झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर टप्पेवान स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात मनीष कुमार ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट, प्रताड़ित करने, धमकी देने और मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद दस्तावेज व घटना की रिकॉर्डिंग डिलीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। झींझक में रह रहे मनीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे की छठी के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इसी बात को लेकर विपक्षी उनसे रंजिश मानने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की शाम आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने के साथ ही परिवार को गायब करने की धमकी दी। सीएचओ का आरोप है कि बाद में मामले में सुलह-समझौते के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार के आधिकारिक कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां अधीक्षक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शारीरिक चोटों का उपहास उड़ाया गया और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। आरोप है कि मोबाइल में घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर डिलीट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा तेज हो गई थी । पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी । पुलिस ने तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले मनीष, अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य नामजद आरोपियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर टप्पेवान स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात मनीष कुमार ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट, प्रताड़ित करने, धमकी देने और मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद दस्तावेज व घटना की रिकॉर्डिंग डिलीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। झींझक में रह रहे मनीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे की छठी के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इसी बात को लेकर विपक्षी उनसे रंजिश मानने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की शाम आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने के साथ ही परिवार को गायब करने की धमकी दी। सीएचओ का आरोप है कि बाद में मामले में सुलह-समझौते के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार के आधिकारिक कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां अधीक्षक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शारीरिक चोटों का उपहास उड़ाया गया और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। आरोप है कि मोबाइल में घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर डिलीट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा तेज हो गई थी । पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी । पुलिस ने तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले मनीष, अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य नामजद आरोपियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज झींझक अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में सीएचओ से मारपीट का आरोप, मोबाइल छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट करने का भी दावा; मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर टप्पेवान स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात मनीष कुमार ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट, प्रताड़ित करने, धमकी देने और मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद दस्तावेज व घटना की रिकॉर्डिंग डिलीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। झींझक में रह रहे मनीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बेटे की छठी के कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इसी बात को लेकर विपक्षी उनसे रंजिश मानने लगा। पीड़ित के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की शाम आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने के साथ ही परिवार को गायब करने की धमकी दी। सीएचओ का आरोप है कि बाद में मामले में सुलह-समझौते के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार के आधिकारिक कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां अधीक्षक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शारीरिक चोटों का उपहास उड़ाया गया और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। आरोप है कि मोबाइल में घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें बाद में मोबाइल फॉर्मेट कर डिलीट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा तेज हो गई थी । पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी । पुलिस ने तहरीर के आधार पर पड़ोस में रहने वाले मनीष, अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीयूष कुमार समेत अन्य नामजद आरोपियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- 🚨कानपुर देहात स्वास्थ्य महकमे में तानाशाही CMO की साजिश के खिलाफ धरने पर बैठी डॉक्टर की पत्नी,लगाए गंभीर आरोप। 🚨#kanpurdehat_Big_Breaking_स्वस्थ_विभाग🚨 ➡️ #kanpurdehat_स्वास्थ्य_विभाग में बड़ा हंगामा! सीएचसी झींझक के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी की पत्नी ने CMO कार्यालय परिसर में जमकर बवाल काटा और वहीं धरने पर बैठ गईं। रोते हुए उन्होंने सीएमओ डॉ. जय गोविंद सिंह पर अपने पति को पद से हटाने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया है। ➡️डॉक्टर की पत्नी का दावा है कि जिस मामले में पहले ही समझौता हो चुका था,उसी में उनके पति के खिलाफ जबरन फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है।मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उन्होंने साफ कहा कि न्याय मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा।इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।2
- संदलपुर कस्बे में हिसाब मार्ग की हालत बेहद खराब है। गड्ढों और जर्जर सड़क कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे में हिसाब मार्ग की हालत बेहद खराब है। गड्ढों और जर्जर सड़क के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों असलम, बृजेश यादव और पप्पू पाल ने बताया कि इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यह सड़क चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। गड्ढों के कारण अक्सर दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चालक और सवार घायल हो जाते हैं। यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार गड्ढा मुक्त सड़कों का दावा करती है। हालांकि, कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे की सड़कों पर आज भी बड़े-बड़े गड्ढे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, जो इन दावों पर सवाल उठाते हैं। के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों असलम, बृजेश यादव और पप्पू पाल ने बताया कि इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यह सड़क चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए मुख्य मार्ग है। गड्ढों के कारण अक्सर दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चालक और सवार घायल हो जाते हैं। यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार गड्ढा मुक्त सड़कों का दावा करती है। हालांकि, कानपुर देहात के संदलपुर कस्बे की सड़कों पर आज भी बड़े-बड़े गड्ढे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, जो इन दावों पर सवाल उठाते हैं।1
- जमीन में पड़ी विधुत केविल से करेन्ट की चपेट में आने से हो सकती है घटना। *ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया -* तकरीबन 3 दिन से जमीन में टूटी पड़ी विधुत केबिल, विभागीय लोगों ने नही दिया कोई ध्यान। जमीन में पड़ी विधुत केविल से करेन्ट की चपेट में आने से हो सकती है घटना। स्थानीय लोगों ने विधुत केविल को किसी तरह से वहाँ से से हटाकर दुकान के पीछे किया। अंधरे में यदि कोई दुकान के पीछे गया तो आ सकता है विधुत करेंट की चपेट में। क्या बड़ी घटना घटित होने के बाद जागेंगे जिम्मेदार। पुरानी कलेक्ट्रेट औरैया में आबकारी विभाग के सामने पड़ी विधुत केविल का मामला।1
- मंगलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार मंगलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलपुर पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को झींझक रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक चाय की दुकान के पास से गिरफ्तार किया। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे बताया कि 26 जून 2026 को पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर ग्राम सुरासी निवासी अरुण कुमार राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अरुण कुमार राठौर (20) पुत्र श्याम सिंह राठौर निवासी ग्राम सुरासी को झींझक रेलवे स्टेशन के सामने चाय की दुकान के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने मंगलवार करीब साढ़े छः बजे बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय रखा गया है और अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है।1
- सिलहरा गांव में घरेलू बिजली के कटे तार की चपेट में आने से युवक झुलसा, पीएचसी में चल रहा उपचार राजपुर थाना क्षेत्र के सिलहरा गांव में घरेलू कार्य के दौरान बिजली के कटे तार की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों ने उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, सिलहरा गांव निवासी श्रीपाल अपने घर में काम कर रहे थे। इसी दौरान आंगन से निकली घरेलू बिजली की कटी केबल की चपेट में आने से उन्हें करंट लग गया और वह बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बताया कि श्रीपाल की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।1