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उत्तर प्रदेश के बहराइच में घाघरा नदी के किनारे एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहाँ नदी किनारे हाथ-मुंह धो रहे एक 12 वर्षीय बच्चे को मगरमच्छ खींच ले गया। इस हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने और अलर्ट रहने की ज़रूरत है।
The Araria Report
उत्तर प्रदेश के बहराइच में घाघरा नदी के किनारे एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहाँ नदी किनारे हाथ-मुंह धो रहे एक 12 वर्षीय बच्चे को मगरमच्छ खींच ले गया। इस हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने और अलर्ट रहने की ज़रूरत है।
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- अररिया जिले के जोगबनी में भाजपा कार्यकर्ता की ओर से सरकार से यह मांग की गई है कि दरगाहों, मस्जिदों और मदरसों के चंदे का हिसाब होना चाहिए, क्योंकि यह देश के हित में सही कदम होगा। कार्यकर्ता का कहना है कि सिर्फ एक वर्ग पर निशाना साधना संविधान के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी तो अल्लाह के घर में भी हुई है। उनका आरोप है कि भारत में मस्जिदों के पैसे का कोई हिसाब-किताब नहीं होता है। पिछले 70 सालों से मंदिरों की तरह न तो कोई टैक्स दिया जाता है और न ही पीड़ितों को दान या चंदा दिया जाता है। इसी कारण गरीब मुस्लिम समाज को अपना पेट भरने के लिए मंदिरों के भंडारे की आस लगानी पड़ती है।2
- बिहार के अररिया में अधिवक्ता मो मसूद आलम जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की यह कमान अब अधिवक्ता मो मसूद आलम के हाथों में आ गई है।1
- पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड अंतर्गत सरसौनी पंचायत में आगामी 21 जुलाई को सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को प्रखंड सभागार में बीडीओ विकास कुमार की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान बीडीओ ने सभी विभागों को शिविर में स्टॉल व बैनर लगाने, पेयजल और टेंट सहित तमाम आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, इस जन कल्याणकारी शिविर का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया है। बीडीओ विकास कुमार ने स्थानीय मुखिया, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों से शिविर के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने अधिक से अधिक ग्रामीणों से अपनी समस्याओं के समाधान हेतु इस शिविर में पहुंचकर आवेदन देने का आग्रह किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि पदाधिकारी कमलेश कुमार मिश्रा, सीडीपीओ अमृता वर्मा, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सचिन कुमार सिंह, सांख्यिकी पदाधिकारी देवेश भारद्वाज और बीपीआरओ आलोक रंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- पूर्णिया के केनगर बैरगाछी गाँव से दिल्ली ले जाए गए मजदूर मोहम्मद रफीक के लापता होने का मामला सामने आया है। मजदूर के अचानक गायब हो जाने से चिंतित परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताई है। इस मामले में परिजनों ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर लापता मजदूर की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है और पुलिस से मदद की मांग की है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के कास्त खर्रा गांव में बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण एक बीमार वृद्ध महिला को कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। लगातार हुई बारिश से गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह जलमग्न और कीचड़ में तब्दील हो गई थी, जिससे गांव तक किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव हो गया। ऐसी गंभीर स्थिति में गांव के तौसीफ आलम और तबरेज आलम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बीमार वृद्ध महिला अलेतून निशा को एक कुर्सी पर बैठाया और बल्लों के सहारे उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से टेंपो का इंतजाम कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो अब क्षेत्र में काफी चर्चा बटोर रहे हैं। ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कास्त खर्रा गांव की सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बरसात शुरू होते ही यहां जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं आ पाता, जिससे लोगों की जान आफत में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी सरकार को टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क और नाले का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान बचाने के लिए फिर से उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से कुर्सी पर लादकर ले जाने को मजबूर होना पड़ेगा।1
- जलालगढ़ के बेगमपुर गांव में कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ के कृषि सलाह सेवा अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी। वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. एम. सिंह के निर्देशन में डॉ. गोविंद कुमार, डॉ. संतोष कुमार एवं अनामिका कुमारी ने खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को कतारबद्ध रोपाई, संतुलित उर्वरक और जिंक सल्फेट के प्रयोग के साथ-साथ खरपतवार व तना छेदक कीट के वैज्ञानिक प्रबंधन की सलाह दी। इसके साथ ही किसानों को खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखने और समय पर यूरिया की दूसरी किस्त देने का भी सुझाव दिया गया। इस पूरे कार्यक्रम में कुल 15 किसान-किसानियों ने भाग लिया और कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल की सराहना की।1
- पूर्णिया जिले के कृत्यानंद नगर स्थित सतकोदरिया पंचायत में गहराए बिजली संकट को लेकर सरपंच अजाउर रहमान उर्फ पप्पू भाई ने संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा है। पंचायत में बिजली की समस्या से परेशान होकर उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इस संकट का जल्द समाधान करने की मांग की है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत में लगातार हो रही बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर बना डायवर्सन ध्वस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत एल-031-टी-02 से देवरी खास (बीआर-31) तक जाने वाली इस लगभग 3.45 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 95 लाख 33 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। इस सड़क का निर्माण कार्य 18 अगस्त 2023 को शुरू होकर 17 मई 2024 को पूरा हुआ था, जिसका जिम्मा संवेदक मोहम्मद सफीक आलम (धनपुरा, किशनगंज) के पास था। देवरी खास को रहमतपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुहिया शिव मंदिर चौक के समीप बना डायवर्सन बारिश के पानी में बह गया है। डायवर्सन टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभाग और प्रशासन स्थिति से अवगत होने के बाद भी उदासीन बना हुआ है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते डायवर्सन की मरम्मत या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त डायवर्सन की मरम्मत कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में स्थित फुलवरिया बाजार इस समय खतरे का घर बना हुआ है। यहाँ की बेहद जर्जर सड़क और गंभीर जलजमाव की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इस बदहाली के कारण यहाँ से गुजरने वाले लोग हर दिन अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। सड़क की इस जर्जर स्थिति और जलजमाव की वजह से यहाँ के लोग पूरी तरह से बेहाल हो चुके हैं।1