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राजस्थान में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, 20 अप्रैल तक बीच-बीच में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, वीडियो जयपुर का है कल का, बीकानेर में भी अब तक की सबसे भारी ओलावृष्टि की खबर है... राजस्थान में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, 20 अप्रैल तक बीच-बीच में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, वीडियो जयपुर का है कल का, बीकानेर में भी अब तक की सबसे भारी ओलावृष्टि की खबर है...
Journalist Asif khan KOTA City NEWS
राजस्थान में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, 20 अप्रैल तक बीच-बीच में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, वीडियो जयपुर का है कल का, बीकानेर में भी अब तक की सबसे भारी ओलावृष्टि की खबर है... राजस्थान में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, 20 अप्रैल तक बीच-बीच में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, वीडियो जयपुर का है कल का, बीकानेर में भी अब तक की सबसे भारी ओलावृष्टि की खबर है...
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- कोटा | राजस्थान का शिक्षा शहर, कोटा, एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौट आया है। देश के कोने-कोने से इंजीनियरिंग (IIT-JEE) और मेडिकल (NEET) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों ने एक बार फिर एलन करियर इंस्टीट्यूट (Allen Career Institute) पर अपना सबसे बड़ा भरोसा जताया है। नए सत्र के आगाज़ के साथ ही एलन के विभिन्न सेंटर्स पर एडमिशन के लिए छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। परिणामों ने साबित की श्रेष्ठता विशेषज्ञों का मानना है कि एलन में दाखिले की इस बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा कारण संस्थान का कंसिस्टेंट रिजल्ट (Consistent Result) है। पिछले कई वर्षों से टॉप रैंक्स में एलन के दबदबे ने यह साबित कर दिया है कि यहाँ की कोचिंग पद्धति और मेंटरशिप का कोई सानी नहीं है। "जब बात भविष्य की और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की हो, तो हम किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। एलन का ट्रैक रिकॉर्ड खुद अपनी कहानी कहता है।" — एक अभिभावक (बिहार से) कोटा की इकोनॉमी को भी मिली रफ़्तार छात्रों की इस 'घर वापसी' से न केवल शिक्षा क्षेत्र, बल्कि कोटा के स्थानीय व्यापारियों, हॉस्टल संचालकों और मेस विक्रेताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। एलन में बढ़ते एडमिशन्स इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन के लिए छात्र कोटा और विशेषकर एलन को ही अपनी पहली पसंद मानते हैं। एडमिशन में भारी उछाल: सत्र 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण। ट्रस्ट फैक्टर: बेहतरीन फैकल्टी और स्टडी मटेरियल के कारण छात्र उत्साहित। सफलता का पर्याय: IIT और NEET के पिछले परिणामों ने बढ़ाया संस्थान का मान।1
- कोटा | राजस्थान का शिक्षा शहर, कोटा, एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौट आया है। देश के कोने-कोने से इंजीनियरिंग (IIT-JEE) और मेडिकल (NEET) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों ने एक बार फिर एलन करियर इंस्टीट्यूट (Allen Career Institute) पर अपना सबसे बड़ा भरोसा जताया है। नए सत्र के आगाज़ के साथ ही एलन के विभिन्न सेंटर्स पर एडमिशन के लिए छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। परिणामों ने साबित की श्रेष्ठता विशेषज्ञों का मानना है कि एलन में दाखिले की इस बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा कारण संस्थान का कंसिस्टेंट रिजल्ट (Consistent Result) है। पिछले कई वर्षों से टॉप रैंक्स में एलन के दबदबे ने यह साबित कर दिया है कि यहाँ की कोचिंग पद्धति और मेंटरशिप का कोई सानी नहीं है। "जब बात भविष्य की और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की हो, तो हम किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। एलन का ट्रैक रिकॉर्ड खुद अपनी कहानी कहता है।" — एक अभिभावक (बिहार से) कोटा की इकोनॉमी को भी मिली रफ़्तार छात्रों की इस 'घर वापसी' से न केवल शिक्षा क्षेत्र, बल्कि कोटा के स्थानीय व्यापारियों, हॉस्टल संचालकों और मेस विक्रेताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। एलन में बढ़ते एडमिशन्स इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन के लिए छात्र कोटा और विशेषकर एलन को ही अपनी पहली पसंद मानते हैं। एडमिशन में भारी उछाल: सत्र 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण। ट्रस्ट फैक्टर: बेहतरीन फैकल्टी और स्टडी मटेरियल के कारण छात्र उत्साहित। सफलता का पर्याय: IIT और NEET के पिछले परिणामों ने बढ़ाया संस्थान का मान।1
- बूंदी राजस्थान परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को मिलेगा पर्याप्त जल प्रदेश की 40 प्रतिशत आबादी होगी लाभांवित परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयावधि में हो पूर्ण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा/जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील स्थित गुहाटा गांव पहुंचकर राम जल सेतु लिंक परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोेजना राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस परियोजना के माध्यम से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा तथा प्रदेश की लगभग 40 फीसदी आबादी इससे लाभांवित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो। श्री शर्मा ने कहा कि चम्बल एक्वाडक्ट राम जल सेतु लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है, ऐसे में अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने परियोजना की प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चम्बल एक्वाडक्ट कोटा के पीपल्दा समेल गांव तथा बूंदी के गुहाटा गांव के मध्य चम्बल नदी पर बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई 2 हजार 280 मीटर है। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि एक्वाडक्ट का निर्माण 5060 पाइलों एवं 77 पाइल कैपों पर किया जाएगा। एक्वाडक्ट में औसतन 384 गोलाकार पीयरों का निर्माण होगा। साथ ही, इसके जरिए चम्बल नदी के ऊपर जल का प्रवाह किया जाकर चम्बल नदी को क्रॉस किया जाएगा जिससे आमजन के लिए आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर श्री शर्मा ने एक्वाडक्ट पीयर का पूजन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट साइट पर राम जल सेतु लिंक परियोजना के निर्माण कार्यों को लेकर तैयार की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इससे पहले श्री शर्मा ने पौधारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संभागीय आयुक्त कोटा अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर कोटा पीयूष समारिया, राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अभियंता श्री रवि सोलंकी सहित परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद रहे।2
- सीजफायर का आज पहला दिन: लेबनान पर इजरायल की बमबारी में 100 आमजन हताहत:1000 घायल: सीज़फ़ायर के बावजूद इजरायल की आक्रामकता जारी है...1
- राजस्थान) से खास रिपोर्ट राजस्थान के नागौर जिले के एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर इन दिनों एक अनोखा और रहस्यमयी घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक जन्मजात “दो पैर वाला बचड़ा” लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है, जिसे देखने और उसके पास जाकर आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह बचड़ा प्रतिदिन ठीक दोपहर के समय विशेष प्रकार की हरकतें करता है, जिसे लोग “चमत्कार” मान रहे हैं। मान्यता है कि इस समय बचड़े के पास जाने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं में राहत मिलती है। यही कारण है कि आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। कुछ श्रद्धालु इसे ईश्वरीय संकेत मानते हुए पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं कई लोग इसे महज एक संयोग या प्राकृतिक व्यवहार भी बता रहे हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में जिज्ञासा और चर्चा का माहौल बना दिया है।1
- Suno kahani..... YUDDH.1
- Post by Mahendar.merotha1
- राजस्थान में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, 20 अप्रैल तक बीच-बीच में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई जा रही है, वीडियो जयपुर का है कल का, बीकानेर में भी अब तक की सबसे भारी ओलावृष्टि की खबर है...1