के गलत इलाज से कई मरीजों की जान जा चुकी है, लेकिन गरीबी और अज्ञानता के कारण मामले दबा दिए जाते हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली का फायदा ये माफिया उठा रहे हैं। ग्रामीणों को सस्ते और सुलभ इलाज के नाम पर ठगा जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब अधिकारियों को नाम, पता और स्थान सब मालूम है तो स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर भ्रष्टाचार का सुनियोजित तंत्र? जनता मांग कर रही है कि कलेक्टर उमरिया स्वयं संज्ञान लेकर पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स बनाएं और पूरे जिले में एक साथ सघन अभियान चलाकर इन मौत के सौदागरों पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए। साथ ही संरक्षण देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी गाज गिरनी चाहिए। नहीं तो यह अवैध धंधा यूं ही फलता-फूलता रहेगा और गरीब जनता की जान से खिलवाड़ होता रहेगा।4
- 21 साल से गणेश भक्ति की परंपरा, नंदिनी परिवार ने धूमधाम से मनाई गणेश जी की छठी बिरसिंहपुर पाली के पाली प्रोजेक्ट क्षेत्र में नंदिनी परिवार द्वारा भगवान श्रीगणेश की भक्ति और धार्मिक परंपरा का सिलसिला लगातार 21 वर्षों से जारी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी परिवार ने अपने निज निवास में गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित कर श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाया। उत्सव के दौरान प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। इसी धार्मिक श्रृंखला में गणेश जी की छठी का पर्व विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गणेश उत्सव में छठी का दिन उनके लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर भगवान श्रीगणेश की विशेष पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। छठी के अवसर पर घर में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। परिवार के सदस्यों ने भगवान गणेश का पूजन कर आरती की और धार्मिक विधियों के साथ छठी उत्सव संपन्न कराया। इस दौरान परिवार के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण भी किया गया। नंदिनी परिवार के सदस्य के अनुसार, भगवान गणेश की स्थापना उनके परिवार में केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 21 वर्षों से चली आ रही आस्था और पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है। हर साल गणेश उत्सव के दौरान परिवार के सदस्य मिल-जुलकर पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। यही वजह है कि गणेश उत्सव के दिनों में नंदिनी परिवार का घर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आता है। गणेश जी की छठी के अवसर पर भी परिवार में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा-पाठ और ii आरती के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। परिवार का कहना है कि इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक आगे बढ़ाना ही उनका उद्देश्य है। इस तरह नंदिनी परिवार की 21 वर्ष पुरानी गणेश भक्ति की परंपरा इस वर्ष भी जारी रही और छठी के अवसर पर घर में भक्ति, उल्लास और पारिवारिक एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिला।4
- नेवारीगुड़ा, दुल्लापुर और करीमाटी—तीनों गांव मिलकर नवरात्रि का यह भव्य आयोजन करने जा रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर 9 दुर्गा के स्वरूप, 51 शक्तिपीठ, 4 धाम और भगवान विष्णु के 10 अवतारों के दर्शन कराने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तीनों गांवों की सामूहिक आस्था, एकता और सहभागिता का भी प्रतीक बनने जा रहा है।1