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बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के दौरान, उम्मीदवारों को अपने जूते-चप्पल उतारकर चेकिंग करवानी पड़ी। यह प्रक्रिया परीक्षा के नियमों के तहत चलाई गई।
Niraj Raj
बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के दौरान, उम्मीदवारों को अपने जूते-चप्पल उतारकर चेकिंग करवानी पड़ी। यह प्रक्रिया परीक्षा के नियमों के तहत चलाई गई।
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- बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के दौरान, उम्मीदवारों को अपने जूते-चप्पल उतारकर चेकिंग करवानी पड़ी। यह प्रक्रिया परीक्षा के नियमों के तहत चलाई गई।1
- सिर्फ एक हार ने 140 करोड़ भारतीयों के सपने को तोड़ दिया है। इस बड़ी निराशा के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टीम इंडिया से सबसे बड़ी गलती कहां हुई, जिसने इस सपने को चूर-चूर कर दिया।1
- नौतन प्रखंड की जमुनिया पंचायत के वार्ड नंबर 3 में एक नाले के निर्माण कार्य में कथित तौर पर लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है। बताया जा रहा है कि निर्माण में सबसे घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है और भारी भरकम अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिसके विरोध में स्थानीय समाज का प्रदर्शन लगातार जारी है।1
- पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित समाहरणालय में लिपिक संवर्ग के स्थानांतरण से संबंधित 27 जून 2026 के आदेश (ज्ञापांक-1018) पर कर्मचारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कर्मचारियों द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतने और कुछ खास कर्मचारियों को उनकी मनचाही पोस्टिंग दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लिपिकों को उनकी पसंद के स्थानों पर, यहाँ तक कि उनके गृह प्रखंड के आसपास ही पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, कई अन्य कर्मचारी वर्षों से अपने स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी दावा किया जा रहा है कि समाहरणालय में कुछ लिपिक पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनका अब तक स्थानांतरण नहीं किया गया है। इन लंबे समय से जमे हुए कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक सुविधाएँ मिलने की भी चर्चा है, जिससे स्थानांतरण नीति के समान रूप से पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले पर जिला पदाधिकारी से स्थानांतरण आदेश की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो आवश्यक संशोधन करने की जोरदार मांग की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक बलिराम भवन के सभागार में जिला अध्यक्ष राजेंद्र साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत जिले के चर्चित खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी 15 जुलाई को पटना में आयोजित विधानसभा मार्च को सफल बनाने के लिए पश्चिम चंपारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए विभिन्न अंचलों और शाखाओं में लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई है। यूनियन नेताओं ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और यह तय किया गया कि उनके निबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि मजदूरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने जिले के खेत मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से खेत मजदूरों को स्थायी रूप से बसाने, उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। क्रांति ने मनरेगा योजना में हो रही अनियमितताओं और छेड़छाड़ पर भी सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की, साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरों को 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीतांबर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।1
- जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में अवैध दवा कारोबार के बेरोकटोक चलने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह पूछा गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गैरकानूनी धंधा फल-फूल रहा है और कैसे यह जिले के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँच गया है।1
- बेतिया/मझौलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौलिया में रविवार को उत्सवी माहौल के बीच पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने एक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। अभियान को सफल बनाने के लिए एक दिन पूर्व से ही व्यापक तैयारी की गई थी। सुबह से ही सभी पोलियो बूथों पर आइस पॉट के माध्यम से वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई थी, और ड्यूटी पर तैनात आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने में बढ़-चढ़कर और सक्रिय रूप से जुटी रहीं। प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि मझौलिया प्रखंड के लगभग 38 हजार घरों में रहने वाले 84 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सुपरवाइजर की तैनाती की गई है, और पोलियो की दवा पिलाने के साथ-साथ संबंधित घरों पर निर्धारित चिन्ह भी अंकित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से छूट न सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रबंधक शकील अहमद, बीसीएम राहुल झा, एएनएम संजू कुमारी, प्रधान लिपिक सुशांत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।1
- क्रिकेट इतिहास में एक बड़ी घटना हुई है, जहाँ आयरलैंड ने भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप करते हुए इतिहास रच दिया है। इस चौंकाने वाली हार के साथ ही भारत की लगातार 16 सीरीज जीतने का घमंड टूट गया है, जिससे खेल जगत में आश्चर्य का माहौल है। आयरलैंड के लिए यह एक यादगार और ऐतिहासिक जीत मानी जा रही है।1