कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन का सख्त अल्टीमेटम, धार्मिक नफरत फैलाने वालों की खैर नहीं अम्बेडकर नगर में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ चेतावनी दे दी है। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में कहा है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की धार्मिक घृणा फैलाने, अफवाह उड़ाने या साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई रियायत नहीं दी जाएगी।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शुद्ध धार्मिक आयोजन है। इसमें धर्म के नाम पर नफरत फैलाने, गलत सूचना फैलाने या किसी भी समुदाय के खिलाफ भड़काने वाले तत्वों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित है।जिला प्रशासन ने सभी कांवड़ियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति, अनुशासन और सद्भाव बनाए रखें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।अम्बेडकर नगर प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं होगा। यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन का सख्त अल्टीमेटम, धार्मिक नफरत फैलाने वालों की खैर नहीं अम्बेडकर नगर में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ चेतावनी दे दी है। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में कहा है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की धार्मिक घृणा फैलाने, अफवाह उड़ाने या साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई रियायत नहीं दी जाएगी।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शुद्ध धार्मिक आयोजन है। इसमें धर्म के नाम पर नफरत फैलाने, गलत सूचना फैलाने या किसी भी समुदाय के खिलाफ भड़काने वाले तत्वों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित है।जिला प्रशासन ने सभी कांवड़ियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति, अनुशासन और सद्भाव बनाए रखें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।अम्बेडकर नगर प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं होगा। यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
- अम्बेडकरनगर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश, हेलमेट और नियम पालन की अपील #viral #followers #ambedkarnagarpolice #uppolice #ambedkar_nagar1
- अम्बेडकरनगर! भीटी थाना क्षेत्र निवासी मनीष त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर जमीन विक्रेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं! पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है!!1
- नहर सूखी डीजल इंजन के सहारे धान की रोपाई किसानों में बढी नाराजगी सुल्तानपुर। शारदा सहायक खंड के गोपालपुर रजबहा में सिंचाई के लिए नहर में पानी न आने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मजबूरी में किसान डीजल इंजन चलाकर धान की रोपाई कर रहे हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है। वहीं नहर के पानी के इंतजार में धान की नर्सरी भी प्रभावित हो रही है। धंमौर क्षेत्र के कामोलिया, सोमनाभार, उधरपुर, जैतापुर, बिकना, बसऊं, अमेठा और निगोलिया सहित कई गांवों के किसान सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी न होने के कारण रोपाई का कार्य धीमा पड़ गया है, जबकि कीचड़युक्त खेतों में काम करना भी किसानों के लिए चुनौती बन गया है। किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। समय रहते नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल नहर में पानी छोड़ने और सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।1
- अम्बेडकरनगर। आगामी कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने शनिवार को थाना आलापुर क्षेत्र स्थित चौहड़ा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने तथा कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट : बलराम सोनी आलापुर1
- जयसिंहपुर उप जिलाधिकारी की मौजूदगी में संपन्न हुआ तहसील समाधान दिवस, 171 शिकायती पत्र हुए प्राप्त जयसिंहपुर तहसील प्रांगण में शनिवार को तहसील समाधान दिवस उप जिलाधिकारी जयसिंहपुर की मौजूदगी में संपन्न किया गया, जहां पर फरियादियों द्वारा कुल 171 शिकायती पत्र प्राप्त हुए जिनमें से मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए पांच शिकायती पत्रों का निस्तारण तुरंत कर दिया गया, बाकी बची हुई शिकायती पत्रों को संबंधित विभाग को देते हुए तत्काल निस्तारण करवाने के लिए निर्देश दिए गए की ताकि फरियादियों को तहसील का बार-बार चक्कर न लगाना पड़े और उनको न्याय मिल सके, तहसील समाधान दिवस में मौजूद तहसील विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित अन्य विभाग के आए हुए लोग भी मौजूद रहे1
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- महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: पुरानी बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, गंभीर चोटों को भी मामूली धाराओं में दबाने का आरोप महुडर गांव में खूनी संघर्ष: 29 जुलाई की शाम हुए विवाद में एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर पर आईं गंभीर चोटें, बुजुर्ग महिला का हाथ टूटा। तहरीर बदलवाने का गंभीर आरोप: पीड़िताओं का दावा, थाने पर पुलिस ने दबाव बनाकर बदलवाई तहरीर और संगीन मामले को किया हल्का। तहसील समाधान दिवस में पहुंचा पीड़िताओं का दर्द: न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में BNS की धारा 109 बढ़ाने की उठी जोरदार मांग। बस्ती: जनपद के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासे चर्चा और सवालों के घेरे में है। यहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को शायद यह नहीं पता होगा कि खाकी के दरबार में न्याय की परिभाषा अब दर्द और सबूतों की गंभीरता से नहीं, बल्कि शायद किसी और पैमाने पर तय होती है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के महुडर गांव का है, जहां जमीन विवाद के खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस की मेहरबानी से संगीन मामले को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर खानापूर्ति कर ली गई। क्या है पूरा मामला? बीती 29 जुलाई को शाम 4:00 बजे महुडर गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। यह मारपीट इतनी उग्र थी कि इसमें एक पक्ष की 8 महिलाओं के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला का हाथ तक टूट गया। खून से लथपथ और दर्द से कराहती ये महिलाएं जब न्याय की आस लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, तो पुलिस का रवैया देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िताओं का सीधा आरोप है कि थाने पर उनसे जबरन तहरीर बदलवाई गई और इतनी भीषण मारपीट व गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे को महज मामूली धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को बचाने का खुला रास्ता तैयार कर दिया। तहसील समाधान दिवस में गूंजा दर्द, न्याय की गुहार थानों से नाउम्मीद होने के बाद पीड़ित महिलाएं अपनी टूटी हड्डियों और सिर पर लगे गंभीर जख्मों को लेकर तहसील समाधान दिवस पहुंचीं। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित पक्ष की साफ और दो टूक मांग है कि मुकदमा अपराध संख्या 148/26 में महज औपचारिकता निभाने वाली धाराओं के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (प्रयास या ऐसी चोट जो मृत्यु का कारण बन सके) जैसी गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, ताकि आरोपियों को उनके किए की सही सजा मिल सके। तीखा सवाल: क्या खाकी के लिए इंसानियत के दर्द के कोई मायने नहीं? यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान लगाती है— क्या पुरानी बस्ती थाने की पुलिस किसी बड़े दबाव में काम कर रही है? क्या एक बुजुर्ग महिला का हाथ टूटना और 8 महिलाओं के सिर फटना पुलिस की नजर में 'मामूली बात' है? अगर थाने की चौखट पर ही फरियादियों की तहरीर बदलवाकर उनके जख्मों का मजाक उड़ाया जाएगा, तो आम जनता कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगी? जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। महुडर गांव के इस प्रकरण में लिप्त लापरवाह पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुकदमे में तत्काल गंभीर धाराएं जोड़कर पीड़िताओं को वास्तविक न्याय दिलाया जाना चाहिए, ताकि खाकी की वर्दी पर लगे इस दाग को धोया जा सके।1