उन्नाव जिले के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के इस्माइलपुर आँबापारा (कुर्मिन खेड़ा) गाँव निवासी और उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता, यश भारती से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट ने आज बांगरमऊ नगर में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बांगरमऊ के चौमुखी विकास के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष करने का अपना संकल्प दोहराया। यह प्रेस वार्ता नगर के मोहल्ला गुलाम मुस्तफा निवासी प्रमुख समाजसेवी फजलुर्रहमान के आवास पर आयोजित की गई थी। फारूक अहमद ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद करना है और वह बिना किसी जाति या मजहब के भेदभाव के निरंतर समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी वकालत को पेशा बताते हुए भी पूरी ईमानदारी और न्यायप्रियता से काम करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ता ने बांगरमऊ क्षेत्र को मिली पूर्व की सौगातों का भी ब्योरा साझा किया, जिन्हें उनके प्रयासों से जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय में दायर किया गया था। उनके इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप बांगरमऊ को तहसील का दर्जा मिला, क्षेत्र में सब रजिस्ट्रार ऑफिस की स्थापना हुई, और बेहटा मुजावर पुलिस चौकी को सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के बाद नया थाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त, गोशा कुतुब ग्राम के पास शारदा नहर पर नया पुल और क्षेत्र की जनता के लिए रोडवेज बस अड्डा बनवाया गया, तथा ग्रामीण इलाकों में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित कराए गए। फारूक अहमद एडवोकेट ने बताया कि बांगरमऊ के विकास की यह यात्रा अभी जारी है। वर्तमान में उनकी दो प्रमुख मांगें शासन-प्रशासन के समक्ष विचाराधीन हैं: बांगरमऊ क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित पोस्टमार्टम हाउस की आवश्यकता और क्षेत्र की बड़ी आबादी तथा भौगोलिक विस्तार को देखते हुए इसे शीघ्र ही नया जिला बनाया जाना। उन्होंने प्रेस वार्ता के अंत में मीडिया और पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें सम्मानित पत्रकार साथियों का सहयोग और जनता का स्नेह मिलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब सब मिलकर बांगरमऊ को जिला बनाने में सफल होंगे। इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख समाजसेवी सैयद सगीरुल हसन उर्फ मुन्ना भाई, मो० अजमल एडवोकेट, समाजसेवी फजलुर्रहमान सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
उन्नाव जिले के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के इस्माइलपुर आँबापारा (कुर्मिन खेड़ा) गाँव निवासी और उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता, यश भारती से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट ने आज बांगरमऊ नगर में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बांगरमऊ के चौमुखी विकास के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष करने का अपना संकल्प दोहराया। यह प्रेस वार्ता नगर के मोहल्ला गुलाम मुस्तफा निवासी प्रमुख समाजसेवी फजलुर्रहमान के आवास पर आयोजित की गई थी। फारूक अहमद ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद करना है और वह बिना किसी जाति या मजहब के भेदभाव के निरंतर समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी वकालत को पेशा बताते हुए भी पूरी ईमानदारी और न्यायप्रियता से काम करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ता ने बांगरमऊ क्षेत्र को मिली पूर्व की सौगातों का भी ब्योरा साझा किया, जिन्हें उनके प्रयासों से जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय में दायर किया गया था। उनके इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप बांगरमऊ को तहसील का दर्जा मिला, क्षेत्र में सब रजिस्ट्रार ऑफिस की स्थापना हुई, और बेहटा मुजावर पुलिस चौकी को सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के बाद नया थाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त, गोशा कुतुब ग्राम के पास शारदा नहर पर नया पुल और क्षेत्र की जनता के लिए रोडवेज बस अड्डा बनवाया गया, तथा ग्रामीण इलाकों में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित कराए गए। फारूक अहमद एडवोकेट ने बताया कि बांगरमऊ के विकास की यह यात्रा अभी जारी है। वर्तमान में उनकी दो प्रमुख मांगें शासन-प्रशासन के समक्ष विचाराधीन हैं: बांगरमऊ क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित पोस्टमार्टम हाउस की आवश्यकता और क्षेत्र की बड़ी आबादी तथा भौगोलिक विस्तार को देखते हुए इसे शीघ्र ही नया जिला बनाया जाना। उन्होंने प्रेस वार्ता के अंत में मीडिया और पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें सम्मानित पत्रकार साथियों का सहयोग और जनता का स्नेह मिलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब सब मिलकर बांगरमऊ को जिला बनाने में सफल होंगे। इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख समाजसेवी सैयद सगीरुल हसन उर्फ मुन्ना भाई, मो० अजमल एडवोकेट, समाजसेवी फजलुर्रहमान सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
- उन्नाव जिले के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के इस्माइलपुर आँबापारा (कुर्मिन खेड़ा) गाँव निवासी और उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता, यश भारती से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट ने आज बांगरमऊ नगर में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बांगरमऊ के चौमुखी विकास के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष करने का अपना संकल्प दोहराया। यह प्रेस वार्ता नगर के मोहल्ला गुलाम मुस्तफा निवासी प्रमुख समाजसेवी फजलुर्रहमान के आवास पर आयोजित की गई थी। फारूक अहमद ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद करना है और वह बिना किसी जाति या मजहब के भेदभाव के निरंतर समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी वकालत को पेशा बताते हुए भी पूरी ईमानदारी और न्यायप्रियता से काम करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ता ने बांगरमऊ क्षेत्र को मिली पूर्व की सौगातों का भी ब्योरा साझा किया, जिन्हें उनके प्रयासों से जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय में दायर किया गया था। उनके इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप बांगरमऊ को तहसील का दर्जा मिला, क्षेत्र में सब रजिस्ट्रार ऑफिस की स्थापना हुई, और बेहटा मुजावर पुलिस चौकी को सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के बाद नया थाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त, गोशा कुतुब ग्राम के पास शारदा नहर पर नया पुल और क्षेत्र की जनता के लिए रोडवेज बस अड्डा बनवाया गया, तथा ग्रामीण इलाकों में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित कराए गए। फारूक अहमद एडवोकेट ने बताया कि बांगरमऊ के विकास की यह यात्रा अभी जारी है। वर्तमान में उनकी दो प्रमुख मांगें शासन-प्रशासन के समक्ष विचाराधीन हैं: बांगरमऊ क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित पोस्टमार्टम हाउस की आवश्यकता और क्षेत्र की बड़ी आबादी तथा भौगोलिक विस्तार को देखते हुए इसे शीघ्र ही नया जिला बनाया जाना। उन्होंने प्रेस वार्ता के अंत में मीडिया और पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें सम्मानित पत्रकार साथियों का सहयोग और जनता का स्नेह मिलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब सब मिलकर बांगरमऊ को जिला बनाने में सफल होंगे। इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख समाजसेवी सैयद सगीरुल हसन उर्फ मुन्ना भाई, मो० अजमल एडवोकेट, समाजसेवी फजलुर्रहमान सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।1
- कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल - नौबस्ता) पर मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) श्री नीलाभ्र सेनगुप्ता की तीन दिवसीय निरीक्षण प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। श्री सेनगुप्ता और उनकी पाँच सदस्यीय टीम आज सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली से कानपुर पहुँची और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद सीएमआरएस ने अपनी टीम और मेट्रो अधिकारियों के साथ नवीन मार्केट से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो से यात्रा की। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुँचकर उन्होंने मोटर ट्राली पर बैठकर कानपुर सेंट्रल से झकरकटी के बीच डाउनलाइन टनल और ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके उपरांत, झकरकटी स्टेशन पर उन्होंने एस्केलेटर, फायर अलार्म सहित यात्री संरक्षा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं और प्रावधानों की बारीकी से पड़ताल की। यह निरीक्षण प्रक्रिया आज भी जारी रहेगी, और 28 तथा 29 जून को सीएमआरएस निरीक्षण प्रक्रिया के तहत शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल - नौबस्ता) पर सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक और सिविल सहित विभिन्न विभागों से जुड़े तकनीकी मानकों को गहनता से परखा जाएगा।3
- कानपुर के बिल्हौर स्थित जी.टी. रोड पर जूनियर हाईस्कूल प्रांगण में श्री बाँके बिहारी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। इस दौरान कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान श्रीराम की दिव्य लीलाओं का रसपान किया। कथा व्यास पूज्य जगद्गुरु श्रीमद् हरि प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, संस्कार और सदाचार पर आधारित प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भागवत एवं श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसंगों का सस्वर गायन करते हुए कहा कि कलियुग में भगवान के नाम, गुण और लीलाओं का स्मरण ही मानव जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग है। महाराज श्री ने श्रीरामचरितमानस की चौपाई "गुरुगृह पढ़न गए रघुराई, अल्पकाल विद्या सब आई" का भावार्थ समझाते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला, यह भी बताया कि स्वयं भगवान श्रीराम ने भी गुरु आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर समाज को आदर्श शिक्षा का संदेश दिया। कथा के दौरान गंगा अवतरण, भगवान वामन और राजा बलि के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे त्याग, समर्पण और धर्मनिष्ठा का संदेश प्रवाहित हुआ। वहीं, पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन, धनुष यज्ञ तथा सीता-राम विवाह के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए। उन्होंने चौपाई "प्रात काल उठि कै रघुनाथा, मातु पिता गुरु नावहि माथा" का उल्लेख करते हुए माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान बताया। साथ ही, सात्विक आहार और शुद्ध जीवनशैली अपनाने का आह्वान भी किया, जिससे मन, विचार और आचरण पवित्र होते हैं तथा ईश्वर की कृपा सहज रूप से प्राप्त होती है। इस कथा महोत्सव में अवधेश त्रिवेदी, अखिलेश अग्निहोत्री, राजीव शुक्ला, हरिओम सिंह भदौरिया, सुमित गुप्ता, अमित मिश्रा, अनिल पाण्डेय, विशाल चतुर्वेदी, राजीव त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी, नन्द किशोर शुक्ला, पंकज शुक्ला, सुनील शर्मा, रिंकू अग्निहोत्री, डॉ. संजय त्रिपाठी, अनिल यादव, नवले मिश्र, राजकुमार सिंह भदौरिया, अजयकान्त बाजपेई सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान कथा स्थल भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा।4
- भारत से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी ट्रम्प वर्ष 2027 में भारत के दौरे पर आ सकते हैं। बताया गया है कि वे इस संभावित दौरे की तैयारी में हैं।1
- लखनऊ में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और अदालतों की प्रक्रियाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में एक पेशकार कथित तौर पर अदालत कक्ष के भीतर जज साहब के पास बैठा, तारीख लेने पहुंचे लोगों से खुलेआम 100 से 200 रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर न्याय के मंदिर कहे जाने वाले कोर्ट परिसर में यदि तारीख के नाम पर इस तरह पैसे लिए जा रहे हैं, तो यह किस बात की वसूली है? सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब यह सब कथित तौर पर जज साहब के ठीक बगल में हो रहा है, तो क्या यह उनकी नज़र में नहीं आता, या फिर यह सिस्टम में सामान्य मान लिया गया है। आम जनता का कहना है कि न्याय पाने के लिए लोग पहले ही अदालतों के चक्कर काटते हैं, ऐसे में अगर हर तारीख पर अलग से पैसे देने पड़ें तो गरीब और कमजोर वर्ग के लिए न्याय और भी मुश्किल हो जाता है। फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और यह मामला किस अदालत का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन इस वीडियो ने न्याय व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर एक बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।1
- Diesel petrol aur gas1
- ग्राम इस्लामपुर जगाई तपनौर में 10वीं मोहर्रम शरीफ के अवसर पर, पैगम्बर हजरत मोहम्मद (स०अ o) के नवासे हसन हुसैन और करबला शरीफ के 72 शहीदों की याद में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जुमेरात दिनांक 26/6/2026 को अकीदतमंदों ने नौहाख्वानी व छुरी का मातम कर गम मनाया। इस दौरान इमाम हसन और हुसैन की याद में नियाज़ (फातिहा) दिलाई गई और कुरान ए पाक की तिलावत कर मोहर्रम शरीफ का गम मनाया गया। मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी मातमदारो और ताजियेदारों ने पुलिस प्रशासन थाना माधौगंज का दिल से आभार प्रकट किया। ग्राम पंचायत इस्लामपुर जगाई तपनौर में 10वीं मोहर्रम पर ताजियेदारों व मातमदारो ने करबला के 72 शहीदों की याद में नौहाख्वानी और छुरी का मातम किया।4